Infosys CEO Salil Parekh की सैलरी में बढ़ोतरी, FY26 में मिला ₹82.6 करोड़ का पैकेज

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Infosys CEO Salil Parekh की सैलरी में बढ़ोतरी, FY26 में मिला ₹82.6 करोड़ का पैकेज
01 Jun 2026
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News Synopsis

इंफोसिस के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) और प्रबंध निदेशक (MD) सलील पारेख को वित्त वर्ष 2025-26 में कुल ₹82.60 करोड़ का पारिश्रमिक मिला। कंपनी की नवीनतम वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार यह राशि पिछले वित्त वर्ष की तुलना में मामूली वृद्धि को दर्शाती है। यह बढ़ोतरी ऐसे समय में हुई है, जब देश की प्रमुख आईटी सेवा कंपनी ने राजस्व और लाभ दोनों में मजबूत वृद्धि दर्ज की है।

इंफोसिस CEO सलील पारेख को FY26 में मिले ₹82.6 करोड़, स्टॉक ऑप्शन रहा आय का सबसे बड़ा स्रोत

इंफोसिस के CEO और प्रबंध निदेशक सलील पारेख को वित्त वर्ष 2025-26 में कुल ₹82.60 करोड़ का पारिश्रमिक प्राप्त हुआ, जो पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 2 प्रतिशत अधिक है। यह जानकारी बेंगलुरु मुख्यालय वाली आईटी सेवा कंपनी की FY26 वार्षिक रिपोर्ट में दी गई है, जिसमें पारेख के वेतन की संरचना और कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन का विस्तृत विवरण शामिल है।

ताजा आंकड़े बताते हैं, कि सलील पारेख भारत के आईटी क्षेत्र में सबसे अधिक वेतन पाने वाले शीर्ष अधिकारियों में शामिल हैं। हालांकि इस वर्ष उनके वेतन में वृद्धि की दर अपेक्षाकृत कम रही, लेकिन उनके कुल पारिश्रमिक का बड़ा हिस्सा स्टॉक ऑप्शन से प्राप्त लाभ के रूप में आया।

FY26 में सलील पारेख के वेतन की पूरी जानकारी

वार्षिक रिपोर्ट में CEO के पारिश्रमिक का विस्तृत विवरण दिया गया है। कुल ₹82.60 करोड़ के पैकेज में सलील पारेख का निश्चित वेतन ₹8.50 करोड़ रहा। इसमें ₹7.97 करोड़ का मूल वेतन और ₹0.53 करोड़ के सेवानिवृत्ति लाभ शामिल हैं।

निश्चित वेतन के अलावा उन्हें बोनस, प्रदर्शन आधारित प्रोत्साहन और अन्य परिवर्तनीय भुगतान के रूप में ₹23.35 करोड़ प्राप्त हुए। ये भुगतान आमतौर पर कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन, परिचालन उपलब्धियों और रणनीतिक लक्ष्यों से जुड़े होते हैं।

हालांकि उनके कुल पारिश्रमिक का सबसे बड़ा हिस्सा स्टॉक ऑप्शन से मिला। वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान एक्सरसाइज किए गए स्टॉक ऑप्शन का परिलाभ मूल्य ₹50.75 करोड़ रहा, जो उनकी कुल आय के आधे से भी अधिक हिस्से का प्रतिनिधित्व करता है। यह दर्शाता है, कि तकनीकी उद्योग में इक्विटी आधारित पारिश्रमिक का महत्व लगातार बढ़ रहा है।

पिछले वित्त वर्ष की तुलना में बढ़ोतरी

वित्त वर्ष 2024-25 में सलील पारेख का कुल पारिश्रमिक ₹80.62 करोड़ था। इस प्रकार FY26 में उनका वेतन 2 प्रतिशत बढ़ा है।

इसके विपरीत FY25 में उनके पारिश्रमिक में FY24 की तुलना में लगभग 21.6 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई थी। FY26 में अपेक्षाकृत कम बढ़ोतरी यह संकेत देती है कि अब उनके वेतन में वृद्धि अधिक स्थिर गति से हो रही है।

फिर भी, स्टॉक आधारित प्रोत्साहनों के कारण उनका कुल वेतन पैकेज काफी बड़ा बना हुआ है।

कर्मचारियों के वेतन की तुलना में CEO की कमाई

वार्षिक रिपोर्ट में एक महत्वपूर्ण खुलासा CEO के वेतन और कर्मचारियों की आय के बीच तुलना को लेकर भी किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, FY26 में सलील पारेख का कुल पारिश्रमिक कंपनी के कर्मचारियों के औसत मध्य वेतन (Median Remuneration of Employees - MRE) का 742 गुना था।

31 मार्च 2026 को समाप्त वित्त वर्ष के लिए इंफोसिस कर्मचारियों का मध्य वेतन ₹11,13,024 रहा। यह पिछले वित्त वर्ष के ₹10,72,008 की तुलना में लगभग 4 प्रतिशत अधिक है।

यह अनुपात दर्शाता है, कि स्टॉक ऑप्शन से प्राप्त लाभ ने CEO की कुल आय को काफी बढ़ा दिया, जिससे कर्मचारियों और शीर्ष प्रबंधन के वेतन के बीच बड़ा अंतर दिखाई देता है।

कर्मचारियों के वेतन में हुई वृद्धि

इंफोसिस ने FY26 के दौरान कर्मचारियों को दिए गए वेतन वृद्धि के आंकड़े भी साझा किए हैं। कंपनी के अनुसार भारत में कर्मचारियों को औसतन 11 प्रतिशत वार्षिक वेतन वृद्धि मिली। इस आंकड़े में पदोन्नति और अन्य विशेष वेतन संशोधन भी शामिल हैं।

भारत के बाहर कार्यरत कर्मचारियों को उनके-अपने देशों के बाजार रुझानों और आर्थिक परिस्थितियों के अनुरूप वेतन वृद्धि प्रदान की गई। कंपनी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कर्मचारियों के वेतन संशोधन स्थानीय उद्योग मानकों के अनुसार किए गए।

यह वेतन वृद्धि प्रतिस्पर्धी वैश्विक तकनीकी बाजार में प्रतिभाशाली कर्मचारियों को बनाए रखने और उन्हें प्रोत्साहित करने की कंपनी की रणनीति को दर्शाती है।

नंदन नीलेकणी ने नहीं लिया कोई पारिश्रमिक

वार्षिक रिपोर्ट में कॉर्पोरेट गवर्नेंस से जुड़ा एक महत्वपूर्ण तथ्य भी सामने आया। रिपोर्ट के अनुसार, इंफोसिस के चेयरमैन नंदन नीलेकणी ने FY26 के दौरान कंपनी को दी गई अपनी सेवाओं के लिए कोई पारिश्रमिक नहीं लेने का स्वैच्छिक निर्णय लिया।

नीलेकणी लंबे समय से कंपनी के नेतृत्व में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे हैं, और इंफोसिस की विकास यात्रा में उनका योगदान बेहद अहम माना जाता है।

FY26 की चौथी तिमाही में मजबूत प्रदर्शन

CEO के वेतन संबंधी खुलासा ऐसे समय में सामने आया है, जब इंफोसिस ने FY26 की अंतिम तिमाही में मजबूत वित्तीय प्रदर्शन दर्ज किया।

जनवरी-मार्च तिमाही में कंपनी का समेकित शुद्ध लाभ 20.8 प्रतिशत बढ़कर ₹8,501 करोड़ हो गया। यह वृद्धि डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन सेवाओं की मांग, परिचालन दक्षता और विभिन्न व्यावसायिक क्षेत्रों में बेहतर प्रदर्शन के कारण संभव हुई।

इसी अवधि में परिचालन से प्राप्त राजस्व 13.4 प्रतिशत बढ़कर ₹46,402 करोड़ पहुंच गया। यह वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बावजूद कंपनी के मजबूत कारोबारी प्रदर्शन को दर्शाता है।

पूरे FY26 में मुनाफा और राजस्व दोनों बढ़े

पूरे वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान इंफोसिस का समेकित शुद्ध लाभ 10.20 प्रतिशत बढ़कर ₹29,440 करोड़ हो गया, जो FY25 में ₹26,713 करोड़ था।

कंपनी के परिचालन राजस्व में भी 9.6 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह बढ़कर ₹1,78,650 करोड़ पर पहुंच गया। यह दर्शाता है कि चुनौतीपूर्ण बाजार परिस्थितियों के बावजूद कंपनी ने अपनी लाभप्रदता बनाए रखते हुए राजस्व में भी वृद्धि दर्ज की।

FY27 के लिए कंपनी का अनुमान

आगे के वित्त वर्ष FY27 के लिए इंफोसिस ने स्थिर मुद्रा (Constant Currency) आधार पर 1.5 प्रतिशत से 3.5 प्रतिशत राजस्व वृद्धि का अनुमान जारी किया है।

यह अनुमान वैश्विक आर्थिक चुनौतियों और प्रौद्योगिकी खर्च के बदलते रुझानों के बीच सतर्क लेकिन सकारात्मक दृष्टिकोण को दर्शाता है। कंपनी आने वाले वर्षों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), क्लाउड कंप्यूटिंग, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन सेवाओं और परिचालन दक्षता पर विशेष ध्यान केंद्रित करने की योजना बना रही है।

जैसे-जैसे इंफोसिस FY27 में प्रवेश कर रही है, निवेशकों और उद्योग विशेषज्ञों की नजर इस बात पर रहेगी कि कंपनी लाभप्रदता, कर्मचारी वेतन, नेतृत्व पारिश्रमिक और भविष्य की विकास संभावनाओं के बीच किस प्रकार संतुलन बनाती है।