क्विक कॉमर्स प्रमुख Zepto ने अपनी नेतृत्व टीम को मजबूत करते हुए Roohi Raj को वाइस प्रेसिडेंट पद पर पदोन्नत किया है। यह कदम कंपनी के आगामी प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) की तैयारियों के बीच उठाया गया है। यह बदलाव ऐसे समय में हुआ है जब कंपनी तेजी से अपने संचालन का विस्तार कर रही है और भारत के तेज़ी से बढ़ते क्विक कॉमर्स सेक्टर में कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना कर रही है।
Zepto ने Roohi Raj को वाइस प्रेसिडेंट के पद पर पदोन्नत किया है, जो कंपनी के संगठनात्मक विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। Roohi Raj ने 2024 में Zepto में सीनियर डायरेक्टर के रूप में जॉइन किया था और अब उन्हें उनके योगदान को देखते हुए यह नई जिम्मेदारी दी गई है।
Zepto से पहले Roohi Raj ने भारत की कई प्रमुख इंटरनेट कंपनियों में काम किया है। वे Meesho में एसोसिएट डायरेक्टर के पद पर कार्यरत थे, और इससे पहले Swiggy में सीनियर मैनेजर – स्ट्रैटेजी के रूप में काम कर चुके हैं। ई-कॉमर्स और फूड डिलीवरी सेक्टर में उनके अनुभव को Zepto की भविष्य की रणनीति के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
उन्होंने अपनी पदोन्नति की जानकारी LinkedIn पर साझा की, जिससे स्टार्टअप इकोसिस्टम में उनकी निरंतर सक्रिय भूमिका भी सामने आई।
यह नेतृत्व परिवर्तन ऐसे समय पर हुआ है, जब Zepto ने भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) के साथ अपना ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) अपडेट किया है। यह कंपनी के बहुप्रतीक्षित IPO की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
अपडेटेड DRHP के अनुसार Zepto लगभग ₹8,010 करोड़ रुपये की नई शेयर जारी करके पूंजी जुटाने की योजना बना रही है। कुल IPO का आकार ₹11,000 करोड़ से ₹12,000 करोड़ के बीच रहने की संभावना है, जो ऑफर-फॉर-सेल घटक पर निर्भर करेगा।
यह कदम Zepto को भारत के डिजिटल कॉमर्स क्षेत्र के सबसे बड़े और चर्चित IPOs में शामिल कर सकता है। कंपनी इस पूंजी का उपयोग अपने इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने, डार्क स्टोर नेटवर्क का विस्तार करने और तकनीकी क्षमताओं में निवेश करने के लिए कर सकती है।
Zepto ने अपने अपडेटेड DRHP में मजबूत वित्तीय प्रदर्शन दिखाया है, जो तेजी से बढ़ते व्यवसाय को दर्शाता है।
कंपनी का ऑपरेशंस से राजस्व FY26 में दोगुना से अधिक बढ़कर ₹22,623.58 करोड़ पहुंच गया, जो FY25 में ₹11,109.94 करोड़ था। यह वृद्धि भारत में क्विक कॉमर्स सेवाओं की बढ़ती मांग और कंपनी के बढ़ते ग्राहक आधार को दर्शाती है।
हालांकि इसी अवधि में कंपनी का नुकसान भी बढ़ा है। Zepto ने FY26 में ₹5,905.19 करोड़ का शुद्ध घाटा दर्ज किया, जबकि FY25 में यह ₹4,699.71 करोड़ था। यह बढ़ा हुआ नुकसान मुख्य रूप से डिलीवरी इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार, मार्केटिंग खर्च और तकनीकी निवेश में वृद्धि के कारण हुआ है।
इसके बावजूद, कंपनी दीर्घकालिक विकास पर ध्यान केंद्रित कर रही है और फिलहाल मुनाफे की बजाय विस्तार रणनीति को प्राथमिकता दे रही है।
भारत का क्विक कॉमर्स सेक्टर तेजी से सबसे प्रतिस्पर्धी डिजिटल बाजारों में से एक बन गया है। Zepto का सीधा मुकाबला Blinkit और Swiggy Instamart जैसे बड़े खिलाड़ियों से है।
उद्योग अनुमानों के अनुसार Blinkit वर्तमान में 40% से अधिक मार्केट शेयर के साथ इस सेक्टर में अग्रणी है, जबकि Zepto और Instamart दोनों का मार्केट शेयर 20% से अधिक माना जाता है।
इस तीन-तरफा प्रतिस्पर्धा ने डिलीवरी स्पीड, इन्वेंट्री मैनेजमेंट, प्राइसिंग रणनीति और ग्राहक अनुभव में तेजी से नवाचार को बढ़ावा दिया है। कंपनियां अपने डार्क स्टोर नेटवर्क का विस्तार भी तेजी से कर रही हैं ताकि डिलीवरी समय कम किया जा सके।
Zepto की रणनीति का उद्देश्य बाजार में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाना और प्रमुख मेट्रो शहरों में अपनी स्थिति को मजबूत करना है।
IPO की तैयारी के बीच Zepto अपने ऑपरेशनल मॉडल को और मजबूत करने पर ध्यान दे रही है। कंपनी अपने निवेश को निम्न क्षेत्रों में केंद्रित कर रही है:
Roohi Raj जैसे अनुभवी अधिकारियों की पदोन्नति यह दर्शाती है कि कंपनी सार्वजनिक बाजारों में प्रवेश से पहले एक मजबूत प्रबंधन टीम तैयार कर रही है।
हालांकि Zepto की राजस्व वृद्धि मजबूत रही है, लेकिन बढ़ते नुकसान यह दिखाते हैं, कि क्विक कॉमर्स सेक्टर में लाभ कमाना अभी भी चुनौतीपूर्ण है। उच्च परिचालन लागत, तीव्र प्रतिस्पर्धा और निरंतर विस्तार की आवश्यकता प्रमुख चुनौतियां बनी हुई हैं।
इसके बावजूद, निवेशकों की रुचि इस क्षेत्र में बनी हुई है, क्योंकि शहरी उपभोक्ता बाजार में इसकी लंबी अवधि की विकास क्षमता मजबूत मानी जाती है।
Zepto का IPO भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम और डिजिटल अर्थव्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण संकेतक साबित हो सकता है।
निष्कर्ष:
Roohi Raj की वाइस प्रेसिडेंट के रूप में पदोन्नति Zepto की रणनीतिक नेतृत्व मजबूती को दर्शाती है। IPO की तैयारी और तेजी से बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच यह कदम कंपनी के भविष्य की दिशा को मजबूत करने वाला माना जा रहा है।
Zepto अब ऐसे चरण में है, जहां उसे तेज विस्तार, वित्तीय दबाव और प्रतिस्पर्धा के बीच संतुलन बनाना होगा, जो इसके सार्वजनिक बाजार में प्रदर्शन को निर्धारित करेगा।