रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर की बड़ी कंपनी वारी रिन्यूएबल टेक्नोलॉजीज (Waaree Renewable Technologies) ने गुजरात की एसोसिएटेड पावर स्ट्रक्चर्स लिमिटेड (APSL) में 55 फीसदी हिस्सेदारी खरीदने का समझौता किया है। यह डील करीब 1,225 करोड़ रुपये की है। इस अधिग्रहण के साथ वारी ग्रुप अब सीधे तौर पर पावर ट्रांसमिशन और ग्रिड इंफ्रास्ट्रक्चर के बिजनेस में कदम रखने जा रहा है, जिसे बड़े पैमाने पर रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स के लिए बेहद अहम माना जाता है।
कंपनी के मुताबिक यह लेनदेन नए शेयरों में निवेश और मौजूदा शेयरधारकों से सेकेंडरी शेयरों की खरीद दोनों के जरिए पूरा किया जाएगा। डील पूरी होने के बाद APSL, वारी रिन्यूएबल टेक्नोलॉजीज की सब्सिडियरी बन जाएगी। इस निवेश के बाद APSL का वैल्यूएशन करीब 2,800 करोड़ रुपये आंका गया है।
1996 में स्थापित APSL भारत और कुछ अंतरराष्ट्रीय बाजारों में पावर ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन इंफ्रास्ट्रक्चर का संचालन करती है। वित्त वर्ष 2025 में कंपनी ने 1,226.64 करोड़ रुपये का टर्नओवर दर्ज किया था, जबकि उसकी कुल संपत्तियां 834.15 करोड़ रुपये रही थीं।
वारी रिन्यूएबल के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर मनमोहन शर्मा के मुताबिक APSL का बिजनेस वारी के रिन्यूएबल एनर्जी पोर्टफोलियो को मजबूत करता है, और कंपनी की ग्रोथ रणनीति के साथ पूरी तरह मेल खाता है।
वारी रिन्यूएबल का कहना है, कि इस अधिग्रहण से कंपनी की एंड-टू-एंड क्लीन एनर्जी सॉल्यूशंस देने की क्षमता और मजबूत होगी। अब कंपनी एक ही प्लेटफॉर्म पर पावर जनरेशन, EPC (इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन) और ग्रिड इंफ्रास्ट्रक्चर को इंटीग्रेट कर सकेगी।
कंपनी एक इंटीग्रेटेड मल्टी-एनर्जी ग्लोबल प्लेटफॉर्म तैयार कर रही है। इसके तहत बैटरी स्टोरेज, इन्वर्टर, ट्रांसफॉर्मर, पावर इंफ्रास्ट्रक्चर और इलेक्ट्रोलाइजर जैसे सेगमेंट में बड़े निवेश किए जा रहे हैं, ताकि ग्रीन एनर्जी इकोसिस्टम को मजबूत किया जा सके।
पिछले एक साल में वारी ग्रुप ने ट्रांसफॉर्मर बनाने वाली कंपनी कोट्सन्स (Kotsons) और स्मार्ट मीटर कंपनी रेसिमोसा एनर्जी (Racemosa Energy) का भी अधिग्रहण किया है। इसके अलावा ग्रुप ने सोलर मैन्युफैक्चरिंग, एनर्जी स्टोरेज और उससे जुड़े सेगमेंट्स में करीब 30,000 करोड़ रुपये के कैपेक्स की योजना बनाई है।
हाल ही में वारी एनर्जी स्टोरेज सॉल्यूशंस ने 1,000 करोड़ रुपये जुटाए हैं। इस फंडिंग के जरिए कंपनी अगले साल 4 GWh की लिथियम-आयन सेल मैन्युफैक्चरिंग यूनिट शुरू करने जा रही है, जो वारी के एनर्जी स्टोरेज बिजनेस को नई रफ्तार देगी।
वारी एनर्जी के पास फिलहाल 25 GW की सोलर मॉड्यूल मैन्युफैक्चरिंग क्षमता है, जिससे यह चीन के बाहर दुनिया की सबसे बड़ी सोलर मॉड्यूल निर्माता कंपनियों में शामिल है। कंपनी का लक्ष्य है, कि अगले पांच वर्षों में उसकी कुल आय में सोलर मॉड्यूल्स की हिस्सेदारी 40 फीसदी से कम रह जाए।
मॉड्यूल्स के अलावा वारी एनर्जी के पास 5.4 GW की सोलर सेल कैपेसिटी है, जो अगले वित्त वर्ष तक 15 GW से ज्यादा होने की उम्मीद है। इसके बाद कंपनी 10 GW की इंगॉट और वेफर कैपेसिटी भी शुरू करने की योजना बना रही है।
वारी एनर्जी की सब्सिडियरी वारी पावर ने गुजरात के सरोधी में 3 गीगावॉट की इन्वर्टर फैसिलिटी का फेज-1 शुरू कर दिया है। वहीं फेज-2, जिसमें 1 गीगावॉट की अतिरिक्त क्षमता शामिल है, वित्त वर्ष 2027 तक ऑपरेशनल होने की उम्मीद है।
एसोसिएटेड पावर स्ट्रक्चर्स के साथ यह डील सभी जरूरी मंजूरियों और ड्यू डिलिजेंस के बाद 30 अप्रैल तक पूरी होने की संभावना है। इस ट्रांजैक्शन में वारी रिन्यूएबल के लिए सिंघी एडवाइजर्स ने स्ट्रैटेजिक और फाइनेंशियल एडवाइजर की भूमिका निभाई है।