Too Yumm की मार्केटिंग स्ट्रेटजी क्या है?

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28 Jul 2022
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भारत में स्नैक्स का बाज़ार छोटा तो नहीं है और इसमें पहले से ही कुछ दिग्गज खिलाड़ी हैं। ऐसे में अगर आप इस कैटेगरी में एक नया प्रोडक्ट लाते हैं, तो आपको उसे दूसरे प्रोडक्ट से अलग दिखाना होगा। आरपी-संजीव गोएंका समूह ने 2016 में टू यम Too Yumm को मार्केट में इस सोच के साथ लॉन्च किया था कि, बहुत ही कम समय में ये स्नैक साल्टेड स्नैक्स के बाजार पर कब्जा कर लेंगे। वर्तमान परिदृश्य की बात करें तो इन्होंने जो भी लक्ष्य बनाए थे, उसे अचीव किया है और अपने हेल्थी स्नैक्स से लोगों का दिल जीत रहे हैं। उत्पाद की क्वालिटी और टेस्ट आज भी पहले जैसे ही हैं और टू यम जल्द ही कुछ नए फ्लेवर्स को लॉन्च करेगा। यहां पर सबसे बड़ा रोल Too Yumm की मार्केटिंग स्ट्रेटजी  ने प्ले किया। आइए Too Yumm की मार्केटिंग स्ट्रेटजी Marketing strategy of Too Yumm के बारे में जानते हैं। 

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जब भी आपको भूख लगती है तो आप सबसे ज्यादा किस चीज़ के बारे में सोचते हैं? जाहिर सी बात है स्नैक्स snacks क्योंकि हमें कुछ टेस्टी चाहिए लेकिन ज्यादातर टेस्टी स्नैक्स tasty snacks हेल्थी नहीं होते हैं, ये बात भी हम सब को पता है। क्या ऐसा हो सकता है कि कोई ब्रांड ऐसा स्नैक्स बनाए तो बहुत टेस्टी हो, जिसमें कम कैलोरी हो और वो अनहेल्दी भी ना हो। मुश्किल तो है लेकिन आपको बता दें कि इंडिया में Too Yumm को इसी सोच के साथ लॉन्च किया गया था। एक ऐसा स्नैक जो सिर्फ टेस्टी ही नहीं बल्कि हेल्थी भी है। 

2019 में आई नेल्सन रिपोर्ट Neilsen report के मुताबिक भारत में साल्टेड स्नैक्स का बाजार Salted snacks market ₹ 28,000 करोड़ यानी की 3.7 बिलियन यूएसडी का है। इस मार्केट को लेज Lays और कुरकुरे Kurkure ने डोमिनेट किया हुआ है और धीरे-धीर बिंगो Bingo भी इन ब्रांड्स को टक्कर दे रहा है। इन ब्रांड्स के अलावा साल्टेड स्नैक्स के बाजार में हल्दीराम्स Haldirams और मोनाको Monaco जैसे दर्जनों ब्रांड्स भी हैं लेकिन लेज Lays और कुरकुरे Kurkure को बिंगो Bingo के अलावा अभी तक कोई टक्कर नहीं दे था। 

आरपी-संजीव गोएंका समूह RP-Sanjeev Goenka Group ने 2016 में टू-यम Too Yumm को मार्केट में इस सोच के साथ लॉन्च किया था कि बहुत ही कम समय में ये स्नैक साल्टेड स्नैक्स के बाजार पर कब्जा कर लेंगे। वर्तमान परिदृश्य की बात करें तो इन्होंने जो भी लक्ष्य बनाए थे, उसे अचीव किया है और अपने हेल्थी स्नैक्स healthy snacks से लोगों का दिल जीत रहे हैं। जहां तक पैकेजिंग और इंग्रेडिएंट्स की बात आती है तो उसमें टू यम किसी से कम नहीं है और स्वाद में भी ये बड़े-बड़े ब्रांड्स को टक्कर दे रहा है। 

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आप ये तो समझ ही गए होंगे कि भारत में स्नैक्स का भारत छोटा तो नहीं है और इसमें पहले से ही कुछ दिग्गज खिलाड़ी हैं। ऐसे में अगर आप इस कैटेगरी में एक नया प्रोडक्ट लाते हैं तो आपको उसे दूसरे प्रोडक्ट से अलग दिखाना होगा। यहां पर सबसे बड़ा रोल Too Yumm की मार्केटिंग स्ट्रेटजी ने प्ले किया। आइए Too Yumm की मार्केटिंग स्ट्रेटजी Marketing strategy of Too Yumm के बारे में जानते हैं-

1. Too Yumm ने खुद को दूसरे ब्रांड्स से अलग दिखाया Too Yumm tried something different in order to make an impact

स्नैक्स के बाजार में अगर आप फिर से वही साल्टेड टेस्टी स्नैक्स salted tasty snacks लॉन्च करेंगे तो आप कम समय में बहुत अच्छा नहीं कर पाएंगे क्योंकि पहले से ही लेज Lays, कुरकुरे Kurkure और बिंगो Bingo जैसे प्रोडक्ट्स ने वहां अपनी जगह बना ली है। अब ऐसे में अगर आप अपने प्रोडक्ट को दूसरे ब्रांड्स के प्रोडक्ट्स से अलग दिखाना चाहते हैं तो मी टू ब्रांड बनने से अच्छा है कि आप कुछ अलग करें। 

कई स्टडी से उन्होंने पाया कि भारत 15 से 35 साल के लोग अपनी हेल्थ को लेकर जागरूक हो रहे हैं और ऐसे में वो फ्राइड फूड और स्नैक्स fried food and snacks को अवॉइड कर रहे हैं। अब ऐसे में सबसे अच्छी स्ट्रेटजी तो ये है कि आप हेल्थी स्नैक्स बनाना शुरू करो लेकिन आपको बता दें कि भारत में हेल्थी स्नैक्स बनाने की कोशिश पहले भी हो चुकी थी। पारले हिप्पो Parle Hippo, लेज बेक्ड Lays Baked और सफोला जेस्ट Saffola Zest इन सभी प्रोडक्ट्स ने लो कोलेस्ट्रोल, लेस फैट और हेल्थी स्नैक्स बताकर प्रमोशन तो किया लेकिन इन स्नैक्स में टेस्ट की कमी होने के कारण ये चल नहीं पाए। 

इन ब्रांड्स की असफलता से एक बात तो साफ थी कि इंडिया में लोग टेस्ट को लेकर कोई समझौता नहीं कर सकते हैं और यहां पर Too Yumm ने असली खेल खेला और वो कर दिखाया जो बड़े-बड़े ब्रांड्स भी नहीं कर पाए। इन्होंने अपने प्रोडक्ट को ना सिर्फ हेल्थी बल्कि टेस्टी भी बनाया और ये बताया कि उनका प्रोडक्ट फ्राइड नहीं बल्कि बेक्ड Too Yumm- baked not fried है। 

2. प्रोडक्ट डिस्ट्रीब्यूशन Product Distribution 

उत्पादन शुरू होने के बाद उन्होंने प्रोडक्ट को मेट्रो सिटीज में पहले वितरित किया। उन्होंने दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता, और दिल्ली एनसीआर में प्रोडक्ट इसीलिए वितरित किया ताकि वे जान पाएं कि उनके प्रोडक्ट को लेकर ग्राहकों की क्या प्रतिक्रिया है। जब स्नैक्स को मेट्रो सिटीज में पसंद किया गया तब इन्होंने प्रोडक्ट के उत्पादन को बढ़ाया और धीरे-धीरे पूरे भारत में अपने प्रोडक्ट की सप्लाई शुरू कर दी। 

3. प्रमोशन स्ट्रेटजी Promotion Strategy of Too Yumm

एक नया ब्रांड होने के नाते टू यम को एक ऐसा चेहरा चाहिए था जिससे भारत की जनता कनेक्ट कर पाए। टू-यम ने प्रमोशन के लिए इंडियन क्रिकेटर विराट कोहली Virat Kohli को चुना। विज्ञापन में विराट कोहली ये बोलते हुए दिखाई दिए कि टू यम उनका फेवरेट स्नैक्स है क्योंकि ये सिर्फ टेस्टी नहीं बल्कि हेल्थी भी है और आप भी इसे बिना किसी गिल्ट #guiltfree snacks के खा सकते हैं और कंपनी ने टीवी और सोशल मीडिया पर विज्ञापन दिए। जाहिर सी बात है कि जब एक फिटनेस फ्रीक ये बात बोलेंगे कि ये उनका फेवरेट स्नैक है और ये हेल्थी होने के साथ-साथ टेस्टी भी है तो ज्यादातर लोग उसे ट्राई करना चाहेंगे। एक फिटनेस फ्रीक को ब्रांड एंबेसडर Too Yumm brand ambassador बनाना, प्रोडक्ट के पैकेट्स पर कोहली को चिप्स खाते दिखाना, ये सब अमेजिंग प्रमोशन स्ट्रेटजी amazing promotion strategy थीं। 

4. हेल्थी लेकिन सस्ता स्नैक Too Yumm- Affordable but healthy snack

हम सभी लोग ये सोचते हैं कि जो चीज़ हेल्थी है, वह महंगी भी है और टू यम के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ क्योंकि शुरुआत में इन्होंने जो प्रोडक्ट लॉन्च किए वो 20 से 40 रुपए के आते थे लेकिन उन्हें जल्द ही ये समझ में आ गया कि उन्हें प्राइस रेंज को घटाना पड़ेगा और तब उन्होंने मार्केट में 5 से 10 रुपए के स्मॉल पैकेट्स भी लॉन्च किए ताकि वे ज्यादा से ज्यादा कस्टमर्स तक पहुंच सकें। 

टू यम ने स्मॉल पैकेट्स को छोटी दुकानों पर और मॉल्स में और बड़ी दुकानों पर बड़े पैकेट्स को रखा और उनकी यह रणनीति भी काफी अच्छी साबित हुई। 

आप कह सकते हैं कि टू यम ने यह माइंडसेट को ब्रेक किया कि जो चीज़ हेल्थी है, वह महंगी भी है। मार्केट में 5 रुपए के ट्रायल पैकेट्स को लॉन्च करना एक बहुत अच्छी स्ट्रेटजी साबित हुई क्योंकि टू यम के कंपटीटर्स के प्रोडक्ट्स भी स्मॉल पैकेट्स में आते थे और टू यम के प्रॉडक्ट्स कम दाम में अवेलेबल ना होने के कारण इन्हें लॉस हो सकता था। 

इसके साथ-साथ उन्होंने सही ऑडियंस को टारगेट किया क्योंकि उन्हें पता था कि इंडिया में 15 से 35 साल के लोग सबसे ज्यादा हेल्थ कॉन्शियस हैं। इस उम्र के लोग अपनी ईटिंग हैबिट्स और डाइटिंग पर खास ध्यान देते हैं इसीलिए एक हेल्थी स्नैक को बाजार में लाना प्रॉफिटेबल बिज़नेस profitable business साबित होगा। 

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निष्कर्ष

आज साल्टेड स्नैक्स के बाजार में टू यम ने एक नई जगह हासिल कर ली है। उत्पाद की क्वालिटी और टेस्ट आज भी पहले जैसे ही हैं और टू यम जल्द ही कुछ नए फ्लेवर्स को लॉन्च करेगा। इस प्रोडक्ट ने मार्केट में आते ही कई रिकॉर्ड तोड़े हैं। वर्तमान परिदृश्य की बात करें तो इन्होंने जो भी लक्ष्य बनाए थे, उसे अचीव किया है और अपने हेल्थी स्नैक्स से लोगों का दिल जीत रहे हैं। जहां तक पैकेजिंग और इंग्रेडिएंट्स की बात आती है तो उसमें टू यम किसी से कम नहीं है और स्वाद में भी ये बड़े-बड़े ब्रांड्स को टक्कर दे रहा है। 

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