पीयूष गोयल की BRICS देशों से अपील: भुगतान प्रणालियां जोड़ें, स्थानीय मुद्राओं में बढ़ाएं व्यापार

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पीयूष गोयल की BRICS देशों से अपील: भुगतान प्रणालियां जोड़ें, स्थानीय मुद्राओं में बढ़ाएं व्यापार
11 Sep 2026
7 min read

News Synopsis

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को BRICS के सदस्य और साझेदार देशों से आपसी व्यापार को बढ़ाने के लिए भुगतान प्रणालियों को एक-दूसरे से जोड़ने, स्थानीय मुद्राओं में व्यापार को बढ़ावा देने और नियामकीय प्रक्रियाओं को सरल बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि इन कदमों से BRICS देशों के बीच व्यापारिक संबंध मजबूत होने के साथ-साथ वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं को अधिक मजबूत और भरोसेमंद बनाने में मदद मिल सकती है।

नई दिल्ली में आयोजित BRICS Business Forum को संबोधित करते हुए गोयल ने भारत की डिजिटल भुगतान व्यवस्था, खासकर Unified Payments Interface यानी UPI, को BRICS अर्थव्यवस्थाओं के बीच सीमा पार भुगतान सहयोग का आधार बनाने की संभावना पर जोर दिया।

उन्होंने कहा कि भारत की डिजिटल भुगतान क्षमता को दूसरे BRICS देशों की प्रणालियों से जोड़ने से व्यापार और भुगतान को आसान बनाया जा सकता है। इससे कारोबारियों को अंतरराष्ट्रीय लेन-देन में अधिक सुविधा मिलने और भुगतान की प्रक्रिया को तेज करने में मदद मिल सकती है।

UPI के जरिए ब्रिक्स देशों में भुगतान सहयोग पर जोर Focus on Payment Cooperation Through UPI

पीयूष गोयल ने कहा कि भारत की Unified Payments Interface UPI व्यवस्था आज कई देशों में स्वीकार की जा रही है। उन्होंने BRICS के सदस्य और साझेदार देशों से अपनी-अपनी भुगतान प्रणालियों को जोड़ने का आग्रह किया।

गोयल ने कहा, “आज इसे 11 देशों में भी स्वीकार किया जाता है और मैं BRICS के सदस्य देशों तथा साझेदार देशों से आग्रह करूंगा कि हम अपनी भुगतान प्रणालियों को जोड़ें, एक-दूसरे की स्थानीय मुद्राओं में व्यापार करें, डिजिटल व्यापार को वैश्विक बनाएं और भविष्य की उभरती तकनीकों के लिए मिलकर काम करें।”

उनके अनुसार, ऐसी व्यवस्था BRICS देशों के बीच आर्थिक संबंधों को नई दिशा दे सकती है। स्थानीय मुद्राओं में व्यापार बढ़ने से कुछ लेन-देन में प्रमुख अंतरराष्ट्रीय मुद्राओं पर निर्भरता कम करने का अवसर भी मिल सकता है।

स्थानीय मुद्राओं में व्यापार बढ़ाने की जरूरत Need to Promote Trade in Local Currencies

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल Union Minister of Commerce and Industry Piyush Goyal ने BRICS देशों के बीच व्यापार को अधिक सुगम बनाने के लिए स्थानीय मुद्राओं में लेन-देन को बढ़ावा देने की बात कही। उनका मानना है कि यदि सदस्य देश आपसी व्यापार में अपनी मुद्राओं के इस्तेमाल के अवसर बढ़ाते हैं, तो सीमा पार व्यापार के लिए एक वैकल्पिक व्यवस्था विकसित की जा सकती है।

डिजिटल व्यापार को वैश्विक स्तर पर बढ़ावा Promoting Digital Trade Globally

केंद्रीय मंत्री ने डिजिटल व्यापार को भी भविष्य की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। डिजिटल भुगतान प्रणालियों के बीच बेहतर जुड़ाव से कारोबारियों के लिए भुगतान प्रक्रिया आसान हो सकती है और अलग-अलग देशों में व्यापार करने की लागत तथा जटिलता को कम करने में सहायता मिल सकती है।

कच्चे माल और महत्वपूर्ण खनिजों के लिए बाजार खोलने की अपील Call for Greater Market Access for Raw Materials and Critical Minerals

गोयल ने BRICS देशों के बीच बाजार तक पहुंच बढ़ाने पर भी जोर दिया। उन्होंने विशेष रूप से कच्चे माल और महत्वपूर्ण खनिजों के लिए आपसी बाजारों को अधिक खुला बनाने की आवश्यकता बताई।

आज इलेक्ट्रॉनिक्स, ऊर्जा, रक्षा और उन्नत तकनीक जैसे कई क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण खनिज बेहद जरूरी हैं। इसलिए इन संसाधनों की स्थिर और भरोसेमंद आपूर्ति वैश्विक उद्योगों के लिए महत्वपूर्ण बन गई है।

गोयल ने कहा कि BRICS देशों को एक-दूसरे के उत्पादों के लिए अपने बाजार खोलने चाहिए, जिसमें कच्चा माल और महत्वपूर्ण खनिज भी शामिल हैं।

आपूर्ति श्रृंखला दोनों दिशाओं में मजबूत हो Supply Chains Should Run in Both Directions

मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि आपूर्ति श्रृंखलाएं तभी वास्तव में मजबूत और लचीली बन सकती हैं, जब उनका संचालन “दोनों दिशाओं में” हो। इसका अर्थ है कि देशों के बीच केवल एकतरफा आपूर्ति पर निर्भरता न हो, बल्कि विभिन्न वस्तुओं और संसाधनों का पारस्परिक व्यापार भी विकसित हो।

गैर-शुल्क बाधाओं को कम करने की जरूरत Need to Reduce Non-Tariff Barriers

गोयल ने व्यापार में आने वाली गैर-शुल्क बाधाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि 88 प्रतिशत देशों में गैर-शुल्क उपायों के कारण निर्यात की लागत शुल्क की तुलना में अधिक बढ़ रही है

ऐसी बाधाओं में अलग-अलग नियम, प्रमाणन आवश्यकताएं, प्रक्रियात्मक जटिलताएं और अन्य व्यापारिक शर्तें शामिल हो सकती हैं। यदि इन्हें सरल बनाया जाए तो BRICS देशों के बीच वस्तुओं की आवाजाही अधिक आसान हो सकती है।

सीमा शुल्क प्रक्रिया को तेज करने पर जोर Faster Clearance of Consignments

केंद्रीय मंत्री ने देशों से नियामकीय प्रक्रियाओं को सरल बनाने और माल की खेप को मंजूरी देने की प्रक्रिया तेज करने का आग्रह किया। इससे व्यापारियों को सामान भेजने और प्राप्त करने में कम समय लग सकता है तथा व्यापार की कुल लागत को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है।

इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स और दवाओं के लिए BRICS महत्वपूर्ण बाजार BRICS as a Key Market for Engineering, Electronics and Pharmaceuticals

गोयल ने कहा कि भारत BRICS देशों को अपने निर्मित उत्पादों के लिए एक महत्वपूर्ण बाजार के रूप में देखता है। खासतौर पर इंजीनियरिंग सामान, इलेक्ट्रॉनिक्स और दवा उद्योग में भारत के लिए इन देशों के बाजार महत्वपूर्ण हो सकते हैं।

भारत की विनिर्माण क्षमता बढ़ने के साथ इन क्षेत्रों में निर्यात के नए अवसर पैदा हो रहे हैं। BRICS देशों के बीच बेहतर व्यापार व्यवस्था भारतीय कंपनियों को बड़े बाजारों तक पहुंच बनाने में मदद कर सकती है।

सेवा क्षेत्र में भी सहयोग बढ़ाने का आह्वान Call for Greater Cooperation in the Services Sector

वस्तुओं के व्यापार के साथ गोयल ने सेवा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की जरूरत भी बताई। उन्होंने BRICS देशों के बीच पेशेवर लोगों की आवाजाही को आसान बनाने और व्यावसायिक योग्यताओं की आपसी मान्यता को बढ़ावा देने की बात कही।

यदि अलग-अलग देशों में पेशेवर योग्यताओं को अधिक आसानी से स्वीकार किया जाता है, तो कुशल कर्मचारियों और विशेषज्ञों के लिए दूसरे BRICS देशों में काम करने के अवसर बढ़ सकते हैं।

महिला उद्यमियों और स्टार्टअप को बढ़ावा देने पर जोर Focus on Women-Led Businesses and Startups

गोयल ने आर्थिक सहयोग में स्टार्टअप और महिला नेतृत्व वाले कारोबारों की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि भारत के 2,50,000 मान्यता प्राप्त स्टार्टअप में 45 प्रतिशत से अधिक में कम से कम एक महिला साझेदार या निदेशक है।

यह आंकड़ा भारत के स्टार्टअप क्षेत्र में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को दर्शाता है। गोयल ने BRICS देशों से महिला नेतृत्व वाले उद्यमों को प्रदर्शनियों, व्यापार मेलों और अन्य व्यावसायिक अवसरों में अधिक भागीदारी देने का आग्रह किया।

कृषि-तकनीक स्टार्टअप के बीच सहयोग Cooperation Among Agri-Tech Startups

उन्होंने BRICS देशों के कृषि-तकनीक यानी Agri-Tech स्टार्टअप के बीच सहयोग बढ़ाने का भी प्रस्ताव रखा। इसके अलावा, अलग-अलग BRICS सदस्य और साझेदार देशों के स्टार्टअप तंत्र को एक-दूसरे से जोड़ने की जरूरत पर जोर दिया गया।

इस तरह का सहयोग नए विचारों, तकनीकों और कारोबार के अवसरों को विभिन्न देशों के बीच साझा करने में मदद कर सकता है।

BRICS Business Forum की अहम भूमिका Importance of the BRICS Business Forum

नई दिल्ली में आयोजित BRICS Business Forum BRICS समूह में निजी क्षेत्र की भागीदारी का प्रमुख मंच है। BRICS Summit से पहले आयोजित इस मंच पर कारोबार और सरकार से जुड़े प्रतिनिधि व्यापार, निवेश, वित्त, तकनीक और टिकाऊ आर्थिक विकास जैसे मुद्दों पर चर्चा कर रहे हैं।

इस मंच का उद्देश्य केवल सरकारी स्तर पर बातचीत तक सीमित नहीं है। इसमें निजी कंपनियों और कारोबारी समुदाय को भी आर्थिक सहयोग के नए अवसर तलाशने का मौका मिलता है।

2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य से जुड़ा आर्थिक सहयोग Economic Cooperation Linked to India’s 2047 Development Goal

पीयूष गोयल ने कहा कि भारत BRICS सदस्य और साझेदार देशों के साथ आर्थिक सहयोग को और गहरा करना चाहता है। यह प्रयास भारत के 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य के संदर्भ में भी महत्वपूर्ण है।

उन्होंने उम्मीद जताई कि BRICS Business Forum में होने वाली चर्चाओं से ऐसे “रचनात्मक और क्रियान्वयन योग्य सुझाव” सामने आएंगे, जो BRICS देशों के बीच व्यापार और आर्थिक सहयोग को मजबूत करने में मदद कर सकें।

निष्कर्ष: मजबूत व्यापार व्यवस्था की दिशा में BRICS Conclusion: BRICS Moves Towards Stronger Trade Integration

पीयूष गोयल की अपील BRICS देशों के बीच आर्थिक सहयोग को केवल व्यापार बढ़ाने तक सीमित न रखकर भुगतान, स्थानीय मुद्राओं, आपूर्ति श्रृंखला, महत्वपूर्ण खनिजों, डिजिटल व्यापार, सेवाओं और स्टार्टअप जैसे क्षेत्रों तक विस्तारित करने पर केंद्रित है।

यदि BRICS देश अपनी भुगतान प्रणालियों को बेहतर तरीके से जोड़ते हैं, स्थानीय मुद्राओं में व्यापार के अवसर बढ़ाते हैं और गैर-शुल्क बाधाओं को कम करते हैं, तो आपसी व्यापार को अधिक सुगम बनाया जा सकता है। इसके साथ महिला उद्यमियों, स्टार्टअप और नई तकनीकों में सहयोग बढ़ाने से BRICS के आर्थिक संबंधों को और मजबूती मिल सकती है।