अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का प्रशासन कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) को लेकर इस्तेमाल होने वाली सरकारी शब्दावली में बड़ा बदलाव कर रहा है। अमेरिकी सरकार ने AI से जुड़ी अपनी आधिकारिक वेबसाइट की ब्रांडिंग बदलकर SI.gov कर दी है। इस वेबसाइट के जरिए सरकार अपनी नीतियों, योजनाओं और तकनीकी पहलों को ‘Super Intelligence’ यानी SI के नाम से प्रस्तुत कर रही है।
Trump प्रशासन का कहना है कि ‘Super Intelligence’ शब्द तेजी से विकसित हो रही तकनीक की क्षमताओं और भविष्य की संभावनाओं को बेहतर तरीके से दर्शाता है। हालांकि, यह बदलाव केवल वेबसाइट के नाम तक सीमित नहीं है। अमेरिकी सरकार ने अपने विभागों को आधिकारिक पत्राचार, सार्वजनिक बयानों, वेबसाइटों और नीतिगत दस्तावेजों में ‘Artificial Intelligence’ और ‘AI’ की जगह ‘Super Intelligence’ और ‘SI’ शब्दों को प्राथमिकता देने का निर्देश भी दिया है।
अमेरिका में AI के बढ़ते इस्तेमाल के साथ इस तकनीक को लेकर लोगों की चिंताएं भी बढ़ी हैं। कई लोग मानते हैं कि AI के कारण नौकरियों पर असर पड़ सकता है, जबकि कुछ विशेषज्ञ इसके सुरक्षा जोखिमों और गलत इस्तेमाल की संभावनाओं को लेकर सवाल उठाते रहे हैं।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप Donald Trump इस तकनीक को देखने का नजरिया बदलना चाहते हैं। उनका मानना है कि ‘Artificial Intelligence’ शब्द में इस्तेमाल होने वाला ‘Artificial’ यानी कृत्रिम शब्द तकनीक की वास्तविक क्षमताओं को सही तरीके से प्रस्तुत नहीं करता। इसके बजाय ‘Super Intelligence’ शब्द तकनीक की बढ़ती ताकत और संभावनाओं को अधिक प्रभावशाली तरीके से सामने रखता है।
29 सितंबर 2026 को Trump ने “Inaugurating the Era of Super Intelligence” नाम से एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए। इस आदेश में संघीय सरकार के विभागों और एजेंसियों को लागू कानूनों की सीमा के भीतर नए आधिकारिक संचार और गैर-कानूनी रूप से अनिवार्य पुराने दस्तावेजों से अलग नए नीतिगत दस्तावेजों में ‘Super Intelligence’ और ‘SI’ शब्दों का इस्तेमाल करने का निर्देश दिया गया।
कार्यकारी आदेश के अनुसार, अमेरिकी सरकार के विभागों को अपनी आधिकारिक वेबसाइटों, सार्वजनिक संचार, रिपोर्टों और नीतिगत दस्तावेजों में नई शब्दावली अपनानी होगी। इसका उद्देश्य सरकारी स्तर पर इस तकनीक के लिए इस्तेमाल होने वाले शब्दों में एकरूपता लाना है।
हालांकि, आदेश का मतलब यह नहीं है कि पहले से जारी हर कानून, अनुबंध, अनुदान या ऐतिहासिक दस्तावेज को तुरंत बदलना होगा। आदेश में ऐसे पुराने दस्तावेजों को बदलना अनिवार्य नहीं किया गया है।
इसके अलावा, राष्ट्रपति के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी सलाहकार को 60 दिनों के भीतर ‘Super Intelligence’ की संघीय परिभाषा तय करने के लिए प्रस्तावित कानूनी भाषा पेश करने का निर्देश दिया गया है। इस प्रक्रिया में मौजूदा कानूनी परिभाषा में संभावित बदलावों और आगे जरूरी सरकारी कदमों पर भी विचार किया जाएगा।
SI.gov अमेरिकी सरकार की उस पहल का आधिकारिक ऑनलाइन मंच है, जिसके जरिए देश में Super Intelligence से जुड़ी योजनाओं, नीतियों और विकास कार्यों की जानकारी दी जा रही है।
वेबसाइट पर सरकार की तकनीकी प्राथमिकताओं, अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने वाली योजनाओं तथा भविष्य के लिए तैयार किए जा रहे कार्यक्रमों का विवरण दिया गया है। इसका उद्देश्य अमेरिका को इस उभरती तकनीक के विकास में अग्रणी बनाए रखने की सरकारी कोशिशों को सामने रखना है।
वेबसाइट पर Genesis Mission का भी उल्लेख है। यह विज्ञान से जुड़ी चुनौतियों को हल करने के लिए उन्नत तकनीक के इस्तेमाल पर केंद्रित पहल है। इसमें 15 संघीय एजेंसियों, उद्योग जगत, शिक्षण संस्थानों और अमेरिकी ऊर्जा विभाग की राष्ट्रीय प्रयोगशालाओं को एक साथ लाने की योजना शामिल है।
इसके अलावा, वेबसाइट पर डेटा सेंटर के बुनियादी ढांचे और अगली पीढ़ी के नवाचारकर्ताओं को तैयार करने से संबंधित पहलों की जानकारी भी दी गई है। इस तरह SI.gov केवल नाम बदलने का माध्यम नहीं, बल्कि अमेरिकी सरकार की तकनीकी रणनीति को प्रस्तुत करने वाला मंच भी है। <Cite refs={["turn358372search0","turn358372search3"]}/>
Trump प्रशासन के इस फैसले पर तकनीकी उद्योग से अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। कुछ प्रमुख हस्तियों ने नई शब्दावली को स्वीकार करने के संकेत दिए हैं, जबकि कुछ कंपनियां अपने मौजूदा नाम और पहचान को बनाए रखना चाहती हैं।
टेक उद्यमी Elon Musk ने भी ‘Super Intelligence’ शब्द को लेकर रुचि दिखाई है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, उन्होंने अपनी AI कंपनी xAI का नाम बदलकर xSI करने की संभावना पर टिप्पणी की है।
यह प्रतिक्रिया इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि Musk AI और उन्नत तकनीक के क्षेत्र में एक प्रमुख कारोबारी हैं। हालांकि, किसी कंपनी के नाम को लेकर विचार व्यक्त करना और आधिकारिक रूप से नाम बदलना अलग-अलग बातें हैं। इसलिए xAI के नाम में बदलाव को अंतिम निर्णय मानने से पहले कंपनी की आधिकारिक घोषणा देखना जरूरी है।
OpenAI के प्रमुख Sam Altman ने भी इस बदलाव पर प्रतिक्रिया दी है। रिपोर्टों के अनुसार, एक Politico पॉडकास्ट में उन्होंने नई शब्दावली पर चर्चा की, लेकिन संकेत दिया कि OpenAI अपना मौजूदा नाम बरकरार रखेगी।
इससे पता चलता है कि सरकार द्वारा अपनाई गई शब्दावली का असर हर तकनीकी कंपनी की ब्रांडिंग पर एक जैसा नहीं होगा। सरकारी विभाग अपने आधिकारिक संचार में नई भाषा अपना सकते हैं, लेकिन निजी कंपनियों के नाम और व्यावसायिक पहचान के फैसले अलग हो सकते हैं।
कुल मिलाकर, इस बदलाव को लेकर तकनीकी जगत में एक जैसी सहमति नहीं है। कुछ लोग इसे तकनीक की क्षमताओं को नए तरीके से प्रस्तुत करने की कोशिश मानते हैं, जबकि अन्य के लिए यह मुख्य रूप से नाम और सरकारी संचार में बदलाव है।
इस बदलाव को समझने के लिए दोनों शब्दों के बीच अंतर जानना जरूरी है। सामान्य रूप से ‘Artificial Intelligence’ एक व्यापक तकनीकी क्षेत्र है, जिसमें ऐसी मशीनों और कंप्यूटर प्रणालियों का विकास शामिल है, जो भाषा समझने, जानकारी का विश्लेषण करने, समस्याएं हल करने और कई प्रकार के कार्य करने में सक्षम होती हैं।
इसके विपरीत, ‘Superintelligence’ शब्द का इस्तेमाल अक्सर ऐसी काल्पनिक या भविष्य की बुद्धिमत्ता के लिए किया जाता है, जो कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में मानव क्षमताओं से आगे निकल सकती है। तकनीकी चर्चाओं में इसका अर्थ संदर्भ के अनुसार बदल सकता है।
हालांकि, Trump प्रशासन के 29 सितंबर 2026 के कार्यकारी आदेश में ‘Super Intelligence’ और ‘SI’ को फिलहाल अमेरिकी कानून में पहले से परिभाषित Artificial Intelligence के दायरे में आने वाली तकनीकों और प्रणालियों के अर्थ में इस्तेमाल किया गया है। इसका मतलब है कि सरकारी शब्दावली बदलने से मौजूदा तकनीक अचानक अधिक बुद्धिमान नहीं हो जाती।
सरकारी वेबसाइटों, रिपोर्टों और आधिकारिक बयानों में नई शब्दावली अपनाने से अमेरिका में तकनीक को प्रस्तुत करने का तरीका बदल सकता है। इससे सरकारी योजनाओं, अनुसंधान कार्यक्रमों और तकनीकी निवेश से जुड़ी चर्चाओं में ‘SI’ शब्द अधिक दिखाई दे सकता है।
हालांकि, केवल नाम बदलने से AI से जुड़ी मूल चुनौतियां समाप्त नहीं होंगी। रोजगार पर संभावित प्रभाव, डेटा की सुरक्षा, गलत जानकारी का प्रसार और तकनीक के जिम्मेदार इस्तेमाल जैसे विषयों पर अलग से काम करना होगा।
नई शब्दावली को लेकर यह सवाल भी महत्वपूर्ण है कि क्या इससे आम लोगों की तकनीक के प्रति सोच वास्तव में बदलेगी या यह बदलाव मुख्य रूप से सरकारी संचार तक सीमित रहेगा।
आने वाले समय में इस पहल का असर इस बात पर निर्भर करेगा कि अमेरिकी सरकार अपने निर्देशों को किस तरह लागू करती है और तकनीकी संस्थान तथा आम नागरिक इस बदलाव को किस रूप में स्वीकार करते हैं।
फिलहाल, SI.gov का लॉन्च और ‘Super Intelligence’ शब्द को सरकारी स्तर पर प्राथमिकता देना Trump प्रशासन की तकनीकी नीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव है। यह पहल दिखाती है कि सरकारें केवल नई तकनीक विकसित करने पर ही नहीं, बल्कि उसे किस भाषा में प्रस्तुत किया जाता है, इस पर भी ध्यान दे रही हैं।