IN-SPACe ने Astrobase, SatSure और TM2SPACE को TAF फंडिंग के लिए चुना

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IN-SPACe ने Astrobase, SatSure और TM2SPACE को TAF फंडिंग के लिए चुना
13 Jun 2026
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News Synopsis

भारतीय अंतरिक्ष संवर्धन एवं प्राधिकरण केंद्र (IN-SPACe) ने भारत के निजी स्पेस इकोसिस्टम को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए Astrobase Space Technologies, SatSure Analytics India और TM2SPACE Technologies को अपने Technology Adoption Fund (TAF) के तहत फंडिंग के लिए चुना है। यह ₹500 करोड़ योजना के तहत पहला फंडिंग राउंड है, जिसे फरवरी में लॉन्च किया गया था।

TAF फंडिंग का पहला चरण घोषित

IN-SPACe ने तीन स्टार्टअप्स को TAF योजना के पहले लाभार्थियों के रूप में चुना है।

मुख्य बातें:

  • चयनित स्टार्टअप्स: Astrobase Space, SatSure Analytics, TM2SPACE
  • योजना का कुल आकार: ₹500 करोड़
  • फंडिंग सहायता: परियोजना लागत का 60% तक
  • अधिकतम सीमा: प्रति प्रोजेक्ट ₹25 करोड़

इस चयन प्रक्रिया में ISRO, DPIIT, DST, उद्योग, शिक्षा जगत और IN-SPACe के विशेषज्ञ शामिल थे।

टेक्नोलॉजी एडॉप्शन फंड (TAF) का उद्देश्य

TAF योजना का उद्देश्य भारत के स्पेस सेक्टर में रिसर्च और कमर्शियल उपयोग के बीच की दूरी को कम करना है।

मुख्य उद्देश्य:

  • शुरुआती चरण की स्पेस टेक्नोलॉजी को समर्थन देना
  • निजी कंपनियों की भागीदारी बढ़ाना
  • आयात पर निर्भरता कम करना
  • कमर्शियल स्पेस सॉल्यूशंस विकसित करना

स्टार्टअप-वाइज प्रोजेक्ट डिटेल्स

Astrobase Space Technologies (बेंगलुरु)

यह स्टार्टअप रॉकेट इंजन तकनीक विकसित करेगा।

प्रोजेक्ट:

  • 800-kN पुन: उपयोग योग्य लिक्विड रॉकेट इंजन
  • ईंधन: लिक्विड ऑक्सीजन + LNG
  • उपयोग: मीडियम और हेवी-लिफ्ट लॉन्च व्हीकल्स

यह तकनीक भारत के पुन: उपयोग योग्य रॉकेट सिस्टम को मजबूत करेगी।

SatSure Analytics India

यह कंपनी AI आधारित अर्थ ऑब्जर्वेशन सिस्टम विकसित करेगी।

प्रोजेक्ट:

  • AI आधारित मॉडल “Dhaarini”
  • सैटेलाइट और एरियल इमेजरी का उपयोग
  • उपयोग: कृषि, इंफ्रास्ट्रक्चर, आपदा प्रबंधन

यह सिस्टम डेटा को उपयोगी इनसाइट्स में बदलने में मदद करेगा।

TM2SPACE Technologies (हैदराबाद)

यह स्टार्टअप सैटेलाइट की सटीकता बढ़ाने वाली तकनीक बनाएगा।

प्रोजेक्ट:

  • AI आधारित स्टार ट्रैकर सिस्टम
  • सैटेलाइट पोजिशनिंग सुधार
  • उपयोग: अर्थ ऑब्जर्वेशन और कम्युनिकेशन मिशन

सरकार की सोच: निजी स्पेस सेक्टर को मजबूत करना

IN-SPACe के चेयरमैन पवन गोयनका ने कहा कि यह कदम भारतीय निजी कंपनियों को वैश्विक स्पेस लीडर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण है।

इस पहल का उद्देश्य:

  • निजी कंपनियों की भागीदारी बढ़ाना
  • घरेलू तकनीक विकसित करना
  • भारत को स्पेस इकोनॉमी हब बनाना

चयन प्रक्रिया: कई स्तरों पर मूल्यांकन

स्टार्टअप्स का चयन कई विशेषज्ञ संस्थाओं द्वारा किया गया:

  • ISRO
  • DPIIT
  • DST
  • उद्योग विशेषज्ञ
  • अकादमिक विशेषज्ञ
  • IN-SPACe तकनीकी टीम

भारत का स्पेस सेक्टर: तेज़ी से बढ़ता इकोसिस्टम

भारत का स्पेस सेक्टर तेजी से विकसित हो रहा है:

  • नए स्पेस स्टार्टअप्स की वृद्धि
  • सैटेलाइट लॉन्च की मांग बढ़ी
  • AI आधारित डेटा उपयोग बढ़ा
  • सरकारी समर्थन में वृद्धि

इसके अलावा SIDBI द्वारा ₹1,000 करोड़ का वेंचर कैपिटल फंड भी स्पेस स्टार्टअप्स के लिए शुरू किया जा रहा है।

TAF योजना का महत्व:

  • स्टार्टअप्स को वित्तीय सहायता
  • टेक्नोलॉजी को बाजार तक पहुंचाना
  • इनोवेशन को बढ़ावा
  • आत्मनिर्भर स्पेस तकनीक

चुनौतियां और जोखिम

हालांकि अवसर बड़े हैं, लेकिन कुछ चुनौतियां भी हैं:

  • हाई R&D लागत
  • लंबा डेवलपमेंट टाइम
  • तकनीकी जटिलता
  • वैश्विक प्रतिस्पर्धा
  • रेगुलेटरी बाधाएं

निवेशकों और उद्योग के लिए क्या महत्वपूर्ण है

आने वाले समय में इन बिंदुओं पर नजर रहेगी:

  • प्रोजेक्ट की सफलता दर
  • कमर्शियल उपयोग
  • ISRO सहयोग
  • टेक्नोलॉजी डिप्लॉयमेंट
  • स्टार्टअप ग्रोथ

निष्कर्ष:

IN-SPACe द्वारा TAF योजना के तहत पहला फंडिंग राउंड भारत के स्पेस सेक्टर के लिए एक ऐतिहासिक कदम है। Astrobase, SatSure और TM2SPACE जैसे स्टार्टअप्स को समर्थन देकर भारत निजी अंतरिक्ष उद्योग को वैश्विक स्तर पर मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।