प्रौद्योगिकी (टेक्नोलॉजी) ने हमारे जीवन को नकारात्मक रूप से कैसे प्रभावित किया है

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18 Sep 2021
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दुनियाभर में आज साइंस एंड टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल बढ़ रहा है। टेक्नोलॉजी ने आधुनिक दुनिया को बहुत प्रभावित किया है। टेक्नोलॉजी ने लोगों का काम आसान करने और समय बचाने में काफी मदद कर की है।टेक्नोलॉजी का मनुष्य के जीवन और पर्यावरण पर नकारात्मक प्रभाव भी हैं,आइए देखते है- 1)टेक्नोलॉजी की लत। (2)याद्दाशत कम होना। (3)अकेलापन और डिप्रेशन। (4)समय की बरबादी। (5)खराब पॉश्चर। (6)गोपनीयता और असुरक्षा, आदि।

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हर चीज़ की तरह टेक्नोलॉजी के भी हमारे जीवन पर सकारात्मक और नकारात्मक प्रभाव हैं। टेक्नोलॉजी ने हमारे जीवन जीने के तरीके तक को बदल के रख दिया है। हम टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल अपने काम को आसान और समय की बचत करने के लिए करते हैं।

कभी सोचा है आज से बीस साल पहले का जीवन टेक्नोलॉजी के बिना इतना सरल नहीं था जितना की आज है? आज आप अपने दोस्त से बोलिए कि इंटरनेट हमेशा के लिए बंद हो जाएगा। वह पहले अपनी हसी रोकेगा फिर आपकी बात को मजाक समझ कर यकीन भी नहीं करेगा। और शायद कोई भी आपकी बात पर यकीन नहीं करेगा। यह इक्कीसवीं सदी है और इंटरनेट का इस्तेमाल सभी को करना आता है, और इसका लाभ लोग अपनी जीवन शैली को आसान बनाने के लिए करते हैं। हम टेक्नोलॉजी की मदद नई स्किल्स सीखने के लिए, मीलों दूर बैठे अपने दोस्त से बात करने के लिए, पैसे को आसानी से ट्रांसफर करने के लिए, शिक्षा के क्षेत्र में कुछ नया सीखने के लिए, और अपनी जीवन शैली को बेहतर बनाने के लिए करते हैं। टेक्नोलॉजी हमारे लिए एक आशीर्वाद है, पर जरूरत से ज्यादा किसी भी चीज को इस्तेमाल में लाना अपने साथ कई नुकसान को लेकर आता है।

आज हम आपको बताएंगे टेक्नोलॉजी ने हमारे जीवन को नकारात्मक रूप से कैसे प्रभावित किया है।

1.टेक्नोलॉजी पर निर्भर होना।

हम अपने दिन की शुरुआत टेक्नोलॉजी से शुरू करते हैं और टेक्नोलॉजी पर खत्म करते हैं। हम अलग -अलग तरीके के गैजेट्स से घिरे हुए हैं। फोन,लैपटॉप,केटल्स,वाटर हीटर,टोस्टर, कार,आदि। हम टेक्नोलॉजी पर इतने निर्भर हो गए हैं कि गैजेट्स के इस्तेमाल ने हमें आलसी बना दिया है। हम खुद से कुछ करना ही नही चाहते, क्योंकि हमारे काम को पूरा करने के लिए गैजेट्स मौजूद हैं। सिर्फ आलसी ही नहीं, गलत पोस्चर, मोटापा, तनाव, स्ट्रेस आदि बीमारियां। टेक्नोलॉजी पर निर्भर होने की वजह से हमारा शरीर बीमारी का घर बन गया है।

2.अकेलापन और डिप्रेशन।

टेक्नोलॉजी ने ही हमें एक महत्वपूर्ण चीज दी है - सोशल मीडिया। लैपटॉप और फोन में अलग-अलग ऐप की मदद से लोग किसी भी अनजान व्यक्ति से बात कर सकते हैं। वर्चुअल दुनियां में दोस्त बनाने के कारण लोगों के बीच सामाजिक अलगाव बढ़ रहा है। आज हमारे लिए किसी अनजान व्यक्ति से बात करना तो आसान है, पर हम पड़ोस में रहने वाले लोगों से बात नहीं करना चाहते। सिर्फ चैटिंग ही नहीं, आज कल लोग वीडियो गेम्स खेलने में इतने व्यस्त हो गए हैं कि उन्हें पता ही नहीं है कि दुनिया में क्या हो रहा है।

3.कई छात्रों पर देखा गया है नकारात्मक प्रभाव।

टीचर ने ऑनलाइन क्लास में एक चैप्टर खत्म कर दिया और गृह कार्य भी दे दिया। टीचर ने कह दिया कि कोई भी गृह कार्य नकल करके नहीं करेगा ,सबको खुद से मेहनत करके काम को पूरा करना है। लेकिन छात्र इस बात को नहीं मानते हैं, उनके पास तो इंटरनेट है। उनके पास तो विकल्प है कि वह इंटरनेट की मदद से चुन सकते हैं कि वह कौन से साइट से अपना गृहकार्य अपनी कॉपी पर उतारेंगे। इससे यह देखने को मिला है कि छात्र महत्वपूर्ण ज्ञान लेने से वंचित रह जाते हैं। वह किसी भी चीज को कॉपी करना पसंद करते हैं, और बाकी समय वह गेम्स और चैटिंग में बीता देते हैं।

4. बेरोजगारी।

जो काम करने के लिए एक समय पर किसी मानव की जरूरत पड़ती थी,आज वही काम रोबोट्स कर से रहे हैं। लोग मशीन को इस्तेमाल में लाना पसंद कर रहे हैं, क्योंकि यह उनका समय और खर्च दोनों बचाती है। नौकरियों की संख्या कम होने की वजह से बेरोजगारी में इज़ाफा हो रहा है।

5.टेक्नोलॉजी की लत।

लोग अपना समय मनोरंजन को ज्यादा दे रहे हैं। वीडियो गेम्स, नेटफ्लिक्स, स्मार्टफोन,लैपटॉप, और भी कई गैजेट को ज्यादा इस्तेमाल में लाने की वजह से हमें टेक्नोलॉजी की लत लग गई है। हम टेक्नोलॉजी के आदी हो गए हैं और इसके बिना अपने जीवन की कल्पना नहीं कर सकते।

6.समय की बरबादी

यूं तो टेक्नोलॉजी हमारे समय को बचाने का काम करती है लेकिन लोग अपने कंप्यूटर्स पर घंटे बिताते हैं और मूवीज देखना, टेक्सटिंग, वीडियो गेम्स आदि काम करते हैं। इन सब में वह इतने व्यस्त हो जाते हैं कि अपने जरूरी काम को करना भूल जाते हैं। लोग अपने काम को टालने भी लगे हैं।

सिर्फ इतना ही नहीं टेक्नोनॉलोजी की वजह से दुर्घटनाएं, गोपनीयता और असुरक्षा, टेक्नोलॉजी की लत, खराब पॉश्चर, याद्दाशत कम होना, आदि नकारात्मक प्रभाव भी देखने को मिलते हैं। अब समय आ गया है कि हम टेक्नोनॉलोजी का उतना ही इस्तेमाल करें जितनी हमें जरूरत है।

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