अतनु चक्रवर्ती ने HDFC बैंक के पार्ट-टाइम चेयरमैन पद से इस्तीफा दिया

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अतनु चक्रवर्ती ने HDFC बैंक के पार्ट-टाइम चेयरमैन पद से इस्तीफा दिया
20 Mar 2026
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News Synopsis

HDFC Bank के पार्ट-टाइम चेयरमैन और इंडिपेंडेंट डायरेक्टर अतनु चक्रवर्ती ने तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दे दिया।

अतनु चक्रवर्ती ने कहा "बैंक के भीतर कुछ ऐसी घटनाएँ और तौर-तरीके, जिन्हें मैंने पिछले दो सालों में देखा है, मेरे निजी मूल्यों और नैतिकता के अनुरूप नहीं हैं। यही मेरे ऊपर बताए गए फैसले का आधार है।" उन्होंने कहा "मैं पुष्टि करता हूँ, कि मेरे इस्तीफे के पीछे ऊपर बताए गए कारणों के अलावा कोई और बड़ा कारण नहीं है।"

अतनु चक्रवर्ती, जो मई 2021 में HDFC Bank के बोर्ड में शामिल हुए थे, और कहा "बोर्ड में मेरे कार्यकाल के दौरान कई महत्वपूर्ण घटनाएँ हुईं, जैसे कि बैंक का HDFC Ltd के साथ विलय, जिससे बैंक के तहत एक बड़ा समूह बना। इस रणनीतिक पहल ने HDFC Bank को देश का दूसरा सबसे बड़ा बैंक बना दिया। हालाँकि विलय के फायदे अभी पूरी तरह से सामने आने बाकी हैं।"

अतनु चक्रवर्ती ने कहा "HDFC Bank एक ऐसा संगठन है, जिसे मैंने 5 साल तक सींचा है। मैं बैंक में किसी भी गलत काम की ओर इशारा नहीं कर रहा हूँ। मेरी विचारधाराएँ संगठन से मेल नहीं खाती थीं, और इसलिए अब अलग होने का समय आ गया था।"

रिपोर्टों के अनुसार कुछ समय से बैंक के कामकाज को लेकर बोर्ड में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा था। हालाँकि अतनु चक्रवर्ती ने अपने पत्र में बोर्ड को धन्यवाद दिया है। उन्होंने कहा "मैं अपने कार्यकाल के दौरान उनके सहयोग और समर्थन के लिए बोर्ड और वरिष्ठ प्रबंधन के प्रति अपनी हार्दिक सराहना व्यक्त करना चाहूँगा। मैं सभी इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स और नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर्स के प्रति अपना आभार व्यक्त करता हूँ, जिन्होंने अपना कीमती समय दिया और बोर्ड तथा उसकी कमेटियों में भारी जिम्मेदारियाँ निभाईं।"

उनके इस्तीफे के बाद HDFC बैंक ने कहा "हम पुष्टि करते हैं, कि अतनु चक्रवर्ती के इस्तीफे के पीछे, उस पत्र में बताए गए कारणों के अलावा और कोई कारण नहीं है।" "इसके अलावा अतनु चक्रवर्ती किसी अन्य कंपनी में डायरेक्टर का पद नहीं संभालते हैं। बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर्स, अतनु चक्रवर्ती के कार्यकाल के दौरान बैंक में उनके योगदान की सराहना करता है, और उनके भविष्य के प्रयासों में उनकी सफलता की कामना करता है।"

खास बात यह है, कि भारतीय रिज़र्व बैंक ने केकी मिस्त्री की नियुक्ति को मंज़ूरी दे दी है। मिस्त्री, HDFC बैंक के साथ विलय से पहले HDFC Ltd के वाइस-चेयरमैन के तौर पर काम कर चुके हैं। उन्हें 19 मार्च से प्रभावी, तीन महीने के लिए HDFC बैंक का अंतरिम पार्ट-टाइम चेयरमैन नियुक्त किया गया है। केंद्रीय बैंक ने कहा "रिज़र्व बैंक ने HDFC बैंक में हाल के घटनाक्रमों पर संज्ञान लिया है। बैंक के पार्ट-टाइम चेयरमैन के पद के संबंध में बैंक द्वारा अनुरोध की गई एक ट्रांज़िशन व्यवस्था को रिज़र्व बैंक द्वारा मंज़ूरी दे दी गई है।"

इसमें कहा गया "HDFC बैंक एक डोमेस्टिक सिस्टमिकली इंपॉर्टेंट बैंक (D-SIB) है, जिसकी वित्तीय स्थिति मज़बूत है, बोर्ड पेशेवर तरीके से संचालित होता है, और प्रबंधन टीम सक्षम है। हमारे समय-समय पर किए गए मूल्यांकन के आधार पर बैंक के कामकाज या शासन के संबंध में रिकॉर्ड पर कोई बड़ी चिंता नहीं है।"

अतनु चक्रवर्ती: प्रोफेशनल बैकग्राउंड

गुजरात कैडर के रिटायर्ड IAS ऑफिसर अतनु चक्रवर्ती ने FY 2019-20 के दौरान फाइनेंस मिनिस्ट्री (डिपार्टमेंट ऑफ़ इकोनॉमिक अफेयर्स) में सेक्रेटरी जैसे कई सरकारी पदों पर काम किया है। उन्होंने सभी मंत्रालयों/विभागों के लिए आर्थिक नीति निर्माण का समन्वय किया। उन्होंने बजट बनाने की पूरी प्रक्रिया का प्रबंधन भी किया, जिसमें संसद में इसे पारित करवाना भी शामिल था।

इससे पहले अतनु चक्रवर्ती ने डायरेक्टर और बाद में फाइनेंस मिनिस्ट्री (डिपार्टमेंट ऑफ़ एक्सपेंडिचर) में जॉइंट सेक्रेटरी के तौर पर काम किया। इस दौरान (2002-2007), उन्होंने इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर के प्रोजेक्ट्स का मूल्यांकन किया। इसके अलावा उन्होंने सरकारी सब्सिडी का काम भी देखा। अतनु चक्रवर्ती ने सरकार के वित्तीय और खरीद नियमों को अपडेट करने और उन्हें आधुनिक बनाने में भी अहम भूमिका निभाई।

इसके अलावा अतनु चक्रवर्ती ने गुजरात सरकार में भी कई तरह की भूमिकाएँ निभाईं, जिसमें वित्त विभाग के सेक्रेटरी के तौर पर उसका नेतृत्व करना भी शामिल है। उन्होंने राज्य में निजी क्षेत्र के निवेश से जुड़े कानूनों की देखरेख की। उन्होंने गुजरात में सार्वजनिक प्रशासन और विकास, दोनों ही क्षेत्रों में ज़मीनी स्तर पर काम किया।