ज़ोमैटो ने शेल के साथ साझेदारी कर अपने डिलीवरी पार्टनर्स के लिए समर रिलीफ स्पेसेस की शुरुआत की है। इस पहल का उद्देश्य बढ़ती गर्मी के दौरान राइडर्स को आराम, हाइड्रेशन और वाहन देखभाल जैसी आवश्यक सुविधाएं प्रदान करना है।
भारत में बढ़ते तापमान के बीच फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म Zomato ने Shell के साथ मिलकर एक महत्वपूर्ण सहयोग की घोषणा की है, जिसका उद्देश्य उसके डिलीवरी पार्टनर्स की कार्य स्थितियों में सुधार करना है। इस पहल के तहत बेंगलुरु, चेन्नई, पुणे और अहमदाबाद के चुनिंदा शेल फ्यूल स्टेशनों पर विशेष समर रिलीफ स्पेसेस उपलब्ध कराए जाएंगे।
इस कार्यक्रम का उद्देश्य डिलीवरी पार्टनर्स को आराम, सुरक्षा और आवश्यक सहायता प्रदान करना है, जो लंबे समय तक कठिन मौसम परिस्थितियों में काम करते हैं।
इस पहल के तहत बेंगलुरु, चेन्नई, पुणे और अहमदाबाद के चुनिंदा शेल फ्यूल स्टेशनों को ज़ोमैटो डिलीवरी पार्टनर्स के लिए विश्राम केंद्रों में बदला जाएगा। ये स्थान राइडर्स को डिलीवरी के बीच थोड़े समय के लिए आराम करने, गर्मी से राहत पाने और ऊर्जा पुनः प्राप्त करने का अवसर देंगे।
ये विशेष स्थान गिग इकॉनमी से जुड़े कर्मचारियों के कल्याण पर बढ़ते ध्यान को दर्शाते हैं, जो अक्सर कठिन बाहरी परिस्थितियों में काम करते हैं।
इस पहल का एक महत्वपूर्ण हिस्सा डिलीवरी पार्टनर्स को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना है। भाग लेने वाले शेल स्टेशनों पर राइडर्स को मुफ्त साफ पानी मिलेगा।
भीषण गर्मी को देखते हुए यह कदम विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह डिहाइड्रेशन और स्वास्थ्य जोखिमों को कम करने में मदद करेगा। दोपहिया वाहनों पर लंबे समय तक काम करने वाले राइडर्स के लिए यह सुविधा अत्यंत उपयोगी साबित होगी।
इस सहयोग में केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य ही नहीं, बल्कि वाहनों की सुरक्षा और देखभाल पर भी ध्यान दिया गया है। डिलीवरी पार्टनर्स को शेल स्टेशनों पर मुफ्त ऑयल चेक और बेसिक वाहन निरीक्षण की सुविधा मिलेगी।
शेल ल्यूब्रिकेंट्स द्वारा समर्थित यह सेवा सुनिश्चित करेगी कि वाहन गर्मियों के दौरान अच्छी स्थिति में रहें। नियमित जांच से खराबी, दुर्घटना और ईंधन खपत की समस्याओं को कम करने में मदद मिलेगी।
ज़ोमैटो ने स्पष्ट किया है, कि यह साझेदारी उसके व्यापक डिलीवरी पार्टनर वेलफेयर कार्यक्रम का हिस्सा है। कंपनी पहले से ही अपने राइडर्स को कई प्रकार की सुरक्षा सुविधाएं प्रदान करती है।
डिलीवरी पार्टनर्स को एक व्यापक बीमा योजना के तहत कवर किया जाता है, जिसमें ₹5,000 तक ओपीडी रीइंबर्समेंट, ₹1 लाख तक अस्पताल में भर्ती होने का कवरेज और ₹10 लाख तक का दुर्घटना मृत्यु बीमा शामिल है। इन सभी प्रीमियम का भुगतान कंपनी द्वारा किया जाता है।
ज़ोमैटो अपने डिलीवरी पार्टनर्स और उनके परिवारों के लिए टेली-कंसल्टेशन सुविधा भी प्रदान करता है, जिससे वे घर बैठे मेडिकल सलाह प्राप्त कर सकते हैं।
आपात स्थिति में 24×7 एसओएस सपोर्ट और एम्बुलेंस सेवा भी ज़ोमैटो डिलीवरी पार्टनर ऐप के माध्यम से उपलब्ध है, जिससे समय पर सहायता सुनिश्चित होती है।
गर्मी से सुरक्षा के लिए कंपनी सब्सिडाइज्ड कूलिंग गियर भी उपलब्ध कराती है, जिसमें यूपीएफ 50+ सनस्क्रीन जैकेट शामिल है, जो धूप और गर्मी से सुरक्षा प्रदान करता है।
इसके अलावा कंपनी मौसम की स्थितियों पर लगातार नजर रखती है, और डिलीवरी पार्टनर्स को इन-ऐप अलर्ट भेजती है। अत्यधिक गर्मी के दौरान उन्हें सुरक्षित तरीके से काम करने के लिए सुझाव भी दिए जाते हैं।
ज़ोमैटो अपने ग्राहकों को भी इस पहल से जोड़ने की कोशिश करता है। जब अत्यधिक गर्मी होती है, तो ऐप ग्राहकों को सुझाव देता है, कि वे डिलीवरी पार्टनर्स को पानी या टिप देने पर विचार करें।
यह छोटा सा कदम राइडर्स की कठिन परिस्थितियों के प्रति जागरूकता बढ़ाने और उनके प्रति सहानुभूति विकसित करने में मदद करता है।
ज़ोमैटो और शेल की यह साझेदारी गिग इकॉनमी वर्कर्स के कल्याण के लिए एक महत्वपूर्ण उदाहरण है। डिलीवरी पार्टनर्स शहरी खाद्य वितरण प्रणाली की रीढ़ हैं, और कठिन परिस्थितियों में काम करते हैं।
इस तरह की पहलें उनके कार्य अनुभव को बेहतर बनाने और सुरक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
भारत में बढ़ते तापमान के कारण बाहरी कार्य करना और भी चुनौतीपूर्ण हो गया है। डिलीवरी पार्टनर्स इस स्थिति से सबसे अधिक प्रभावित समूहों में से एक हैं।
इस तरह की पहलें डिहाइड्रेशन, हीट स्ट्रोक और थकान जैसी समस्याओं को कम करने में मदद करती हैं, और राइडर्स को सुरक्षित रूप से काम करने में सक्षम बनाती हैं।
निष्कर्ष:
ज़ोमैटो और शेल की यह साझेदारी डिलीवरी पार्टनर्स के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। रेस्ट स्पेस, हाइड्रेशन, वाहन देखभाल और स्वास्थ्य सहायता जैसी सुविधाएं इस पहल को और अधिक प्रभावशाली बनाती हैं।
जैसे-जैसे गिग इकॉनमी का विस्तार हो रहा है, ऐसे सहयोग यह सुनिश्चित करते हैं, कि कार्यबल की सुरक्षा और कल्याण को प्राथमिकता दी जाए और एक अधिक टिकाऊ शहरी डिलीवरी प्रणाली विकसित हो सके।