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Entrepreneurship Motivation

टेक्नोलॉजी के दिग्गज और प्रेरणा स्रोत उद्योगपति शिव नादर

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टेक्नोलॉजी के दिग्गज और प्रेरणा स्रोत उद्योगपति शिव नादर

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Post Highlights

आज शिव नादर सफलता के उस मुकाम पर हैं कि देश में शायद ही कोई ऐसा हो जो एचसीएल के बारे में न जानता हो। हिंदुस्तान कंप्यूटर्स लिमिटेड, HCL की कहानी, शिव नादर Shiv Nadar और उनके पांच साथियों ने मिलकर शुरू की थी। भारत में कंप्यूटर बनाने का शिव नादर का सपना पूरा हो गया था। धीरे-धीरे पर्सनल कंप्यूटर की मांग भारतीय बाजार में बढ़ने लगी। इसके बाद कंपनी का जो सफर शुरू हुआ, उसने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। शिव नादर भारत के सबसे धनी व्यक्तियों में से एक हैं। आज पूरी दुनिया नादर की सोच और भविष्य के लिए तैयार किए गए नेटवर्क को देखकर आश्चर्यचकित है और इसलिए आज सभी के लिए वह प्रेरणास्रोत हैं।

तमिलनाडु Tamilnadu के रहने वाले एक 30 वर्षीय युवा इंजीनियर को तो मानो पंख लग गए थे। कुछ करने की चाहत और कुछ बनने की चाहत ने उनके कदमों को मानो कभी रुकने ही नहीं दिया। उन्हें तो एक उन्मुक्त पक्षी की तरह ऊपर और ऊपर एक खुले आसमान में उड़ना था। उनकी कहानी जोश और जूनून से भरी है और सफलता का जूनून जैसे उन पर सवार था। साथ ही उन्हें अपनी काबिलियत पर विश्वास था। ये तो हम जानते ही हैं कि कुछ करने की इच्छा रखने वाले लोगों के लिए इस संसार में असंभव जैसा कुछ भी नही है। यह शख़्स भारत के उन चुनिन्दा व्यक्तियों में से एक हैं जिन्होंने भारत में टेक्नोलोजी Technology के विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यह शख़्स कोई और नहीं बल्कि भारत के घर-घर में कंप्यूटर पहुँचाने वाले शिव नादर Shiv Nadar हैं जो कि टेक्नोलॉजी क्षेत्र के दिग्गज, देश के बड़े उद्योगपति, हर किसी के लिए प्रेरणास्रोत Source of inspiration और जानी मानी कंपनी एचसीएल टेक्नोलोजी HCL के संस्थापक हैं। चलिए जानते हैं ग्लोबल IT कंपनी का रुतबा हासिल करने वाले HCL हिंदुस्तान कंप्यूटर्स लिमिटेड Hindustan Computers Limited के शिव नादर की कहानी, इन पंक्तियों के साथ जो उन पर एकदम सटीक बैठती हैं कि 

"मंजिल उन्हीं को मिलती है जिनके सपनों में जान होती है परों से कुछ नहीं होता हौसलों से उड़ान होती है"

शिव नादर की व्यक्तिगत जानकारी और करियर

टेक्नोलॉजी क्षेत्र के दिग्गज और देश के जाने माने उद्योगपति Industrialist शिव नादर का जन्म 14 जुलाई 1945 को मुलूइपोझी गाँव Moolaipozhi Village, तमिलनाडु Tamil Nadu भारत में हुआ था। अपनी प्रारंभिक शिक्षा इन्होंने कुम्भकोनम टाउन स्कूल कोइम्बटूर Kumbakonam Town School Coimbatore से की और आगे की पढ़ाई के लिए इन्होने PSG College of Engineering में दाखिला लिया। इंजीनियरिंग में डिग्री प्राप्त करने के बाद Shiv Nadar शिव नादर पुणे Pune आ गए और यहीं पर उन्होंने अलग-अलग कंपनियों में काम किया। नादर ने अपना करियर पुणे में वॉलचंद ग्रुप कूपर इंजीनियरिंग के साथ शुरू किया। दिल्ली क्लाथ मिल DCM में नौकरी के दौरान ही इन्हें लगा कि अब वक्त आ गया है अपने सपने को सच करने का। बस फिर क्या था इसके बाद शिव नादर ने अपनी कंपनी की शुरुआत 1976 में दिल्ली Delhi की एक बरसाती यानि छत पर एक कमरे से शुरू किया। आज उसका परिणाम सबके सामने है। देश के बड़े और प्रसिद्ध उद्योगपति शिव नादर Shiv Nadar और उनकी कम्पनी HCLको कौन नहीं जानता है। अब शिव नादर ने अपनी कई जिम्मेदारियाँ अपनी नयी पीढ़ी यानि अपनी बेटी रोशनी नादर मेहरोत्रा Roshni Nadar Mehrotra को सौंप दी हैं। रोशनी भी इस जिम्मेदारी बखूबी निभा रही हैं। रोशनी देश में किसी लिस्टेड आईटी कंपनी Listed IT Company की चेयरमैन बनने वाली पहली महिला है। शिव नडार के बारे में एक बात कही जाती है कि जोखिम लेकर कदम बढ़ाने में शिव नादर का कोई दूसरा सानी नहीं है। वह हमेशा सही समय पर सही लीडर को चुनते हैं। फिस्कल ईयर 2021 में कंपनी की आमदनी 10 अरब डॉलर पहुंच गई थी। शिव नादर शायद देश के पहले ऐसे आंत्रप्रेन्योर Entrepreneur हैं जिन्होंने Make in India आंत्रप्रेन्योरशिप देश में शुरू किया था। 

ऐसे शुरू हुई एचसीएल की कहानी

साल 1976 में शिव नादर और उनके पांच दोस्त दिल्ली क्लॉथ मिल्स DCM में एक साथ जॉब करते थे। वे सब मिलकर एक दिन कैंटीन में लंच कर रहे थे। ये सब युवा इंजीनियर कुछ नया करने के विषय पर चर्चा कर रहे थे। क्योंकि उन्हें नौकरी से हटकर कुछ अलग करना था और सब मिलकर नौकरी छोड़कर एक नयी शुरुआत करना चाहते थे। वे अपनी एक कंपनी खोलना चाहते थे। उन्हीं में से ही एक थे देश की दिग्गज आईटी कंपनी HCL के Shiv Nadar शिव नादर। किसे मालूम था कि उनकी ये चर्चा, उनका ये फैसला एक दिन दुनिया को बदल कर रख देगा। शिव नादर, सफलता का एक नाम, जिनको सफलता प्राप्त करने की सिर्फ इच्छा ही नहीं थी बल्कि एक जिद्द, एक जूनून भी था। उनके अंदर वो ताकत थी जिस ताकत ने उन्हें कंप्यूटिंग और IT Industry का एक जाना माना शख़्स बना दिया। 1976 में उन्होंने HCL Group शुरू किया था और इस कंपनी को देश का पहला स्टार्टअप startup भी माना जाता है। इन सभी ने बाद में हिंदुस्‍तान कंप्‍यूटर्स लिमिटेड यानी HCL शुरू किया। इसके बाद एचसीएल ने अपना निजी कंप्यूटर लॉन्च किया। शिव नादर को कई पुरस्कारों से भी सम्मानित किया गया है। वर्ष 2008 में सरकार ने उन्हें पद्मभूषण Padma Bhushan से सम्मानित किया और वर्ष 2010 में उन्हें “डाटाक्वेस्ट लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड” ” Dataquest Lifetime Achievement Award से सम्मानित किया गया। क्योंकि उनकी कड़ी मेहनत और काम करने की लगन passion to work उन्हें और लोगों से अलग बनाती है। टेक्नोलोजी का विस्तार करके भारत की उन्नति India's progress में उनका श्रेय आज हम सबके लिए अमूल्य और अतुलनीय है। 

कैसे बना एक जाना माना ब्रांड 

नादर Nadar ने डीसीएम DCM के कैलकुलेटर डिवीजन में काम करने के दौरान काफी तकनीकी ज्ञान हासिल कर लिया था। नादर ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर अपनी कंपनी बनायीं जिसका नाम माइक्रोकोम्प microcomp था। फिर शिव नादर और उनके दोस्तों ने मिलकर अपना कंप्यूटर बनाने का विचार किया लेकिन कंप्यूटर बनाने के लिए फंड जुटाना सबसे बड़ी समस्या थी। उन्हें अपनी कंपनी माइक्रोकोम्प microcomp बेचनी पड़ी। इससे जो पैसा मिला उससे HCL शुरू करने में इन्‍वेस्‍ट किया नादर के साथ उनके दोस्तों ने भी उनका काफी साथ दिया। इस तरह नादर और उनके साथियों ने 20 लाख रुपए जुटाए और फिर यहीं से पड़ी एचसीएल HCL की नींव। दरअसल उस वक्त आईबीएम के भारत छोड़ने से विदेशी व्यवसायियों में दुख की लहर थी और आईबीएम IBM के जाने से बाजार में एक खालीपन आ गया था। बस फिर क्या था शिव नादर ने एक अवसर देखा। एचसीएल को अपना निजी कंप्यूटर लॉन्च करने का मौका मिल गया। पर्सनल कंप्यूटर की मांग भारतीय बाजार में धीरे-धीरे लेकिन निश्चित रूप से बढ़ने लगी थी। इसके बाद कंपनी का जो सफर शुरू हुआ, उसने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। कंपनी बहुत जल्दी उस ऊंचाई पर पहुँच गयी थी जिसे वह हासिल करना चाहती थी। 1982 में तो कंपनी ने अपना पहला पीसी बाजार में उतार दिया। आज नादर के कारण भारत इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी information technology और कंप्यूटर साइंस computer science के क्षेत्र में अपनी जगह बना चुका है और देखते ही देखते हिंदुस्तान की यह कंपनी दुनियाभर में जाना माना ब्रांड बन गई और अंत में शिव नादर के ही कुछ शब्दों के साथ कि -

“लक्ष्य तय करने के लिए सपने देखें, अगर आप सपने ही नहीं देखेंगे तो जीवन में आपका कोई लक्ष्य भी नहीं होगा और लक्ष्य के बिना सफलता नहीं पाई जा सकती”

तमिलनाडु Tamilnadu के रहने वाले एक 30 वर्षीय युवा इंजीनियर को तो मानो पंख लग गए थे। कुछ करने की चाहत और कुछ बनने की चाहत ने उनके कदमों को मानो कभी रुकने ही नहीं दिया। उन्हें तो एक उन्मुक्त पक्षी की तरह ऊपर और ऊपर एक खुले आसमान में उड़ना था। उनकी कहानी जोश और जूनून से भरी है और सफलता का जूनून जैसे उन पर सवार था। साथ ही उन्हें अपनी काबिलियत पर विश्वास था। ये तो हम जानते ही हैं कि कुछ करने की इच्छा रखने वाले लोगों के लिए इस संसार में असंभव जैसा कुछ भी नही है। यह शख़्स भारत के उन चुनिन्दा व्यक्तियों में से एक हैं जिन्होंने भारत में टेक्नोलोजी Technology के विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यह शख़्स कोई और नहीं बल्कि भारत के घर-घर में कंप्यूटर पहुँचाने वाले शिव नादर Shiv Nadar हैं जो कि टेक्नोलॉजी क्षेत्र के दिग्गज, देश के बड़े उद्योगपति, हर किसी के लिए प्रेरणास्रोत Source of inspiration और जानी मानी कंपनी एचसीएल टेक्नोलोजी HCL के संस्थापक हैं। चलिए जानते हैं ग्लोबल IT कंपनी का रुतबा हासिल करने वाले HCL हिंदुस्तान कंप्यूटर्स लिमिटेड Hindustan Computers Limited के शिव नादर की कहानी, इन पंक्तियों के साथ जो उन पर एकदम सटीक बैठती हैं कि 

"मंजिल उन्हीं को मिलती है जिनके सपनों में जान होती है परों से कुछ नहीं होता हौसलों से उड़ान होती है"

शिव नादर की व्यक्तिगत जानकारी और करियर

टेक्नोलॉजी क्षेत्र के दिग्गज और देश के जाने माने उद्योगपति Industrialist शिव नादर का जन्म 14 जुलाई 1945 को मुलूइपोझी गाँव Moolaipozhi Village, तमिलनाडु Tamil Nadu भारत में हुआ था। अपनी प्रारंभिक शिक्षा इन्होंने कुम्भकोनम टाउन स्कूल कोइम्बटूर Kumbakonam Town School Coimbatore से की और आगे की पढ़ाई के लिए इन्होने PSG College of Engineering में दाखिला लिया। इंजीनियरिंग में डिग्री प्राप्त करने के बाद Shiv Nadar शिव नादर पुणे Pune आ गए और यहीं पर उन्होंने अलग-अलग कंपनियों में काम किया। नादर ने अपना करियर पुणे में वॉलचंद ग्रुप कूपर इंजीनियरिंग के साथ शुरू किया। दिल्ली क्लाथ मिल DCM में नौकरी के दौरान ही इन्हें लगा कि अब वक्त आ गया है अपने सपने को सच करने का। बस फिर क्या था इसके बाद शिव नादर ने अपनी कंपनी की शुरुआत 1976 में दिल्ली Delhi की एक बरसाती यानि छत पर एक कमरे से शुरू किया। आज उसका परिणाम सबके सामने है। देश के बड़े और प्रसिद्ध उद्योगपति शिव नादर Shiv Nadar और उनकी कम्पनी HCLको कौन नहीं जानता है। अब शिव नादर ने अपनी कई जिम्मेदारियाँ अपनी नयी पीढ़ी यानि अपनी बेटी रोशनी नादर मेहरोत्रा Roshni Nadar Mehrotra को सौंप दी हैं। रोशनी भी इस जिम्मेदारी बखूबी निभा रही हैं। रोशनी देश में किसी लिस्टेड आईटी कंपनी Listed IT Company की चेयरमैन बनने वाली पहली महिला है। शिव नडार के बारे में एक बात कही जाती है कि जोखिम लेकर कदम बढ़ाने में शिव नादर का कोई दूसरा सानी नहीं है। वह हमेशा सही समय पर सही लीडर को चुनते हैं। फिस्कल ईयर 2021 में कंपनी की आमदनी 10 अरब डॉलर पहुंच गई थी। शिव नादर शायद देश के पहले ऐसे आंत्रप्रेन्योर Entrepreneur हैं जिन्होंने Make in India आंत्रप्रेन्योरशिप देश में शुरू किया था। 

ऐसे शुरू हुई एचसीएल की कहानी

साल 1976 में शिव नादर और उनके पांच दोस्त दिल्ली क्लॉथ मिल्स DCM में एक साथ जॉब करते थे। वे सब मिलकर एक दिन कैंटीन में लंच कर रहे थे। ये सब युवा इंजीनियर कुछ नया करने के विषय पर चर्चा कर रहे थे। क्योंकि उन्हें नौकरी से हटकर कुछ अलग करना था और सब मिलकर नौकरी छोड़कर एक नयी शुरुआत करना चाहते थे। वे अपनी एक कंपनी खोलना चाहते थे। उन्हीं में से ही एक थे देश की दिग्गज आईटी कंपनी HCL के Shiv Nadar शिव नादर। किसे मालूम था कि उनकी ये चर्चा, उनका ये फैसला एक दिन दुनिया को बदल कर रख देगा। शिव नादर, सफलता का एक नाम, जिनको सफलता प्राप्त करने की सिर्फ इच्छा ही नहीं थी बल्कि एक जिद्द, एक जूनून भी था। उनके अंदर वो ताकत थी जिस ताकत ने उन्हें कंप्यूटिंग और IT Industry का एक जाना माना शख़्स बना दिया। 1976 में उन्होंने HCL Group शुरू किया था और इस कंपनी को देश का पहला स्टार्टअप startup भी माना जाता है। इन सभी ने बाद में हिंदुस्‍तान कंप्‍यूटर्स लिमिटेड यानी HCL शुरू किया। इसके बाद एचसीएल ने अपना निजी कंप्यूटर लॉन्च किया। शिव नादर को कई पुरस्कारों से भी सम्मानित किया गया है। वर्ष 2008 में सरकार ने उन्हें पद्मभूषण Padma Bhushan से सम्मानित किया और वर्ष 2010 में उन्हें “डाटाक्वेस्ट लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड” ” Dataquest Lifetime Achievement Award से सम्मानित किया गया। क्योंकि उनकी कड़ी मेहनत और काम करने की लगन passion to work उन्हें और लोगों से अलग बनाती है। टेक्नोलोजी का विस्तार करके भारत की उन्नति India's progress में उनका श्रेय आज हम सबके लिए अमूल्य और अतुलनीय है। 

कैसे बना एक जाना माना ब्रांड 

नादर Nadar ने डीसीएम DCM के कैलकुलेटर डिवीजन में काम करने के दौरान काफी तकनीकी ज्ञान हासिल कर लिया था। नादर ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर अपनी कंपनी बनायीं जिसका नाम माइक्रोकोम्प microcomp था। फिर शिव नादर और उनके दोस्तों ने मिलकर अपना कंप्यूटर बनाने का विचार किया लेकिन कंप्यूटर बनाने के लिए फंड जुटाना सबसे बड़ी समस्या थी। उन्हें अपनी कंपनी माइक्रोकोम्प microcomp बेचनी पड़ी। इससे जो पैसा मिला उससे HCL शुरू करने में इन्‍वेस्‍ट किया नादर के साथ उनके दोस्तों ने भी उनका काफी साथ दिया। इस तरह नादर और उनके साथियों ने 20 लाख रुपए जुटाए और फिर यहीं से पड़ी एचसीएल HCL की नींव। दरअसल उस वक्त आईबीएम के भारत छोड़ने से विदेशी व्यवसायियों में दुख की लहर थी और आईबीएम IBM के जाने से बाजार में एक खालीपन आ गया था। बस फिर क्या था शिव नादर ने एक अवसर देखा। एचसीएल को अपना निजी कंप्यूटर लॉन्च करने का मौका मिल गया। पर्सनल कंप्यूटर की मांग भारतीय बाजार में धीरे-धीरे लेकिन निश्चित रूप से बढ़ने लगी थी। इसके बाद कंपनी का जो सफर शुरू हुआ, उसने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। कंपनी बहुत जल्दी उस ऊंचाई पर पहुँच गयी थी जिसे वह हासिल करना चाहती थी। 1982 में तो कंपनी ने अपना पहला पीसी बाजार में उतार दिया। आज नादर के कारण भारत इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी information technology और कंप्यूटर साइंस computer science के क्षेत्र में अपनी जगह बना चुका है और देखते ही देखते हिंदुस्तान की यह कंपनी दुनियाभर में जाना माना ब्रांड बन गई और अंत में शिव नादर के ही कुछ शब्दों के साथ कि -

“लक्ष्य तय करने के लिए सपने देखें, अगर आप सपने ही नहीं देखेंगे तो जीवन में आपका कोई लक्ष्य भी नहीं होगा और लक्ष्य के बिना सफलता नहीं पाई जा सकती”




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