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तेज़ी से बढ़ती क्विक कॉमर्स कंपनी Zepto को भारत के बाजार नियामक SEBI से अपने प्रस्तावित $1 अरब के आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) के लिए मंजूरी मिल गई है। यह कंपनी के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, क्योंकि यह भारत के सबसे तेजी से बढ़ते डिलीवरी सेक्टर में से एक में सार्वजनिक सूचीबद्धता की ओर बढ़ रही है।
भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने ज़ेप्टो के ड्राफ्ट IPO प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है, जिससे कंपनी को अब आगे की प्रक्रिया जारी रखने की अनुमति मिल गई है। यह मंजूरी दर्शाती है, कि कंपनी ने शुरुआती नियामकीय और अनुपालन आवश्यकताओं को पूरा कर लिया है।
रिपोर्ट्स के अनुसार यह मंजूरी कंपनी को भारतीय शेयर बाजार, यानी दलाल स्ट्रीट, में लिस्टिंग के एक कदम और करीब ले आती है। हालांकि, कंपनी की ओर से इस पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
ज़ेप्टो ने पिछले साल दिसंबर में अपने IPO दस्तावेज गोपनीय तरीके से दाखिल किए थे, जिससे कंपनी को शुरुआती चरण में वित्तीय और परिचालन जानकारी सार्वजनिक करने से छूट मिलती है।
यह प्रस्तावित IPO लगभग $1 अरब का होने की उम्मीद है, जो भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम के सबसे बड़े सार्वजनिक निर्गमों में से एक होगा। इसमें एक बड़ा हिस्सा फ्रेश इश्यू का होगा, यानी जुटाई गई पूंजी का उपयोग कंपनी के विस्तार, तकनीकी विकास और संचालन को मजबूत करने में किया जाएगा।
सूत्रों के अनुसार कंपनी जुलाई के आसपास सूचीबद्ध होने की योजना बना रही है, हालांकि यह समय बाजार की स्थिति और अंतिम नियामकीय मंजूरी पर निर्भर करेगा।
ज़ेप्टो की पिछली अनुमानित वैल्यूएशन लगभग $7 अरब थी, जो इसके मजबूत निवेशक समर्थन और तेज़ी से बढ़ते बिज़नेस मॉडल को दर्शाती है।
भारत का क्विक कॉमर्स सेक्टर तेजी से बढ़ रहा है, और इसका आकार लगभग $10–11 अरब के ग्रॉस मर्चेंडाइज वैल्यू (GMV) तक पहुंच चुका है। यह सेक्टर उन कंपनियों के बीच प्रतिस्पर्धा का केंद्र बन गया है जो 10–20 मिनट में सामान डिलीवरी प्रदान करती हैं।
इस बाजार में नेतृत्व Eternal के ब्लिंकिट के पास है, जिसकी लगभग 40% हिस्सेदारी मानी जाती है। वहीं Swiggy का इंस्टामार्ट और ज़ेप्टो दोनों लगभग 20% से अधिक बाजार हिस्सेदारी रखते हैं।
इस प्रतिस्पर्धा ने कंपनियों को डार्क स्टोर्स, सप्लाई चेन और डिलीवरी इंफ्रास्ट्रक्चर में भारी निवेश करने के लिए मजबूर किया है।
इस सेक्टर में अब केवल स्टार्टअप्स ही नहीं, बल्कि बड़ी ई-कॉमर्स कंपनियां भी तेजी से प्रवेश कर रही हैं। Flipkart और Amazon दोनों ने क्विक कॉमर्स क्षेत्र में अपने निवेश और विस्तार को तेज कर दिया है।
इन कंपनियों की मौजूदगी ने प्रतिस्पर्धा को और बढ़ा दिया है, जिससे मार्केट में कीमतों पर दबाव और ग्राहक अधिग्रहण लागत में वृद्धि देखी जा रही है।
पिछले पांच वर्षों में Zepto ने वैश्विक और घरेलू निवेशकों का मजबूत आधार तैयार किया है। इस कंपनी में कई बड़े वेंचर कैपिटल फंड्स ने निवेश किया है।
इसके प्रमुख निवेशकों में General Catalyst और Lightspeed Venture Partners शामिल हैं। इसके अलावा भारत से Motilal Oswal Asset Management और Haldiram Snacks जैसे निवेशकों का भी समर्थन प्राप्त है।
इस मजबूत निवेश आधार ने कंपनी को तेजी से विस्तार करने और प्रतिस्पर्धी बाजार में टिके रहने में मदद की है।
वैश्विक और घरेलू बाजारों में जारी अस्थिरता के बीच कई कंपनियां अपने IPO योजनाओं को लेकर सतर्क हैं। इसी कारण कुछ बड़ी कंपनियों ने अपनी लिस्टिंग योजनाएं स्थगित भी की हैं।
उदाहरण के लिए फिनटेक कंपनी PhonePe ने लगभग $1.3 अरब के अपने IPO को बाजार की अनिश्चित परिस्थितियों के कारण रोक दिया था।
इसके बावजूद ज़ेप्टो अपने IPO को आगे बढ़ा रही है, जो इसके दीर्घकालिक विकास पर विश्वास को दर्शाता है।
क्विक कॉमर्स उद्योग तेजी से बदल रहा है, जहां ग्राहक तेज डिलीवरी, बेहतर उपलब्धता और कम कीमतों की उम्मीद करते हैं। इस प्रतिस्पर्धा में ज़ेप्टो, ब्लिंकिट और इंस्टामार्ट प्रमुख खिलाड़ी हैं।
विशेषज्ञों का मानना है, कि आने वाले समय में इस क्षेत्र में और एकीकरण हो सकता है, क्योंकि कंपनियां स्केल और लाभप्रदता हासिल करने की कोशिश करेंगी।
निष्कर्ष:
Zepto के लिए SEBI की मंजूरी $1 अरब IPO की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह कदम न केवल कंपनी के लिए बल्कि पूरे भारतीय क्विक कॉमर्स सेक्टर के लिए भी अहम माना जा रहा है।
आने वाले महीनों में कंपनी की आगे की फाइलिंग, बाजार की स्थिति और निवेशकों की प्रतिक्रिया यह तय करेगी कि यह IPO कितना सफल साबित होता है और कंपनी दलाल स्ट्रीट पर कितनी मजबूत शुरुआत करती है।
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क्विक कॉमर्स सेक्टर की दिग्गज कंपनी Zepto ने अपने यूजर्स के लिए ऐप के भीतर ही UPI पेमेंट की सुविधा शुरू कर दी है, रिपोर्ट्स के मुताबिक अब ग्राहक Zepto ऐप से बाहर जाए बिना सीधे UPI के जरिए भुगतान कर सकेंगे, यह कदम ऐसे समय पर उठाया गया है, जब कंपनी संभावित शेयर बाजार लिस्टिंग की तैयारी कर रही है।
नई सुविधा के तहत Zepto यूजर्स को पेमेंट के लिए Google Pay, PhonePe या Paytm जैसे थर्ड पार्टी ऐप्स पर रीडायरेक्ट नहीं किया जाएगा, ग्राहक सीधे Zepto ऐप के भीतर ही UPI पेमेंट कर पाएंगे, जिससे चेकआउट प्रोसेस पहले के मुकाबले ज्यादा तेज और आसान हो जाएगा, हालांकि कंपनी ने इस फीचर को लेकर अभी कोई ऑफिसियल घोषणा नहीं की है, लेकिन रिपोर्ट्स के अनुसार यह विकल्प फिलहाल कुछ चुनिंदा यूजर्स के लिए उपलब्ध हो गया है।
इस फीचर का इस्तेमाल करने के लिए यूजर्स को Zepto ऐप के पेमेंट सेटिंग्स सेक्शन में जाकर अपना बैंक अकाउंट लिंक करना होगा, इसके बाद UPI को एक्टिवेट करना होगा, एक बार सेटअप पूरा होने के बाद ग्राहक ऐप के भीतर ही UPI पिन डालकर पेमेंट को ऑथराइज कर सकेंगे।
Zepto का यह कदम उपभोक्ता इंटरनेट कंपनियों के बीच बढ़ते ट्रेंड को दिखाता है, जहां प्लेटफॉर्म्स अपने ऐप के अंदर ही डिजिटल पेमेंट सिस्टम को इंटीग्रेट कर रहे हैं, इससे कंपनियों को ट्रांजैक्शन फ्लो पर ज्यादा कंट्रोल मिलता है, और यूजर एक्सपीरियंस भी बेहतर होता है, बीते एक साल में फूड और ग्रॉसरी डिलीवरी कंपनियों ने इन-हाउस UPI सॉल्यूशंस को तेजी से अपनाया है।
Swiggy ने साल 2024 में NPCI के UPI प्लग-इन के जरिए इन-ऐप UPI सर्विस लॉन्च की थी, कंपनी ने बताया था, कि इसका मकसद पेमेंट फेल्योर को कम करना और चेकआउट प्रक्रिया को तेज बनाना है, वहीं Zomato ने ICICI बैंक के साथ साझेदारी में अपनी UPI सर्विस शुरू की थी, इसके तहत यूजर्स को Zomato से लिंक्ड UPI ID बनाने की सुविधा मिलती है, जिससे वे ऐप के भीतर ही रियल-टाइम पेमेंट कर सकते हैं, रिपोर्ट के मुताबिक Zomato का मॉडल प्लग-इन आधारित सिस्टम की बजाय बैंकिंग पार्टनर के जरिए जारी किए गए डेडिकेटेड UPI हैंडल की तरह काम करता है।
Zepto की यह पेमेंट पहल ऐसे समय पर आई है, जब कंपनी शेयर बाजार में उतरने की तैयारी कर रही है, रिपोर्ट्स के अनुसार Zepto ने मार्केट रेगुलेटर SEBI के पास गोपनीय मार्ग (Confidential Route) के जरिए ड्राफ्ट पेपर्स दाखिल किए हैं, कंपनी का लक्ष्य करीब 11,000 करोड़ रुपये जुटाने का है, और वह इसी साल स्टॉक मार्केट में लिस्ट होने की योजना बना रही है, लिस्टिंग के बाद Zepto पहले से लिस्टेड प्रतिद्वंद्वियों Zomato और Swiggy की कतार में शामिल हो जाएगी।