Meesho ने जेन-एआई वॉयस शॉपिंग असिस्टेंट 'Vaani' लॉन्च किया
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मीशो ने गूगल क्लाउड के साथ मिलाया हाथ, लॉन्च किया AI शॉपिंग असिस्टेंट ‘Vaani’
मीशो ने गूगल क्लाउड के साथ एक महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदारी की है, जिसका उद्देश्य अपनी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस क्षमताओं को मजबूत करना और अपने मुख्य तकनीकी ढांचे को आधुनिक बनाना है। इस सहयोग का फोकस उपयोगकर्ता अनुभव को बेहतर बनाने, एआई-संचालित टूल्स को स्केल करने और भारत भर के लाखों उपयोगकर्ताओं तथा छोटे विक्रेताओं के लिए संचालन दक्षता बढ़ाने पर है।
रणनीतिक साझेदारी का अवलोकन
भारत के प्रमुख ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स में से एक मीशो, जो 264 मिलियन से अधिक उपयोगकर्ताओं और लगभग दस लाख छोटे विक्रेताओं को सेवा देता है, ने गूगल क्लाउड के साथ एक दीर्घकालिक साझेदारी की है।
इस सहयोग का उद्देश्य उन्नत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस समाधानों को स्केलेबल क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ जोड़ना है। इस कदम से प्लेटफॉर्म के प्रदर्शन में सुधार, ग्राहक जुड़ाव में वृद्धि और उन छोटे व्यवसायों को सशक्त बनाने की उम्मीद है, जो बिक्री और दृश्यता के लिए मीशो पर निर्भर हैं।
यह साझेदारी दो प्रमुख स्तंभों पर आधारित है—एआई-आधारित उपयोगकर्ता अनुभव को बेहतर बनाना और बैकएंड इंफ्रास्ट्रक्चर को तेज, भरोसेमंद और स्केलेबल बनाना।
वाणी: एआई-संचालित शॉपिंग असिस्टेंट
इस साझेदारी का एक प्रमुख हिस्सा है वाणी, जो गूगल के जेमिनी मॉडल्स पर आधारित एक जनरेटिव एआई शॉपिंग असिस्टेंट है।
वाणी को विशेष रूप से छोटे शहरों और गैर-महानगरीय क्षेत्रों के उपयोगकर्ताओं के लिए तैयार किया गया है, जो टाइपिंग की बजाय वॉयस आधारित इंटरैक्शन पसंद करते हैं। यह उपयोगकर्ताओं को प्राकृतिक बातचीत के माध्यम से उत्पाद खोजने, प्रश्न पूछने और प्लेटफॉर्म नेविगेट करने की सुविधा देता है, वह भी हिंदी और अंग्रेज़ी दोनों भाषाओं में।
शुरुआती लॉन्च के बाद, वाणी ने मजबूत अपनाने का प्रदर्शन किया और पहले ही महीने में 1.5 मिलियन से अधिक उपयोगकर्ताओं को आकर्षित किया। प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार, इस असिस्टेंट का उपयोग करने वाले ग्राहकों की खरीद रूपांतरण दर 22% अधिक पाई गई है, साथ ही उनके ऑर्डर कैंसिलेशन और रिटर्न की दर भी कम रही है।
कंपनियों की योजना अब वाणी की क्षमता को दस गुना तक बढ़ाने और इसे अधिक भाषाओं में उपलब्ध कराने की है ताकि यह देश के व्यापक उपयोगकर्ता वर्ग तक पहुंच सके।
क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर का आधुनिकीकरण
एआई आधारित सेवाओं के अलावा मीशो अपने बैकएंड सिस्टम को गूगल क्लाउड पर माइग्रेट कर रहा है।
इसमें Google Kubernetes Engine (GKE) और Dataproc जैसी तकनीकों का उपयोग शामिल है, जो बड़े पैमाने पर डेटा प्रोसेसिंग और कंटेनर-आधारित वर्कलोड्स को कुशलतापूर्वक संभालने में मदद करती हैं।
कंपनी के अनुसार इस माइग्रेशन से डेटा प्रोसेसिंग की गति में लगभग 52% तक सुधार हुआ है, जिससे एनालिटिक्स तेज हुए हैं, और उत्पादों की सटीक सिफारिशें संभव हुई हैं। लगभग दस लाख छोटे विक्रेताओं वाले इस प्लेटफॉर्म पर तेज इनसाइट्स का मतलब है बेहतर उत्पाद दृश्यता और अधिक बिक्री अवसर।
मेगा सेल के दौरान प्रदर्शन
नए क्लाउड सिस्टम की क्षमता का परीक्षण मीशो के मेगा ब्लॉकबस्टर सेल 2025 के दौरान हुआ।
इस दौरान प्लेटफॉर्म पर लगभग 2 बिलियन विज़िट्स और 117 मिलियन ब्राउज़िंग घंटे दर्ज किए गए। पीक समय पर प्रति मिनट लगभग 52,000 सक्रिय उपयोगकर्ता प्लेटफॉर्म पर थे, जिससे सिस्टम पर भारी लोड पड़ा।
गूगल क्लाउड के स्केलेबल इंफ्रास्ट्रक्चर ने इस ट्रैफिक स्पाइक को सफलतापूर्वक संभाला और सामान्य क्षमता से तीन गुना तक कंप्यूटिंग संसाधन बढ़ाकर निर्बाध सेवाएं सुनिश्चित कीं।
विक्रेताओं के लिए एआई टूल्स
मीशो विक्रेताओं के लिए भी एआई आधारित टूल्स लागू कर रहा है, जिससे प्रोडक्ट कैटलॉगिंग आसान हो रही है।
अब अपलोड की गई इमेज से प्रमुख प्रोडक्ट विशेषताओं को स्वचालित रूप से निकाला जा सकता है। इससे विक्रेताओं का मैनुअल काम कम होता है और लिस्टिंग की सटीकता बढ़ती है।
यह विशेष रूप से छोटे व्यवसायों के लिए उपयोगी है, जिनके पास सीमित तकनीकी संसाधन होते हैं।
सुरक्षा प्रणाली को मजबूती
सुरक्षा के क्षेत्र में भी इस साझेदारी का बड़ा योगदान है। मीशो ने अपनी सुरक्षा संचालन प्रणाली को Google Cloud Security Command Center के माध्यम से केंद्रीकृत किया है।
इससे पूरे प्लेटफॉर्म पर थ्रेट डिटेक्शन और मॉनिटरिंग आसान हो गई है, जिससे संभावित साइबर खतरों का तेजी से पता लगाया जा सकता है और उन्हें रोका जा सकता है।
यह महत्वपूर्ण है क्योंकि मीशो करोड़ों उपयोगकर्ताओं के व्यक्तिगत और वित्तीय डेटा को संभालता है।
भविष्य की योजनाएं
आने वाले समय में मीशो और गूगल क्लाउड अपनी साझेदारी को और विस्तार देने की योजना बना रहे हैं।
इसमें एआई सिस्टम को और स्केल करना, अधिक भाषाओं का समर्थन जोड़ना और रियल-टाइम पर्सनलाइजेशन को बेहतर बनाना शामिल है।
दीर्घकालिक लक्ष्य यह है, कि ई-कॉमर्स को अधिक बातचीत आधारित और सुलभ बनाया जाए, खासकर छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों के नए इंटरनेट उपयोगकर्ताओं के लिए।
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Meesho ने 'Vaani- योर मीशो दोस्त' लॉन्च किया है, जो एक Gen-AI पावर्ड कन्वर्सेशनल वॉइस शॉपिंग असिस्टेंट है। इसका मकसद उन यूज़र्स के लिए ई-कॉमर्स को और आसान बनाना है, जो ऑफलाइन, कन्वर्सेशनल शॉपिंग एक्सपीरियंस के आदी हैं।
यह असिस्टेंट खास तौर पर टियर 2 और उससे आगे के बाज़ारों के यूज़र्स के लिए डिज़ाइन किया गया है। इन जगहों पर टाइप करके और फ़िल्टर लगाकर डिजिटल इंटरफ़ेस को समझना थोड़ा मुश्किल हो सकता है। यह यूज़र्स को अपनी आवाज़ से बातचीत करने, आगे के सवाल पूछने और बातचीत के दौरान अपनी पसंद को और बेहतर बनाने की सुविधा देता है।
कंपनी के मुताबिक यह असिस्टेंट यूज़र्स को शॉपिंग के पूरे सफ़र में मदद करता है, प्रोडक्ट खोजने से लेकर उसे खरीदने तक। यह यूज़र के इरादे को समझता है, काम के ऑप्शन दिखाता है, और प्रोडक्ट की जानकारी और रिव्यू जैसी ज़रूरी जानकारी देता है। यह पेमेंट का तरीका चुनने और डिलीवरी कन्फ़र्म करने जैसे कामों में भी मदद करता है।
यह सिस्टम एक AI आर्किटेक्चर पर बना है, जो स्पीच प्रोसेसिंग के लिए एज कंप्यूटिंग का इस्तेमाल करता है, जिससे लेटेंसी कम होती है, और लागत भी कम आती है। इसमें मुश्किल इंटरैक्शन को संभालने के लिए एक मल्टी-एजेंट फ्रेमवर्क भी शामिल है, और इसे क्षेत्रीय भाषाओं की बारीकियों को समझने के लिए ट्रेन किया गया है, ताकि संदर्भ को बेहतर ढंग से समझा जा सके।
मीशो के को-फ़ाउंडर और चीफ़ टेक्नोलॉजी ऑफ़िसर संजीव कुमार Sanjeev Kumar ने कहा “मीशो में AI हमेशा से ही हमारे बड़े पैमाने पर काम करने के तरीके का मुख्य आधार रहा है। 251 मिलियन से ज़्यादा सालाना लेन-देन करने वाले यूज़र्स के साथ हमें इस बात की गहरी समझ है, कि भारत में लोग कैसे शॉपिंग करते हैं, और इसी समझ की वजह से हम यूज़र्स की ज़रूरतों का पहले से अंदाज़ा लगाकर उन्हें ऐसे तरीकों से पूरा कर पाते हैं, जैसा बहुत कम प्लेटफ़ॉर्म कर पाते हैं।”
उन्होंने कहा “इन सालों में हमने अपने मार्केटप्लेस के हर हिस्से में डिस्कवरी और प्राइसिंग से लेकर लॉजिस्टिक्स, ट्रस्ट और सेलर ग्रोथ तक AI और ML को शामिल किया है। वाणी इस सफ़र का एक नैचुरल एक्सटेंशन है। यह डिस्कवरी से लेकर परचेज़ तक यूज़र्स को सपोर्ट करने के लिए मीशो के कॉमर्स इंटेलिजेंस के साथ कन्वर्सेशनल AI को एक साथ लाता है। असिस्टेंट यूज़र का इरादा समझता है, फ़ॉलो-अप सवाल पूछता है, काम के प्रोडक्ट्स दिखाता है, और परचेज़ जर्नी में यूज़र्स को ज़रूरी स्टेप्स में गाइड करता है, जिससे एक्सपीरियंस ज़्यादा आसान हो जाता है। बड़े पैमाने पर असल दुनिया में इस्तेमाल के लिए बनाया गया, यह तेज़, भरोसेमंद और कॉन्टेक्स्ट-अवेयर इंटरैक्शन देता है। हमारा मानना है, कि यह ई-कॉमर्स को ज़्यादा आसान और ज़्यादा इंसानी बनाने की दिशा में एक अच्छा कदम है, और एक ऐसा भविष्य बनाने की दिशा में है, जहाँ टेक्नोलॉजी लोगों के हिसाब से ढलती है, न कि इसका उल्टा।”
कंपनी ने बताया कि शुरुआती रुझानों से पता चलता है, कि यूज़र्स इस फ़ीचर में काफ़ी दिलचस्पी ले रहे हैं, ज़्यादातर यूज़र्स को वॉइस-बेस्ड शॉपिंग काफ़ी आसान और इस्तेमाल में सुविधाजनक लगी। पहले ही महीने में 15 लाख से ज़्यादा यूज़र्स ने इस असिस्टेंट का इस्तेमाल किया।
Meesho के अनुसार इस असिस्टेंट का इस्तेमाल करने वाले यूज़र्स का कन्वर्ज़न रेट ज़्यादा रहा। साथ ही उन्होंने प्रोडक्ट खोजने से लेकर उसे खरीदने तक का सफ़र ज़्यादा आसानी से तय किया, और उनके रिटर्न व कैंसलेशन रेट भी कम रहे।


