Om Power Transmission IPO: खुल गया 150 करोड़ का IPO
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Om Power Transmission के शेयरों में 2.5% से ज्यादा उछाल, Q4 मुनाफा 93% बढ़ा
Om Power Transmission Limited को शेयर बाजार में मजबूत खरीदारी देखने को मिली, जब कंपनी ने Q4 FY26 में मजबूत नतीजे पेश किए। इस दौरान कंपनी का शुद्ध लाभ तेज़ी से बढ़ा और राजस्व ₹175 करोड़ के पार पहुंच गया। यह प्रदर्शन भारत के बढ़ते पावर ट्रांसमिशन और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में सुधार को दर्शाता है।
मजबूत नतीजों के बाद शेयर में तेजी
ओम पावर ट्रांसमिशन लिमिटेड के शेयरों में 2.5% से अधिक की तेजी दर्ज की गई, जब कंपनी ने Q4 FY26 के नतीजे घोषित किए।
स्टॉक ₹195 पर ट्रेड कर रहा था, जो पिछले बंद भाव ₹190 की तुलना में लगभग 2.89% अधिक था। कंपनी का बाजार पूंजीकरण लगभग ₹667 करोड़ है, और यह लगातार इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में अपनी उपस्थिति मजबूत कर रही है।
शेयर ने हाल ही में ₹175 से ₹206 के 52-सप्ताह के दायरे में कारोबार किया है, जिससे इसकी स्थिर लेकिन सकारात्मक गति का संकेत मिलता है।
कंपनी प्रोफाइल: पावर और इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस
Om Power Transmission Limited एक इंफ्रास्ट्रक्चर आधारित कंपनी है, जो हाइड्रो-पावर, ट्रांसमिशन नेटवर्क और जल परियोजनाओं के निर्माण में कार्यरत है।
कंपनी भारत के ऊर्जा क्षेत्र में बढ़ती मांग और सरकारी निवेश का लाभ उठाते हुए अपनी मौजूदगी लगातार बढ़ा रही है।
भारत में बिजली ट्रांसमिशन और नवीकरणीय ऊर्जा के विस्तार के साथ इस सेक्टर में लंबी अवधि के अवसर लगातार बढ़ रहे हैं।
वित्तीय प्रदर्शन: मुनाफे में तेज वृद्धि
कंपनी ने Q4 FY26 में मजबूत वित्तीय प्रदर्शन दर्ज किया।
प्रॉफिट बिफोर टैक्स (PBT)
- Q4 FY26: ₹22.14 करोड़
- Q3 FY26: ₹10.86 करोड़
- QoQ वृद्धि: 103.8%
- Q4 FY25: ₹16.91 करोड़
- YoY वृद्धि: 29.3%
मुनाफे में यह वृद्धि बेहतर प्रोजेक्ट निष्पादन और ऑपरेशनल क्षमता में सुधार के कारण हुई है।
शुद्ध लाभ (Net Profit)
- Q4 FY26: ₹16.65 करोड़
- Q3 FY26: ₹8.63 करोड़
- QoQ वृद्धि: 92.9%
- Q4 FY25: ₹12.20 करोड़
- YoY वृद्धि: 36.5%
यह बढ़ोतरी मजबूत प्रोजेक्ट डिलीवरी, बेहतर स्केल और संचालन में सुधार को दर्शाती है।
राजस्व प्रदर्शन
कंपनी का राजस्व इस तिमाही में ₹175 करोड़ से अधिक रहा।
यह वृद्धि लगातार बढ़ते प्रोजेक्ट ऑर्डर और बेहतर निष्पादन क्षमता का परिणाम है।
वैल्यूएशन और बाजार संकेतक
- P/E अनुपात: 16.6
- ROCE: 42.7%
- ROE: 38.2%
- बाजार पूंजीकरण: ₹667 करोड़
ये संकेतक कंपनी की मजबूत पूंजी उपयोग क्षमता और लाभप्रदता को दर्शाते हैं।
इंडस्ट्री आउटलुक: पावर सेक्टर में मजबूत ग्रोथ
भारत का पावर और ट्रांसमिशन सेक्टर तेजी से बढ़ रहा है, जिसे बढ़ती बिजली मांग और नवीकरणीय ऊर्जा विस्तार का समर्थन मिल रहा है।
भारत की कुल स्थापित बिजली क्षमता 505 GW से अधिक है।
सरकार 2032 तक लगभग ₹9.15 लाख करोड़ के निवेश की योजना बना रही है, ताकि ट्रांसमिशन नेटवर्क को मजबूत किया जा सके।
इसके अलावा अगले 5–7 वर्षों में लगभग ₹17 लाख करोड़ का निवेश इस सेक्टर में आने की उम्मीद है।
नवीकरणीय ऊर्जा से बढ़ती मांग
सोलर और विंड एनर्जी के बढ़ते उपयोग से ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर की मांग तेज हो रही है।
ग्रिड आधुनिकीकरण और ऊर्जा सुरक्षा पर भी तेजी से काम हो रहा है।
भविष्य की संभावनाएं
Om Power Transmission Limited आने वाले समय में इन प्रमुख क्षेत्रों से लाभ उठा सकती है:
- सरकारी इंफ्रास्ट्रक्चर खर्च में वृद्धि
- ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट ऑर्डर में बढ़ोतरी
- नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं का विस्तार
- बेहतर ऑपरेशनल क्षमता
- लंबी अवधि की ग्रोथ संभावनाएं
निष्कर्ष:
कंपनी के मजबूत Q4 परिणाम यह दिखाते हैं, कि ओम पावर ट्रांसमिशन लिमिटेड तेजी से बढ़ते इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में मजबूत स्थिति बना रही है।
पावर ट्रांसमिशन सेक्टर में बढ़ते निवेश और सरकारी समर्थन के चलते कंपनी के लिए आगे विकास की संभावनाएं सकारात्मक बनी हुई हैं।
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Om Power Transmission IPO: ओम पावर ट्रांसमिशन का ₹150 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए खुल चुका है। इस आईपीओ के तहत नए शेयर जारी होंगे और साथ ही ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिए कंपनी के प्रमोटर्स अपनी हिस्सेदारी भी हल्की करेंगे। यहां इस आईपीओ से जुड़ी 10 अहम बातें बताई जा रही है, जिसे जान लें और फिर आईपीओ में निवेश से जुड़ा फैसला लें।
1. प्राइस बैंड और लॉट साइज
ओम पावर ट्रांसमिशन के ₹150 करोड़ के आईपीओ में ₹166-₹175 के प्राइस बैंड और 85 शेयरों के लॉट में पैसे लगा सकते हैं।
2. अहम डेट्स
Om Power Transmission का आईपीओ आज 9 अप्रैल को खुला है, और 13 अप्रैल को बंद होगा। आईपीओ के तहत शेयरों का अलॉटमेंट 15 अप्रैल को फाइनल होगा। फिर बीएसई और एनएसई पर 17 अप्रैल को एंट्री होगी।
3. एंकर बुक
आईपीओ खुलने से पहले कंपनी ने 4 एंकर निवेशकों- मॉर्गन स्टैनले एशिया (सिंगापुर), क्राफ्ट एमर्जिंग मार्केट फंड पीसीसी-एलाइट कैपिटल फंड, क्राफ्ट एमर्जिंग मार्केट फंड पीसीसी-सिटाडेल कैपिटल फंड और सनराइज इंवेस्टमेंट ट्रस्ट- सनराइज इंवेस्टमेंट अपॉर्च्यूनिटीज फंड से ₹45 करोड़ जुटाए। इन्हें ₹175 के भाव पर 25.72 लाख शेयर जारी हुए हैं।
4. ग्रे मार्केट में स्थिति यानी GMP
ग्रे मार्केट में ओम पावर ट्रांसमिशन के शेयर आईपीओ के अपर प्राइस बैंड से ₹7 यानी 4.00% की GMP (ग्रे मार्केट प्रीमियम) पर हैं। हालांकि मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक ग्रे मार्केट से मिले संकेतों की बजाय कंपनी के फंडामेंटल्स और फाइनेंशियल के आधार पर ही निवेश का फैसला लेना चाहिए।
5. आईपीओ में कितने शेयर होंगे जारी
ओम पावर ट्रांसमिशन के आईपीओ के तहत ₹133 करोड़ के नए शेयर जारी होंगे। इसके अलावा ₹10 की फेस वैल्यू वाले 10 लाख शेयरों की ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिक्री होगी। ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिए इसके प्रमोटर्स अपनी हिस्सेदारी हल्की करेंगे।
6. रजिस्ट्रार
जारो इंस्टीट्यूट के आईपीओ का रजिस्ट्रार एमयूएफजी इनटाइम है, यानी कि शेयरों का अलॉटमेंट फाइनल होने के बाद इसकी साइट पर जारी अलॉटमेंट स्टेटस देख सकेंगे कि कितने शेयर मिले। इसके अलावा बीएसई की साइट पर भी स्टेटस देख सकेंगे।
7. कैसे होगा आईपीओ के पैसों का इस्तेमाल?
ऑफर फॉर सेल का पैसा शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर यानी प्रमोटर संजय नामदेव सालुंके को मिलेगा। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹11.21 करोड़ मशीनरी और इक्विपमेंट की खरीदारी, ₹25.00 करोड़ कर्ज हल्का करने, ₹55 करोड़ लॉन्ग टर्म वर्किंग कैपिटल की जरूरतों और बाकी पैसे आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।
8. क्या करती है, कंपनी?
जून 2011 में बनी ओम पावर ट्रांसमिशन एक पावर ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर ईपीसी (इंजीनियरिंग, प्रोक्यूरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन) कंपनी है। यह हाई वोल्टेज और एक्स्ट्रा हाई वोल्टेड ट्रांसमिशन लाइन्स, सबस्टेशंस और अंडरग्राउंड केबलिंग प्रोजेक्ट्स पर टर्न्की बेसिस पर काम करती है।
9. क्या है, कंपनी के पोर्टफोलियो में?
दिसंबर 2025 तक के आंकड़ों के हिसाब से ओम पावर ट्रांसमिशन के पास ₹744.60 करोड़ के 58 प्रोजेक्ट्स अभी पूरे नहीं हुए हैं, जिसमें से 51 ईपीसी प्रोजेक्ट्स और 7 ओएंडएम कॉन्ट्रैक्ट्स हैं। दिसंबर 2025 तक के आंकड़ों के हिसाब से कंपनी 124 सबस्टेशंस को ऑपरेट कर रही है, और मेंटेनेंस का काम देख रही है।
10. कैसी है, कारोबारी सेहत?
कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2023 में इसे ₹6.29 करोड़ का शुद्ध मुनाफा हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024 में उछलकर ₹7.41 करोड़ और फिर वित्त वर्ष 2025 में ₹22.08 करोड़ पर पहुंच गया। इस दौरान कंपनी की टोटल इनकम भी सालाना 52% से अधिक की चक्रवृद्धि दर (CAGR) से बढ़कर ₹281.65 करोड़ पर पहुंच गई। पिछले वित्त वर्ष 2026 की बात करें तो अप्रैल-दिसंबर 2025 में कंपनी को ₹23.37 करोड़ का शुद्ध मुनाफा और ₹276.50 करोड़ का टोटल इनकम हासिल हुआ। दिसंबर 2025 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹38.47 करोड़ का टोटल कर्ज था, जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹93.17 करोड़ पड़े थे।


