पीएम मोदी ने UPI को वैश्विक बनाने पर दिया जोर, विदेशों से पैसे भेजना हो सकता है सस्ता

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पीएम मोदी ने UPI को वैश्विक बनाने पर दिया जोर, विदेशों से पैसे भेजना हो सकता है सस्ता
09 Sep 2026
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News Synopsis

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को देश के फिनटेक उद्योग से यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) को दुनिया के अधिक से अधिक देशों तक पहुंचाने की अपील की। उन्होंने कहा कि भारत की डिजिटल भुगतान व्यवस्था को दूसरे देशों की स्थानीय भुगतान प्रणालियों से जोड़ने पर न केवल वैश्विक स्तर पर डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि विदेशों में रहने वाले लाखों भारतीयों के लिए भारत पैसे भेजना भी आसान और कम खर्चीला हो सकता है।

प्रधानमंत्री ने यह बात ग्लोबल फिनटेक फेस्ट Global Fintech Fest के 7वें संस्करण के उद्घाटन के बाद अपने संबोधन में कही। उन्होंने कहा कि भारत ने पिछले एक दशक में डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में जो सफलता हासिल की है, अब उसे दुनिया के दूसरे हिस्सों तक ले जाने का समय है।

पीएम मोदी ने UPI के वैश्विक विस्तार पर दिया जोर। PM Modi Emphasises the Global Expansion of UPI

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी Prime Minister Narendra Modi ने बताया कि UPI पहले से ही 11 देशों में काम कर रहा है। इसके अलावा, इसे सिंगापुर की घरेलू भुगतान व्यवस्था के साथ भी जोड़ा गया है। उन्होंने फिनटेक क्षेत्र से इस उपलब्धि को आगे बढ़ाने और भारत की डिजिटल भुगतान तकनीक को वैश्विक मंच पर मजबूत पहचान दिलाने के लिए नए प्रयास करने को कहा।

मोदी ने कहा कि भारत के पास अब ऐसी तकनीकी क्षमता मौजूद है, जिसका उपयोग दुनिया के विभिन्न देशों की भुगतान प्रणालियों के साथ बेहतर तालमेल बनाने में किया जा सकता है। इससे सीमा पार डिजिटल भुगतान अधिक आसान और सुविधाजनक बन सकते हैं।

भारतीय समुदाय वाले देशों को दी जा सकती है प्राथमिकता। Countries With Large Indian Diasporas Could Be Prioritised

प्रधानमंत्री ने सुझाव दिया कि UPI के अंतरराष्ट्रीय विस्तार के लिए उन देशों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए, जहां बड़ी संख्या में भारतीय रहते हैं। इसके अलावा, भारत के साथ मजबूत व्यापारिक संबंध रखने वाले और अपनी भुगतान प्रणालियों को UPI के साथ जोड़ने के इच्छुक देशों पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि ऐसे देशों के साथ भुगतान प्रणालियों का जुड़ाव भारतीय नागरिकों, कारोबारियों और दोनों देशों के वित्तीय क्षेत्र के लिए फायदेमंद हो सकता है।

विदेशों से भारत पैसे भेजना हो सकता है सस्ता। UPI Can Help Reduce Remittance Costs for Overseas Indians

प्रधानमंत्री मोदी ने विदेशों में रहने वाले भारतीयों के लिए UPI के संभावित लाभों पर भी जोर दिया। दुनिया के अलग-अलग देशों में रहने वाले भारतीय बड़ी मात्रा में पैसा भारत भेजते हैं। इन पैसों से देश में लाखों परिवारों की आर्थिक जरूरतें पूरी होती हैं।

हालांकि, विदेश से भारत पैसा भेजने के दौरान लगने वाले लेनदेन शुल्क के कारण भेजी गई रकम का एक हिस्सा खर्च हो जाता है। मोदी ने कहा कि UPI के व्यापक इस्तेमाल से ऐसे खर्चों को कम करने की संभावना पैदा हो सकती है।

तेज और कम खर्चीले हो सकते हैं सीमा पार भुगतान। Cross-Border Payments Could Become Faster and More Affordable

UPI को दूसरे देशों की स्थानीय भुगतान प्रणालियों से जोड़ने से विदेशों में रहने वाले भारतीयों को अपने परिवारों तक पैसा तेजी से पहुंचाने में मदद मिल सकती है। कम लेनदेन शुल्क का सीधा लाभ उन परिवारों को मिल सकता है, जिन्हें विदेश से आने वाली रकम पर निर्भर रहना पड़ता है।

प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि भारत अब ऐसी तकनीकी क्षमता विकसित कर चुका है, जिससे वह उन वैश्विक कार्ड भुगतान नेटवर्कों के सामने एक मजबूत विकल्प पेश कर सकता है, जिनकी प्रणालियां लंबे समय से दूसरे देशों में विकसित ढांचे पर आधारित रही हैं।

वैश्विक डिजिटल भुगतान के नियम तय करने में भारत की भूमिका। India Can Help Shape Global Digital Payment Standards

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत को केवल डिजिटल भुगतान तकनीक का उपयोग करने वाला देश नहीं रहना चाहिए, बल्कि उसे वैश्विक भुगतान व्यवस्था के नियमों और मानकों को तय करने में भी बड़ी भूमिका निभानी चाहिए।

उन्होंने कहा, “भारत अपने नियम और मानक तय कर सकता है और उन्हें दुनिया से जोड़ सकता है।”

इस बयान के माध्यम से प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि भारत को डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में अपनी तकनीकी क्षमता और अनुभव का इस्तेमाल वैश्विक स्तर पर नए मानक विकसित करने के लिए करना चाहिए।

UPI भारत की तकनीकी क्षमता से आगे की कहानी है। UPI Represents More Than a Technological Achievement

प्रधानमंत्री ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की पहले की टिप्पणियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि UPI केवल एक तकनीकी उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह भारत की नवाचार और दुनिया को जोड़ने की सोच को भी दर्शाता है।

उन्होंने डिजिटल भुगतान को भारत की बड़ी सफलताओं में से एक बताया और कहा कि अब फिनटेक क्षेत्र को भुगतान के अलावा वित्तीय सेवाओं के दूसरे क्षेत्रों पर भी ध्यान देना चाहिए।

फिनटेक क्षेत्र को भुगतान से आगे बढ़ने की जरूरत। Fintech Industry Needs to Look Beyond Payments

UPI और डिजिटल भुगतान में मिली सफलता के बाद प्रधानमंत्री ने फिनटेक कंपनियों से वित्तीय सेवाओं के अन्य क्षेत्रों में भी नए समाधान विकसित करने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि तकनीक की मदद से बैंकिंग, बीमा, निवेश, ऋण और अन्य वित्तीय सेवाओं को आम लोगों के लिए अधिक आसान और सुलभ बनाया जा सकता है।

हालांकि, वित्तीय तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल के साथ उससे जुड़े जोखिमों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। इसी वजह से प्रधानमंत्री ने फिनटेक क्षेत्र में साइबर सुरक्षा और डेटा की सुरक्षा को अधिक महत्व देने की जरूरत बताई।

साइबर सुरक्षा और डेटा संरक्षण पर जोर। Focus on Cybersecurity and Data Protection

प्रधानमंत्री मोदी ने उन्नत साइबर सुरक्षा उत्पाद विकसित करने और मजबूत डेटा सुरक्षा मानक तैयार करने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि डिजिटल वित्तीय सेवाओं के विस्तार के साथ लोगों के व्यक्तिगत और वित्तीय डेटा को सुरक्षित रखना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

मजबूत नियामक व्यवस्था की जरूरत। Need for a Strong Regulatory Framework

मोदी ने फिनटेक क्षेत्र के लिए एक मजबूत नियामक ढांचा विकसित करने की भी बात कही। उनका कहना था कि तकनीक और वित्तीय सेवाओं के तेजी से बदलते स्वरूप को देखते हुए ऐसे नियम जरूरी हैं, जो नवाचार को बढ़ावा देने के साथ उपभोक्ताओं के हितों की भी रक्षा करें।

उन्होंने फिनटेक कंपनियों में अधिक पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

उपभोक्ताओं की सुरक्षा के लिए फिनटेक कंज्यूमर प्रोटेक्शन इंडेक्स का प्रस्ताव। Proposal for a Fintech Consumer Protection Index

प्रधानमंत्री ने एक फिनटेक कंज्यूमर प्रोटेक्शन इंडेक्स बनाने का सुझाव भी दिया। यह सूचकांक अलग-अलग फिनटेक कंपनियों का मूल्यांकन पारदर्शिता और उपभोक्ता हितों से जुड़े मानकों के आधार पर कर सकता है।

इस तरह की व्यवस्था से ग्राहकों को अलग-अलग कंपनियों की सेवाओं को समझने और बेहतर विकल्प चुनने में मदद मिल सकती है। साथ ही, इससे फिनटेक कंपनियों पर उपभोक्ताओं के प्रति अधिक जवाबदेह और पारदर्शी तरीके से काम करने का दबाव भी बढ़ सकता है।

प्रधानमंत्री मोदी की अपील ऐसे समय में आई है, जब भारत का डिजिटल भुगतान क्षेत्र तेजी से विस्तार कर रहा है। UPI ने देश के भीतर डिजिटल लेनदेन को आसान बनाने के बाद अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी जगह बनानी शुरू कर दी है।

UPI को अधिक देशों की स्थानीय भुगतान प्रणालियों से जोड़ना भारत के डिजिटल भुगतान मॉडल को वैश्विक स्तर पर विस्तार देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हो सकता है। इससे विदेशों में रहने वाले भारतीयों के लिए भारत पैसा भेजना आसान और कम खर्चीला हो सकता है। साथ ही, इससे भारत को भविष्य की वैश्विक डिजिटल भुगतान व्यवस्था को आकार देने में अधिक प्रभावी भूमिका निभाने का अवसर मिल सकता है।