बढ़ेगी EMI,जून से देना होगा ज्यादा ब्याज

News Synopsis
खाद्य महंगाई और तेल की बढ़ती कीमतों के कारण पिछले महीने खुदरा महंगाई retail inflation दर 6.95 प्रतिशत पर पहुंच गई है। जिससे महंगाई के 17 महीनों के उच्च स्तर पर पहुंचने के साथ ही ब्याज दरों interest rates में वृद्धि की आशंका बढ़ गई है। इस बारे मेंअर्थशास्त्रियों का मानना है कि भारतीय रिजर्व बैंक RBI आगामी बैठक में इसको बढ़ा सकता है। महंगाई बढ़ने को लेकर अर्थशास्त्री चिंतित दिखाई दे रहे हैं। हाल में ही आरबीआई गवर्नर RBI Governor शक्तिकांत दास Shaktikanta Das ने कहा था कि महंगाई अस्थाई है और अब समय आ गया है कि केंद्रीय बैंक को अपनी प्राथमिकता वृद्धि के बजाय मुद्रास्फीति प्रबंधन inflation management की तरफ केंद्रित करे।
इस समय रेपो दर चार फीसदी और रिवर्स रेपो दर repo rate 3.35 फीसदी चल रही है। रेपो दर वह दर है, जिस पर रिजर्व बैंक वाणिज्यिक बैंकों Commercial Banks को अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिये कर्ज देता है। जबकि रिवर्स रेपो दर के तहत बैंकों को अपना पैसा आरबीआई को देने पर ब्याज मिलता है। ब्रोकरेज फर्म नोमुरा Brokerage Firm Nomura ने हाल ही में कहा है कि महंगाई में हो रही लगातार वृद्धि को देखते हुए आरबीआई हर बार रेपो दर में 25 आधार अंकों की वृद्धि कर सकता है। जबकि पिछले 11 बार से रेपो दरों में कोई भी बदलाव नहीं हुआ है। इसमें अंतिम अपडेट 22 मई 2020 को किया गया था।