NHAI गाइडलाइंस: अब टोल प्लाजा पर स्मार्ट निगरानी, बेहतर सफाई और दिव्यांगजनों के लिए सुविधाएं

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NHAI गाइडलाइंस: अब टोल प्लाजा पर स्मार्ट निगरानी, बेहतर सफाई और दिव्यांगजनों के लिए सुविधाएं
24 Oct 2026
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News Synopsis

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने राष्ट्रीय राजमार्गों पर स्थित टोल प्लाजा के शौचालयों और निर्धारित पार्किंग क्षेत्रों की सफाई, सुरक्षा और रखरखाव को बेहतर बनाने के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इस पहल का उद्देश्य हाईवे पर सफर करने वाले यात्रियों को साफ-सुथरे, सुरक्षित और भरोसेमंद सार्वजनिक सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय Ministry of Road Transport and Highways की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, इन दिशा-निर्देशों में मौजूदा सुविधाओं को बेहतर बनाने, स्वच्छता बनाए रखने, तकनीक के माध्यम से निगरानी करने और रखरखाव करने वाली एजेंसियों की जवाबदेही तय करने पर जोर दिया गया है।

इन नियमों के तहत शौचालयों की नियमित सफाई, पर्याप्त रोशनी, दिव्यांगजनों के लिए सुविधाएं, पार्किंग की बेहतर व्यवस्था और शिकायतों पर समय से कार्रवाई जैसे विषयों को शामिल किया गया है। इसके साथ ही स्मार्ट निगरानी प्रणाली के माध्यम से पानी, सीवेज और अन्य जरूरी सुविधाओं की स्थिति पर नजर रखी जाएगी।

शौचालयों के सुधार और रखरखाव पर विशेष ध्यान (Comprehensive Upgradation and Maintenance of Toilet Facilities)

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) National Highways Authority of India (NHAI) के नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, संबंधित टोल प्लाजा पर मौजूद शौचालयों की मरम्मत या नवीनीकरण से पहले उनकी तकनीकी जांच की जाएगी। इस जांच से यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि कहां बुनियादी ढांचा खराब है, किन हिस्सों की मरम्मत जरूरी है और किन उपकरणों को बदलने की आवश्यकता है।

शौचालयों को बेहतर बनाने की प्रक्रिया में फर्श, पानी की पाइपलाइन, सैनिटरी फिटिंग, रोशनी, हवा आने-जाने की व्यवस्था, जल निकासी और सूचना पट्ट जैसे जरूरी हिस्से शामिल होंगे। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि यात्रियों को इस्तेमाल के लिए साफ, सुरक्षित और चालू शौचालय मिलें।

NHAI ने नियमित सफाई व्यवस्था को भी महत्वपूर्ण बताया है। शौचालयों के आकार और संबंधित टोल प्लाजा से गुजरने वाले वाहनों की संख्या के अनुसार सफाई का समय और कर्मचारियों की व्यवस्था तय की जाएगी।

इन उपायों से दिनभर स्वच्छता बनाए रखने और पानी सहित अन्य आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

यात्रियों की सुरक्षा और सुविधाओं की पहुंच में सुधार (Greater Focus on Safety and Accessibility)

नए दिशा-निर्देशों में महिलाओं, परिवारों और अन्य यात्रियों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया गया है। रात के समय हाईवे पर यात्रा करने वालों के लिए यह व्यवस्था अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है।

टोल प्लाजा के शौचालयों और संबंधित क्षेत्रों में पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था करनी होगी। सुरक्षा बढ़ाने के लिए आने-जाने के रास्तों और पार्किंग क्षेत्रों में CCTV कैमरों से निगरानी की जाएगी। इसके अलावा, यात्रियों की सुविधा के लिए सैनिटरी नैपकिन उपलब्ध कराने वाली मशीनें और सार्वजनिक सुविधाओं की दिशा बताने वाले स्पष्ट सूचना पट्ट लगाने का भी प्रावधान किया गया है।

दिव्यांगजनों के लिए सुलभ शौचालय (Accessible Toilets for Persons with Disabilities)

दिव्यांगजनों और चलने-फिरने में कठिनाई का सामना करने वाले लोगों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए, संबंधित प्रत्येक टोल प्लाजा पर कम से कम एक ऐसा शौचालय उपलब्ध कराना होगा, जिसका इस्तेमाल विभिन्न शारीरिक क्षमताओं वाले लोग आसानी से कर सकें।

इन शौचालयों में बिना बाधा के प्रवेश की सुविधा, उचित आकार के दरवाजे और सहारा देने वाली ग्रैब बार जैसी व्यवस्थाएं शामिल होंगी। इनका उद्देश्य दिव्यांगजनों को शौचालय का इस्तेमाल करने में अधिक सुविधा और स्वतंत्रता देना है।

पार्किंग क्षेत्रों को बेहतर बनाने की योजना (Improvements to Parking Areas)

दिशा-निर्देशों में निर्धारित पार्किंग क्षेत्रों की व्यवस्था सुधारने पर भी जोर दिया गया है। पार्किंग की जगहों पर स्पष्ट निशान बनाए जाएंगे, ताकि वाहन चालक अपने वाहन सही स्थान पर खड़े कर सकें। पानी की निकासी के लिए भी उचित व्यवस्था की जाएगी, जिससे पार्किंग क्षेत्र अधिक सुरक्षित और उपयोगी बन सकें।

इसके साथ ही भविष्य में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को चार्ज करने की सुविधाएं स्थापित करने के लिए जरूरी प्रावधान भी किए जाएंगे। इससे राष्ट्रीय राजमार्गों पर इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए बुनियादी ढांचा विकसित करने में सहायता मिल सकती है।

शौचालयों की स्थिति पर नजर रखेगी स्मार्ट तकनीक (Smart Technology to Monitor Toilet Conditions)

NHAI की योजना में तकनीक आधारित निगरानी को अहम स्थान दिया गया है। स्मार्ट निगरानी प्रणाली के माध्यम से शौचालयों की कामकाजी स्थिति से जुड़ी कई जरूरी जानकारियों पर नजर रखी जाएगी।

इसमें पानी की उपलब्धता, दुर्गंध, सीवेज का स्तर, पानी का रिसाव, बिजली की आपूर्ति और शौचालयों में मौजूद लोगों की संख्या जैसी स्थितियां शामिल होंगी।

यदि पानी की कमी, सीवेज का बहाव रुकने या किसी उपकरण के खराब होने जैसी समस्या सामने आती है, तो प्रणाली संबंधित कर्मचारियों को अलर्ट भेज सकेगी। इससे रखरखाव करने वाली टीम समय रहते समस्या पहचानकर उसे ठीक करने की कार्रवाई कर सकती है।

NHAI के डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़ेगी निगरानी प्रणाली (Integration with NHAI’s Digital Platform)

स्मार्ट निगरानी प्रणाली से मिलने वाली जानकारी को NHAI के केंद्रीय डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाएगा। इस व्यवस्था के माध्यम से अधिकारी शौचालयों की स्थिति, रखरखाव से जुड़ी गतिविधियों, शिकायतों और संबंधित एजेंसियों के कामकाज की निगरानी कर सकेंगे।

एक ही डैशबोर्ड पर जानकारी उपलब्ध होने से अधिकारियों को समस्याओं की पहचान करने और जरूरी कदम उठाने में मदद मिलेगी। इससे बार-बार सामने आने वाली रखरखाव संबंधी समस्याओं का पता लगाना भी आसान हो सकता है।

इस डिजिटल व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य पारदर्शिता बढ़ाना, शिकायतों पर समय से कार्रवाई करना और सुविधाओं की गुणवत्ता में लगातार सुधार करना है।

राजमार्ग यात्रियों के लिए प्रतिक्रिया और शिकायत की सुविधा (Citizen Feedback Through the Rajmargyatra App)

नए दिशा-निर्देशों के तहत यात्रियों को सार्वजनिक सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं की जानकारी देने और सुझाव साझा करने के लिए डिजिटल माध्यम उपलब्ध कराए जाएंगे।

यात्री QR कोड स्कैन करके राजमार्गयात्रा (Rajmargyatra) ऐप के माध्यम से अपनी प्रतिक्रिया दे सकेंगे। इसके अलावा, शौचालय परिसरों में लगाई जाने वाली टचस्क्रीन के जरिए भी शिकायतें दर्ज करने की सुविधा होगी।

डिजिटल रूप से दर्ज शिकायतों की मदद से अधिकारी समस्या की स्थिति और उसके समाधान की प्रक्रिया पर नजर रख सकेंगे। यात्रियों की प्रतिक्रिया का इस्तेमाल रखरखाव की गुणवत्ता और सेवा के स्तर का मूल्यांकन करने में भी किया जाएगा।

इस व्यवस्था से रखरखाव करने वाली एजेंसियों को यात्रियों की वास्तविक जरूरतों के प्रति अधिक जवाबदेह बनाने में मदद मिल सकती है।

मशीनों से होगी सफाई, सुरक्षा नियमों का करना होगा पालन (Mechanised Cleaning and Strict Safety Requirements)

NHAI के नए दिशा-निर्देशों में सेप्टिक टैंक, सोख्ता गड्ढों और सीवर लाइनों की सफाई तथा गाद निकालने के लिए पूरी तरह मशीनी तरीकों का इस्तेमाल अनिवार्य किया गया है।

सेप्टिक टैंक, मैनहोल और सीवर लाइनों के अंदर कर्मचारियों के हाथ से प्रवेश करने पर सख्त रोक होगी। इसका उद्देश्य कर्मचारियों को बंद स्थानों में मौजूद जहरीली गैसों, दूषित पदार्थों और अन्य खतरनाक परिस्थितियों से बचाना है।

मशीनी सफाई से स्वच्छता व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित बनाने और सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा बेहतर करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

नियमित निरीक्षण और रखरखाव एजेंसियों की जवाबदेही (Performance-Based Accountability and Regular Inspections)

निर्धारित मानकों का लगातार पालन सुनिश्चित करने के लिए NHAI ने निरीक्षण और ऑडिट की एक व्यवस्थित प्रक्रिया तय की है।

इस प्रक्रिया में रोजाना निगरानी, साप्ताहिक तकनीकी निरीक्षण, मासिक संयुक्त समीक्षा, तिमाही ऑडिट और सालाना स्वतंत्र एजेंसी द्वारा मूल्यांकन शामिल हैं।

शौचालयों और अन्य सुविधाओं के प्रदर्शन का आकलन प्रत्यक्ष निरीक्षण, स्मार्ट निगरानी प्रणाली से प्राप्त आंकड़ों और नागरिकों की सत्यापित प्रतिक्रियाओं के आधार पर किया जाएगा।

दिशा-निर्देशों में समस्याओं को दूर करने के लिए समय-सीमा तय करने और निर्धारित मानकों का पालन नहीं करने वाली एजेंसियों पर आर्थिक जुर्माना लगाने का भी प्रावधान है। बार-बार नियमों का उल्लंघन करने वाली एजेंसियों के खिलाफ अधिक सख्त कार्रवाई की जा सकती है।

इस प्रदर्शन आधारित व्यवस्था का उद्देश्य रखरखाव में लापरवाही कम करना और यह सुनिश्चित करना है कि जिम्मेदार एजेंसियां सार्वजनिक सुविधाओं की स्थिति बनाए रखने के लिए जवाबदेह रहें।

निष्कर्ष (Conclusion)

NHAI के नए दिशा-निर्देश राष्ट्रीय राजमार्गों के टोल प्लाजा पर शौचालयों और पार्किंग क्षेत्रों की गुणवत्ता सुधारने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं। बेहतर बुनियादी ढांचे, दिव्यांगजनों के लिए सुलभ सुविधाओं, मशीनी सफाई और स्मार्ट निगरानी के माध्यम से यात्रियों को अधिक साफ और सुरक्षित सुविधाएं उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।

नियमित निरीक्षण, डिजिटल शिकायत व्यवस्था और आर्थिक जुर्माने जैसे प्रावधान रखरखाव करने वाली एजेंसियों की जवाबदेही बढ़ाने में मदद करेंगे। इन उपायों का उद्देश्य राष्ट्रीय राजमार्गों पर यात्रा करने वाले लोगों के अनुभव को बेहतर बनाना और सार्वजनिक सुविधाओं के रखरखाव के मानकों में सुधार करना है।