नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट में लीडरशिप बदलाव: नीतू समरा बनीं नई अंतरिम CEO

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नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट में लीडरशिप बदलाव: नीतू समरा बनीं नई अंतरिम CEO
28 Apr 2026
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News Synopsis

उत्तर प्रदेश के महत्वाकांक्षी एविएशन प्रोजेक्ट Noida International Airport में बड़ा नेतृत्व परिवर्तन किया गया है। एयरपोर्ट प्रशासन ने नीतू समरा को अंतरिम मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त किया है। यह फैसला भारतीय नियमों के अनुरूप लिया गया है और एयरपोर्ट के संचालन शुरू होने से पहले प्रबंधन संरचना को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

BCAS के निर्देश के बाद हुआ बदलाव

यह नियुक्ति Bureau of Civil Aviation Security (BCAS) के निर्देशों के बाद की गई है।

BCAS के नियमों के अनुसार भारत में किसी भी एयरपोर्ट का CEO भारतीय नागरिक होना अनिवार्य है। इसी कारण यह नेतृत्व परिवर्तन लागू किया गया है।

नीतू समरा को मिली नई जिम्मेदारी

Nitu Samra को तत्काल प्रभाव से अंतरिम CEO नियुक्त किया गया है।

वह अक्टूबर 2021 से एयरपोर्ट की मुख्य वित्तीय अधिकारी (CFO) के रूप में कार्यरत रही हैं और परियोजना के विकास में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

अनुभव और योगदान

  • वित्तीय प्रबंधन (Financial Stewardship)
  • कॉर्पोरेट गवर्नेंस
  • रणनीतिक योजना (Strategic Planning)

इन क्षेत्रों में उनके अनुभव को देखते हुए उन्हें यह नई जिम्मेदारी सौंपी गई है।

क्रिस्टोफ श्नेलमैन की नई भूमिका

Christoph Schnellmann, जो अगस्त 2020 से CEO के रूप में कार्य कर रहे थे, अब एयरपोर्ट के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में एग्जीक्यूटिव वाइस चेयरमैन के रूप में शामिल होंगे।

इस नई भूमिका में वह एयरपोर्ट के संचालन और भविष्य की रणनीति में सहयोग करते रहेंगे।

प्रबंधन टीम में स्थिरता बनाए रखने पर जोर

Daniel Bircher ने कहा कि यह बदलाव एयरपोर्ट को नियामकीय आवश्यकताओं के अनुरूप बनाने के साथ-साथ नेतृत्व में निरंतरता बनाए रखने के लिए किया गया है।

उन्होंने यह भी बताया कि मार्च 2026 में प्रधानमंत्री द्वारा एयरपोर्ट के उद्घाटन के बाद अब लक्ष्य जल्द से जल्द संचालन शुरू करना है।

ऑपरेशंस की ओर बढ़ता एयरपोर्ट

Noida International Airport अब अपने संचालन शुरू करने के अंतिम चरण में है।

नई नेतृत्व संरचना के साथ एयरपोर्ट प्रबंधन सुचारू और पारदर्शी तरीके से संचालन शुरू करने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट: एक विश्वस्तरीय परियोजना

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (IATA कोड – DXN) भारत के सबसे बड़े ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट प्रोजेक्ट्स में से एक है।

यह एयरपोर्ट दिल्ली-एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश को देश और दुनिया के अन्य हिस्सों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

यात्रियों के लिए आधुनिक सुविधाएं

यह एयरपोर्ट आधुनिक सुविधाओं और वैश्विक मानकों के साथ तैयार किया जा रहा है, जिसमें शामिल हैं:

  • अत्याधुनिक टर्मिनल
  • बेहतर कनेक्टिविटी
  • उच्च गुणवत्ता की सेवाएं
  • कमर्शियल और रिटेल सुविधाएं

यहां “स्विस दक्षता और भारतीय आतिथ्य” का अनूठा मिश्रण देखने को मिलेगा।

सस्टेनेबिलिटी और ग्रीन एनर्जी पर फोकस

Noida International Airport का लक्ष्य नेट-जीरो उत्सर्जन हासिल करना है।

इसके लिए:

  • पर्यावरण-अनुकूल डिजाइन
  • ऊर्जा दक्ष संचालन
  • सस्टेनेबल इंफ्रास्ट्रक्चर

पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

YIAPL की भूमिका

Yamuna International Airport Private Limited (YIAPL) इस परियोजना के विकास, निर्माण और संचालन के लिए जिम्मेदार है।

यह कंपनी Zurich Airport International AG की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है।

सरकार के साथ साझेदारी

यह प्रोजेक्ट एक पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत विकसित किया जा रहा है, जिसमें:

  • उत्तर प्रदेश सरकार
  • भारत सरकार

की महत्वपूर्ण भूमिका है।

लंबी अवधि की योजना

इस एयरपोर्ट की कंसेशन अवधि 40 वर्षों की है, जो 1 अक्टूबर 2021 से शुरू हुई।

वर्तमान और भविष्य की क्षमता

  • प्रारंभिक क्षमता: 12 मिलियन यात्री प्रति वर्ष
  • भविष्य का लक्ष्य: 70 मिलियन यात्री प्रति वर्ष

यह विस्तार चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा।

क्षेत्रीय विकास में अहम भूमिका

यह एयरपोर्ट केवल एक परिवहन केंद्र नहीं है, बल्कि क्षेत्रीय आर्थिक विकास का प्रमुख इंजन बनने जा रहा है।

  • रोजगार के अवसर बढ़ेंगे
  • निवेश आकर्षित होगा
  • कनेक्टिविटी बेहतर होगी

निष्कर्ष

Noida International Airport में नीतू समरा की अंतरिम CEO के रूप में नियुक्ति एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक बदलाव है।

यह कदम न केवल नियामकीय अनुपालन सुनिश्चित करता है, बल्कि एयरपोर्ट के सुचारू संचालन की दिशा में भी अहम साबित होगा।

भविष्य में यह एयरपोर्ट भारत के प्रमुख एविएशन हब के रूप में उभर सकता है।