चिंतित दिमाग से पाएं मुक्ति

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25 Oct 2021
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आज हम आपको इस लेख के माध्यम से हमेशा चिंतित दिमाग से मुक्ति दिलाने के कुछ अनूठे उपाय बताने वाले हैं। यह उपाय पढ़ने में काफी आसान लगेंगे, लेकिन अगर इन्हें आपने जीवन में लागू कर लिया, तो आप अपने चिंतित दिमाग से अवश्य मुक्ति पा लेंगे।

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देश और दुनिया में हर व्यक्ति आजकल चिंताओं से भरा पड़ा है। छोटी-मोटी चिंता लेकर उसे दूर कर लेना तो अच्छी कला है, लेकिन हमेशा चिंतित महसूस करते रहना एक बीमारी की तरह हो जाता है। ऐसे कई आंकड़े हैं, जिसमें पता चलता है कि लाखों लोग चिंता को बड़ा बना लेते हैं और उनका दिमाग कई वर्षों तक चिंतित दिमाग के रूप में जीवन यापन करता रहता है।

अगर विज्ञान की भाषा में समझा जाए तो इस चिंतित दिमाग को एंक्सियस माइंड (Anxious Mind) कहते हैं या फिर एंग्जाइटी (Anxiety) की समस्या भी कहा जाता है। इस तरह की परेशानी इंसान को उसके चलते-फिरते जीवन में परेशान करती रहती है, लेकिन वह इस बात को किसी से बयां नहीं करता। कहने को यह बड़ा मामूली लगता है, लेकिन देश और दुनिया के कई लोग, काम को करते वक्त या फिर दूसरे किसी काम या घर में रहते हुए भी इस अवस्था में डूबे रहते हैं साथ ही अपने किसी भी काम में अपना 100 प्रतिशत नहीं दे पाते।

 दिमाग में कई तरह के विचार आना आम बात है, लेकिन जो व्यक्ति हमेशा चिंतित रहते हैं उनके दिमाग में विचारों का पिटारा आम इंसानों से ज्यादा चलता रहता है। जिसकी वजह से वह सब कुछ सामान्य रूप से करते दिखते हैं, लेकिन खुद को खुश नहीं रख पाते। मन में बिना मतलब की चिंताएं ऐसे लोगों को घेरे रखती हैं। आज हम आपको इस लेख के माध्यम से हमेशा चिंतित दिमाग से मुक्ति दिलाने के कुछ अनूठे उपाय बताने वाले हैं। यह उपाय पढ़ने में काफी आसान लगेंगे, लेकिन अगर इन्हें आपने जीवन में लागू कर लिया, तो आप अपने चिंतित दिमाग से अवश्य मुक्ति पा लेंगे।

काम थोड़ा कम कर लेने में कोई आफत नहीं 

चिंता की वजह से दिमाग में हमेशा विचार चलते रहते हैं। इन विचारों के चलते ढंग से काम नहीं किया जा सकता। इस अवस्था में आपको अपने कामों को थोड़ा कम कर लेने में कोई दिक्कत नहीं है। चिंतित दिमाग वाला व्यक्ति सोचता रहता है कि किस तरह सभी कामों को अच्छी तरह निभा लिया जाए। जब कई तरह के काम एक साथ आते हैं तो काफी परेशानी होती है। इस अवस्था में इंसान अपने आपको परेशान करने लगता है। ऐसी परिस्थिति में आप परेशान ना हों, अपने आप को सामान्य रखकर काम करें, इसी में आपको फायदा होगा। अगर आप थोड़ा काम कम कर लेंगे तो कोई आफत नहीं आएगी। हर काम को एक साथ निपटने की कोशिश ना करें, काम को एक-एक करके करें, इसी में आपकी भलाई है।

अपनी प्राथमिकताओं को आसान बनाएं

आप किसी भी क्षेत्र में काम कर रहें हों, आपको कुछ काम एक साथ दिए जा सकते हैं, ऐसी स्थिति में आपको अपनी प्राथमिकताओं को आसान करना होगा। जो काम सबसे ज्यादा ज़रूरी है उस पर पहले काम करना होगा और जो बाद में हो सकता है उसे बाद में करना होगा। इस तरह आप खुद के दिमाग को चिंतित नहीं करेंगे। कई बार हम एक साथ कई काम करने की फिराक में रहते हैं और सब बिगाड़ लेते हैं। इसलिए अपनी प्राथमिकता तय करें और उसके बाद ही काम करें, यह आपके दिमागी संतुलन को बना के रखेगा।

मोबाइल ऐप का इस्तेमाल सीमित करें

आजकल मोबाइल के बिना कोई काम नहीं चलता। ऐसे मौके पर हम कई ऐप डाउनलोड कर लेते हैं और उन्हें किसी न किसी रूप में इस्तेमाल करते रहते हैं। कई बार तो बिना मतलब ही कुछ ऐप को हम देखते घंटो बिता देते हैं। आप यह तय करें कि आप जो ऐप इस्तेमाल कर रहे हैं वह सीमित दायरे में हों, अगर आप अपनी ऐप के इस्तेमाल को सीमित कर देंगे तो इससे भी आपके दिमाग में काफी शांति महसूस होगी और आप चिंतित दिमाग से मुक्ति पा सकेंगे।

अनावश्यक ज्ञान लेना कम करें

कई बार कुछ लोग अपने आपको काम को हर क्षेत्र में पारंगत दिखाने के लिए कई तरह का ज्ञान हासिल कर लेते हैं। लेकिन ऐसी स्थिति में कई बार यह ज्ञान हमारे दिमाग पर भारी पड़ जाता है। ज्ञान तो अवश्य लें, लेकिन उस ज्ञान को अपने दिमाग पर हावी ना होने दें। अगर आप के दिमाग पर ज्ञान का भार ज़्यादा बढ़ रहा है तो भी आप कहीं ना कहीं चिंता में डूबे रहेंगे। ज़रूरी ज्ञान बेहद आवश्यक है, लेकिन अनावश्यक ज्ञान आपके दिमाग को चिंतित रख सकता है। तो एक समय सीमा बनाएं और आवश्यकता के अनुसार ज्ञान हासिल करें।

ज़रूरत पड़े तो मदद लेने में कोई हर्ज नहीं

कई बार चिंतित दिमाग के चलते आप काफी विचलित हो जाते हैं। ऐसी परेशानियां लोग दूसरे से साझा करने में कतराते हैं, लेकिन अगर ज़रूरत पड़े तो किसी की मदद लेने में कोई हर्ज नहीं है। अगर आप किसी डॉक्टर के पास नहीं जाना चाहते तो आप किसी दोस्त से बात करके भी हल निकाल सकते हैं या फिर किसी सगे-संबंधी से बात करके समाधान पा सकते हैं। ध्यान रहे आप जिस से भी बात करें वह आपका विश्वासपात्र हो। 

अगर आप चिंता में डूबे हुए हैं और किसी से बात करेंगे तो हमारा वादा है कि आप को इस बात से खुशी जरूर मिलेगी। इस बात को एक बार आजमा कर जरूर देखिएगा।

आखिर में हम आपको यही बताना चाहेंगे कि अगर आप का दिमाग भी चिंतित रहता है तो अपने आप पर दयालुता का स्वभाव अपनाएं। हम सभी लोग जीवन में कुछ ना कुछ अच्छा करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन हमेशा सफलता ही अर्जित हो ऐसा मुमकिन नहीं है। आपको कई बार हार का सामना भी करना पड़ सकता है। हमेशा एक बात ध्यान रखें कि कोई भी कार्य क्यों ना हो, आपके दिमाग से मूल्यवान कुछ नहीं है। हमेशा चिंता कुछ सुलझाने के लिए करें ना कि चिंता में डूबे रहने के लिए।

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