PhonePe ने अप्रैल में फिर बनाया रिकॉर्ड, 10 अरब से ज्यादा UPI ट्रांजैक्शन

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PhonePe ने अप्रैल में फिर बनाया रिकॉर्ड, 10 अरब से ज्यादा UPI ट्रांजैक्शन
29 May 2026
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News Synopsis

भारत का डिजिटल पेमेंट परिदृश्य अप्रैल में भी मजबूत बना रहा, क्योंकि वॉलमार्ट समर्थित PhonePe ने यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) इकोसिस्टम में अपनी अग्रणी स्थिति कायम रखी। प्लेटफॉर्म ने लगातार दूसरे महीने 10 अरब से अधिक ट्रांजैक्शन प्रोसेस किए, जिससे देश के तेजी से बढ़ते डिजिटल भुगतान बाजार में उसकी मजबूत पकड़ और स्पष्ट हो गई।

नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) द्वारा जारी नवीनतम आंकड़ों के अनुसार अप्रैल में UPI पर कुल 22.34 अरब ट्रांजैक्शन दर्ज किए गए। हालांकि यह आंकड़ा मार्च में दर्ज रिकॉर्ड 22.64 अरब ट्रांजैक्शन से थोड़ा कम रहा, फिर भी मर्चेंट पेमेंट्स और पीयर-टू-पीयर ट्रांसफर में मजबूत गति बनी रही।

UPI बाजार में PhonePe की मजबूत पकड़ जारी

PhonePe अप्रैल में भी UPI सेगमेंट का सबसे बड़ा खिलाड़ी बना रहा। डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म ने अप्रैल में 10.33 अरब से अधिक ट्रांजैक्शन प्रोसेस किए, जो महीने के कुल UPI ट्रांजैक्शन वॉल्यूम का लगभग 46.2% हिस्सा था।

ट्रांजैक्शन वैल्यू के मामले में भी PhonePe ने अपनी स्थिति और मजबूत की। कंपनी ने लगभग 14.31 लाख करोड़ रुपये के भुगतान प्रोसेस किए, जिससे उसे वैल्यू के आधार पर करीब 49.3% बाजार हिस्सेदारी हासिल हुई। यह दर्शाता है, कि प्लेटफॉर्म की पहुंच उपभोक्ताओं और व्यापारियों दोनों के बीच लगातार बढ़ रही है।

कंपनी ने पहली बार मार्च में 10 अरब ट्रांजैक्शन का आंकड़ा पार किया था, जब उसने करीब 10.5 अरब ट्रांजैक्शन दर्ज किए थे। अप्रैल में भी समान स्तर बनाए रखना यह दिखाता है, कि भारतीय उपभोक्ताओं के बीच डिजिटल भुगतान और UPI आधारित ट्रांजैक्शन की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है।

Google Pay दूसरे स्थान पर कायम

Google Pay अप्रैल में भी UPI इकोसिस्टम में दूसरे स्थान पर बना रहा। प्लेटफॉर्म ने करीब 7.36 अरब ट्रांजैक्शन प्रोसेस किए, जिससे उसे ट्रांजैक्शन वॉल्यूम के आधार पर लगभग 32.9% बाजार हिस्सेदारी मिली।

ट्रांजैक्शन वैल्यू के आधार पर Google Pay ने करीब 9.72 लाख करोड़ रुपये के भुगतान प्रोसेस किए, जिससे उसकी हिस्सेदारी लगभग 33.5% रही। आसान इंटरफेस और व्यापक मर्चेंट नेटवर्क के कारण यह प्लेटफॉर्म उपभोक्ताओं के बीच लोकप्रिय बना हुआ है।

PhonePe और Google Pay मिलकर भारतीय UPI बाजार के अधिकांश ट्रांजैक्शन वॉल्यूम और वैल्यू पर कब्जा बनाए हुए हैं।

प्रतिस्पर्धा के बीच Paytm तीसरे स्थान पर

फिनटेक कंपनी Paytm देश की तीसरी सबसे बड़ी UPI प्लेयर बनी रही। प्लेटफॉर्म ने अप्रैल में करीब 1.77 अरब ट्रांजैक्शन प्रोसेस किए।

Paytm को ट्रांजैक्शन वॉल्यूम के आधार पर लगभग 8% और वैल्यू के आधार पर करीब 6.7% बाजार हिस्सेदारी प्राप्त हुई। हाल के महीनों में बढ़ती प्रतिस्पर्धा और नियामकीय निगरानी के बावजूद Paytm डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम में अपनी मजबूत उपस्थिति बनाए रखने में सफल रहा।

इसके मजबूत मर्चेंट नेटवर्क और विविध वित्तीय सेवाओं ने कंपनी को स्थिर ट्रांजैक्शन वॉल्यूम बनाए रखने में मदद की है।

उभरते प्लेटफॉर्म्स की बढ़ती हिस्सेदारी

शीर्ष तीन प्लेटफॉर्म्स के अलावा कई उभरते खिलाड़ियों ने भी अप्रैल में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की, जो भारत के डिजिटल भुगतान बाजार में बढ़ती प्रतिस्पर्धा को दर्शाती है।

Navi ने महीने के दौरान 801 मिलियन से अधिक ट्रांजैक्शन प्रोसेस किए और तेजी से बढ़ते फिनटेक प्लेटफॉर्म्स में अपनी स्थिति मजबूत की। कंपनी लगातार अपनी डिजिटल वित्तीय सेवाओं का विस्तार कर रही है और युवा उपभोक्ताओं के बीच लोकप्रियता हासिल कर रही है।

Flipkart समर्थित super.money ने लगभग 369 मिलियन ट्रांजैक्शन प्रोसेस किए, जो UPI इकोसिस्टम में उसकी बढ़ती मौजूदगी को दर्शाता है। वहीं, सरकार समर्थित BHIM ऐप ने अप्रैल में करीब 210 मिलियन ट्रांजैक्शन दर्ज किए।

छोटे प्लेटफॉर्म्स ने भी अपनी पहुंच बढ़ाई। Trio की FamApp ने करीब 183 मिलियन ट्रांजैक्शन प्रोसेस किए, जबकि फिनटेक प्लेटफॉर्म CRED ने लगभग 157 मिलियन ट्रांजैक्शन किए, जिनकी कुल वैल्यू 56,569 करोड़ रुपये रही।

दिलचस्प बात यह रही कि CRED का ट्रांजैक्शन वॉल्यूम अन्य बड़े प्लेटफॉर्म्स की तुलना में कम होने के बावजूद उसकी ट्रांजैक्शन वैल्यू काफी अधिक रही। इससे संकेत मिलता है कि प्लेटफॉर्म के उपयोगकर्ता अपेक्षाकृत अधिक मूल्य वाले ट्रांजैक्शन करते हैं।

WhatsApp और बैंकिंग ऐप्स की बढ़ती मौजूदगी

Meta के स्वामित्व वाला WhatsApp भी भारत के डिजिटल भुगतान इकोसिस्टम में अपनी उपस्थिति लगातार बढ़ा रहा है। मैसेजिंग प्लेटफॉर्म ने अप्रैल में करीब 139 मिलियन ट्रांजैक्शन प्रोसेस किए, क्योंकि अधिक उपयोगकर्ता इसके इंटीग्रेटेड पेमेंट फीचर को अपना रहे हैं।

Axis Bank सहित विभिन्न बैंकिंग ऐप्स ने भी कुल UPI ट्रांजैक्शन में योगदान दिया, हालांकि उनकी बाजार हिस्सेदारी समर्पित फिनटेक पेमेंट प्लेटफॉर्म्स की तुलना में अपेक्षाकृत कम रही।

मैसेजिंग ऐप्स, फिनटेक स्टार्टअप्स और बैंकिंग संस्थानों की बढ़ती भागीदारी भारत के डिजिटल भुगतान ढांचे के विस्तार को दर्शाती है।

किराना और दैनिक जरूरतों से जुड़े भुगतान सबसे आगे

NPCI के आंकड़ों के अनुसार अप्रैल में मर्चेंट श्रेणी के UPI ट्रांजैक्शन में दैनिक उपभोग से जुड़े सेक्टर्स का दबदबा कायम रहा। किराना स्टोर और सुपरमार्केट सबसे आगे रहे, जहां करीब 3.72 अरब ट्रांजैक्शन दर्ज किए गए, जिनकी कुल वैल्यू 80,449 करोड़ रुपये रही।

फास्ट फूड रेस्टोरेंट्स दूसरे स्थान पर रहे, जहां लगभग 1.47 अरब ट्रांजैक्शन हुए। वहीं, खाने-पीने की जगहों और रेस्टोरेंट्स में करीब 1.25 अरब ट्रांजैक्शन दर्ज किए गए।

टेलीकम्युनिकेशन सेवाओं में भी मजबूत गतिविधि देखने को मिली, जहां लगभग 869.9 मिलियन ट्रांजैक्शन हुए। यह मोबाइल रिचार्ज और बिल भुगतान के लिए UPI के बढ़ते उपयोग को दर्शाता है।

फ्यूल पंप और सर्विस स्टेशनों ने करीब 658.6 मिलियन ट्रांजैक्शन दर्ज किए, जो रोजमर्रा के खर्चों में डिजिटल भुगतान के बढ़ते इस्तेमाल को दिखाता है।

भारत का डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम लगातार हो रहा मजबूत

ताजा UPI आंकड़े भारत के डिजिटल भुगतान इकोसिस्टम की निरंतर वृद्धि और परिपक्वता को दर्शाते हैं। मार्च की तुलना में कुल ट्रांजैक्शन वॉल्यूम में मामूली गिरावट के बावजूद UPI प्लेटफॉर्म्स पर उपयोगकर्ताओं की सक्रियता और ट्रांजैक्शन स्तर मजबूत बना रहा।

PhonePe और Google Pay का दबदबा यह दर्शाता है, कि बड़े फिनटेक प्लेटफॉर्म्स बाजार में अपनी स्थिति और मजबूत कर रहे हैं। वहीं Navi, super.money और CRED जैसे उभरते प्लेटफॉर्म्स की बढ़ती मौजूदगी यह संकेत देती है कि उद्योग में प्रतिस्पर्धा और नवाचार लगातार जारी है।

डिजिटल भुगतान अब उपभोक्ताओं की रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है, और आने वाले महीनों में भारत का UPI इकोसिस्टम और तेजी से विस्तार करने की उम्मीद है।