IIFCL के IPO को सरकार से मिली मंजूरी

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IIFCL के IPO को सरकार से मिली मंजूरी
02 Mar 2026
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News Synopsis

सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी इंडिया इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंस कंपनी लिमिटेड (IIFCL) का IPO आने वाला है। इसके लिए सरकार से जरूरी मंजूरी मिल गई है। आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (CCEA) ने IPO के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। रिपोर्ट के मुताबिक IIFCL के मैनेजिंग डायरेक्टर रोहित ऋषि ने कहा कि डिपार्टमेंट ऑफ इनवेस्टमेंट एंड पब्लिक एसेट मैनेजमेंट (DIPAM) ने इस मंजूरी के बारे में कंपनी को बताया है।

उन्होंने कहा ‘‘IPO के तौर-तरीकों को अंतिम रूप देने के लिए IIFCL, सरकार को जरूरी डिटेल जमा कर रही है। पब्लिक इश्यू अगले वित्त वर्ष में आ सकता है।’’ आम बजट 2026-27 में विनिवेश और एसेट मोनेटाइजेशन पर जोर दिया गया है। प्रस्तावित IPO सार्वजनिक क्षेत्र की इकाइयों के लिए सरकार की विनिवेश और कैपिटल मार्केट लिस्टिंग रणनीति का हिस्सा है।

IIFCL में सरकार की हिस्सेदारी

इस समय IIFCL में केंद्र सरकार की 100 प्रतिशत हिस्सेदारी है। यह कंपनी साल 2006 में शुरू हुई थी। यह काम करने लायक इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को लॉन्ग टर्म के लिए वित्तीय मदद उपलब्ध कराती है। 31 मार्च 2025 तक कंपनी की ऑथराइज्ड कैपिटल 10,000 करोड़ रुपये और पेड-अप कैपिटल 9,999.92 करोड़ रुपये थी। IIFCL सितंबर 2013 से भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के साथ एक NBFC-ND-IFC के तौर पर रजिस्टर्ड है, और भारतीय रिजर्व बैंक के लागू प्रूडेंशियल नियमों का पालन करती है।

रोहित ऋषि Rohit Rishi ने कहा कि 2047 तक ‘विकसित भारत’ की यात्रा में इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट की एक महत्वपूर्ण भूमिका होगी। IIFCL को लॉन्ग-टर्म इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंस के प्रोवाइडर और कैटलिस्ट के तौर पर एक सेंट्रल रोल निभाना है। रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने बताया "हम अनुशासन वाले अप्रेजल स्टैंडर्ड्स और टेक्नोलॉजी-इनेबल्ड मॉनिटरिंग के जरिए इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंसिंग की क्वालिटी और स्केल में सुधार करेंगे। जैसे-जैसे हम ग्रो करेंगे, एसेट क्वालिटी और समझदारी भरा रिस्क मैनेजमेंट नॉन-नेगोशिएबल रहेगा।" यह भी कहा कि एक और लक्ष्य एक मजबूत और ज्यादा डायवर्सिफाइड लॉन्ग-टर्म फंडिंग बेस बनाना है।

खुद को कैसे बेहतर बनाने वाली है, IIFCL

रोहित ऋषि के मुताबिक "इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए सब्र वाले कैपिटल की जरूरत होती है। हम मल्टीलेटरल्स, ग्लोबल इनवेस्टर्स और बॉन्ड मार्केट्स के साथ अपने जुड़ाव को और गहरा करेंगे। साथ ही रिसोर्स मोबिलाइजेशन में इनोवेट करते रहेंगे ताकि हम स्थिर, कॉम्पिटिटिव, लॉन्ग-टर्म फाइनेंसिंग दे सकें।" IIFCL प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग को मॉडर्न बनाने, पारदर्शिता को बेहतर करने और जोखिम की जल्दी पहचान करने के लिए टेक्नोलॉजी, AI और डेटा एनालिटिक्स का इस्तेमाल करके अपने ऑपरेशन्स में बदलाव करेगी। रोहित ऋषि ने कहा "हम रिन्यूएबल एनर्जी, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, EV इकोसिस्टम और ग्रीन हाइड्रोजन जैसे उभरते सेक्टर्स में पोर्टफोलियो डायवर्सिफिकेशन पर फोकस करेंगे।"

कंपनी की वित्तीय सेहत

IIFCL का नेट प्रॉफिट वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान 39 प्रतिशत बढ़कर 2,165 करोड़ रुपये हो गया। इससे पहले के वित्त वर्ष में यह 1,552 करोड़ रुपये था। कंपनी ने लगातार पांचवें साल ऑल-टाइम हाई परफॉर्मेंस दर्ज की। प्रॉफिट बिफोर टैक्स (PBT) का आंकड़ा रिकॉर्ड 2,776 करोड़ रुपये रहा। यह पिछले साल के 2,029 करोड़ रुपये के आंकड़े से 37 प्रतिशत ज्यादा है। वित्त वर्ष 2025 में कंपनी ने रिकॉर्ड 51,124 करोड़ रुपये के सालाना सैंक्शन और रिकॉर्ड 28,501 करोड़ रुपये के डिस्बर्समेंट दर्ज किए। 31 जनवरी 2026 तक सालाना सैंक्शन पहले ही 53,217 करोड़ रुपये तक पहुंच चुके हैं, जिसमें डिस्बर्समेंट 25,470 करोड़ रुपये है।