अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी सरकारी शब्दावली में बदलाव करने की योजना सामने रखी है। उपलब्ध समाचार रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप चाहते हैं कि अमेरिकी संघीय सरकार के संबंधित दस्तावेजों में 'आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस' और 'AI' की जगह 'सुपर इंटेलिजेंस' (Super Intelligence) और 'SI' जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया जाए।
ट्रंप का मानना है कि आधुनिक AI प्रणालियां अब पहले की तुलना में कहीं अधिक सक्षम हो गई हैं। इसलिए उनके लिए इस्तेमाल होने वाले शब्दों में भी बदलाव की जरूरत है।
रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप ने मंगलवार को अपने सोशल मीडिया मंच ट्रुथ सोशल (Truth Social) पर इस विषय में विचार साझा किए। उन्होंने अमेरिकी समाचार पत्र द वॉल स्ट्रीट जर्नल द्वारा पुराने शब्द का इस्तेमाल जारी रखने पर भी सवाल उठाया।
बताया गया है कि यह प्रस्ताव सरकारी वेबसाइटों, नीतिगत दस्तावेजों और आधिकारिक संवाद में नई शब्दावली अपनाने से संबंधित है। हालांकि, केवल नाम बदलने से AI तकनीक की वास्तविक क्षमताओं में कोई बदलाव नहीं होगा।
डोनाल्ड ट्रंप के अनुसार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस शब्द आधुनिक तकनीकी प्रणालियों की बढ़ती क्षमताओं को पूरी तरह नहीं दर्शाता।
उनका तर्क है कि आज की AI प्रणालियां केवल सामान्य कार्यों को स्वचालित करने तक सीमित नहीं हैं। वे वैज्ञानिक अनुसंधान, जानकारी के विश्लेषण और जटिल समस्याओं के समाधान में भी सहायता कर रही हैं।
समाचार रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया संदेश में द वॉल स्ट्रीट जर्नल द्वारा 'आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस' शब्द के लगातार इस्तेमाल की आलोचना की।
उन्होंने संकेत दिया कि आने वाले समय में 'सुपर इंटेलिजेंस' शब्द अधिक प्रचलित हो सकता है।
हालांकि, यह अभी स्पष्ट नहीं है कि वैज्ञानिक समुदाय और तकनीकी उद्योग इस प्रस्तावित बदलाव को किस हद तक स्वीकार करेंगे।
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ट्रंप ने 30 सितंबर को 'इनॉगरेटिंग द एरा ऑफ सुपर इंटेलिजेंस' (Inaugurating the Era of Super Intelligence) नाम से एक कार्यकारी आदेश जारी किया था।
इस कथित आदेश के अनुसार, संघीय सरकारी विभागों को कानूनी रूप से संभव होने पर AI की जगह SI शब्द अपनाने के निर्देश दिए गए हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, नई शब्दावली का इस्तेमाल सरकारी पत्राचार, सार्वजनिक घोषणाओं, वेबसाइटों, रिपोर्ट और नीतिगत दस्तावेजों में किया जा सकता है।
इसका उद्देश्य विभिन्न सरकारी विभागों में आधुनिक तकनीक के लिए एक समान भाषा का इस्तेमाल सुनिश्चित करना बताया गया है।
प्रस्तावित व्यवस्था के अनुसार, पहले से जारी नियमों, सरकारी अनुबंधों, अनुदान संबंधी दस्तावेजों और ऐतिहासिक अभिलेखों में पीछे जाकर बदलाव करना अनिवार्य नहीं होगा।
इससे पुराने कानूनी रिकॉर्ड सुरक्षित रहेंगे और भविष्य के सरकारी संवाद में नई शब्दावली अपनाने की गुंजाइश बनेगी।
व्हाइट हाउस के अनुसार, आधुनिक तकनीकी प्रणालियां विज्ञान, चिकित्सा, रचनात्मक कार्यों और जटिल समस्याओं के समाधान में तेजी से उपयोगी हो रही हैं।
प्रशासन का मानना है कि 'सुपर इंटेलिजेंस' शब्द इन क्षमताओं और भविष्य की संभावनाओं को बेहतर ढंग से दर्शाता है।
विशेषज्ञ दृष्टिकोण से AI और सुपर इंटेलिजेंस के बीच अंतर समझना जरूरी है।
सामान्य रूप से सुपर इंटेलिजेंस ऐसी संभावित तकनीक को कहा जाता है, जो अधिकांश बौद्धिक कार्यों में मानव क्षमताओं से आगे निकल सके।
लेकिन सरकारी दस्तावेजों में नया नाम अपनाने का अर्थ यह नहीं है कि मौजूदा AI प्रणालियां वास्तव में उस स्तर तक पहुंच चुकी हैं।
कार्यकारी आदेश में राष्ट्रपति के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी सलाहकार को 60 दिनों के भीतर नई कानूनी परिभाषा का प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया गया है।
इस प्रस्ताव में मौजूदा अमेरिकी कानूनों में आवश्यक बदलावों की सिफारिशें भी शामिल होंगी।
प्रस्तावित परिभाषा को कानून का हिस्सा बनाने के लिए अमेरिकी कांग्रेस की विधायी प्रक्रिया का पालन करना होगा।
इसलिए प्रशासनिक दस्तावेजों में नई शब्दावली अपनाना और मौजूदा कानूनों में बदलाव करना दो अलग प्रक्रियाएं हैं।
ट्रंप ने तकनीकी क्षेत्र की प्रमुख कंपनियों के अधिकारियों के साथ भी आधुनिक तकनीकों के विकास पर चर्चा की है।
इनमें एलन मस्क, मार्क जुकरबर्ग, सुंदर पिचाई और जेन्सेन हुआंग जैसे प्रमुख नाम शामिल हैं।
आधुनिक AI प्रणालियों के बढ़ते उपयोग के कारण तकनीकी सुरक्षा, जिम्मेदार विकास और सरकारी निगरानी जैसे विषय अधिक महत्वपूर्ण हो गए हैं।
ऐसे में केवल नई शब्दावली अपनाना पर्याप्त नहीं होगा। तकनीक का सुरक्षित उपयोग सुनिश्चित करने के लिए स्पष्ट नियम और प्रभावी निगरानी भी जरूरी होगी।
इससे सरकारी वेबसाइटों, रिपोर्टों और नीतिगत दस्तावेजों की भाषा प्रभावित होगी। हालांकि, मौजूदा तकनीकी प्रणालियों की क्षमताएं केवल नाम बदलने से नहीं बदलेंगी।
इस बदलाव का व्यापक प्रभाव भविष्य की कानूनी परिभाषाओं, सरकारी विभागों के क्रियान्वयन और तकनीकी समुदाय की प्रतिक्रिया पर निर्भर करेगा।