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एक अच्छा श्रोता कैसे बनें (How To Become A Good Listener)

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एक अच्छा श्रोता कैसे बनें (How To Become A Good Listener)
25 May 2022
7 min read
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अगर आप अपनी कम्युनिकेशन स्किल को बेहतर बनाना चाहते हैं तो आपको अच्छा वक्ता (speaker) होने के साथ उतना ही बेहतरीन श्रोता (listener) भी होना चाहिए। जब भी कम्युनिकेशन स्किल्स की बात होती है तो अक्सर लोग सही तरह से बोलने पर ही जोर देते हैं। मसलन, आपको कब कहां और कितना बोलना चाहिए। आपके शब्दों का चयन व आवाज की टोन किस तरह की होनी चाहिए। लेकिन अगर आप अच्छे वक्ता है और एक बेहतरीन श्रोता नहीं है तो इसका अर्थ है कि आपको अभी भी अपने कम्युनिकेशन स्किल्स communication skills पर काम करने की जरूरत है। बातचीत का अर्थ यह नहीं है कि आप कितना अच्छा बोल सकती हैं, बल्कि यह भी जरूरी है कि आप दूसरे व्यक्ति की बातों को कितना ध्यान से सुनती हैं।

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अगर आप अपनी कम्युनिकेशन स्किल को बेहतर बनाना चाहते हैं तो आपको अच्छा वक्ता (speaker) होने के साथ उतना ही बेहतरीन श्रोता (listener) भी होना चाहिए। जब भी कम्युनिकेशन स्किल्स की बात होती है तो अक्सर लोग सही तरह से बोलने पर ही जोर देते हैं। मसलन, आपको कब कहां और कितना बोलना चाहिए। आपके शब्दों का चयन व आवाज की टोन किस तरह की होनी चाहिए। लेकिन अगर आप अच्छे वक्ता है और एक बेहतरीन श्रोता नहीं है तो इसका अर्थ है कि आपको अभी भी अपने कम्युनिकेशन स्किल्स communication skills पर काम करने की जरूरत है। बातचीत का अर्थ यह नहीं है कि आप कितना अच्छा बोल सकती हैं, बल्कि यह भी जरूरी है कि आप दूसरे व्यक्ति की बातों को कितना ध्यान से सुनती हैं।

आइए प्रभावी सुनने के कौशल में सुधार करें। Effective Listening Skills

Importance of Listening

  • सुनना भी एक कला है और जिसने इसमें निपुणता हासिल कर ली, वह एक अच्छे लीडर के रूप में अपनी पहचान बना सकता है। अच्छे लिसनर का मतलब यह नहीं है कि आप सिर्फ इससे मतलब रखें कि क्या कहा गया है। बहुत बार उन बातों को भी सुनना और समझना पड़ता है, जो आपसे नहीं कही जा रही है। इसलिए बोलने वाले को अच्छे से रीड करना होता है। उसकी बॉडी लैंग्वेज  Body language को समझना होता है। अगर आप इस कला में माहिर होना चाहते हैं, तो एक साथ कई बातों पर गौर करें।

  • अशाब्दिक संचार कौशल Nonverbal Communication skills, जैसे आँख से संपर्क करना, झुकना या सिर हिलाना, दूसरे व्यक्ति को यह बताना कि आप रुचि उसमे रखते हैं और ध्यान दे रहे हैं। ऐसा लगता है कि आप रुचि रखते हैं। यदि लोग मानते हैं कि उनकी बात सुनी जा रही है, तो उनके खुलकर बोलने की संभावना अधिक होती है।

  • यह आपसी सम्मान और विश्वास पैदा करता है। सक्रिय सुनने का  कौशल दूसरे व्यक्ति को दिखाते हैं कि आप उसमें रुचि रखते हैं जो वे बताने की कोशिश कर रहे हैं। अगर लोग आप पर भरोसा करते हैं तो आपके पास आने की संभावना अधिक होती है। यह एक साथी हो सकता है जिसके साथ आपका झगड़ा हुआ है, एक बच्चा या किशोर जो आप पर विश्वास करना चाहता है, या एक सहकर्मी जो कार्यस्थल के कुछ मुद्दों को सुलझाना चाहता है।

Types of Listening You Must Know

Informational Listening 

जब आप कुछ सीखना चाहते हैं, तो आप इसे समझने और याद रखने के लिए सूचनात्मक श्रवण Informational Listening का उपयोग करेंगे। सुनने की इस शैली में आमतौर पर महत्वपूर्ण मात्रा में प्रतिबद्धता की आवश्यकता होती है। क्योंकि नई धारणा को समझने के लिए जबरदस्त एकाग्रता की जरूरत होती है। आपको अपने सीखने के लिए महत्वपूर्ण सोच critical thinking को भी लागू करना चाहिए। ऐसा इसलिए किया जाता है ताकि आप पूरी तरह से समझ सकें कि आप अन्य जानकारी के बारे में क्या सीख रहे हैं। जब आप जानते हैं कि सूचनात्मक श्रवण का उपयोग कब और कैसे करना है, तो आप अपनी सीखने की क्षमताओं में सुधार करने में सक्षम होंगे।

Biased Listening  

पक्षपाती सुनना  Biased Listening  को चयनात्मक श्रवण selective listening  के नाम से भी जाना जाता है। पक्षपातपूर्ण सुनना तब होता है जब कोई केवल वही सुनता है जो वह सुनना चाहता है। सुनने की इस प्रक्रिया के परिणाम  विकृत हो सकते हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि जो सुनना चाहता है वह पूरी तरह से स्पीकर यानी बोलने वाले  पर ध्यान नहीं देता है।

Discriminative Listening 

Discriminative Listening का अर्थ है की यह भेदभाव से जुड़ा बिलकुल नहीं है इसका अर्थ केवल संदेश के अर्थ को समझने के बजाय संदेश की ध्वनि की व्याख्या करना है |जैसे एक बच्चा जब पैदा होता है तो उसको किसी भी भाषा, शब्द या अक्षर की जानकारी नहीं होती है|  लेकिन फिर भी अगर आप तेज और डाटने वाली आवाज़ में उनसे बात करेंगे तो वो रोने लगते हैं | 

इसके अलावा, वह सिर्फ आवाज़ सुनकर ही सबको पहचानने की कोशिश करता  है  मान लीजिये की आप हिंदी भाषा बोलते हैं और तमिलनाडु घूमने गए हैं | ऐसे में आपको उनके शब्द तो नहीं समझ आएंगे पर उनके बोलने के तरीके, आवाज़  की गति से काफी कुछ समझ पाते हैं |  Discriminative Listening की मदद से किसी व्यक्ति के उम्र  और भाव का पता लगाया  जा सकता है | 

 Sympathetic Listening

Sympathetic Listening का हिंदी अर्थ होता है सहानभूति श्रवण  | आपको इसके नाम से ही समझ आ गया होगा कि यह सहानभूति श्रवण  यानि भावनाओ से जुड़ा हुआ है |  श्रोता  वक्ता  के द्वारा बोले गए शब्दों पर नहीं बल्कि भावनाओ पर ध्यान देता है और सन्देश की व्याख्या करने की कोशिश करता है | 

मान लेते हैं की आपका दोस्त उदास है जिसे देखकर ही आप समझ जाते हैं  और  उसके बारे  में पूछते हैं|  वह आपको होनी परिस्थिति के बारे में बताता है कि उसे क्या परेशानी है, इस समय पर Sympathetic Listening का प्रयोग करते हैं और उसके भावो को समझते हुए उसकी मदद करते हैं | 

 Critical Listening

Critical Listening इसका हिंदी अर्थ आलोचनात्मक श्रवण  है यानि जब किसी सुनी जानकारी का आपको विश्लेषण करना पड़ता है तो उसे आलोचनात्मक श्रवण  कहते हैं |  आलोचनात्मक श्रवण में आप श्रोता के शब्दों को सिर्फ सुनते नहीं बल्कि उसका अलग -अलग  मापदंडो पर तौलते भी हैं किसी समस्या का निर्णय लेने में आलोचनात्मक श्रवण महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है | 

Comprehensive Listening

जहाँ Discriminative Listening स्किल्स में शब्दों या भाषा का ज्ञान होना आवश्यक नहीं था  लेकिन Comprehensive Listening में शब्दों की मदद से आवाज़ की व्याख्या की जाती है |  इस परिस्थिति  में श्रोता के पास शब्द का भण्डार होना चाहिए और उसे भाषा का सही ज्ञान होना ज़रूरी है | यह श्रवण  कौशल आमतौर पर बचपन की शुरुआत से ही विकसित होना शुरू हो जाता है | 

Tips To Improve listening skills 

  1. स्पीकर से eye contact करने की कोशिश करें | 

  2.  वक्ता से ऐसे प्रश्न पूछें जिसका उत्तर हां  या नहीं में हो |  ऐसे प्रश्न को Open Question कहते हैं | 

  3. सिर्फ सुने नहीं बल्कि समझते हुए सुने | 

  4. वक्ता को बोलते समय बीच में  न टोकें | 

  5. अगर स्पीकर द्वारा बोली जा रही बात आपको गलत भी लग रही हो तो भी उसे ध्यानपूर्वक सुनें और बीच में न टोकें | 

  6. किसी जानकारी को सुनते समझते समय ध्यान भंग करने वाले लोगों या चीजों से दूरी बनाए |

Conclusion

अगर आप किसी क्षेत्र में सफल होना चाहते हैं और एक बेहतर वक्ता यानि speaker बनना चाहते हैं तो आपको अपनी listening skills बेहतर करनी होंगी | लेकिन एक बार जब आप इसे समझ लेते हैं, तो आप आश्चर्यचकित होंगे कि आपका नेतृत्व Leadership कितना प्रभावी हो गया है। जब आप सक्रिय रूप से सुनने की तकनीक में महारत हासिल कर लेते हैं। हमें उम्मीद है की इस लेख को पढ़ने  के बाद आप एक बेहतर श्रोता बन कर जीवन के हर क्षेत्र चाहे वो आपका व्यवसाय हो या निजी जिंदगी अच्छा प्रदर्शन कर पाएंगे । 

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