रिलायंस ने पर्सनल केयर ब्रांड Velvette को फिर से लॉन्च किया
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भारत के फ़िज़ी ड्रिंक मार्केट में तहलका मचाने के बाद रिलायंस कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड अब पर्सनल केयर क्षेत्र में प्रवेश कर रही है, और हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड और डाबर लिमिटेड जैसी स्थापित कंपनियों को टक्कर दे रही है।
कंपनी ने तमिलनाडु के एक समय के पॉपुलर ब्रांड Velvette को फिर से लॉन्च किया और अभिनेत्री कृति शेट्टी को अपना एम्बेसडर बनाया।
कंपनी ने उसी दिन चेन्नई में एक बड़ी डीलर मीटिंग आयोजित की ताकि इस लॉन्च को यादगार बनाया जा सके। लोगों ने बताया कि RCPL अपने पर्सनल केयर सेगमेंट में वेलवेट को एक अम्ब्रेला ब्रांड के रूप में इस्तेमाल कर सकती है, और दक्षिणी बाज़ार में अपनी विरासत का लाभ उठा सकती है।
कंपनी ने कहा "भारत के हेरिटेज ब्रांडों को बढ़ावा देने के RCPL के दृष्टिकोण के अनुरूप व्यापक रूप से पॉपुलर वेलवेट अब कंपनी के पर्सनल केयर पोर्टफोलियो में एक प्रमुख ब्रांड है।"
वेलवेट का पुनः लॉन्च RCPL की अपने FMCG बिज़नेस का विस्तार करने और पाँच वर्षों के भीतर ₹1 ट्रिलियन का रेवेनुए हासिल करने की व्यापक महत्वाकांक्षा के अनुरूप है।
वेल्वेट शुरुआत में तमिलनाडु में 1,400-1,500 स्टोर्स में अपनी सेवाएँ शुरू करेगा, और आगे चलकर दक्षिणी बाज़ारों में भी विस्तार की योजना है, जहाँ इस ब्रांड की अच्छी पकड़ है। आरसीपीएल वेल्वेट को पुरुषों के सौंदर्य प्रसाधन जैसी अन्य श्रेणियों में भी विस्तारित कर सकता है।
एक पुराने ब्रांड की वापसी
वेलवेट की स्थापना 1980 के दशक में भारत के मूल "सैशे किंग" सी.के. राजकुमार ने की थी, और यह किफायती शैम्पू सैशे की बदौलत घर-घर में जाना-पहचाना नाम बन गया। बाद में बड़े ब्रांडों से कम्पटीशन के कारण यह ब्रांड फीका पड़ गया।
आरसीपीएल के पुनरुद्धार का उद्देश्य पुरानी यादों को मॉडर्न डिस्ट्रीब्यूशन और मार्केटिंग के साथ जोड़ना है, जिससे वेलवेट अपने पर्सनल केयर पोर्टफोलियो में एक प्रमुख ब्रांड बन सके। अब इसके प्रोडक्ट्स में साबुन, शैम्पू, कंडीशनर, शॉवर जेल, बॉडी लोशन और टैल्कम पाउडर शामिल हैं।
प्राइसिंग और मार्केट
वेलवेट की कीमत आम कंस्यूमर्स के लिए है। इसके 8 मिलीलीटर शैम्पू सैशे की कीमत ₹2 है, जबकि 185 मिलीलीटर और 340 मिलीलीटर की बोतलों की कीमत क्रमशः ₹150 और ₹290 है।
एचयूएल का सनसिल्क भी लगभग इसी कीमत पर उपलब्ध है, हालाँकि यह ₹1 के सैशे भी उपलब्ध कराता है। डाबर के वाटिका शैंपू की कीमत वेल्वेट से कम है, जबकि साबुन (40 ग्राम ₹10; 100 ग्राम ₹35) गोदरेज के सिंथॉल के बराबर हैं।
डेलॉइट इंडिया के अनुसार भारत का ब्यूटी और पर्सनल केयर मार्केट 2024 में 28 अरब डॉलर का था, और 2030 तक इसकी एनुअल ग्रोथ रेट 11.5% रहने का अनुमान है। विश्लेषकों का कहना है, कि ब्रांड के प्रति उच्च निष्ठा और कड़ी कम्पटीशन के कारण पर्सनल केयर पेय पदार्थों या खाद्य पदार्थों की तुलना में अधिक चुनौतीपूर्ण श्रेणी है।
वेल्वेट का मुकाबला एचयूएल, आईटीसी, गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स और आरएचएस ग्लोबल जैसी स्थापित कंपनियों और मामाअर्थ तथा प्लम जैसी उभरती कंपनियों से होगा।
नुवामा इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज़ के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अबनीश रॉय Abneesh Roy ने कहा "नए प्रवेशकों के लिए व्यक्तिगत देखभाल एक कठिन श्रेणी है, हालाँकि यह रिलायंस के लिए एक चुनौती है, इसलिए हम इस पर नज़र रखेंगे। आईटीसी को भी खाद्य पदार्थों के क्षेत्र में अच्छी सफलता मिली है, लेकिन पर्सनल केयर क्षेत्र में इसकी सफलता को मापा गया है (डिओ को छोड़कर)। पर्सनल केयर क्षेत्र में ग्राहकों की निष्ठा खाद्य पदार्थों के विपरीत कहीं अधिक है।"
"हालांकि वेल्वेट एक विरासती ब्रांड है, और कुछ दक्षिणी बाज़ारों में इसकी ब्रांड रिकॉल है। रिलायंस डिस्ट्रीब्यूशन और मार्केटिंग के ज़रिए इसे बढ़ा सकता है। लेकिन कैंपा के विपरीत इसे पूरे भारत में ले जाना ज़्यादा मुश्किल होगा," उन्होंने कहा।
कुछ अन्य लोगों ने कहा कि ब्रांड के शुरुआती रोल-आउट से छोटे ब्रांड्स को दिक्कत हो सकती है।
ट्रेड मार्केटिंग हेड ने कहा "वे पहले स्थानीय खिलाड़ियों को खदेड़ेंगे, हालाँकि वे हर श्रेणी में ब्रांड बना सकते हैं, लेकिन यह संभावना नहीं है, कि वे किसी भी श्रेणी में बाज़ार के अग्रणी बन पाएँगे।"
आरसीपीएल ने FY25 के लिए कुल एफएमसीजी रेवेनुए ₹11,450 करोड़ बताया, हालाँकि इसका पर्सनल केयर डिस्ट्रीब्यूशन सीमित बना हुआ है। इसके विपरीत एचयूएल के पर्सनल केयर सेगमेंट—जिसमें साबुन, शैम्पू, डिओडोरेंट और बॉडी वॉश शामिल हैं, और पिछले वित्त वर्ष में ₹9,168 करोड़ का रेवेनुए दर्ज किया।


