उद्यमिता आपकी जॉब से बेहतर क्यों है?

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18 Nov 2022
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आप में से ज्यादातर लोग मुझसे सहमत होंगे अगर मैं ये कहूं कि बचपन से हमें ये सिखाया गया है कि हमेशा कड़ी मेहनत, अच्छे ग्रेड और एक अच्छी डिग्री की बड़ी अहमियत होती है और ये सब करने पर तुम्हें एक अच्छी लाइफ मिलेगी। बढ़ते हुए हममें से कई लोगों ने इस मानसिकता mindset को आत्मसात कर लिया और यदि आप इन लोगों से ये कहो कि आपको अपना खुद का व्यवसाय business शुरू करना चाहिए तो आपको ये जवाब मिलेगा- नहीं, मैं कर सकता, मुझसे नहीं होगा या मैं बिज़नेस business चलाने के लिए नहीं बना हूं। सौभाग्य से इस आधुनिक युग में यह पुरानी मान्यता या सोच अब बदलने लगी है और अब आप कई लोगों को देखेंगे जो अपनी 9 से 5 की नौकरी छोड़कर अपना खुद का व्यवसाय शुरू करने के लिए तैयार हैं। इस ब्लॉग में हम आपको बताएंगे कि उद्यमिता आपकी नौकरी से बेहतर क्यों है। आइए जानते हैं-

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आप में से ज्यादातर लोग मुझसे सहमत होंगे अगर मैं ये कहूं कि बचपन से हमें ये सिखाया गया है कि हमेशा कड़ी मेहनत, अच्छे ग्रेड और एक अच्छी डिग्री की बड़ी अहमियत होती है और ये सब करने पर तुम्हें एक अच्छी लाइफ मिलेगी। बढ़ते हुए हममें से कई लोगों ने इस मानसिकता mindset को आत्मसात कर लिया और यदि आप इन लोगों से ये कहो कि आपको अपना खुद का व्यवसाय business शुरू करना चाहिए तो आपको ये जवाब मिलेगा- नहीं, मैं कर सकता, मुझसे नहीं होगा या मैं बिज़नेस चलाने के लिए नहीं बना हूं। 

सौभाग्य से इस आधुनिक युग में यह पुरानी मान्यता या सोच अब बदलने लगी है। इसका मुख्य कारण सोशल मीडिया, ऑनलाइन बिक्री और ऑनलाइन रिटेल स्टोर का उभरना है। कुछ शोधों के अनुसार, लोग अपना व्यवसाय शुरू करने में रुचि रखते हैं क्योंकि वे अपना खुद का व्यवसाय करने के महत्व advantage of having your own business को अब समझ रहे हैं। 

अब आप कई लोगों को देखेंगे जो अपनी 9 से 5 की नौकरी छोड़कर अपना खुद का व्यवसाय शुरू करने के लिए तैयार हैं। इस ब्लॉग में हम आपको बताएंगे कि उद्यमिता आपकी नौकरी से बेहतर क्यों है। आइए जानते हैं-

Why Entrepreneurship Is Better Than Your Job?

1. जब आप एक उद्यमी होते हैं तो कोई भी आपका बॉस नहीं होता है

हमने अक्सर सुना है- बी योर ओन बॉस Be Your Own Boss. उद्यमिता यही है। आपको यह बताने वाला कोई नहीं है कि आपको यह करना है, वह कहना है, आदि। केवल आप ही तय कर सकते हैं कि आप क्या करना चाहते हैं और कैसे करना चाहते हैं। 

आपको कोई परफॉर्मेंस रिव्यू performance review नहीं देगा और ना ही आपके बॉस आपको ये कहेंगे कि तुमने अच्छा काम किया और आगे इसी तरह मेहनत करते रहो लेकिन इसमें भी एक समस्या है। भले ही आपसे कोई प्रश्न करने वाला ना हो लेकिन आपको खुद को रोज़ जबाव देना होगा कि आप क्या कर रहे हैं और क्यों कर रहे हो। यहां ये समझने की आवश्यकता है कि उद्यमिता आपकी जॉब से बेहतर हो सकती है लेकिन आसान नहीं क्योंकि खुद का बॉस बनना ज्यादा कठिन है। 

2. आपके पास सभी निर्णय लेने की स्वतंत्रता होती है 

जब आप खुद एक बॉस होते हैं तो आपको सभी निर्णय लेने की स्वतंत्रता होती है। आप अपने खुद के मालिक होते हैं। अगर आप संडे को काम करना चाहते हैं तो भी ठीक है और अगर आप मंडे को आराम करना चाहते हैं तो भी ठीक है। आपसे किसी को जवाब नहीं देना होगा कि आपने ये रिपोर्ट क्यों नहीं सबमिट की, कल आप ऑफिस क्यों नहीं आए, आपकी परफॉर्मेस इस बीच अच्छी क्यों नहीं है, आदि। तो मूल रूप से, यह आप ही हैं जो नियम निर्धारित करते हैं न कि कोई कर्मचारी। सिर्फ नियम ही नहीं, आप अपने खुद के घंटे भी सेट कर सकते हैं। अगर आप चाहे तो आप दिन में 10 घंटे काम कर सकते हैं और मन ना होने पर शायद 1 घंटे काम कर सकते हैं लेकिन आपकी 9 से 5 वाली जॉब में आपके पास ये स्वतंत्रता नहीं होती है। 

3. आपके पास इनकम के कई सोर्स होते हैं

जब आप कोई नौकरी करते हैं तो आपको कई सालों से हर महीने एक लिमिटेड सैलरी मिलती है। कई बार ऐसा होता है जब आपको  अपनी सैलरी से अधिक पैसों की ज़रूरत होती है या कभी-कभी आप अपनी लाइफस्टाइल में कुछ बदलाव लाना चाहते हैं लेकिन इन सब के लिए आपको एक लंबा इंतजार करना पड़ता है क्योंकि आपकी सैलरी में काफी समय से कोई वृद्धि नहीं होती है या आपको प्रमोशन नहीं मिलता है। 

उद्यमिता में ऐसा नहीं होता है। आप अपना बिज़नेस इसी सोच के साथ शुरू करते हैं कि आप एक बड़ी प्रोब्लम सॉल्व करेंगे, आप वो काम करके पैसे कमाएंगे, जो काम आपको पसंद हो और इस बात में ज़रा सा भी संदेह नहीं है कि अगर आपके पास एक अच्छा बिज़नेस आइडिया business idea है तो निवेशक investors भी आपके साथ काम करना चाहेंगे और आपके बिज़नेस में इन्वेस्ट करेंगे। 

जब आपके पास खुद का बिज़नेस होगा तो आपकी इनकम लिमिटेड no limited income नहीं होगी लेकिन आपको बस ये ध्यान रखना है कि आपको एक बजट बनाना है और उसी के अनुसार चलना है क्योंकि कभी-कभी जब आपके पास ज्यादा पैसे आ जाते हैं तो आप उन्हें भविष्य के लिए बचाने की बजाय ज्यादा पैसे खर्च करने लग जाते हैं। 

4. एक एंप्लॉय की तुलना में उद्यमी ज्यादा खुश और स्वस्थ होते हैं 

रिसर्च के अनुसार एंप्लॉय की तुलना में उद्यमी ज्यादा खुश और स्वस्थ होते हैं। वर्क लाइफ बैलेंस, इनकम के कई श्रोत और खुद का बॉस होने के कारण और साथ ही साथ कुछ ऐसा करना, जो आपको पसंद हो, ये सभी कारण हैं जिनकी वजह से एक उद्यमी ज्यादा खुश और स्वस्थ रहते हैं। 

एक और वजह ये है कि जब आप कुछ टार्गेट बनाते हैं और उसे अचीव करते हैं तो आप ज्यादा खुश महसूस करते हैं लेकिन अगर वही टारगेट पूरा ना कर पाएं तो आप संतुष्ट नहीं महसूस करते हैं। ऐसा नहीं है कि एक उद्यमी को कभी स्ट्रेस्ड नहीं होता है और वह हर वक्त खुश रहता है लेकिन अगर आप एक 9 से 5 जॉब करने वाले एंप्लॉय को देखें और किसी उद्यमी को तो आप पाएंगे कि एक उद्यमी ज्यादा खुश और स्वस्थ है। 

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5. एक एंप्लॉय की तुलना में उद्यमी ज्यादा संतुष्ट और मोटिवेटेड होते हैं

हर उद्यमी के लिए हमेशा करो या मरो do or die वाली सिचुएशन रहती है। उन्हें पता होता है कि अगर वह काम नहीं करेंगे तो उनके बिज़नेस पर इसका बुरा प्रभाव होगा और उन्हें लॉस होगा। डर भी एक बहुत बड़ा मोटिवेशन है और यही कारण है कि आप पाएंगे ज्यादातर उद्यमी हमेशा मोटिवेटेड रहते हैं। 

उद्यमी इस माइंडसेट से काम करते हैं कि या तो बिज़नेस सफल होगा या फेल होगा और दोनों से ही उन्हें कुछ सीखने को मिलेगा और यही उनकी मोटिवेशन का सबसे बड़ा कारण है।

उद्यमी वह काम करते हैं, जो उन्हें पसंद होता है इसीलिए एक एंप्लॉय की तुलना में वह ज्यादा संतुष्ट रहते हैं। इसके साथ-साथ ज्यादातर एंप्लॉय को ऑफिस से ही काम करना पड़ता है लेकिन उद्यमी कहीं से भी काम कर सकते हैं। अगर कोई उद्यमी ऑफिस में काम करना चाहता है तो भी सही है, घर से काम करना चाहता है तो भी ठीक है और अगर वह किसी कॉफी शॉप या कहीं और से काम करना चाहता है तो भी ठीक है। उद्यमी से कोई प्रश्न करने वाला नहीं होता है कि आज आप ऑफिस क्यों नहीं आए या आज आपने इतने घंटे काम क्यों नहीं किया, आदि। 

निष्कर्ष 

एंप्लॉयमेंट employment उसे कहते हैं जब आप किसी दूसरी कंपनी के लिए काम करते हैं, आपका एक नियमित मासिक वेतन होता है और आपको रोज़ के कुछ निश्चित घंटे काम को देने होते हैं वहीं दूसरी ओर उद्यमिता entrepreneurship में आप अपनी मर्ज़ी के मालिक होते हैं और आप अपने बॉस होते हैं। जहां एक एम्प्लॉय employee को दूसरे लोगों द्वारा बनाई गई प्रक्रियाओं के अनुसार काम करना होता है वहीं एक उद्यमी अपने रूल्स खुद बनाता है। एक एंप्लॉय की तुलना में उद्यमी ज्यादा संतुष्ट और मोटिवेटेड होते हैं, उनके पास इनकम के कई श्रोत होते हैं और उनके पास अपने सभी निर्णय लेने की स्वतंत्रता होती है। 

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