भारतीय क्रिकेटर विराट कोहली की खेल परिधान बनाने वाली कंपनी एजिलिटास स्पोर्ट्स (Agilitas Sports) में हिस्सेदारी 1.8 प्रतिशत से बढ़कर 6.4 प्रतिशत हो गई है। यह बदलाव उनके खेल और जीवनशैली से जुड़े ब्रांड वन8 (One8) के एजिलिटास में विलय को राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (NCLT) की मंजूरी मिलने के बाद हुआ है।
विराट कोहली ने पिछले वर्ष एजिलिटास स्पोर्ट्स में ₹40 करोड़ का निवेश किया था। इसके बदले उन्हें कंपनी में 1.8 प्रतिशत की अल्पांश हिस्सेदारी मिली थी।
नई व्यवस्था के तहत वन8 स्पोर्ट्स अब एजिलिटास की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी बन गई है। वन8 में कोहली की मौजूदा हिस्सेदारी का समायोजन एजिलिटास की मूल कंपनी में किया गया है।
इस विलय से दोनों पक्षों की कारोबारी साझेदारी मजबूत हुई है। साथ ही, वन8 को उत्पादन, नए उत्पाद विकसित करने और खुदरा बिक्री के लिए एजिलिटास के मौजूदा संसाधनों का लाभ मिलने की उम्मीद है।
राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण की मंजूरी के बाद वन8 स्पोर्ट्स का स्वामित्व एजिलिटास स्पोर्ट्स के अंतर्गत आ गया है।
इस समझौते से विराट कोहली की एजिलिटास में हिस्सेदारी बढ़ी है और वन8 को एक बड़े खेल परिधान कारोबार का हिस्सा बनने का अवसर मिला है।
विराट कोहली पहले से एजिलिटास स्पोर्ट्स Agilitas Sports के निवेशक थे। उन्होंने कंपनी में ₹40 करोड़ का निवेश करके 1.8 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल की थी।
विलय के बाद वन8 में उनकी हिस्सेदारी को एजिलिटास की हिस्सेदारी में समायोजित किया गया, जिससे कंपनी में उनका स्वामित्व बढ़कर 6.4 प्रतिशत हो गया।
पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी का अर्थ है कि उस कंपनी की पूरी हिस्सेदारी उसकी मूल कंपनी के पास होती है।
इस व्यवस्था के तहत वन8 स्पोर्ट्स का स्वामित्व एजिलिटास के पास रहेगा, जबकि विराट कोहली Virat Kohli वन8 के सह-संस्थापक के रूप में ब्रांड से जुड़े रहेंगे।
इस विलय से वन8 को एजिलिटास की उत्पाद डिजाइन, अनुसंधान, निर्माण और खुदरा बिक्री से जुड़ी सुविधाओं का इस्तेमाल करने का अवसर मिलेगा।
इसका उद्देश्य वन8 के उत्पादों की गुणवत्ता, उपलब्धता और बाजार तक पहुंच को मजबूत करना है।
एजिलिटास के पास जूते और खेल परिधान बनाने से जुड़ी उत्पादन क्षमताएं हैं।
वन8 इन संसाधनों का उपयोग नए उत्पाद तैयार करने, सामग्री का चुनाव करने और ग्राहकों की जरूरतों के अनुसार डिजाइन विकसित करने में कर सकेगा।
एजिलिटास वन8 के लिए विशेष खुदरा स्टोर खोलने की तैयारी कर रही है।
इन दुकानों में मुख्य रूप से वन8 के उत्पाद उपलब्ध होंगे। इससे ग्राहकों को ब्रांड के उत्पाद एक ही स्थान पर देखने और खरीदने की सुविधा मिल सकती है।
एजिलिटास स्पोर्ट्स वन8 को केवल भारतीय बाजार तक सीमित नहीं रखना चाहती।
कंपनी की योजना अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया जैसे अंतरराष्ट्रीय बाजारों में ब्रांड का विस्तार करने की है।
एजिलिटास ने वन8 के लिए अगले चार से छह वर्षों में ₹2,000 करोड़ से ₹3,000 करोड़ तक वार्षिक राजस्व हासिल करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है।
हालांकि, यह भविष्य का कारोबारी लक्ष्य है। वास्तविक राजस्व बाजार की मांग, बिक्री नेटवर्क और कंपनी की विस्तार योजनाओं की सफलता पर निर्भर करेगा।
एजिलिटास स्पोर्ट्स के सह-संस्थापक और प्यूमा इंडिया के पूर्व प्रबंध निदेशक अभिषेक गांगुली के अनुसार, वन8 की पहचान और एजिलिटास की कारोबारी क्षमताओं को एक साथ लाने से नए अवसर पैदा होंगे।
कंपनी का उद्देश्य वन8 को भारत से विकसित एक ऐसे खेल परिधान ब्रांड के रूप में स्थापित करना है, जिसकी पहचान अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी हो।
विराट कोहली ने कहा कि वह वन8 की शुरुआत से ही इसके विकास में सक्रिय रूप से शामिल रहे हैं।
उनकी भागीदारी केवल ब्रांड प्रचार तक सीमित नहीं रही, बल्कि उत्पादों की तकनीक, सामग्री और डिजाइन से जुड़े निर्णयों में भी रही है।
कोहली का उद्देश्य वन8 को ऐसा ब्रांड बनाना है, जिसकी अपनी स्वतंत्र पहचान हो।
वह चाहते हैं कि वन8 के उत्पाद केवल खेल गतिविधियों तक सीमित न रहें, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की जीवनशैली का भी हिस्सा बनें।
खेल और फिटनेस से जुड़ी उनकी पहचान ब्रांड को ग्राहकों तक पहुंचाने में सहायक हो सकती है।
वन8 के अलावा एजिलिटास स्पोर्ट्स के कारोबार में कई अन्य ब्रांड और कंपनियां शामिल हैं।
इनमें इटली का खेल परिधान ब्रांड लोट्टो (Lotto), जूता निर्माता मोचिको शूज (Mochiko Shoes) और कई ब्रांडों के उत्पाद बेचने वाला स्पोर्ट्स यार्ड (Sports Yard) शामिल हैं।
मोचिको शूज कई प्रमुख अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के लिए जूते बनाती है।
इनमें एडिडास, प्यूमा, स्केचर्स, न्यू बैलेंस, रीबॉक और एसिक्स जैसे ब्रांड शामिल हैं।
इस उत्पादन अनुभव से एजिलिटास को जूता निर्माण और आपूर्ति व्यवस्था में स्थापित सुविधाओं का लाभ मिलता है।
अभिषेक गांगुली के अनुसार, लोट्टो ने भारत में अपने पहले वर्ष के दौरान ₹100 करोड़ से अधिक का राजस्व अर्जित किया।
कंपनी इसे अपने ब्रांड विस्तार की रणनीति के लिए उत्साहजनक संकेत मानती है।
एजिलिटास अपने खुदरा कारोबार को बढ़ाने के लिए स्पोर्ट्स यार्ड के नेटवर्क का विस्तार करने की योजना बना रही है।
कंपनी अगले छह महीनों में स्पोर्ट्स यार्ड के 10 नए स्टोर खोलना चाहती है।
स्पोर्ट्स यार्ड के विस्तार के साथ कंपनी एक अन्य ब्रांड भी बाजार में उतारने की तैयारी कर रही है।
इसका उद्देश्य खेल परिधान और जीवनशैली से जुड़े उत्पादों के बाजार में अपनी मौजूदगी बढ़ाना है।
इन योजनाओं से कंपनी के उत्पादन और बिक्री कारोबार को एक साथ आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
एजिलिटास स्पोर्ट्स अपनी विकास योजनाओं को पूरा करने के लिए निजी निवेशकों से नई पूंजी जुटाने की तैयारी कर रही है।
इस राशि का उपयोग उत्पादन क्षमता बढ़ाने, नए स्टोर खोलने और ब्रांडों के विकास में किया जा सकता है।
अभिषेक गांगुली के अनुसार, एजिलिटास का दीर्घकालिक लक्ष्य केवल भारतीय बाजार में कारोबार बढ़ाना नहीं है।
कंपनी भारत से एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय खेल परिधान व्यवसाय विकसित करना चाहती है।
इस लक्ष्य के लिए मजबूत उत्पादन व्यवस्था, ग्राहकों की पसंद के अनुसार उत्पाद और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में पहचान बनाना महत्वपूर्ण होगा।
वन8 और एजिलिटास स्पोर्ट्स का विलय विराट कोहली की कारोबारी भागीदारी और कंपनी की विस्तार रणनीति के लिए महत्वपूर्ण कदम है।
विलय के बाद एजिलिटास में कोहली की हिस्सेदारी बढ़कर 6.4 प्रतिशत हो गई है। वहीं, वन8 को एजिलिटास की उत्पादन, डिजाइन और खुदरा बिक्री से जुड़ी सुविधाओं का लाभ मिलेगा।
अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया में विस्तार तथा अगले चार से छह वर्षों में ₹3,000 करोड़ तक राजस्व हासिल करने का लक्ष्य कंपनी की बड़ी महत्वाकांक्षाओं को दर्शाता है।
हालांकि, इन लक्ष्यों को पूरा करना बाजार की प्रतिस्पर्धा, ग्राहकों की मांग और विस्तार योजनाओं के सफल क्रियान्वयन पर निर्भर करेगा।