मिंत्रा ने ‘फैशन की अदालत’ कैंपेन का लेटेस्ट एडिशन लॉन्च किया
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Myntra ने लॉन्च किया नया Affiliate फीचर, क्रिएटर कॉमर्स को मिलेगा बढ़ावा
भारत का प्रमुख फैशन ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म Myntra ने अपने Ultimate Glam Clan (UGC) प्रोग्राम के तहत नया Affiliate फीचर लॉन्च किया है। यह कदम भारत में क्रिएटर-ड्रिवन कॉमर्स और कंटेंट-आधारित शॉपिंग अनुभव को और मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
Myntra का Creator-Led Commerce पर बढ़ता फोकस
Myntra ऑनलाइन फैशन शॉपिंग में बदलते ट्रेंड के बीच क्रिएटर कॉमर्स पर अपना फोकस तेजी से बढ़ा रहा है। आज फैशन की खोज केवल वेबसाइट ब्राउज़िंग तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि यह सोशल मीडिया, क्रिएटर कंटेंट और कम्युनिटी रेकमेंडेशन पर आधारित हो गई है।
कंपनी की यह नई पहल क्रिएटर्स और शॉपिंग अनुभव के बीच की दूरी को कम करने के उद्देश्य से लाई गई है, जिससे कंटेंट और कॉमर्स को एक साथ जोड़ा जा सके।
Ultimate Glam Clan प्रोग्राम के तहत नया Affiliate फीचर
नया Affiliate सिस्टम Ultimate Glam Clan (UGC) प्रोग्राम का हिस्सा है, जिसे भारत के क्रिएटर इकोसिस्टम को बढ़ावा देने के लिए बनाया गया है।
इस फीचर के तहत क्रिएटर्स को निम्न सुविधाएं मिलेंगी:
- पर्सनलाइज्ड स्टोरफ्रंट शेयर करना
- क्यूरेटेड फैशन कलेक्शन बनाना
- UGC (यूजर जनरेटेड कंटेंट) पोस्ट करना
- एफिलिएट लिंक के जरिए प्रोडक्ट शेयर करना
इन सुविधाओं की मदद से क्रिएटर्स सोशल मीडिया और अपने नेटवर्क के जरिए सीधे खरीदारी पर प्रभाव डाल सकेंगे।
Myntra का उद्देश्य शॉपिंग को अधिक इंटरैक्टिव और कंटेंट-आधारित बनाना है, जहां प्रेरणा और खरीदारी एक ही डिजिटल अनुभव में हो सके।
भारत में 10 लाख क्रिएटर्स को सशक्त बनाने का लक्ष्य
इस पहल का मुख्य उद्देश्य भारत में 10 लाख क्रिएटर्स को डिजिटल कॉमर्स इकोसिस्टम से जोड़ना है।
कंपनी का मानना है, कि आज के समय में क्रिएटर्स केवल इन्फ्लुएंसर नहीं हैं, बल्कि वे उपभोक्ता निर्णयों को प्रभावित करने वाले महत्वपूर्ण कारक बन चुके हैं।
इस नई व्यवस्था के तहत आम यूजर्स भी कंटेंट क्रिएटर बनकर कमाई कर सकते हैं, भले ही उनके पास बड़ा फॉलोअर्स बेस न हो।
CMO का बयान: क्रिएटर इकोनॉमी में बड़ा बदलाव
CMO सुंदर बलासुब्रमण्यम ने कहा कि भारत की क्रिएटर इकोनॉमी तेजी से बदल रही है और अब यह अधिक समुदाय-आधारित और ऑथेंटिक हो रही है।
उन्होंने कहा कि प्रभाव अब केवल बड़े सेलिब्रिटीज तक सीमित नहीं है, बल्कि छोटे क्रिएटर्स और सामान्य यूजर्स भी उपभोक्ता व्यवहार को प्रभावित कर रहे हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि Myntra का लक्ष्य Ultimate Glam Clan प्रोग्राम के जरिए 10 लाख क्रिएटर्स को सशक्त बनाना है।
पात्रता और कमाई का मॉडल
नए Affiliate फीचर का उपयोग करने के लिए यूजर्स को कम से कम 3 UGC पोस्ट प्रकाशित करनी होंगी।
इसके बाद उन्हें एफिलिएट लिंक के जरिए बिक्री पर कमीशन कमाने का अवसर मिलेगा।
यह मॉडल प्रदर्शन-आधारित है, जहां क्रिएटर्स को उनकी कंटेंट एंगेजमेंट और बिक्री के आधार पर भुगतान किया जाएगा।
क्रिएटर इकोसिस्टम में तेज़ी से विकास
Myntra के अनुसार पिछले एक वर्ष में क्रिएटर इकोसिस्टम में तेज़ वृद्धि हुई है।
मुख्य आंकड़े:
- 60 लाख से अधिक यूजर्स Ultimate Glam Clan से जुड़े
- 1.2 करोड़ से अधिक कंटेंट प्लेटफॉर्म पर बनाया गया
- मासिक क्रिएटर्स की संख्या 1 लाख से बढ़कर 5 लाख से अधिक हुई
यह वृद्धि भारत में सोशल कॉमर्स की बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाती है।
सोशल कॉमर्स और फैशन इंडस्ट्री में बदलाव
सोशल कॉमर्स अब भारत के फैशन और लाइफस्टाइल मार्केट में एक बड़ा ट्रेंड बन चुका है।
आज उपभोक्ता खरीदारी के लिए निम्न चीजों पर निर्भर हो रहे हैं:
- इन्फ्लुएंसर रेकमेंडेशन
- यूजर जनरेटेड कंटेंट
- स्टाइल वीडियो और रील्स
- कम्युनिटी रिव्यू
Myntra इस बदलाव के केंद्र में खुद को स्थापित कर रहा है।
रणनीतिक महत्व
क्रिएटर-ड्रिवन कॉमर्स ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स के लिए एक महत्वपूर्ण विकास मॉडल बन चुका है।
इससे प्लेटफॉर्म को:
- प्रोडक्ट विज़िबिलिटी बढ़ाने
- कस्टमर एंगेजमेंट सुधारने
- कन्वर्ज़न रेट बढ़ाने
- ब्रांड लॉयल्टी मजबूत करने
में मदद मिलती है।
निष्कर्ष:
Myntra द्वारा लॉन्च किया गया नया Affiliate फीचर भारत में क्रिएटर कॉमर्स के विकास में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह पहल न केवल क्रिएटर्स को सशक्त बनाती है, बल्कि डिजिटल शॉपिंग अनुभव को भी और अधिक इंटरैक्टिव बनाती है।
आने वाले समय में सोशल कॉमर्स भारत के ई-कॉमर्स बाजार का एक प्रमुख हिस्सा बनने की ओर अग्रसर है।
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Myntra ने इंटरनेशनल विमेंस डे से पहले अपने ‘फैशन की अदालत’ कैंपेन का लेटेस्ट एडिशन लॉन्च किया है, जो समाज के फैसले और महिलाओं के खुद को एक्सप्रेस करने के बारे में बातचीत को आगे बढ़ा रहा है। फैशन की अदालत 2.0 टाइटल वाला यह कैंपेन पिछले एडिशन के फैशन से जुड़े फैसलों पर फोकस को आगे बढ़ाता है, इस बार यह पता लगाता है, कि ज़िंदगी के अलग-अलग स्टेज में महिलाओं की पसंद को कैसे आंका जाता है।
कैंपेन फिल्म को एक स्टाइलिश कोर्टरूम स्पूफ के तौर पर बनाया गया है, जिसमें अर्चना पूरन सिंह जज के तौर पर और लिसा रे सेंट्रल कैरेक्टर के तौर पर हैं, जिनकी पसंद को 'ट्रायल' पर रखा जाता है। ह्यूमर और सटायर के ज़रिए कहानी यह दिखाती है, कि कैसे महिलाओं को अक्सर उनके पर्सनल फैसलों, फैशन और दिखने से लेकर ज़िंदगी की पसंद तक के लिए लेबल किया जाता है, या उनकी जांच की जाती है।
फिल्म में फिक्शनल केस “समाज बनाम उनकी पसंद” लिसा रे की ज़िंदगी के अलग-अलग स्टेज में सामने आता है। 18 साल की उम्र में उसकी आज़ादी और नियमों पर सवाल उठाने की इच्छा की बुराई होती है, जबकि कहानी के बाद के हिस्से शादी के बाद अपना सरनेम न बदलने के उसके फ़ैसले और उसके फ़ैशन चॉइस, जिसमें बैकलेस ब्लाउज़ पहनना भी शामिल है, और जांच पर फ़ोकस करते हैं। जैसे-जैसे कहानी आगे बढ़ती है, फ़िल्म चालीस साल की उम्र की महिलाओं से जुड़ी उम्मीदों को भी छूती है, जिसमें एम्बिशन, अपीयरेंस और ज़िंदगी की प्रायोरिटीज़ से जुड़े सवाल शामिल हैं।
पूरी कहानी में रे मज़ाक और कॉन्फिडेंस के साथ आरोपों का जवाब देती है, और अपने बारे में लगाई गई सोच को चुनौती देती है। फ़िल्म जज के आरोपों को खारिज करने और ऐसे फ़ैसलों के पीछे समाज की सोच को सामने लाने के साथ खत्म होती है, जो कैंपेन के इस मैसेज को और मज़बूत करती है, कि महिलाओं की पसंद पर लगातार जांच नहीं होनी चाहिए।
मिंत्रा की सोशल मीडिया मार्केटिंग और क्रिएटर इकोसिस्टम की हेड मोनालिसा पांडा Monalisa Panda ने कहा "इस विमेंस डे पर ‘फैशन की अदालत 2.0’ के साथ हम पिछले साल शुरू हुई बातचीत को आगे बढ़ाना चाहते थे। इस कैंपेन के ज़रिए हमारा मकसद एक ऐसी सच्चाई को सामने लाना था, जिसका अनुभव कई महिलाएं करती हैं, जहाँ खुद को ज़ाहिर करने की कोशिशों पर अक्सर ज़िंदगी भर बिना माँगे ध्यान दिया जाता है। फैशन और सुंदरता, असल में अपनी पहचान की एक मज़बूत झलक हैं, फिर भी वे अक्सर बाहरी उम्मीदों से बनते हैं। मिंत्रा में हमारा फोकस लोगों को फैशन और सुंदरता के ज़रिए खुद को ज़ाहिर करने के लिए प्रेरित करना है। अलग-अलग तरह के कस्टमर्स की बदलती ज़रूरतों को पूरा करने के लिए अलग-अलग तरह के स्टाइल देकर और खोज को ज़्यादा आसान और पर्सनल बनाने के लिए टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके हमारा मकसद एक ऐसा इकोसिस्टम बनाना है, जहाँ अपनी पहचान को सेलिब्रेट किया जाए, और लोग बिना किसी झिझक के अपनी पसंद को अपनाने में कॉन्फिडेंट महसूस करें।"
इस कैंपेन को आइडियाज़ फार्म ने बनाया और प्रोड्यूस किया है, और विमेंस डे से पहले इसे सोशल मीडिया समेत डिजिटल प्लेटफॉर्म पर रिलीज़ किया गया है।


