अडानी पावर ने 10 सब्सिडियरी कंपनियों का मर्जर पूरा किया, एनसीएलटी से मिली मंजूरी
News Synopsis
अडानी पावर ने अपनी व्यापक कॉरपोरेट पुनर्गठन योजना के तहत 10 पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनियों का अपने साथ विलय पूरा कर लिया है। कंपनी के अनुसार, यह विलय 25 सितंबर 2026 से प्रभावी हो गया। इसके लिए अहमदाबाद और मुंबई स्थित राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (NCLT) की पीठों से जरूरी मंजूरी प्राप्त की गई।
इस पुनर्गठन के बाद बिजली उत्पादन, ईंधन प्रबंधन और इससे जुड़ी गतिविधियों में काम करने वाली कई कंपनियां सीधे Adani Power की कॉरपोरेट संरचना का हिस्सा बन गई हैं। कंपनी ने बताया कि विलय योजना को प्रभावी बनाने के लिए जरूरी सभी शर्तें पूरी कर ली गई हैं।
यह कदम अडानी पावर Adani Power की सहायक कंपनियों की संरचना को सरल बनाने की प्रक्रिया का हिस्सा है। इसके तहत एक ही समूह के भीतर संबंधित गतिविधियों से जुड़ी कई अलग-अलग कानूनी संस्थाओं को एक कंपनी के तहत लाया गया है।
NCLT की मंजूरी के बाद पूरा हुआ विलय Merger Completed After NCLT Approvals
किसी कंपनी की सहायक इकाइयों के विलय के लिए नियामकीय मंजूरी महत्वपूर्ण होती है। अडानी पावर Adani Power की इस विलय योजना को NCLT की दो पीठों से मंजूरी मिली।
राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (NCLT) National Company Law Tribunal (NCLT) अहमदाबाद पीठ ने अपने 4 अगस्त 2026 के आदेश के जरिए योजना को मंजूरी दी। इसके बाद NCLT मुंबई पीठ ने 24 सितंबर 2026 को अपने आदेश के माध्यम से योजना को मंजूरी प्रदान की।
दोनों मंजूरियों और अन्य जरूरी प्रक्रियाओं के पूरा होने के बाद विलय योजना 25 सितंबर 2026 को प्रभावी हो गई। इस तरह संबंधित सहायक कंपनियों को Adani Power के साथ समेकित करने की नियामकीय प्रक्रिया पूरी हो गई।
दोनों NCLT आदेशों की भूमिका Role of the Two NCLT Orders
अहमदाबाद और मुंबई NCLT पीठों के आदेश इस विलय योजना के लिए आवश्यक नियामकीय प्रक्रिया का हिस्सा थे। अंतिम शर्तों के पूरा होने के बाद कंपनी ने योजना को प्रभावी किया।
इससे यह सुनिश्चित हुआ कि विलय को स्वीकृत योजना और लागू कानूनी प्रक्रिया के अनुसार आगे बढ़ाया जा सके।
इन 10 कंपनियों का हुआ विलय These 10 Companies Were Merged
Adani Power के पुनर्गठन में 10 पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनियां शामिल हैं। इनके अलावा एक ऐसी कंपनी भी योजना का हिस्सा है, जो Adani Power की step-down wholly owned subsidiary थी।
विलय में शामिल कंपनियों के नाम हैं:
अडानी पावर दहेज Adani Power Dahej
रिसर्जेंट फ्यूल मैनेजमेंट Resurgent Fuel Management
महान फ्यूल मैनेजमेंट Mahan Fuel Management
ओडिशा थर्मल एनर्जी Orissa Thermal Energy
कोरबा पावर Korba Power
अनूपपुर थर्मल एनर्जी Anuppur Thermal Energy
मिर्ज़ापुर थर्मल एनर्जी Mirzapur Thermal Energy
एम्बरिज़ा इंफ्रा पार्क Emberiza Infra Park
विदर्भ इंडस्ट्रीज़ पावर Vidarbha Industries Power
कच्छ पावर जनरेशन Kutchh Power Generation
इनमें Kutchh Power Generation Adani Power की step-down पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी थी और इसे भी इसी पुनर्गठन योजना में शामिल किया गया।
अलग-अलग कानूनी संस्थाओं का हुआ समेकन Separate Legal Entities Have Been Consolidated
विलय का मुख्य प्रभाव यह है कि इन कंपनियों की अलग-अलग कानूनी पहचान समाप्त हो जाती है और उनका कारोबार स्वीकृत योजना की शर्तों के अनुसार Adani Power की संरचना में शामिल हो जाता है।
विलय के बाद कंपनियां अलग इकाई नहीं रहेंगी Merged Companies Will No Longer Exist as Separate Entities
विलय प्रभावी होने के बाद संबंधित 10 सहायक कंपनियां अलग कानूनी संस्थाओं के रूप में अस्तित्व में नहीं रहेंगी। कंपनी के अनुसार, इसके लिए इन संस्थाओं को अलग से परिसमापन की प्रक्रिया से गुजरना नहीं होगा।
इन कंपनियों से जुड़े कारोबार और संचालन स्वीकृत विलय योजना की शर्तों के अनुसार Adani Power में समाहित हो जाएंगे।
इस तरह पुनर्गठन से एक ही समूह के भीतर समान या संबंधित गतिविधियों को अलग-अलग कंपनियों के माध्यम से संचालित करने की आवश्यकता कम हो सकती है। इससे समूह की कानूनी और कॉरपोरेट संरचना को अधिक एकीकृत रूप दिया जा सकता है।
विलय की नियुक्त तिथि 1 अप्रैल 2025 Appointed Date of the Merger Is April 1, 2025
दिलचस्प बात यह है कि विलय की प्रभावी तिथि और नियुक्त तिथि अलग-अलग हैं। योजना के अनुसार, विलय की appointed date यानी नियुक्त तिथि 1 अप्रैल 2025 रखी गई है।
वहीं, योजना वास्तविक रूप से 25 सितंबर 2026 को प्रभावी हुई।
Appointed Date का क्या मतलब है? What Does the Appointed Date Mean?
किसी विलय योजना में appointed date उस तारीख को कहा जाता है, जिससे स्वीकृत योजना के तहत विलय को निर्धारित उद्देश्यों के लिए प्रभावी माना जाता है। हालांकि, वास्तविक कानूनी प्रभाव के लिए जरूरी मंजूरियां और अन्य शर्तें पूरी होना आवश्यक होता है।
अडानी पावर के मामले में 1 अप्रैल 2025 को appointed date रखा गया था, जबकि NCLT मंजूरियों और आवश्यक प्रक्रियाओं के बाद योजना 25 सितंबर 2026 को प्रभावी हुई।
बिजली और ईंधन कारोबार से जुड़ी कंपनियां शामिल Power and Fuel Businesses Included in the Restructuring
विलय में शामिल कंपनियां बिजली उत्पादन, थर्मल ऊर्जा, ईंधन प्रबंधन और संबंधित बुनियादी ढांचे जैसी गतिविधियों से जुड़ी रही हैं।
इन अलग-अलग कंपनियों को Adani Power के साथ मिलाने से समूह के बिजली उत्पादन से जुड़े कारोबार को एक साझा कॉरपोरेट ढांचे में लाया गया है।
यह पुनर्गठन विशेष रूप से उन कारोबारों को एकीकृत करता है, जो Adani Power के बिजली उत्पादन तंत्र और उससे संबंधित गतिविधियों के साथ जुड़े हुए हैं।
कॉरपोरेट ढांचा हो सकता है अधिक सरल Corporate Structure Could Become More Streamlined
किसी समूह में कई पूर्ण स्वामित्व वाली कंपनियां होने पर अलग-अलग कानूनी और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की जरूरत होती है। ऐसी कंपनियों का विलय करके कारोबार को एक ही कॉरपोरेट इकाई के तहत लाने से संरचना को सरल बनाया जा सकता है।
अडानी पावर के इस पुनर्गठन में भी प्रभावित सहायक कंपनियों को मूल कंपनी में समाहित किया गया है। इससे संबंधित कारोबारों की कॉरपोरेट व्यवस्था अधिक एकीकृत हो गई है।
हालांकि, इस तरह के विलय से होने वाले वास्तविक वित्तीय और परिचालन प्रभाव का आकलन कंपनी के भविष्य के वित्तीय परिणामों और संचालन के आधार पर किया जाना होगा।
विलय की सभी जरूरी शर्तें पूरी All Conditions Required for the Merger Were Fulfilled
Adani Power ने बताया कि विलय योजना को लागू करने के लिए आवश्यक सभी शर्तें पूरी हो चुकी हैं। NCLT की अहमदाबाद और मुंबई पीठों से मंजूरी मिलने के बाद कंपनी ने योजना को प्रभावी कर दिया।
इसका मतलब है कि स्वीकृत पुनर्गठन योजना के तहत संबंधित सहायक कंपनियों को Adani Power में समाहित करने की प्रक्रिया पूरी हो गई है।
अडानी पावर के शेयर में 1.64% की गिरावट Adani Power Shares Declined 1.64%
विलय के प्रभावी होने वाले दिन यानी 25 सितंबर 2026 को Adani Power के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। NSE पर कंपनी का शेयर कारोबारी सत्र के अंत में ₹202.75 पर बंद हुआ।
पिछले बंद भाव की तुलना में शेयर में ₹3.27, यानी 1.64% की गिरावट दर्ज की गई।
यह केवल उसी कारोबारी दिन का शेयर मूल्य बदलाव है और इसे विलय के कारण हुआ बदलाव मानने के लिए अलग से कारणात्मक विश्लेषण की जरूरत होगी।
अडानी पावर के लिए विलय का क्या मतलब है? What Does the Merger Mean for Adani Power?
इस पुनर्गठन से 10 पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनियां Adani Power की प्रत्यक्ष कॉरपोरेट संरचना में आ गई हैं। इससे बिजली उत्पादन, ईंधन प्रबंधन और संबंधित गतिविधियों से जुड़े कारोबारों को एक ही कानूनी इकाई के तहत समेकित किया गया है।
विलय के बाद संबंधित कंपनियां अलग कानूनी इकाइयों के रूप में काम नहीं करेंगी। इससे समूह के लिए कॉरपोरेट संरचना को सरल बनाने और संबंधित कारोबारों को एकीकृत ढांचे में रखने में मदद मिल सकती है।
हालांकि, विलय का वास्तविक कारोबारी प्रभाव आने वाले समय में कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन, संचालन और प्रबंधन की रिपोर्टिंग में अधिक स्पष्ट हो सकता है।
निष्कर्ष Conclusion
Adani Power ने 10 पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनियों के विलय की प्रक्रिया पूरी कर ली है। NCLT की अहमदाबाद पीठ ने 4 अगस्त 2026 और मुंबई पीठ ने 24 सितंबर 2026 को योजना को मंजूरी दी थी। इसके बाद विलय 25 सितंबर 2026 को प्रभावी हुआ।
इस योजना में बिजली उत्पादन, थर्मल ऊर्जा, ईंधन प्रबंधन और संबंधित गतिविधियों से जुड़ी कंपनियां शामिल हैं। 1 अप्रैल 2025 को appointed date निर्धारित की गई थी। विलय प्रभावी होने के बाद संबंधित सहायक कंपनियां अलग कानूनी संस्थाओं के रूप में अस्तित्व में नहीं रहेंगी और उनका कारोबार स्वीकृत योजना के अनुसार Adani Power में समाहित हो जाएगा।
यह पुनर्गठन कंपनी की सहायक कंपनियों को एक साझा कॉरपोरेट ढांचे में लाने और समूह की संरचना को अधिक एकीकृत बनाने की दिशा में उठाया गया कदम है।


