X ने फ्री यूजर्स पर लगाई नई लिमिट, अब पोस्ट और DM होंगे सीमित

122
19 May 2026
min read

News Synopsis

X ने उन यूजर्स के लिए नई तकनीकी सीमाओं की घोषणा की है, जो इसके प्रीमियम वेरिफिकेशन सर्विस का उपयोग नहीं करते हैं। कंपनी का कहना है, कि इन बदलावों का उद्देश्य प्लेटफॉर्म के बैकएंड सिस्टम पर दबाव कम करना, ऐप की स्थिरता बढ़ाना और डाउनटाइम को कम करना है।

नई पाबंदियां विशेष रूप से उन अकाउंट्स पर लागू होंगी जिनके पास ब्लू वेरिफाइड चेकमार्क नहीं है। इन बदलावों का असर डायरेक्ट मैसेज, पोस्ट, रिप्लाई, फॉलो करने और अकाउंट मैनेजमेंट जैसी कई प्रमुख गतिविधियों पर पड़ेगा।

कंपनी ने सोमवार को आधिकारिक रूप से इन नई सीमाओं की जानकारी साझा की और कहा कि यह कदम प्लेटफॉर्म की परफॉर्मेंस बेहतर बनाने और भारी ट्रैफिक के दौरान सर्विस को स्थिर बनाए रखने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है।

फ्री यूजर्स के लिए X ने बढ़ाई पाबंदियां

पिछले कुछ वर्षों में X ने वेरिफाइड और अनवेरिफाइड यूजर्स के बीच का अंतर लगातार बढ़ाया है। प्रीमियम सब्सक्राइबर्स को अतिरिक्त फीचर्स और कम सीमाएं दी जाती रही हैं। नई घोषणा इस अंतर को और स्पष्ट करती है।

कंपनी के अनुसार ये तकनीकी प्रतिबंध इंटरनल सिस्टम पर बढ़ते दबाव को कम करने और ऐप में आने वाले एरर पेज, स्लोडाउन और क्रैश जैसी समस्याओं को घटाने के लिए जरूरी हैं।

प्लेटफॉर्म ने बताया कि अब सभी अनवेरिफाइड अकाउंट्स को कई गतिविधियों पर दैनिक और प्रति घंटा सीमाओं का सामना करना पड़ेगा।

डायरेक्ट मैसेज भेजने की नई सीमा लागू

सबसे बड़ा बदलाव डायरेक्ट मैसेज फीचर में किया गया है।

नई नीति के तहत अब अनवेरिफाइड यूजर्स प्रतिदिन अधिकतम 500 डायरेक्ट मैसेज ही भेज सकेंगे। इसका सबसे ज्यादा असर उन यूजर्स, बिजनेस अकाउंट्स और ऑटोमेटेड अकाउंट्स पर पड़ सकता है जो निजी संदेशों के जरिए ज्यादा संवाद करते हैं।

कंपनी का कहना है, कि यह कदम स्पैम गतिविधियों को कम करने और बड़े पैमाने पर मैसेजिंग से उत्पन्न सर्वर लोड को नियंत्रित करने के लिए उठाया गया है।

पोस्ट और रिप्लाई पर भी लगी सीमा

X ने फ्री अकाउंट्स के लिए पोस्टिंग सीमाएं भी लागू कर दी हैं।

अब अनवेरिफाइड यूजर्स प्रतिदिन:

  • 50 ओरिजिनल पोस्ट
  • 200 रिप्लाई

ही कर सकेंगे।

कंपनी ने स्पष्ट किया कि इन सीमाओं को दिनभर के छोटे-छोटे समय अंतराल में बांटा गया है। इसका मतलब है, कि यूजर्स पूरे दिन की सीमा पूरी होने से पहले भी कुछ समय के लिए पोस्ट करने से रोके जा सकते हैं, यदि वे कम समय में अत्यधिक गतिविधि करते हैं।

इन प्रतिबंधों का उद्देश्य स्पैम पोस्टिंग, ऑटोमेटेड गतिविधियों और पीक समय में सर्वर पर पड़ने वाले दबाव को कम करना है।

सामान्य यूजर्स के लिए यह सीमाएं ज्यादा परेशानी नहीं बनेंगी, लेकिन कंटेंट क्रिएटर्स, सोशल मीडिया मैनेजर्स और अत्यधिक सक्रिय यूजर्स पर इसका प्रभाव पड़ सकता है।

ईमेल बदलने और अकाउंट फॉलो करने पर भी नियंत्रण

पोस्टिंग और मैसेजिंग के अलावा X ने अकाउंट मैनेजमेंट और फॉलो गतिविधियों पर भी नई सीमाएं लगाई हैं।

ईमेल बदलने की सीमा

अब अनवेरिफाइड अकाउंट्स अपने अकाउंट का ईमेल एड्रेस एक घंटे में केवल चार बार बदल सकेंगे।

हालांकि यह सीमा आम यूजर्स को ज्यादा प्रभावित नहीं करेगी, लेकिन कंपनी ने संभवतः इसे सुरक्षा कारणों से लागू किया है ताकि संदिग्ध गतिविधियों और दुरुपयोग को रोका जा सके।

प्रतिदिन फॉलो करने की सीमा

अब फ्री यूजर्स प्रतिदिन अधिकतम 400 अकाउंट्स को फॉलो कर सकेंगे।

X ने स्पष्ट किया कि यह केवल एक तकनीकी सीमा है, और इसके अलावा भी आक्रामक फॉलोइंग व्यवहार और स्पैम गतिविधियों को रोकने वाले नियम पहले से लागू हैं।

कंपनी पहले से ही उन अकाउंट्स की निगरानी करती है, जो तेजी से फॉलोअर्स बढ़ाने की कोशिश करते हैं।

5,000 अकाउंट फॉलो करने के बाद लागू होंगे अतिरिक्त नियम

एक और महत्वपूर्ण नियम उन यूजर्स पर लागू होगा जो पहले से 5,000 से अधिक अकाउंट्स को फॉलो कर रहे हैं।

इस सीमा के बाद नए अकाउंट्स को फॉलो करने की क्षमता अकाउंट-विशिष्ट अनुपातों पर निर्भर करेगी। यानी किसी यूजर का फॉलोअर काउंट, एंगेजमेंट और अकाउंट की विश्वसनीयता तय करेगी कि वह आगे कितने अकाउंट्स को फॉलो कर सकता है।

इस व्यवस्था का उद्देश्य नकली एंगेजमेंट और स्पैम नेटवर्क्स को कम करना है।

थर्ड-पार्टी ऐप्स इस्तेमाल करने वाले यूजर्स पर भी असर

X ने यह भी बताया कि थर्ड-पार्टी ऐप्स से आने वाले API रिक्वेस्ट भी प्लेटफॉर्म की प्रति घंटा API सीमा में गिने जाएंगे।

इसका मतलब है, कि जो यूजर्स अपने अकाउंट को कई सोशल मीडिया मैनेजमेंट टूल्स, ऑटोमेशन सर्विसेज या अन्य थर्ड-पार्टी ऐप्स से जोड़ते हैं, वे पहले की तुलना में जल्दी API सीमा तक पहुंच सकते हैं।

उदाहरण के लिए शेड्यूलिंग टूल्स, एनालिटिक्स प्लेटफॉर्म और ऑटोमेशन सेवाओं का उपयोग करने वाले यूजर्स को सीमित कार्यक्षमता का सामना करना पड़ सकता है।

हालांकि कंपनी ने यह स्पष्ट नहीं किया कि अलग-अलग ऐप्स के लिए API सीमाएं अलग होंगी या नहीं।

अगर यूजर सीमा पार कर दे तो क्या होगा?

X के अनुसार यदि कोई यूजर इन सीमाओं तक पहुंच जाता है, तो उसे एक एरर मैसेज दिखाई देगा, जिसमें बताया जाएगा कि कौन-सी सीमा पार हुई है।

समय-आधारित सीमाओं जैसे:

  • डायरेक्ट मैसेज
  • पोस्टिंग गतिविधि
  • ईमेल बदलाव
  • API रिक्वेस्ट

के मामले में यूजर्स को केवल निर्धारित समय समाप्त होने तक इंतजार करना होगा।

कंपनी के सपोर्ट डॉक्यूमेंट के अनुसार पोस्टिंग सीमा पार होने पर यूजर्स कुछ घंटों बाद दोबारा पोस्ट कर सकेंगे।

कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया कि पोस्टिंग सीमा दिनभर के अलग-अलग समय अंतराल में विभाजित है, इसलिए कम समय में ज्यादा गतिविधि करने वाले यूजर्स जल्दी प्रतिबंधित हो सकते हैं।

प्रीमियम सब्सक्रिप्शन लेने वालों को मिलेगा फायदा

हालांकि X ने इन बदलावों को तकनीकी आवश्यकता बताया है, लेकिन इससे प्लेटफॉर्म की प्रीमियम सर्विस के फायदे और बढ़ गए हैं।

वेरिफाइड यूजर्स को आमतौर पर मिलते हैं:

  • अधिक पोस्टिंग सीमाएं
  • बेहतर विजिबिलिटी
  • मोनेटाइजेशन टूल्स
  • कम प्रतिबंध
  • एडवांस फीचर्स

इसी वजह से कुछ आलोचक इन बदलावों को प्रीमियम सब्सक्रिप्शन बढ़ाने की रणनीति के रूप में भी देख सकते हैं।

जब से Elon Musk ने प्लेटफॉर्म का अधिग्रहण कर Twitter को X में बदला है, तब से कंपनी लगातार अपने प्रीमियम मॉडल को बढ़ावा दे रही है।

स्पैम कंट्रोल और प्लेटफॉर्म स्थिरता पर बढ़ता फोकस

दुनियाभर के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स स्पैम अकाउंट्स, बॉट गतिविधियों, नकली एंगेजमेंट और सर्वर लोड जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं।

X के नए प्रतिबंध इन्हीं चुनौतियों से निपटने और प्लेटफॉर्म को अधिक स्थिर बनाने की दिशा में उठाया गया कदम माने जा रहे हैं।

कंपनी का मानना है, कि बड़े पैमाने पर मैसेजिंग, अत्यधिक पोस्टिंग और आक्रामक फॉलो गतिविधियों को सीमित कर प्लेटफॉर्म की विश्वसनीयता और प्रदर्शन को बेहतर बनाया जा सकता है।

हालांकि इन बदलावों से वे यूजर्स परेशान हो सकते हैं जो प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कंटेंट वितरण, कम्युनिटी मैनेजमेंट या पेशेवर संवाद के लिए अधिक करते हैं।

यूजर्स की मिल सकती है, मिली-जुली प्रतिक्रिया

इन नई सीमाओं को लेकर यूजर्स की प्रतिक्रिया मिश्रित रहने की संभावना है।

कुछ लोग इसे स्पैम कम करने और ऐप की परफॉर्मेंस सुधारने के लिए सकारात्मक कदम मान सकते हैं। वहीं कई फ्री यूजर्स और कंटेंट क्रिएटर्स इन सीमाओं को अत्यधिक सख्त और प्रीमियम सब्सक्रिप्शन की ओर धकेलने वाला कदम मान सकते हैं।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के बीच बढ़ती प्रतिस्पर्धा के दौर में यूजर स्वतंत्रता, प्लेटफॉर्म स्थिरता और कमाई के बीच संतुलन बनाना कंपनियों के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है।

Podcast

TWN Special