मैगी बनाने वाली कंपनी ने किया कमाल, मुनाफे में 27% का उछाल
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Nestlé India ने FY26 की चौथी तिमाही में शानदार प्रदर्शन की रिपोर्ट दी है। 31 मार्च 2026 को समाप्त तिमाही के लिए कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफ़िट पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले 27 प्रतिशत बढ़कर 1,111 करोड़ रुपये हो गया। पिछले साल इसी अवधि में कंपनी ने 873 करोड़ रुपये का प्रॉफ़िट दर्ज किया था।
ऑपरेशंस से होने वाले रेवेन्यू में भी ज़बरदस्त बढ़ोतरी देखने को मिली, यह पिछले साल की इसी तिमाही के 5,504 करोड़ रुपये के मुकाबले 23 प्रतिशत बढ़कर 6,748 करोड़ रुपये हो गया। कंपनी की कमाई ने बाज़ार की उम्मीदों को भी पीछे छोड़ दिया, जिसने प्रॉफ़िट का अनुमान लगभग 926 करोड़ रुपये और रेवेन्यू का अनुमान 6,196 करोड़ रुपये लगाया था।
कंपनी ने FY26 के लिए प्रति इक्विटी शेयर 5 रुपये का फ़ाइनल डिविडेंड भी घोषित किया है, और शेयरधारकों की पात्रता तय करने के लिए 10 जुलाई की तारीख़ को रिकॉर्ड डेट के तौर पर निर्धारित किया है।
मज़बूत वॉल्यूम ग्रोथ ने प्रदर्शन को गति दी
चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर मनीष तिवारी Manish Tiwary ने कहा कंपनी का प्रदर्शन सभी श्रेणियों में मज़बूत वॉल्यूम ग्रोथ से प्रेरित था, जिसे ब्रांड बनाने में किए गए ज़्यादा निवेश से भी मदद मिली।
उन्होंने बताया कि तिमाही के दौरान विज्ञापन और प्रमोशनल खर्च 50 प्रतिशत से ज़्यादा बढ़ गया, जिससे सभी प्रोडक्ट सेगमेंट में मांग बढ़ाने में मदद मिली। ज़्यादा निवेश के बावजूद कंपनी ने 26.3 प्रतिशत का एक अच्छा EBITDA मार्जिन भी बनाए रखा।
मनीष तिवारी ने कहा “इस तिमाही में कुल बिक्री और घरेलू बिक्री में क्रमशः 23.4 प्रतिशत और 23.1 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। खुशी की बात है, कि सभी प्रोडक्ट ग्रुप ने इस प्रदर्शन में योगदान दिया।”
कन्फेक्शनरी और बेवरेज ने ग्रोथ में बढ़त बनाई
Nestlé India के कन्फेक्शनरी सेगमेंट ने वैल्यू और वॉल्यूम दोनों में दोहरे अंकों में अच्छी ग्रोथ दर्ज की, जिसे KitKat जैसे इसके मुख्य ब्रांडों में ग्राहकों की मज़बूत पसंद का साथ मिला।
पाउडर्ड और लिक्विड बेवरेज सेगमेंट ने भी मज़बूत प्रदर्शन किया और दोहरे अंकों में अच्छी ग्रोथ दर्ज की। कंपनी ने इसका कारण कॉफी की बढ़ती खपत, प्रीमियम ट्रेंड और शहरी और सेमी-अर्बन कंज्यूमर्स के बीच मार्केट में गहरी पहुंच को बताया।
इन सेग्मेंट्स में लगातार हो रही बढ़ोतरी से ग्राहकों की बदलती पसंद का पता चलता है, जिसमें खास तरह के प्रोडक्ट्स और प्रीमियम ड्रिंक्स की मांग बढ़ रही है।
ओमनी-चैनल स्ट्रैटेजी से पहुंच बढ़ी
नेस्ले इंडिया ने बदलते रिटेल माहौल के साथ तालमेल बिठाते हुए अपनी ओमनी-चैनल मौजूदगी को बढ़ाना जारी रखा। कंपनी ने ई-कॉमर्स और क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर ज़बरदस्त बढ़त दर्ज की, साथ ही मॉडर्न ट्रेड और चेन फार्मेसी नेटवर्क में भी अपनी मौजूदगी को मज़बूत किया।
साथ ही सेमी-अर्बन और रूरल मार्केट में जनरल ट्रेड चैनल ग्रोथ के मुख्य ड्राइवर बने रहे, जिससे ज़्यादा पहुंच और लगातार डिमांड पक्की हुई।
इस बैलेंस्ड डिस्ट्रीब्यूशन स्ट्रेटेजी ने कंपनी को अलग-अलग जगहों और कंज्यूमर सेगमेंट में लगातार ग्रोथ बनाए रखने में मदद की है।
इनपुट कॉस्ट आउटलुक मिला-जुला बना हुआ है।
कॉस्ट के मामले में कंपनी ने मिले-जुले आउटलुक का संकेत दिया है। उम्मीद है, कि आने वाले महीनों में कॉफी की कीमतें कम होंगी, जिसकी वजह वियतनाम में अच्छी फसल और ब्राज़ील में आने वाली फसल है।
हालांकि नेस्ले ने खाने के तेल की बढ़ती कीमतों पर चिंता जताई है, जो दुनिया भर में कच्चे तेल के ऊंचे रेट और बायोडीज़ल प्रोडक्शन की तरफ बढ़ते झुकाव से प्रभावित हो रही हैं।
इसके अलावा बेमौसम बारिश ने गेहूं के प्रोडक्शन पर असर डाला है, जिससे कटाई में देरी हुई है, और क्वांटिटी और क्वालिटी दोनों पर असर पड़ा है। निकट भविष्य में इसका असर इनपुट लागत पर पड़ सकता है।
निष्कर्ष:
नेस्ले इंडिया का Q4 में मज़बूत परफॉर्मेंस, स्ट्रेटेजिक इन्वेस्टमेंट, प्रोडक्ट इनोवेशन और बड़े डिस्ट्रीब्यूशन के ज़रिए ग्रोथ को आगे बढ़ाने की उसकी मज़बूती और क्षमता को दिखाता है। सभी कैटेगरी में लगातार डिमांड और अलग-अलग चैनल स्ट्रैटेजी के साथ कंपनी मोमेंटम बनाए रखते हुए कॉस्ट प्रेशर से निपटने के लिए अच्छी स्थिति में है।


