सोने और चांदी की कीमतों में भारी गिरावट

Share Us

39
सोने और चांदी की कीमतों में भारी गिरावट
06 Feb 2026
8 min read

News Synopsis

भारतीय सर्राफा बाजार में बीते कुछ दिन किसी बुरे सपने से कम नहीं रहे, मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर जो नजारा दिख रहा है, उसने निवेशकों की धड़कनें बढ़ा दीं हैं, सोने और चांदी की कीमतों में एक साथ बड़ी गिरावट देखने को मिली है, खासकर चांदी के खरीदारों के लिए बीते कुछ दिन बेहद निराशाजनक साबित हुए हैं, क्योंकि इसकी चमक लगातर फीकी पड़ रही है, आज एमसीएक्स पर चांदी का भाव लुढ़ककर 2,35,221 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर आ गया है, आंकड़ों पर गौर करें आज चांदी करीब 15 हजार रुपये की गिरावट के साथ खुली थी, हालांकि बाद में गिरावट करीब 9000 रुपये रह गई।

2 लाख से नीचे आएगी चांदी?

जानकारों की मानें तो चांदी की कीमतों में यह गिरावट पिछले करीब 50 साल का रिकॉर्ड तोड़ती हुई दिखाई दे रही है, साल 1980 में चांदी के दाम 5 महीने में पीक से 70 फीसदी गिरे थे, बीते कुछ दिनों में चांदी लगभग 46 फीसदी से ज्यादा नीचे आ गई है, अगर यह गिरावट अगले हफ्ते तक बनी रही तो चांदी की कीमत 2 लाख के नीचे भी आ सकती है।

सोना भी नहीं रहा अछूता, कीमतों पर भारी दबाव

सिर्फ चांदी ही नहीं, बल्कि सोने की चाल भी सुस्त ही नजर आई, MCX पर सोने के कारोबार की शुरुआत ही कमजोरी के साथ हुई, पीली धातु के भाव में आए उतार-चढ़ाव ने खरीदारों को असमंजस में डाल दिया है, फिलहाल 10 ग्राम सोने का भाव 1,50,699 रुपये के आसपास बना हुआ है, हालांकि चांदी के मुकाबले सोने में गिरावट थोड़ी कम भयावह रही, लेकिन जिस तरह से कीमतें नीचे आई हैं, उसने यह संकेत दे दिया है, कि बाजार का मूड फिलहाल ठीक नहीं है।

क्यों औंधे मुंह गिर रहा सोना-चांदी का दाम?

आम निवेशक यही सोच रहे हैं, कि आखिर अचानक ऐसा क्या हुआ कि कीमतें ताश के पत्तों की तरह बिखर गईं? इस बड़ी गिरावट की स्क्रिप्ट दरअसल अंतरराष्ट्रीय बाजार में लिखी गई है, इसका सबसे मुख्य कारण अमेरिकी डॉलर की मजबूती है, डॉलर इंडेक्स अपने दो हफ्ते के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है, अर्थशास्त्र का सीधा नियम है, कि जब डॉलर मजबूत होता है, तो दूसरी मुद्राओं का इस्तेमाल करने वाले खरीदारों के लिए सोना खरीदना महंगा पड़ता है, जिससे इसकी मांग और कीमत दोनों गिर जाती हैं, इसके अलावा अमेरिका और चीन के बीच जो व्यापारिक तनाव बना हुआ था, उसमें अब नरमी के संकेत मिल रहे हैं, जैसे ही भू-राजनीतिक तनाव कम हुआ, निवेशकों ने सोने-चांदी जैसे ‘सुरक्षित निवेश’ (Safe Haven) से पैसा निकालकर शेयर बाजार या अन्य जगहों पर लगाना शुरू कर दिया।

विदेशी बाजारों में भी मचा हड़कंप

गिरावट का यह सिलसिला सिर्फ भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्लोबल मार्केट में भी कोहराम मचा हुआ है, वैश्विक स्तर पर स्पॉट गोल्ड की कीमतों में करीब 2.5 प्रतिशत की गिरावट आई है, जिससे यह 4,838.81 डॉलर प्रति औंस पर आ गया, वहीं स्पॉट सिल्वर का हाल तो और भी बुरा रहा, इसमें 14.9 प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज की गई और यह 74.94 डॉलर पर ट्रेड कर रही है।