PhonePe ने IPO लिस्टिंग प्रोसेस को कुछ समय के लिए रोक दिया

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PhonePe ने IPO लिस्टिंग प्रोसेस को कुछ समय के लिए रोक दिया
16 Mar 2026
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News Synopsis

PhonePe IPO Update: डिजिटल पेमेंट कंपनी PhonePe ने अपने बहुप्रतीक्षित IPO को फिलहाल टालने का फैसला किया है। रिपोर्ट के मुताबिक कंपनी ने कहा कि वैश्विक जियोपॉलिटिकल तनाव और बाजार में बढ़ती अस्थिरता के चलते लिस्टिंग प्रक्रिया को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। हालांकि कंपनी ने स्पष्ट किया कि वह भारत में पब्लिक लिस्टिंग के लिए प्रतिबद्ध है।

क्यों रोकी प्रक्रिया?

PhonePe ने घोषणा की कि मौजूदा वैश्विक हालात और पूंजी बाजारों में अस्थिरता को देखते हुए IPO की प्रक्रिया फिलहाल स्थगित की जा रही है। कंपनी का कहना है, कि जैसे ही वैश्विक बाजारों में स्थिरता लौटेगी, वह सार्वजनिक लिस्टिंग की प्रक्रिया फिर से शुरू करेगी।

कंपनी के CEO Sameer Nigam ने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में जल्द शांति लौटने की उम्मीद है, और PhonePe भारत में पब्लिक लिस्टिंग के अपने लक्ष्य पर कायम है।

SEBI से मिल चुकी है, मंजूरी

PhonePe को 20 जनवरी 2026 को भारतीय बाजार नियामक SEBI से IPO के लिए मंजूरी मिल चुकी है। यह मंजूरी 18 महीनों तक वैध रहेगी। यानी कंपनी के पास बाजार की परिस्थितियों के अनुसार IPO लॉन्च करने के लिए पर्याप्त समय है। यह इश्यू पूरी तरह Offer For Sale (OFS) के जरिए लाया जाएगा, जिसमें करीब 5.07 करोड़ शेयर बेचे जाएंगे। कंपनी के शेयरों को BSE और NSE पर सूचीबद्ध करने की योजना है।

कौन मैनेज कर रहा इश्यू?

इस इश्यू के लिए Kotak Mahindra Capital को बुक रनिंग लीड मैनेजर और Kfin Technologies को रजिस्ट्रार नियुक्त किया गया है। हालांकि अभी तक IPO की तारीख, प्राइस बैंड और लॉट साइज की घोषणा नहीं की गई है।

क्या करती है, कंपनी?

PhonePe भारत के सबसे बड़े डिजिटल फिनटेक प्लेटफॉर्म्स में से एक है, जो पेमेंट्स, डिजिटल डिस्ट्रीब्यूशन और फाइनेंशियल सर्विसेज के क्षेत्र में काम करता है। कंपनी का उद्देश्य भारत के डिजिटल इकोसिस्टम में फंड फ्लो को आसान बनाना और उपभोक्ताओं को विभिन्न सेवाओं तक पहुंच उपलब्ध कराना है। PhonePe उपभोक्ताओं और व्यापारियों को पेमेंट, लेंडिंग और इंश्योरेंस डिस्ट्रीब्यूशन जैसी सेवाएं देता है। इसके अलावा कंपनी ने Share.Market नाम से डिजिटल निवेश प्लेटफॉर्म लॉन्च किया है, जहां इक्विटी ट्रेडिंग, ETF, फ्यूचर्स-ऑप्शंस और म्यूचुअल फंड में निवेश की सुविधा मिलती है। वहीं Indus Appstore एंड्रॉयड ऐप मार्केटप्लेस के तौर पर विकसित किया गया है।

यूजर और मर्चेंट बेस में मजबूत पकड़

रिपोर्ट के मुताबिक 31 मार्च 2025 तक PhonePe के पास 618.4 मिलियन रजिस्टर्ड यूजर्स थे, जो भारत की कुल आबादी का करीब 43% हिस्सा है। वहीं कंपनी के प्लेटफॉर्म पर 4.48 करोड़ से ज्यादा रजिस्टर्ड मर्चेंट जुड़े हुए हैं, जो देश के कुल व्यापार और सेवा क्षेत्र के करीब 77-80% मर्चेंट बेस को कवर करते हैं। कंपनी का फोकस टियर-1 के साथ-साथ टियर-2 और टियर-3 शहरों में भी डिजिटल भुगतान और फाइनेंशियल सर्विसेज को बढ़ावा देने पर है।

घाटे के बावजूद सुधरते वित्तीय संकेत

वित्तीय प्रदर्शन की बात करें तो PhonePe अभी भी घाटे में है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में घाटा कम होता दिखाई दे रहा है। मार्च 2025 में कंपनी की कुल आय 7,631 करोड़ रुपये रही, जबकि शुद्ध घाटा 1,727 करोड़ रुपये रहा। इससे पहले मार्च 2024 में घाटा करीब 1,996 करोड़ रुपये था। सितंबर 2025 तक के आंकड़ों के मुताबिक कंपनी का घाटा 1,444 करोड़ रुपये रहा है। हालांकि EBITDA स्तर पर भी कंपनी अभी नकारात्मक है, लेकिन घाटे में कमी से यह संकेत मिलता है, कि कंपनी धीरे-धीरे ऑपरेशनल दक्षता बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

वॉलमार्ट समूह है, प्रमोटर

PhonePe के प्रमोटर WM Digital Commerce Holdings Pte. Ltd. और Walmart International Holdings Inc. हैं। IPO से पहले कंपनी में प्रमोटर की हिस्सेदारी करीब 73.33% है। फिनटेक सेक्टर में PhonePe की मजबूत ब्रांड पहचान, बड़े यूजर बेस और डिजिटल पेमेंट्स में मार्केट लीडरशिप को देखते हुए बाजार में इसके IPO को लेकर काफी उत्सुकता बनी हुई है। अब निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि बाजार स्थिर होने के बाद कंपनी कब IPO लॉन्च करती है।