सरकार ने टेक्सटाइल सेक्टर में 12,800 करोड़ निवेश को दी मंजूरी

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सरकार ने टेक्सटाइल सेक्टर में 12,800 करोड़ निवेश को दी मंजूरी
11 Jun 2026
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News Synopsis

भारत सरकार ने टेक्सटाइल क्षेत्र की प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) योजना के तहत तीसरे चरण में नई कंपनियों को मंजूरी देकर इस योजना का और विस्तार किया है। इस कदम से निवेश, रोजगार और उत्पादन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि की उम्मीद है, विशेष रूप से मैन-मेड फाइबर और तकनीकी वस्त्र जैसे उच्च मूल्य वाले क्षेत्रों में।

PLI योजना के तहत टेक्सटाइल क्षेत्र को बड़ा प्रोत्साहन

सरकार ने टेक्सटाइल के लिए प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) योजना के तीसरे दौर में 22 नए आवेदकों को मंजूरी दी है। इसके साथ ही राउंड-III में स्वीकृत कंपनियों की कुल संख्या बढ़कर 96 हो गई है।

कपड़ा मंत्रालय के अनुसार यह नवीनतम मंजूरी भारत के टेक्सटाइल निर्माण क्षेत्र में बढ़ती निवेश रुचि और सरकार की प्रोत्साहन नीतियों में उद्योग के विश्वास को दर्शाती है। यह योजना घरेलू उत्पादन क्षमता को मजबूत करने के उद्देश्य से लगातार बड़े निवेश आकर्षित कर रही है।

अनुमानित निवेश और आर्थिक प्रभाव

नई मंजूरी प्राप्त कंपनियों से देश की टेक्सटाइल अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान की उम्मीद है। आधिकारिक अनुमान के अनुसार:

  • नया अपेक्षित निवेश: ₹2,339.14 करोड़
  • अनुमानित टर्नओवर: ₹15,561.34 करोड़
  • रोजगार सृजन: 36,000 से अधिक नौकरियाँ

इन नई स्वीकृतियों के बाद टेक्सटाइल PLI योजना के राउंड-III में कुल प्रतिबद्ध निवेश ₹12,822.67 करोड़ तक पहुंच गया है। वहीं कुल अनुमानित टर्नओवर ₹58,294.18 करोड़ आंका गया है।

यह विस्तार भारत को वैश्विक टेक्सटाइल विनिर्माण केंद्र के रूप में मजबूत करने और उत्पादन क्षमता बढ़ाने में मदद करेगा।

उच्च मूल्य वाले टेक्सटाइल सेक्टर पर फोकस

इस योजना के तहत स्वीकृत कंपनियाँ उन प्रमुख क्षेत्रों से जुड़ी हैं जिन्हें सरकार ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना है। इनमें शामिल हैं:

  • मैन-मेड फाइबर (MMF) परिधान
  • मैन-मेड फाइबर कपड़े
  • तकनीकी वस्त्र (Technical Textiles)

इन क्षेत्रों को प्राथमिकता इसलिए दी गई है, क्योंकि इनकी वैश्विक मांग तेजी से बढ़ रही है, और ये उच्च मूल्य संवर्धन वाले उत्पाद माने जाते हैं। सरकार का उद्देश्य पारंपरिक कपास आधारित उत्पादन पर निर्भरता कम करके आधुनिक और तकनीकी रूप से उन्नत वस्त्र उत्पादन को बढ़ावा देना है।

टेक्सटाइल क्षेत्र के आधुनिकीकरण की दिशा में कदम

कपड़ा मंत्रालय ने कहा कि हाल की मंजूरी से उद्योग में सरकार की नीतियों के प्रति भरोसा और मजबूत हुआ है।

इन परियोजनाओं से अपेक्षा है कि वे:

  • उत्पादन क्षमता में वृद्धि करेंगी
  • तकनीकी उन्नयन को बढ़ावा देंगी
  • एकीकृत टेक्सटाइल इकोसिस्टम विकसित करेंगी
  • भारतीय वस्त्रों की वैश्विक प्रतिस्पर्धा को बढ़ाएंगी

सरकार की यह रणनीति बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित करने और उद्योग में नवाचार को बढ़ावा देने पर केंद्रित है।

PLI योजना: पृष्ठभूमि और उद्देश्य

टेक्सटाइल क्षेत्र की PLI योजना का उद्देश्य भारत में बड़े पैमाने पर उत्पादन को प्रोत्साहित करना है, विशेषकर उन क्षेत्रों में जहाँ देश को वैश्विक प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ता है।

इस योजना के प्रमुख उद्देश्य हैं:

  • मैन-मेड फाइबर उत्पादों में निवेश को बढ़ावा देना
  • तकनीकी वस्त्र उद्योग का विकास करना
  • वैश्विक टेक्सटाइल बाजार में भारत की हिस्सेदारी बढ़ाना
  • घरेलू उत्पादन और मूल्य संवर्धन को मजबूत करना

यह योजना सरकार के आत्मनिर्भर भारत विजन के अनुरूप है, जिसका उद्देश्य देश को विनिर्माण में आत्मनिर्भर बनाना है।

रोजगार सृजन और औद्योगिक विकास

इस योजना का सबसे बड़ा लाभ रोजगार सृजन के रूप में देखा जा रहा है। नवीनतम मंजूरियों से ही 36,000 से अधिक नौकरियों के अवसर पैदा होने की उम्मीद है।

यह वृद्धि विशेष रूप से उन क्षेत्रों में महत्वपूर्ण होगी जहाँ श्रम-आधारित उत्पादन अधिक होता है। इसके साथ ही छोटे और मध्यम उद्योगों (SMEs) को भी इसका लाभ मिलेगा, जो टेक्सटाइल सप्लाई चेन का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।

भारत की वैश्विक स्थिति को मजबूती

PLI योजना का लगातार विस्तार भारत को वैश्विक टेक्सटाइल बाजार में मजबूत स्थिति दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। मैन-मेड फाइबर और तकनीकी वस्त्र जैसे क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करके भारत मूल्य श्रृंखला में ऊपर उठने की कोशिश कर रहा है।

सरकार का मानना है, कि बढ़ता निवेश और आधुनिक तकनीक भारत को अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा में अधिक सक्षम बनाएगी और निर्यात को भी बढ़ावा देगी।

निष्कर्ष:

टेक्सटाइल PLI योजना के तहत 96 कंपनियों को मंजूरी मिलना भारत के विनिर्माण क्षेत्र के लिए एक बड़ा मील का पत्थर है। बढ़ते निवेश, रोजगार सृजन और उत्पादन क्षमता के साथ यह योजना भारतीय टेक्सटाइल उद्योग को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी और आधुनिक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।