भारत करेगा वर्ल्ड सर्कुलर इकोनॉमी फोरम की मेजबानी, 65 से अधिक देशों की भागीदारी

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भारत करेगा वर्ल्ड सर्कुलर इकोनॉमी फोरम की मेजबानी, 65 से अधिक देशों की भागीदारी
14 Sep 2026
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News Synopsis

भारत 15 से 18 सितंबर तक गुजरात के गांधीनगर में World Circular Economy Forum (WCEF) 2026 की मेजबानी करने जा रहा है। यह आयोजन भारत के साथ-साथ पूरे दक्षिण एशिया के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि पहली बार यह वैश्विक मंच दक्षिण एशिया में आयोजित किया जा रहा है। चार दिवसीय सम्मेलन का मुख्य विषय “Circular Economy: Transition for People and Prosperity” यानी “लोगों और समृद्धि के लिए चक्रीय अर्थव्यवस्था की ओर बदलाव” है।

WCEF 2026 में 65 से अधिक देशों के 2,000 से ज्यादा प्रतिभागियों के शामिल होने की उम्मीद है। सम्मेलन में नीति-निर्माता, उद्योग जगत के वरिष्ठ अधिकारी, उद्यमी, शोधकर्ता, शिक्षाविद, नए विचारों पर काम करने वाले विशेषज्ञ और टिकाऊ आर्थिक विकास से जुड़े अन्य हितधारक हिस्सा लेंगे।

इस आयोजन के माध्यम से भारत वैश्विक स्तर पर चक्रीय अर्थव्यवस्था और संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल से जुड़ी अपनी पहलों को सामने रखेगा। साथ ही, अलग-अलग देशों के बीच सहयोग बढ़ाने और टिकाऊ उत्पादन तथा खपत को प्रोत्साहित करने पर भी चर्चा होगी।

WCEF 2026 में वैश्विक सहयोग पर रहेगा जोर WCEF 2026 to Focus on Global Cooperation

World Circular Economy Forum 2026 विश्व सर्कुलर इकोनॉमी फोरम 2026 का प्रमुख उद्देश्य टिकाऊ उत्पादन और खपत को बढ़ावा देने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करना है। सम्मेलन में भारत की ओर से चक्रीय अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने के लिए किए जा रहे प्रयासों को भी दुनिया के सामने रखा जाएगा।

केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव तथा गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्रभाई पटेल 15 सितंबर को संयुक्त रूप से इस वैश्विक सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे।

यह आयोजन कई प्रमुख संस्थाओं और सरकारों के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। इनमें केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB), फिनलैंड इनोवेशन फंड सित्रा, फिनलैंड सरकार, पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, गुजरात सरकार और गुजरात प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड शामिल हैं।

चक्रीय अर्थव्यवस्था क्या है और क्यों जरूरी है What Is a Circular Economy and Why Is It Important

चक्रीय अर्थव्यवस्था ऐसी आर्थिक व्यवस्था है, जिसमें वस्तुओं और संसाधनों को अधिक लंबे समय तक उपयोग में रखने की कोशिश की जाती है। इसमें इस्तेमाल हो चुके उत्पादों को तुरंत कचरा मानने के बजाय उनका दोबारा उपयोग करने पर जोर दिया जाता है।

इस मॉडल में पुनः उपयोग, मरम्मत, नवीनीकरण और पुनर्चक्रण जैसे तरीकों को महत्व दिया जाता है। इसका उद्देश्य संसाधनों की बर्बादी कम करना और पहले से उपलब्ध सामग्री को आर्थिक गतिविधियों में दोबारा शामिल करना है।

वर्तमान समय में प्राकृतिक संसाधनों पर बढ़ते दबाव और कचरे की बढ़ती मात्रा के कारण चक्रीय अर्थव्यवस्था का महत्व लगातार बढ़ रहा है। यह व्यवस्था कंपनियों और उपभोक्ताओं को संसाधनों का अधिक जिम्मेदारी से इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित करती है।

वित्त और तकनीक से बदलाव को मिलेगी गति Finance and Technology Can Accelerate the Transition

गांधीनगर में होने वाले सम्मेलन में चक्रीय अर्थव्यवस्था के लिए वित्त जुटाने और निजी क्षेत्र के निवेश को बढ़ाने के तरीकों पर भी चर्चा होगी। इसके अलावा अलग-अलग उद्योगों के बीच साझेदारी और डिजिटल तकनीकों के इस्तेमाल से चक्रीय अर्थव्यवस्था को तेज करने के उपायों पर विचार किया जाएगा।

सम्मेलन में Global South यानी विकासशील देशों की भागीदारी और सहयोग को मजबूत करना भी प्रमुख उद्देश्यों में शामिल रहेगा। इससे विकासशील देशों को अपनी जरूरतों के अनुसार टिकाऊ समाधान अपनाने और साझा अनुभवों से सीखने का अवसर मिल सकता है।

125 से अधिक प्रदर्शक दिखाएंगे अपने समाधान More Than 125 Exhibitors to Showcase Their Solutions

WCEF 2026 के मुख्य कार्यक्रम का आयोजन 15 और 16 सितंबर को होगा। इस दौरान चार पूर्ण सत्र और 16 समानांतर विषय आधारित सत्र आयोजित किए जाएंगे।

इन सत्रों में कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होगी। इनमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता, रोजगार के अवसर, ऊर्जा उत्पादन, वित्त, शासन व्यवस्था, टिकाऊ उत्पाद, औद्योगिक समाधान, स्टार्टअप व्यवस्था और युवाओं की भागीदारी जैसे विषय शामिल हैं।

प्रदर्शनी में दिखेंगी नई तकनीक और पहल Exhibition to Feature New Technologies and Initiatives

सम्मेलन के साथ एक अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी भी आयोजित की जाएगी। इसमें 125 से अधिक भारतीय और विदेशी प्रदर्शक चक्रीय अर्थव्यवस्था से जुड़े व्यावहारिक समाधान प्रस्तुत करेंगे।

प्रदर्शनी में स्टार्टअप द्वारा विकसित नई तकनीकों और निवेश के लिए तैयार समाधानों को भी प्रदर्शित किया जाएगा। इससे कंपनियों, निवेशकों और नीति-निर्माताओं को नए विचारों और संभावित साझेदारियों की पहचान करने का अवसर मिलेगा।

इस तरह प्रदर्शनी केवल तकनीक दिखाने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि व्यापार और निवेश के लिए नए अवसर पैदा करने में भी मदद कर सकती है।

भारत 10 YFP बोर्ड बैठक की करेगा सह-अध्यक्षता India to Co-Chair the 10 YFP Board Meeting

WCEF 2026 के साथ 10 Year Framework of Programmes on Sustainable Consumption and Production Patterns (10 YFP) के बोर्ड की बैठक भी आयोजित होगी। यह बैठक 15 सितंबर को गांधीनगर में आमने-सामने के रूप में होगी।

भारत ने हाल ही में 10 YFP बोर्ड के सह-अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाली है। यह भूमिका टिकाऊ खपत और उत्पादन को बढ़ावा देने से जुड़े अंतरराष्ट्रीय प्रयासों में भारत की सक्रिय भागीदारी को दर्शाती है।

बैठक में विभिन्न देशों और संगठनों के प्रतिनिधि इस बात पर चर्चा करेंगे कि दुनिया में टिकाऊ उत्पादन और खपत के तरीकों को किस तरह और प्रभावी बनाया जा सकता है।

दुनिया भर में होंगे 80 से ज़्यादा एक्सेलरेटर सेशन More Than 80 Accelerator Sessions to Be Held Worldwide

WCEF 2026 की गतिविधियां केवल गांधीनगर में होने वाले मुख्य कार्यक्रम तक सीमित नहीं रहेंगी। 17 और 18 सितंबर को अंतरराष्ट्रीय साझेदारों की ओर से लगभग 80 Accelerator Sessions आयोजित किए जाएंगे।

इन सत्रों का आयोजन ऑनलाइन, मिश्रित और प्रत्यक्ष प्रारूप में गांधीनगर के साथ-साथ दुनिया के अन्य स्थानों पर किया जाएगा। इनका उद्देश्य चक्रीय अर्थव्यवस्था से जुड़े विचारों और पहलों पर चर्चा को और आगे बढ़ाना है।

इन सत्रों के माध्यम से अलग-अलग क्षेत्रों और देशों के विशेषज्ञों, कंपनियों, संस्थाओं और अन्य हितधारकों के बीच सहयोग बढ़ाने की कोशिश की जाएगी।

समापन समारोह में अगले मेजबान को सौंपी जाएगी जिम्मेदारी Host Responsibility to Be Handed Over at the Closing Ceremony

WCEF 2026 का समापन समारोह भारत और फिनलैंड के वरिष्ठ प्रतिनिधियों की मौजूदगी में होगा। गुजरात के वन, पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन मंत्री अर्जुनभाई देवाभाई मोढवाडिया, फिनलैंड की जलवायु और पर्यावरण मंत्री सारी मुल्ताला तथा गुजरात के वन, पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री प्रवीणभाई माली के समारोह में शामिल होने की उम्मीद है।

अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी इस अवसर पर मौजूद रहेंगे। समापन समारोह के दौरान WCEF के अगले मेजबान को औपचारिक रूप से जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। सित्रा के अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों के निदेशक क्रिस्टो लेहटोनेन इस हस्तांतरण समारोह की देखरेख करेंगे।

भारत के लिए क्यों महत्वपूर्ण है WCEF 2026 Why WCEF 2026 Matters for India

गांधीनगर में WCEF 2026 की मेजबानी भारत को चक्रीय अर्थव्यवस्था से जुड़े वैश्विक संवाद के केंद्र में लाएगी। 65 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों की भागीदारी से भारत को अपने अनुभव और पहल साझा करने के साथ दूसरे देशों से सीखने का अवसर भी मिलेगा।

चक्रीय अर्थव्यवस्था संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल, कचरे में कमी, पुनर्चक्रण, टिकाऊ उत्पादन और जिम्मेदार खपत को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। ऐसे में WCEF 2026 के माध्यम से नीति, उद्योग, तकनीक और निवेश को एक साथ लाने का प्रयास किया जा रहा है।

भारत में होने वाला यह सम्मेलन विशेष रूप से इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि पहली बार World Circular Economy Forum का आयोजन दक्षिण एशिया में हो रहा है। इससे क्षेत्र में टिकाऊ आर्थिक विकास, संसाधन संरक्षण और पर्यावरण के अनुकूल आर्थिक गतिविधियों पर अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

WCEF 2026 के जरिए भारत वैश्विक साझेदारों के साथ मिलकर ऐसी अर्थव्यवस्था की दिशा में आगे बढ़ने का प्रयास करेगा, जिसमें विकास के साथ संसाधनों का संरक्षण और पर्यावरणीय जिम्मेदारी भी बनी रहे।