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भारत का ऑटो सेक्टर रचेगा नया इतिहास, PM मोदी ने वैश्विक विस्तार पर दिया जोर

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भारत का ऑटो सेक्टर रचेगा नया इतिहास, PM मोदी ने वैश्विक विस्तार पर दिया जोर
03 Sep 2026
7 min read

News Synopsis

भारत का ऑटोमोबाइल उद्योग आने वाले वर्षों में वैश्विक बाजार में अपनी मौजूदगी और मजबूत कर सकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि देश की बढ़ती विनिर्माण क्षमता, बेहतर बुनियादी ढांचा और नए मुक्त व्यापार समझौते (FTAs) Free Trade Agreements (FTAs) भारतीय ऑटो उद्योग को अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक अधिक पहुंच प्रदान कर रहे हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने SIAM के 66वें वार्षिक सम्मेलन SIAM's 66th Annual Convention के लिए भेजे अपने संदेश में कहा कि भारत का ऑटोमोबाइल क्षेत्र एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रहा है। ऊर्जा दक्षता, ऊर्जा के विभिन्न स्रोतों का इस्तेमाल, नई तकनीक और आधुनिक विनिर्माण इस बदलाव को आगे बढ़ा रहे हैं।

उन्होंने ऑटो उद्योग से लगातार नई तकनीकों और उत्पादों पर काम करने तथा भारत में अगली पीढ़ी की मोबिलिटी व्यवस्था तैयार करने में सक्रिय भूमिका निभाने का आग्रह किया।

भारतीय ऑटो उद्योग की वैश्विक पहुंच बढ़ाने का बड़ा अवसर Indian Auto Industry Gets a Major Opportunity to Expand Globally

प्रधानमंत्री मोदी Prime Minister Modi ने कहा कि हाल के वर्षों में भारत द्वारा किए गए व्यापार समझौते देश के ऑटोमोबाइल उद्योग के लिए नए अंतरराष्ट्रीय बाजार खोल रहे हैं। भारतीय वाहन और ऑटो कंपोनेंट उद्योग पहले से ही दुनिया के कई हिस्सों में अपनी पहचान बना चुका है और अब उसके पास वैश्विक स्तर पर अपनी उपस्थिति और बढ़ाने का अवसर है।

मुक्त व्यापार समझौते से अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच Free Trade Agreements Improve Access to International Markets

भारत के विभिन्न देशों और व्यापारिक समूहों के साथ हुए Free Trade Agreements से भारतीय कंपनियों के लिए विदेशी बाजारों में कारोबार करने की संभावनाएं बढ़ रही हैं। कम व्यापार बाधाओं और बेहतर बाजार पहुंच से भारतीय कंपनियां अपने उत्पादों को अधिक प्रतिस्पर्धी तरीके से वैश्विक ग्राहकों तक पहुंचा सकती हैं।

प्रधानमंत्री ने संकेत दिया कि मजबूत घरेलू विनिर्माण आधार और बेहतर व्यापार अवसरों का संयोजन भारत को वैश्विक ऑटोमोबाइल आपूर्ति श्रृंखला में और महत्वपूर्ण भूमिका निभाने में मदद कर सकता है।

आर्थिक विकास और बुनियादी ढांचा बढ़ा रहे हैं वाहनों की मांग Economic Growth and Infrastructure Are Driving Mobility Demand

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत की आर्थिक वृद्धि और तेजी से विकसित हो रहा बुनियादी ढांचा देश में मोबिलिटी की मांग को बढ़ा रहा है। जैसे-जैसे शहरों, औद्योगिक क्षेत्रों और ग्रामीण इलाकों में कनेक्टिविटी बेहतर हो रही है, वैसे-वैसे परिवहन और वाहनों की जरूरत भी बढ़ रही है।

बेहतर कनेक्टिविटी से घट रही लॉजिस्टिक्स लागत Better Connectivity Is Reducing Logistics Costs

सड़क, रेल, बंदरगाह और अन्य परिवहन सुविधाओं में सुधार से देश के अलग-अलग हिस्सों के बीच सामान पहुंचाना आसान हो रहा है। बेहतर कनेक्टिविटी से लॉजिस्टिक्स की लागत कम करने और उत्पादन प्रक्रिया को अधिक कुशल बनाने में मदद मिल रही है।

प्रधानमंत्री के अनुसार, इससे भारतीय विनिर्माण को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अधिक प्रतिस्पर्धी बनने में सहायता मिल रही है। इसका सीधा लाभ ऑटोमोबाइल उद्योग को भी मिल रहा है और यह क्षेत्र देश की आर्थिक वृद्धि में योगदान दे रहा है।

ऑटो उद्योग में हो रहा है बड़ा तकनीकी बदलाव The Automobile Industry Is Undergoing a Major Technological Transformation

भारतीय ऑटोमोबाइल क्षेत्र अब केवल पारंपरिक पेट्रोल और डीजल वाहनों तक सीमित नहीं है। ऊर्जा दक्षता, वैकल्पिक ऊर्जा स्रोत, इलेक्ट्रिक वाहन, नई तकनीक और आधुनिक उत्पादन प्रणालियां उद्योग के भविष्य को बदल रही हैं।

ऊर्जा दक्षता और ऊर्जा विविधता पर जोर Focus on Energy Efficiency and Energy Diversification

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ऑटोमोबाइल उद्योग में बदलाव के पीछे ऊर्जा दक्षता और ऊर्जा के अलग-अलग स्रोतों का इस्तेमाल महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

वाहनों को अधिक ऊर्जा-कुशल बनाने के साथ-साथ इलेक्ट्रिक और अन्य स्वच्छ तकनीकों को बढ़ावा देने पर भी ध्यान दिया जा रहा है। इससे परिवहन क्षेत्र को अधिक टिकाऊ और पर्यावरण के अनुकूल बनाने की दिशा में मदद मिल सकती है।

इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए बढ़ रहा है चार्जिंग नेटवर्क Charging Infrastructure Is Expanding for Electric Vehicles

प्रधानमंत्री ने भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों यानी EVs को लेकर भी बढ़ती संभावनाओं का उल्लेख किया। देश में चार्जिंग बुनियादी ढांचे का तेजी से विस्तार इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने के लिए बेहतर माहौल तैयार कर रहा है।

EV क्षेत्र में नई तकनीक और कारोबार के अवसर EVs Are Creating New Technology and Business Opportunities

चार्जिंग नेटवर्क बढ़ने से उपभोक्ताओं के बीच इलेक्ट्रिक वाहनों को लेकर भरोसा बढ़ सकता है। साथ ही बैटरी, चार्जिंग सिस्टम, सॉफ्टवेयर, ऊर्जा प्रबंधन और अन्य क्षेत्रों में नई कंपनियों और मौजूदा उद्योगों के लिए नए अवसर पैदा हो रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत जैसे-जैसे अगली पीढ़ी की मोबिलिटी की ओर बढ़ रहा है, उद्योग संगठन SIAM इस बदलाव को आकार देने और भारत की ऑटोमोबाइल क्षमताओं को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

Ease of Doing Business सुधारों से उद्योग को मिला बढ़ावा Ease of Doing Business Reforms Give Industry a Fresh Boost

प्रधानमंत्री ने कारोबार को आसान बनाने के लिए किए गए सरकारी सुधारों को भी महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि अनावश्यक और पुराने कानूनों को हटाने तथा गैर-जरूरी अनुपालनों को कम करने जैसे कदमों से उद्योग को काम करने में सुविधा मिली है।

कम अनुपालन से कंपनियों के लिए बेहतर कारोबारी माहौल Reduced Compliance Creates a Better Business Environment

कंपनियों के लिए नियमों और प्रक्रियाओं को सरल बनाने से कारोबार शुरू करने, उत्पादन बढ़ाने और निवेश करने की प्रक्रिया आसान हो सकती है। इससे उद्योगों को अपने संसाधनों को नई तकनीक, उत्पादन क्षमता और नवाचार पर लगाने का अधिक अवसर मिलता है।

पीएलआई और मेक इन इंडिया से मजबूत हुई उत्पादकता क्षमता PLI and Make in India Strengthen Manufacturing Capabilities

प्रधानमंत्री मोदी ने Production Linked Incentive (PLI) Scheme और Make in India जैसी पहलों का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार, इन पहलों ने देश में ऑटोमोबाइल और ऑटो कंपोनेंट निर्माण की क्षमता को मजबूत करने में मदद की है।

घरेलू उत्पादन और निवेश को बढ़ावा Boost to Domestic Manufacturing and Investment

सरकार की औद्योगिक नीतियों का एक प्रमुख उद्देश्य भारत को मजबूत विनिर्माण केंद्र बनाना है। ऑटोमोबाइल क्षेत्र में उत्पादन क्षमता बढ़ने से घरेलू मांग पूरी करने के साथ-साथ निर्यात की संभावनाएं भी मजबूत हो सकती हैं।

इससे भारत वैश्विक ऑटोमोबाइल आपूर्ति श्रृंखला में अपनी भूमिका को और विस्तारित कर सकता है।

विकसित भारत के लिए ऑटो उद्योग को नई दिशा देने की अपील Auto Industry Urged to Support the Viksit Bharat Vision

प्रधानमंत्री मोदी ने ऑटो उद्योग से भविष्य को ध्यान में रखते हुए लगातार नवाचार करने और उत्कृष्टता पर ध्यान देने का आग्रह किया। उन्होंने उद्योग से “Viksit Bharat” के लक्ष्य की दिशा में एक मजबूत और साहसिक रास्ता तैयार करने की अपील की।

मोबिलिटी बनेगी राष्ट्रीय विकास का महत्वपूर्ण आधार Mobility Will Become an Important Pillar of National Development

भारत की आर्थिक गतिविधियों में परिवहन और मोबिलिटी की भूमिका लगातार बढ़ रही है। लोगों और सामान की तेज और कुशल आवाजाही आर्थिक विकास, व्यापार और रोजगार के लिए महत्वपूर्ण है।

प्रधानमंत्री के अनुसार, आने वाले समय में मोबिलिटी क्षेत्र में बड़े बदलाव होंगे और इससे ऑटोमोबाइल उद्योग के लिए नए विकास के अवसर पैदा होंगे। परिवहन व्यवस्था को मजबूत करना देश के समग्र विकास का भी महत्वपूर्ण हिस्सा है।

नवाचार और साझेदारी से बनेगा भविष्य का ऑटो सेक्टर Innovation and Partnerships Will Shape the Future of the Auto Sector

प्रधानमंत्री ने SIAM सम्मेलन को नई सोच, मजबूत साझेदारी और सहयोग को बढ़ावा देने वाला मंच बताया। उन्होंने उम्मीद जताई कि सम्मेलन से ऐसे विचार सामने आएंगे जो भारत की मोबिलिटी व्यवस्था को तेज, स्वच्छ और आत्मनिर्भर बनाने में मदद करेंगे।

तेज, हरित और आत्मनिर्भर मोबिलिटी की ओर भारत India Moves Towards Faster, Greener and Self-Reliant Mobility

भारत के ऑटो उद्योग के सामने अब केवल ज्यादा वाहन बनाने की चुनौती नहीं है। उद्योग को ऐसे वाहन और तकनीक विकसित करनी होगी जो ऊर्जा की बचत करें, प्रदूषण कम करें और उपभोक्ताओं की बदलती जरूरतों को पूरा करें।

इलेक्ट्रिक वाहनों, आधुनिक विनिर्माण, स्मार्ट तकनीक और बेहतर सप्लाई चेन के साथ भारत भविष्य की मोबिलिटी व्यवस्था के लिए एक मजबूत आधार तैयार कर सकता है।

निष्कर्ष Conclusion

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संदेश भारतीय ऑटोमोबाइल उद्योग के लिए वैश्विक विस्तार की संभावनाओं को रेखांकित करता है। मजबूत विनिर्माण क्षमता, बेहतर बुनियादी ढांचा, Free Trade Agreements, PLI Scheme और Make in India जैसी पहलों से उद्योग को आगे बढ़ने के लिए कई नए अवसर मिल रहे हैं।

इसके साथ ही इलेक्ट्रिक वाहनों, चार्जिंग बुनियादी ढांचे, ऊर्जा दक्षता और आधुनिक तकनीक की ओर बढ़ता बदलाव ऑटो सेक्टर की दिशा को तेजी से बदल रहा है।

आने वाले समय में भारतीय ऑटो उद्योग के लिए नवाचार, गुणवत्ता, प्रतिस्पर्धा और वैश्विक बाजार की जरूरतों को समझना महत्वपूर्ण होगा। यदि उद्योग और सरकार मिलकर इन क्षेत्रों में लगातार काम करते हैं, तो भारत वैश्विक ऑटोमोबाइल और मोबिलिटी क्षेत्र में अपनी भूमिका को और मजबूत कर सकता है।

प्रधानमंत्री ने भी उद्योग से नए विचारों, मजबूत साझेदारियों और निरंतर नवाचार के जरिए भारत को तेज, हरित और आत्मनिर्भर भविष्य की ओर ले जाने में योगदान देने की उम्मीद जताई है।