NSE को IPO फाइलिंग के लिए SEBI से NOC मिली

Share Us

39
NSE को IPO फाइलिंग के लिए SEBI से NOC मिली
31 Jan 2026
7 min read

News Synopsis

पूंजी बाजार नियामक सेबी ने नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) को उसके बहुप्रतीक्षित इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (आईपीओ) के लिए नो-ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट यानी NOC जारी कर दिया है। करीब दस वर्षों से नियामकीय अड़चनों और को-लोकेशन विवाद के चलते अटकी एनएसई की लिस्टिंग प्रक्रिया को इससे बड़ी राहत मिली है।

वर्ष 2016 में पहली बार ड्राफ्ट ऑफर डॉक्यूमेंट हुआ था, दाखिल

रिपोर्ट के मुताबिक देश के सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंज एनएसई ने वर्ष 2016 में लगभग ₹10,000 करोड़ जुटाने के लिए पहली बार ड्राफ्ट ऑफर डॉक्यूमेंट दाखिल किए थे। यह आईपीओ मौजूदा शेयरधारकों द्वारा ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) के जरिए लाया जाना था। हालांकि गवर्नेंस से जुड़ी चिंताओं और को-लोकेशन मामले के चलते सेबी ने उस समय मंजूरी रोक दी थी। इसके बाद एनएसई ने कई बार नियामक से अनुमति प्राप्त करने का प्रयास किया।

विकास यात्रा का अहम पड़ाव

सेबी से मंजूरी मिलने पर NSE के चेयरपर्सन श्रीनिवास इंजेटी ने इसे एक्सचेंज की विकास यात्रा का अहम पड़ाव बताया। उन्होंने कहा कि सेबी की स्वीकृति के साथ हम अपने सभी हितधारकों के लिए वैल्यू क्रिएशन के एक नए अध्याय की शुरुआत कर रहे हैं। यह मंजूरी भारतीय अर्थव्यवस्था और पूंजी बाजार में NSE की महत्वपूर्ण भूमिका पर भरोसे को और मजबूत करती है।

IPO की राह में बड़ा कदम

इससे पहले इसी महीने सेबी चेयरमैन तुहिन कांत पांडे ने जानकारी दी थी, कि नियामक ने अनफेयर मार्केट एक्सेस यानी को-लोकेशन मामले में NSE की सेटलमेंट एप्लिकेशन को ‘इन-प्रिंसिपल’ मंजूरी दे दी है। इसे IPO की राह में बड़ा कदम माना गया। पांडे ने संकेत दिया था, कि लगभग एक महीने के भीतर NOC जारी किया जा सकता है। NSE ने जून 2025 में सेटलमेंट प्ली दाखिल की थी।

भारतीय पूंजी बाजार का सबसे बड़ा आईपीओ!

को-लोकेशन केस में कुछ ब्रोकर्स पर NSE के ट्रेडिंग सिस्टम तक तरजीही पहुंच मिलने के आरोप लगे थे, जिसके चलते एक्सचेंज की लिस्टिंग योजना लंबे समय तक अटकी रही। वर्षों तक चली कानूनी प्रक्रिया के बाद NSE ने 2025 में इस मामले के निपटारे के लिए ₹1,388 करोड़ का भुगतान करने की पेशकश की। प्रस्तावित NSE IPO को भारतीय पूंजी बाजार के सबसे बड़े आईपीओ में से एक माना जा रहा है। विश्लेषकों के मुताबिक अनलिस्टेड ग्रे मार्केट में NSE का वैल्यूएशन ₹5 लाख करोड़ से अधिक आंका जा रहा है, और इसके करीब 1.77 लाख शेयरधारक हैं।

DRHP दाखिल करने की प्रक्रिया होगी शुरू

NSE के CEO Ashish Chauhan ने कहा कि इन-प्रिंसिपल मंजूरी एक सकारात्मक संकेत है। उन्होंने बताया कि NOC मिलने के बाद एक्सचेंज ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) दाखिल करने की प्रक्रिया शुरू करेगा। उनके अनुसार NOC मिलने के लगभग चार महीने बाद DRHP फाइल किया जा सकता है, और नियामकीय मंजूरी के बाद 7–8 महीनों में IPO बाजार में आ सकता है।