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Entrepreneurship Motivation

क्या है एन आर नारायणमूर्ति का success मंत्र?

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क्या है एन आर नारायणमूर्ति का success मंत्र?

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Post Highlights

7 जुलाई,1981 को इंफोसिस Infosys कंपनी की शुरुआत सात लोगों ने मिलकर की थी, जिसमें एक शख्स एन आर नारायणमूर्ति N.R. Narayana Murthy भी थे। कंपनी को शुरू करने पर जब सफलता नहीं मिली तो लोग कहने लगे की कम्पनी को बंद करो नहीं तो ज्यादा नुकसान हो जाएगा। ये सुनकर नारायणमूर्ति ने कहा कि मैं कंपनी को बंद करने के लिए तैयार नहीं हूं और अगर आप चाहें तो आप मेरा साथ दे सकते हैं या फिर मेरा साथ छोड़ सकते हैं। आज इंफोसिस Infosys का नाम दुनिया भर की चर्चित कंपनियों में शामिल है और इसके चेयरमैन एन आर नारायणमूर्ति N.R. Narayana Murthy हैं।

आज अगर कोई ये पूछे की अगर आप इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी information technology(IT) के क्षेत्र में जॉब करना चाहते हैं तो कौन सी कंपनी चुनेंगे तो ज्यादातर लोगों का जवाब इंफोसिस Infosys होगा। जाहिर सी बात है कि हर युवा एक अच्छी कंपनी में ही जॉब करना चाहेगा पर क्या इंफोसिस Infosys हमेशा से ही इतनी सफल थी जितनी सफल वह आज है। 

7 जुलाई, 1981 को इंफोसिस Infosys कंपनी की शुरुआत सात लोगों ने मिलकर की थी, जिसमें एक शख्स एन आर नारायणमूर्ति N.R. Narayana Murthy भी थे। कंपनी को शुरू करने पर जब सफलता नहीं मिली तो लोग कहने लगे की कम्पनी को बंद करो नहीं तो ज्यादा नुकसान हो जाएगा। ये सुनकर नारायणमूर्ति ने कहा कि मैं कंपनी को बंद करने के लिए तैयार नहीं हूं और अगर आप चाहें तो आप मेरा साथ दे सकते हैं या फिर मेरा साथ छोड़ सकते हैं। ये सब होने पर सभी लोग एक बार फिर से कंपनी को सफल बनाने में लग गए और उसके बाद क्या हुआ ये तो हम सब जानते ही हैं। आज इंफोसिस Infosys का नाम दुनिया भर की चर्चित कंपनियों में शामिल है और इसके चेयरमैन एन आर नारायणमूर्ति N.R. Narayana Murthy हैं। 

आइए जानते हैं कि नारायणमूर्ति ने ऐसे कौन से तरीके अपनाएं जिसकी मदद से आज इंफोसिस Infosys दुनिया भर की मशहूर कंपनियों में से एक है-

1.हार नहीं मानना है

शायद ही कोई इस दुनिया में होगा जिसने कुछ नया करने का सोचा होगा और उसे तुरंत सफलता success मिल गई होगी। इंफोसिस Infosys को भी पहले सफलता नहीं मिली और कुछ लोगों ने हार मान ली लेकिन एन आर नारायणमूर्ति ने हार नहीं मानी और फिर सभी ने मिल के मेहनत की। असफलता में सफलता का राज़ छुपा हुआ है इसीलिए कभी भी हार नहीं माने और हार का सामने करें तभी आपको सफलता की असली कीमत समझ में आएगी।

2.हर बाधा अपने साथ नया मौका लाती है

नारायणमूर्ति जी का मानना है कि हर बाधा अपने साथ नया मौका लाती है। अगर जीवन में असफलता नहीं होगी तो हम बेहतर नहीं बन पाएंगे क्योंकि हमें लगने लगेगा कि हम जो भी कर रहें हैं वह सही है। अगर आपके जीवन में कोई बाधा आ रही है तो उसमें छुपे हुए अवसर opportunity को जानने का प्रयास करें। अगर जीवन में समस्या आ रही हैं तो उनका कुछ ना कुछ हल तो जरूर होगा इसीलिए कठिनाइयों से ना घबराएं और आगे बढ़ते रहें।

3.अपने आइडिया पर और खुद पर विश्वास करें

जब आप खुद पर और अपने आइडिया idea पर विश्वास नहीं करेंगे तो कोई भी आप पर विश्वास नहीं करेगा। जिस दिन आपके मन में यह खयाल आ गया कि मेरा आइडिया बेकार है, आप उसी दिन फेल हो जाते हैं इसीलिए अपने आइडिया पर विश्वास करिए। आपके आइडिया को सफल होने में थोड़ा समय जरूर लगेगा और शायद थोड़ी ज्यादा मेहनत भी करनी पड़े लेकिन आपको सफलता जरूर मिलेगी।

4.विनम्र रहें

जीवन में चाहे कितने भी सफल क्यों ना हो जाओ लेकिन हमेशा सभी से विनम्रता से ही बात करो। आपको एक सफल कंपनी बनाने के लिए टीम की जरूरत होगी और टीम का हर मेंबर यही चाहेगा कि आप उससे विनम्रता से बात करो। जो लोग स्वभाव से विनम्र होते हैं उनसे दूसरे लोग बात भी करना चाहते हैं।

5.कल्पना करना है ज़रूरी

अगर सफल होना चाहते हैं तो जीवन में हर चीज़ की कल्पना करना शुरू कर दीजिए। सोच कर देखिए कि जब आप सफल होंगे तो आप कैसा महसूस करेंगे। कल्पना करिए और फिर उसे एक्शन में बदलिए, आपका सफल होना तय है।

आज अगर कोई ये पूछे की अगर आप इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी information technology(IT) के क्षेत्र में जॉब करना चाहते हैं तो कौन सी कंपनी चुनेंगे तो ज्यादातर लोगों का जवाब इंफोसिस Infosys होगा। जाहिर सी बात है कि हर युवा एक अच्छी कंपनी में ही जॉब करना चाहेगा पर क्या इंफोसिस Infosys हमेशा से ही इतनी सफल थी जितनी सफल वह आज है। 

7 जुलाई, 1981 को इंफोसिस Infosys कंपनी की शुरुआत सात लोगों ने मिलकर की थी, जिसमें एक शख्स एन आर नारायणमूर्ति N.R. Narayana Murthy भी थे। कंपनी को शुरू करने पर जब सफलता नहीं मिली तो लोग कहने लगे की कम्पनी को बंद करो नहीं तो ज्यादा नुकसान हो जाएगा। ये सुनकर नारायणमूर्ति ने कहा कि मैं कंपनी को बंद करने के लिए तैयार नहीं हूं और अगर आप चाहें तो आप मेरा साथ दे सकते हैं या फिर मेरा साथ छोड़ सकते हैं। ये सब होने पर सभी लोग एक बार फिर से कंपनी को सफल बनाने में लग गए और उसके बाद क्या हुआ ये तो हम सब जानते ही हैं। आज इंफोसिस Infosys का नाम दुनिया भर की चर्चित कंपनियों में शामिल है और इसके चेयरमैन एन आर नारायणमूर्ति N.R. Narayana Murthy हैं। 

आइए जानते हैं कि नारायणमूर्ति ने ऐसे कौन से तरीके अपनाएं जिसकी मदद से आज इंफोसिस Infosys दुनिया भर की मशहूर कंपनियों में से एक है-

1.हार नहीं मानना है

शायद ही कोई इस दुनिया में होगा जिसने कुछ नया करने का सोचा होगा और उसे तुरंत सफलता success मिल गई होगी। इंफोसिस Infosys को भी पहले सफलता नहीं मिली और कुछ लोगों ने हार मान ली लेकिन एन आर नारायणमूर्ति ने हार नहीं मानी और फिर सभी ने मिल के मेहनत की। असफलता में सफलता का राज़ छुपा हुआ है इसीलिए कभी भी हार नहीं माने और हार का सामने करें तभी आपको सफलता की असली कीमत समझ में आएगी।

2.हर बाधा अपने साथ नया मौका लाती है

नारायणमूर्ति जी का मानना है कि हर बाधा अपने साथ नया मौका लाती है। अगर जीवन में असफलता नहीं होगी तो हम बेहतर नहीं बन पाएंगे क्योंकि हमें लगने लगेगा कि हम जो भी कर रहें हैं वह सही है। अगर आपके जीवन में कोई बाधा आ रही है तो उसमें छुपे हुए अवसर opportunity को जानने का प्रयास करें। अगर जीवन में समस्या आ रही हैं तो उनका कुछ ना कुछ हल तो जरूर होगा इसीलिए कठिनाइयों से ना घबराएं और आगे बढ़ते रहें।

3.अपने आइडिया पर और खुद पर विश्वास करें

जब आप खुद पर और अपने आइडिया idea पर विश्वास नहीं करेंगे तो कोई भी आप पर विश्वास नहीं करेगा। जिस दिन आपके मन में यह खयाल आ गया कि मेरा आइडिया बेकार है, आप उसी दिन फेल हो जाते हैं इसीलिए अपने आइडिया पर विश्वास करिए। आपके आइडिया को सफल होने में थोड़ा समय जरूर लगेगा और शायद थोड़ी ज्यादा मेहनत भी करनी पड़े लेकिन आपको सफलता जरूर मिलेगी।

4.विनम्र रहें

जीवन में चाहे कितने भी सफल क्यों ना हो जाओ लेकिन हमेशा सभी से विनम्रता से ही बात करो। आपको एक सफल कंपनी बनाने के लिए टीम की जरूरत होगी और टीम का हर मेंबर यही चाहेगा कि आप उससे विनम्रता से बात करो। जो लोग स्वभाव से विनम्र होते हैं उनसे दूसरे लोग बात भी करना चाहते हैं।

5.कल्पना करना है ज़रूरी

अगर सफल होना चाहते हैं तो जीवन में हर चीज़ की कल्पना करना शुरू कर दीजिए। सोच कर देखिए कि जब आप सफल होंगे तो आप कैसा महसूस करेंगे। कल्पना करिए और फिर उसे एक्शन में बदलिए, आपका सफल होना तय है।




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