क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म Zepto जुलाई में लगभग ₹11,000 करोड़ के अपने बहुप्रतीक्षित Initial Public Offering (IPO) को लॉन्च करने की योजना बना रहा है। सूत्रों के अनुसार, कंपनी जुलाई 31 से पहले स्टॉक मार्केट में लिस्टिंग करने का लक्ष्य रख रही है, जो भारत के तेज़ी से बढ़ते क्विक कॉमर्स सेक्टर के लिए एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
जेप्टो अपने पब्लिक मार्केट डेब्यू की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक कंपनी अपने IPO के माध्यम से लगभग ₹11,000 करोड़ जुटाने की योजना बना रही है।
बेंगलुरु स्थित इस स्टार्टअप को हाल ही में Securities and Exchange Board of India (SEBI) से अपने पहले सार्वजनिक निर्गम के लिए मंजूरी मिल चुकी है। अब कंपनी अपडेटेड ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (UDRHP) दाखिल करने की तैयारी कर रही है, जिसमें वित्तीय और परिचालन से जुड़ी नई जानकारी शामिल होगी।
कंपनी ने दिसंबर 2025 में अपने IPO दस्तावेज गोपनीय मार्ग के तहत दाखिल किए थे, जो तेजी से बढ़ते स्टार्टअप्स के बीच एक सामान्य प्रक्रिया बन गई है।
सूत्रों के अनुसार जेप्टो का लक्ष्य 31 जुलाई से पहले स्टॉक मार्केट में लिस्टिंग करना है। यदि यह सफल होता है, तो कंपनी भारत के क्विक कॉमर्स और फूड डिलीवरी सेक्टर की प्रमुख सूचीबद्ध कंपनियों में शामिल हो जाएगी।
लिस्टिंग के बाद, जेप्टो का मुकाबला पहले से सूचीबद्ध कंपनियों जैसे Zomato और Swiggy से और सीधे तौर पर होगा।
जेप्टो ने अपने प्रतिस्पर्धियों से अलग रणनीति अपनाई है। कंपनी तेज़ भौगोलिक विस्तार के बजाय “मार्केट डेंसिटी” और “ऑपरेशनल इंटेंसिटी” पर ध्यान दे रही है।
इस रणनीति का उद्देश्य मौजूदा शहरों में अपनी पकड़ मजबूत करना है, जिससे डार्क स्टोर्स की संख्या बढ़ाकर डिलीवरी गति और सेवा गुणवत्ता में सुधार किया जा सके।
डार्क स्टोर छोटे वेयरहाउस होते हैं, जो तेज़ डिलीवरी को संभव बनाते हैं। जेप्टो का मॉडल कम शहरों में अधिक डार्क स्टोर्स स्थापित करने पर आधारित है।
कंपनी वर्तमान में लगभग 1,255 डार्क स्टोर्स 61 शहरों में संचालित कर रही है, जिससे इसे इस सेक्टर में उच्च घनत्व (high density) वाली नेटवर्क संरचना मिलती है।
रिपोर्ट्स के अनुसार जेप्टो के पास प्रति शहर लगभग 21 स्टोर्स हैं, जबकि प्रतिस्पर्धियों में यह संख्या लगभग 9 स्टोर्स प्रति शहर है।
इसके विपरीत Blinkit जैसे प्रतिद्वंदी 2,222 डार्क स्टोर्स के साथ 243 शहरों में फैले हुए हैं, जो अधिक व्यापक लेकिन कम घनत्व वाला नेटवर्क दर्शाता है।
विश्लेषण के अनुसार जेप्टो मुख्य रूप से मेट्रो शहरों और उच्च जनसंख्या घनत्व वाले क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।
कंपनी का उद्देश्य तेजी से GMV बढ़ाने के बजाय मौजूदा बाजारों में उपयोग की तीव्रता बढ़ाना है।
इसमें तेज़ डिलीवरी, अधिक ऑर्डर फ्रीक्वेंसी और बेहतर ग्राहक अनुभव पर जोर दिया जा रहा है।
जेप्टो को मजबूत निवेशकों का समर्थन प्राप्त हुआ है। अक्टूबर 2025 में कंपनी ने लगभग USD 450 मिलियन (करीब ₹3,757.5 करोड़) की फंडिंग जुटाई थी, जिसका नेतृत्व California Public Employees’ Retirement System (CalPERS) ने किया।
इस फंडिंग राउंड ने कंपनी का मूल्यांकन लगभग USD 7 बिलियन तक पहुंचा दिया।
इससे पहले अगस्त 2023 में जेप्टो ने Series E राउंड में USD 200 मिलियन जुटाकर यूनिकॉर्न का दर्जा हासिल किया था, तब इसका मूल्यांकन USD 1.4 बिलियन था।
भारत का क्विक कॉमर्स सेक्टर तेजी से प्रतिस्पर्धी बन रहा है, जिसमें Zomato, Swiggy, Blinkit और Zepto जैसे प्रमुख खिलाड़ी शामिल हैं।
जहां अन्य कंपनियां नए शहरों में विस्तार पर ध्यान दे रही हैं, वहीं जेप्टो मौजूदा बाजारों में गहरी पैठ बनाने की रणनीति पर काम कर रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है, कि जेप्टो का IPO भारत के क्विक कॉमर्स सेक्टर के लिए एक बड़ा परीक्षण होगा।
निवेशक यह देखना चाहेंगे कि कंपनी तेजी से विकास और लाभप्रदता के बीच कैसे संतुलन बनाती है।
यदि यह IPO सफल रहता है, तो यह अन्य स्टार्टअप्स के लिए भी सार्वजनिक बाजार में प्रवेश का रास्ता खोल सकता है।
निष्कर्ष:
जेप्टो का ₹11,000 करोड़ का IPO भारत के क्विक कॉमर्स उद्योग में एक महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत है। मजबूत फंडिंग, आक्रामक रणनीति और उच्च-घनत्व नेटवर्क मॉडल के साथ कंपनी पब्लिक मार्केट में अपनी मजबूत स्थिति बनाने की तैयारी कर रही है।