एनवीडिया रुबिन जीपीयू के 9,000 सिस्टम लगाएगी एएम इंटेलिजेंस, भारत में बढ़ेगी AI कंप्यूटिंग क्षमता
News Synopsis
भारत में कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी एआई के क्षेत्र में बड़ी क्षमता विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सामने आया है। ग्रीनको समूह के प्रवर्तकों द्वारा समर्थित एआई बुनियादी ढांचा कंपनी AM Intelligence (AMI) ने अपने पहले एआई कारखाने के लिए करीब 9,000 Nvidia Rubin GPU सिस्टम का बाध्यकारी ऑर्डर दिया है। ये सिस्टम हैदराबाद में स्थापित किए जाएंगे और इनके 2027 की पहली तिमाही में पहुंचने की उम्मीद है।
यह कदम ऐसे समय में आया है जब भारत खुद को वैश्विक एआई बुनियादी ढांचे के एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में स्थापित करने की कोशिश कर रहा है। AM Intelligence की हैदराबाद परियोजना कंपनी की लगभग 1 गीगावाट कंप्यूट क्षमता विकसित करने की व्यापक योजना का पहला चरण होगी। कंपनी भारत, अमेरिका, फिनलैंड और मलेशिया में कंप्यूटिंग सेवाओं का विस्तार करने की योजना बना रही है।
एएम इंटेलिजेंस ने 9,000 एनवीडिया रुबिन जीपीयू का ऑर्डर दिया AM Intelligence Orders 9,000 Nvidia Rubin GPUs
AM Intelligence ने लगभग 9,000 Nvidia Rubin GPU को Vera Rubin NVL72 रैक-स्तरीय सिस्टम के रूप में तैनात करने का बाध्यकारी ऑर्डर दिया है। कंपनी के अनुसार, यह एशिया में Nvidia की नई पीढ़ी की Vera Rubin तकनीक की शुरुआती बड़े पैमाने की तैनातियों में से एक होगी। इन सिस्टम की आपूर्ति 2027 की पहली तिमाही में शुरू होने की उम्मीद है।
हैदराबाद में बनने वाला एआई कारखाना अत्यधिक शक्तिशाली एआई गणना के लिए तैयार किया जा रहा है। इसका उद्देश्य बड़े एआई मॉडल, अत्यधिक जटिल गणना और अगली पीढ़ी के एजेंटिक एआई अनुप्रयोगों को चलाने के लिए आवश्यक कंप्यूटिंग क्षमता उपलब्ध कराना है।
हैदराबाद बनेगा बड़े एआई मॉडल का केंद्र Hyderabad to Become a Hub for Large AI Models
कंपनी की योजना है कि हैदराबाद सुविधा ऐसे एआई मॉडल को संभाल सके जिनमें एक ट्रिलियन तक पैरामीटर हो सकते हैं। इसके अलावा, यह अगली पीढ़ी के एजेंटिक एआई अनुप्रयोगों के लिए भी कंप्यूटिंग शक्ति उपलब्ध कराने के लिए तैयार की जा रही है। एजेंटिक एआई ऐसे सिस्टम को कहा जाता है जो केवल निर्देशों का जवाब देने के बजाय कई चरणों वाले कार्यों को समझकर उन्हें पूरा करने में सक्षम होते हैं।
कंपनी की योजना के अनुसार, हैदराबाद सुविधा व्यापक कंप्यूट-एज-ए-सर्विस मॉडल का हिस्सा होगी। इसके माध्यम से अन्य कंपनियां और एआई संस्थान अपनी जरूरत के अनुसार कंप्यूटिंग क्षमता का उपयोग कर सकेंगे।
200 मेगावाट क्षमता लाने की तैयारी Plans to Bring 200 MW Capacity to Market
AM Intelligence की व्यापक योजना शुरुआती चरण में लगभग 200 मेगावाट कंप्यूटिंग क्षमता बाजार में उपलब्ध कराने की है। इसके लिए कंपनी की पूंजीगत व्यय योजना 8 अरब डॉलर से अधिक की बताई गई है।
हैदराबाद परियोजना कंपनी की प्रस्तावित 1 गीगावाट कंप्यूट-एज-ए-सर्विस क्षमता की पहली बड़ी कड़ी होगी। कंपनी का लक्ष्य आने वाले वर्षों में भारत और दूसरे देशों में बड़े पैमाने पर एआई कंप्यूटिंग बुनियादी ढांचा तैयार करना है।
एक रिपोर्ट के अनुसार, हैदराबाद परियोजना की शुरुआती क्षमता का एक हिस्सा पहले ही एक अमेरिकी ग्राहक द्वारा खरीदा जा चुका है। हालांकि, ग्राहक की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है।
किन कंपनियों को मिलेगी कंप्यूटिंग सुविधा Who Will Use the AI Computing Infrastructure
AMI के अनुसार, उसकी कंप्यूटिंग सेवाओं का उपयोग बड़े क्लाउड सेवा प्रदाता, एआई प्रयोगशालाएं और भारतीय एआई मॉडल विकसित करने वाली संस्थाएं कर सकती हैं। इसके अलावा, एआई आधारित नए व्यवसाय और स्थानीय डेवलपर समुदाय भी इस बुनियादी ढांचे का उपयोग कर सकेंगे।
इससे उन कंपनियों को फायदा मिल सकता है जिन्हें अपने एआई मॉडल को प्रशिक्षित करने या बड़े पैमाने पर चलाने के लिए महंगे कंप्यूटिंग संसाधनों की जरूरत होती है।
एनवीडिया वेरा रुबिन क्या है। What Is Nvidia Vera Rubin.
Nvidia Vera Rubin कंपनी की नई पीढ़ी का एआई कंप्यूटिंग प्लेटफॉर्म है। Nvidia के अनुसार, Rubin प्लेटफॉर्म को बड़े पैमाने पर एआई प्रशिक्षण, मॉडल चलाने और एजेंटिक एआई जैसे जटिल कार्यों के लिए तैयार किया गया है। इसमें GPU के साथ कई अन्य चिप और नेटवर्किंग तकनीकें एक साथ काम करती हैं।
Nvidia ने बताया है कि Vera Rubin प्लेटफॉर्म को बड़े एआई कारखानों के लिए तैयार किया गया है और इसका उद्देश्य एआई मॉडल के प्रशिक्षण और संचालन को अधिक कुशल बनाना है। कंपनी के अनुसार, Vera Rubin NVL72 में Nvidia Vera CPU और Rubin GPU को एक साथ जोड़ा गया है।
एजेंटिक एआई के लिए महत्वपूर्ण तकनीक Important Technology for Agentic AI
एआई उद्योग में अब केवल बड़े भाषा मॉडल बनाना ही लक्ष्य नहीं रह गया है। कंपनियां ऐसे एआई एजेंट विकसित कर रही हैं जो शोध, योजना, विश्लेषण और अन्य जटिल कामों को कई चरणों में पूरा कर सकें।
Vera Rubin जैसे उच्च क्षमता वाले कंप्यूटिंग सिस्टम इन प्रणालियों को बड़े पैमाने पर चलाने के लिए महत्वपूर्ण हो सकते हैं। Nvidia ने भी Rubin प्लेटफॉर्म को एजेंटिक एआई के बढ़ते उपयोग को ध्यान में रखते हुए विकसित किया है।
भारत के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह परियोजना। Why the Project Matters for India
भारत में एआई का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन बड़े एआई मॉडल के प्रशिक्षण और संचालन के लिए जरूरी अत्याधुनिक कंप्यूटिंग बुनियादी ढांचे की उपलब्धता अभी एक महत्वपूर्ण चुनौती है।
हैदराबाद में इतनी बड़ी क्षमता वाला एआई कारखाना विकसित होने से भारतीय कंपनियों और शोध संस्थानों को देश के भीतर उन्नत कंप्यूटिंग संसाधन मिल सकते हैं। इससे विदेशी कंप्यूटिंग सेवाओं पर निर्भरता कम करने और भारत में विकसित एआई मॉडलों को आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
यह परियोजना भारत के लिए एआई संप्रभुता, यानी देश के भीतर एआई मॉडल, डेटा और कंप्यूटिंग क्षमता विकसित करने के प्रयासों को भी मजबूत कर सकती है।
हरित ऊर्जा से कम रखने की कोशिश होगी लागत Renewable Energy Could Help Keep Costs Lower
एआई बुनियादी ढांचे में केवल चिप और सर्वर ही महत्वपूर्ण नहीं होते। बिजली की लागत भी बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। बड़े एआई डेटा केंद्रों को लगातार भारी मात्रा में बिजली और शीतलन की जरूरत होती है।
AMI को ग्रीनको समूह के नवीकरणीय ऊर्जा बुनियादी ढांचे तक पहुंच का लाभ मिल सकता है। कंपनी का कहना है कि सस्ती नवीकरणीय ऊर्जा उसकी कंप्यूटिंग सेवाओं की लागत को प्रतिस्पर्धी रखने में मदद कर सकती है। ग्रीनको के संस्थापक और अध्यक्ष महेश कोल्ली ने भी एआई में ऊर्जा लागत के महत्व पर जोर दिया है।
बिजली से एआई टोकन तक की अर्थव्यवस्था From Electricity to AI Token Economics
एआई मॉडल जितना बड़ा और जटिल होता है, उसे चलाने के लिए उतनी ही अधिक कंप्यूटिंग और ऊर्जा की आवश्यकता होती है। इसलिए एआई उद्योग में बिजली की लागत सीधे कंप्यूटिंग और एआई सेवाओं की कीमत को प्रभावित कर सकती है।
नवीकरणीय ऊर्जा और बड़े पैमाने की कंप्यूटिंग क्षमता को एक साथ जोड़ना AMI की रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
2030 तक 5 गीगावाट एआई डेटा केंद्रों की योजना Plan for 5 GW of AI Data Centres by 2030
हैदराबाद परियोजना AMI की बड़ी विस्तार योजना का केवल शुरुआती हिस्सा है। कंपनी भारत, अमेरिका और यूरोप सहित विभिन्न क्षेत्रों में 2030 तक 5 गीगावाट संचालित एआई डेटा केंद्र क्षमता विकसित करने की योजना बना रही है।
इसके साथ ही कंपनी भारत, अमेरिका, फिनलैंड और मलेशिया में लगभग 1 गीगावाट कंप्यूट-एज-ए-सर्विस क्षमता विकसित करने का लक्ष्य रखती है। इस विस्तार के लिए कंपनी ऋण और इक्विटी, दोनों माध्यमों से पूंजी जुटाने की योजना बना रही है।
उच्च घनत्व वाले एआई डेटा केंद्रों पर जोर Focus on High-Density AI Data Centres
आधुनिक एआई चिप बहुत अधिक कंप्यूटिंग शक्ति देती हैं, लेकिन इनके संचालन में काफी गर्मी भी पैदा होती है। इसलिए AMI अपने डेटा केंद्रों में उच्च घनत्व वाली एआई कंप्यूटिंग के लिए तरल शीतलन जैसी तकनीकों का उपयोग करने की योजना बना रही है।
इस तरह का बुनियादी ढांचा भविष्य की अधिक शक्तिशाली एआई चिप को समायोजित करने के लिए भी तैयार किया जा सकता है।
भारत वैश्विक एआई कंप्यूटिंग केंद्र बनने की ओर India Moves Toward Becoming a Global AI Computing Hub
9,000 Nvidia Rubin GPU का ऑर्डर केवल एक कंपनी के विस्तार की कहानी नहीं है। यह भारत में एआई के लिए बड़े पैमाने पर कंप्यूटिंग बुनियादी ढांचा तैयार करने की बढ़ती महत्वाकांक्षा को भी दर्शाता है।
यदि AMI की योजनाएं निर्धारित समय के अनुसार आगे बढ़ती हैं, तो हैदराबाद भारत में अत्याधुनिक एआई कंप्यूटिंग के महत्वपूर्ण केंद्रों में शामिल हो सकता है। इससे एआई स्टार्टअप, शोध संस्थानों, क्लाउड कंपनियों और बड़े उद्यमों को नई कंप्यूटिंग क्षमता उपलब्ध हो सकती है।
भारतीय एआई पारिस्थितिकी तंत्र को मिल सकता है लाभ Potential Benefits for India's AI Ecosystem
इस तरह के बड़े निवेश से भारत में कई स्तरों पर लाभ हो सकते हैं।
- बड़े एआई मॉडल के प्रशिक्षण के लिए स्थानीय कंप्यूटिंग क्षमता बढ़ सकती है।
- भारतीय एआई स्टार्टअप को उन्नत GPU संसाधन मिल सकते हैं।
- शोध संस्थानों को उच्च क्षमता वाली कंप्यूटिंग सुविधा उपलब्ध हो सकती है।
- क्लाउड और एआई सेवा कंपनियों के लिए नए अवसर बन सकते हैं।
- एआई डेटा केंद्रों से जुड़े रोजगार और तकनीकी कौशल विकसित हो सकते हैं।
- नवीकरणीय ऊर्जा और एआई बुनियादी ढांचे के बीच नया व्यावसायिक मॉडल विकसित हो सकता है।
निष्कर्ष। Conclusion
AM Intelligence का करीब 9,000 Nvidia Rubin GPU का बाध्यकारी ऑर्डर भारत के एआई बुनियादी ढांचे के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। हैदराबाद में बनने वाला एआई कारखाना कंपनी की 1 गीगावाट कंप्यूट-एज-ए-सर्विस योजना की शुरुआती कड़ी होगा और इसे 2027 की पहली तिमाही में तैनात किए जाने की उम्मीद है।
8 अरब डॉलर से अधिक के प्रस्तावित पूंजीगत व्यय, 200 मेगावाट की शुरुआती क्षमता और 2030 तक 5 गीगावाट एआई डेटा केंद्र क्षमता विकसित करने की योजना इस परियोजना के बड़े पैमाने को दिखाती है। Nvidia की Vera Rubin तकनीक, नवीकरणीय ऊर्जा और भारत की बढ़ती एआई मांग को एक साथ जोड़कर AMI देश को वैश्विक एआई कंप्यूटिंग मानचित्र पर मजबूत स्थान दिलाने की कोशिश कर रही है।


