जानें कैसी होगी Metaverse की दुनिया

Share Us

3359
जानें कैसी होगी Metaverse की दुनिया
29 Oct 2021
9 min read

Blog Post

हाल ही में ऐसी खबर सुनने को मिली थी कि फेसबुक अपना नाम बदलने जा रहा है। जिसका नाम मेटा (Meta) हो गया है। फेसबुक के अलावा दुनिया की कई ऐसी कंपनियां हैं जो मेटावर्स (Metaverse) के क्षेत्र में काम कर रही हैं यानी की एक ऐसी वर्चुअल दुनिया बनाने की कोशिश कर रही हैं, जहां पर लोग एक अनूठी अनुभूति महसूस कर सकेंगे।

आप अक्सर अपनी कल्पनाओं में ऐसा सोचते होंगे कि काश मेरे पास कुछ शक्तियां ऐसी होतीं जिससे कि मैं किसी भी क्षण अपनी जगह बदलने में सक्षम हो जाता। ऐसी कल्पना तब भी आती है जब हम कुछ जगहों से बोर हो जाते हैं और लगता है कि तुरंत इस जगह को छोड़कर कहीं चले जाएं और वहां खुशी से जीवन यापन करें। मेटावर्स (Metaverse) भी कुछ इस तरह का ही खेल आने वाले भविष्य में करने वाला है। 

आज का यह दौर जिसमें तकनीक का बोलबाला है, जहां तकनीक की मदद से कुछ भी होना संभव है, आज हम जिस मेटावर्स (Metaverse) तकनीक की बात करने जा रहे हैं, जो आपको भविष्य में कुछ ऐसा ही अनुभव करवा सकता है। आने वाले भविष्य में मेटावर्स (Metaverse) की दुनिया एक ऐसी दुनिया होगी, जहां आप पल भर में कुछ तकनीकी उपकरणों की मदद से वर्चुअल दुनिया में कदम रख सकेंगे। 

हाल ही में ऐसी खबर सुनने को मिली थी कि फेसबुक अपना नाम बदलने जा रहा है। जिसका नाम मेटा (Meta) हो गया है। फेसबुक के अलावा दुनिया की कई ऐसी कंपनियां हैं जो मेटावर्स (Metaverse) के क्षेत्र में काम कर रही हैं यानी की एक ऐसी वर्चुअल दुनिया बनाने की कोशिश कर रही हैं, जहां पर लोग एक अनूठी अनुभूति महसूस कर सकेंगे। इसे लेकर फेसबुक के सीईओ मार्क ज़ुकरबर्ग (Mark zuckerberg) भी उत्साहित हैं और उन्होंने मेटावर्स (Metaverse) को भविष्य की तकनीक बताया है।

मीडिया में चल रही रिपोर्ट्स के मुताबिक फेसबुक इस तरह की वर्चुअल दुनिया के लिए करीब 10 अरब डॉलर का खर्च करने वाला है। मेटावर्स (Metaverse) की इस वर्चुअल दुनिया में आगे क्या-कुछ मिलने वाला है, आज उसी पर बात करने वाले हैं।

 जानें मेटावर्स (Metaverse) क्या है?

फेसबुक के सीईओ मार्क ज़ुकरबर्ग इसे वर्चुअल दुनिया बताते हैं यहां माहौल होगा जहां आप कदम रखेंगे तो आपको पूरी दुनिया अलग ही नजर आएगी। अब तक आप वर्चुअल वर्ल्ड को अपने मोबाइल पर वीडियो की मदद से देखते थे, लेकिन मेटावर्स (Metaverse) काफी अलग होगा। ज़ुकरबर्ग के मुताबिक वर्चुअल कम्युनिटी की एक ऐसी दुनिया होगी जहां लोग आपस में मिलजुल कर बात कर सकेंगे, काम कर सकेंगे, खेल सकेंगे। बता दें की इस तकनीक को सच्चाई में तब्दील करने के लिए कुछ तकनीकी उपकरणों, जैसे रियलटी हैंडसेट, ऑगमेंटेड रियलिटी ग्लासेस, स्मार्टफोन ऐप्स आदि की जरूरत जरूर होगी, लेकिन यह आने वाले भविष्य में लोगों तक जरूर उपलब्ध होगा।

जानकारी के लिए बता दें कि इस वर्चुअल दुनिया में ऑनलाइन ज़िन्दगी जीने का मजा ही अलग होगा। इस सुविधा में आप शॉपिंग, सोशल मीडिया को भी शामिल कर सकते हैं। एबीसी.कॉम के विशेषज्ञों के मुताबिक यह कनेक्टिविटी के क्षेत्र में भविष्य के लिए काफी आगे की चीज होगी। ऐसी दुनिया में पलक झपकते ही सभी चीजें आपके सामने होंगी। ऐसे में आप जिस तरह से अपना सामान्य जीवन जीते हैं, उसी तरह वर्चुअल ज़िन्दगी भी जी पाने में सक्षम हो जाएंगे।

कितना समय लगेगा

इस नई तकनीक मेटावर्स (Metaverse)  को लेकर कई विशेषज्ञों ने शोध किया है। विशेषज्ञ मानते हैं कि अभी इस नई वर्चुअल दुनिया को जनता के सामने आने में कितना समय लगेगा, इसके बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता। इसके अलावा फेसबुक इसे लेकर मानता है कि यह तकनीक आने में कई साल लग सकते हैं।

ऐसी वर्चुअल दुनिया में क्या-क्या होगा संभव

इस नई वर्चुअल मेटावर्स (Metaverse) दुनिया को लेकर माना जा रहा है कि आप अपने घर बैठे सारी दुनिया की सैर कर सकेंगे। अगर आप अपने घर पर बैठे हैं और चाहते हैं कि कश्मीर की वादियों में घूम सकें तो यह भी आपके घर बैठे कुछ तकनीकी उपकरणों से संभव हो जाएगा। इस तरह की तकनीक में आप डिजिटल क्लॉथिंग (Digital Clothing) की दुनिया में प्रवेश कर जाएंगे, यानी फिजिकली आप अपने घर में मौजूद होंगे लेकिन आपका दिमाग डिजिटल उपकरणों की मदद से वर्चुअल दुनिया में प्रवेश कर जाएगा।

वैसे तो अभी इस तरह की वर्चुअल दुनिया को आने में काफी समय है, लेकिन उम्मीद करते हैं कि आपके मन में जो मेटावर्स (Metaverse) को जानने के लिए जिज्ञासा होगी, वह मौजूदा जानकारी मिलने से जरूर शांत हुई होगी।