रिटेल सेक्टर की बड़ी कंपनी Vishal Mega Mart के शेयरों में आज तेज गिरावट देखने को मिली। BSE पर शेयर करीब 8% टूटकर दिन के निचले स्तर 117 रुपये तक पहुंच गया। इस गिरावट के पीछे बड़ी वजह रही प्रमोटर की ओर से बड़ी हिस्सेदारी बेचने की खबर। रिपोर्ट के मुताबिक कंपनी के प्रमोटर्स करीब 14.2% इक्विटी हिस्सेदारी, जिसकी वैल्यू लगभग 7,915 करोड़ रुपये बताई जा रही है, ब्लॉक डील के जरिए निकालने की तैयारी में हैं। मार्केट खुलने से पहले ही खबरें आ गई थीं, कि इस ब्लॉक डील का साइज बढ़ाकर करीब 7,400 करोड़ रुपये कर दिया गया है।
रिपोर्ट के मुताबिक प्रमोटर समायत सर्विसेज एलएलपी कंपनी में अपनी करीब 6.5% हिस्सेदारी 115 रुपये प्रति शेयर के भाव पर बेचने की तैयारी में है। यह कीमत पिछले क्लोजिंग प्राइस से लगभग 10% डिस्काउंट पर थी, जिससे बाजार में दबाव बनना स्वाभाविक था।
31 दिसंबर 2025 तक समायत सर्विसेज के पास कंपनी में 54.09% हिस्सेदारी थी, जो करीब 252.74 करोड़ शेयरों के बराबर है। रिपोर्ट के मुताबिक इस डील के तहत लगभग 3.05 करोड़ शेयर बेचे गए। ब्लॉक डील में बिके शेयरों पर 150 दिन की लॉक-इन अवधि भी लागू रहेगी, यानी खरीदार इन्हें तुरंत बाजार में नहीं बेच पाएंगे। हालांकि यह प्रमोटर द्वारा आंशिक हिस्सेदारी घटाने का कदम है, लेकिन बाजार इसे सप्लाई बढ़ने और शॉर्ट टर्म दबाव के रूप में देखता है।
विशाल मेगा मार्ट भारत की एक प्रमुख फैशन-फोकस्ड हाइपरमार्केट चेन है। कंपनी देशभर में 780 से ज्यादा स्टोर्स के जरिए मिडिल इनकम ग्राहकों को किफायती फैशन, जनरल मर्चेंडाइज और ग्रोसरी प्रोडक्ट्स उपलब्ध कराती है। पिछले कुछ सालों में कंपनी ने छोटे शहरों और उभरते बाजारों में तेजी से विस्तार किया है। एक्सचेंज फाइलिंग के मुताबिक कंपनी ने तीसरी तिमाही में 29 नए स्टोर खोले और कोई स्टोर बंद नहीं किया। वित्त वर्ष 2026 के पहले नौ महीनों में कुल 80 नए स्टोर जोड़े गए। विस्तार का फोकस केरल, गुजरात और महाराष्ट्र जैसे प्रमुख राज्यों पर रहा।
विशाल मेगा मार्ट के CEO Gunender Kapur ने कहा ‘हमने सभी प्रोडक्ट कैटेगरी में अच्छी फेस्टिव डिमांड देखी, हमारे मर्चेंडाइज की यूनिक रेंज, खासकर हमारे अपने ब्रांड्स का मजबूत पोर्टफोलियो और शुरुआती प्राइस पॉइंट्स में लीडरशिप, स्टोर्स में अच्छी संख्या में आने वालों में बदल रही है, कंपनी ने अपने तेजी से स्टोर रोलआउट प्लान पर रफ्तार बनाए रखी।’
उन्होंने कहा ‘हमारा मानना है, कि GST रेट में कटौती और डायरेक्ट टैक्सेशन में सुधार जैसी पहलों से भारत कंजम्प्शन ग्रोथ की अगली लहर के लिए तैयार है, और हमें उम्मीद है, कि आने वाले साल में इन बदलावों का हमारे बिजनेस पर अच्छा असर पड़ेगा।’
कंपनी के तिमाही नतीजे भी मजबूत रहे हैं। वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में नेट प्रॉफिट 19.1% बढ़कर 312.9 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले साल की समान अवधि में 262.7 करोड़ रुपये था। रेवेन्यू 17% बढ़कर 3,670 करोड़ रुपये पहुंचा। EBITDA 20% बढ़कर 605.4 करोड़ रुपये रहा और मार्जिन 16.5% तक सुधर गया।