अमेरिका ने इन्फोसिस,टीसीएस, विप्रो समेत 8 कंपनियों को PERM कार्यक्रम से किया निलंबित

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09 Oct 2026
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News Synopsis

अमेरिका ने विदेशी कर्मचारियों को स्थायी निवास दिलाने की प्रक्रिया से जुड़े अपने प्रमुख कार्यक्रम से आठ बड़ी तकनीकी कंपनियों को निलंबित कर दिया है। इस सूची में कॉग्निजेंट, इन्फोसिस, टाटा, विप्रो, HCL, कैपजेमिनी, माइक्रोसॉफ्ट और एडोबी शामिल हैं। इस फैसले से अमेरिका में काम करने वाले विदेशी तकनीकी पेशेवरों के ग्रीन कार्ड आवेदन प्रभावित हो सकते हैं।

अमेरिकी श्रम मंत्री कीथ सॉन्डरलिंग ने गुरुवार, 8 अक्टूबर 2026 को इस फैसले की घोषणा की। इस दौरान अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस भी मौजूद थे, जो प्रशासन की धोखाधड़ी विरोधी कार्यबल का नेतृत्व कर रहे हैं।

अमेरिकी श्रम मंत्री कीथ सॉन्डरलिंग US Secretary of Labor Keith Sonderling के अनुसार, अमेरिकी श्रम विभाग अब इन आठ कंपनियों से जुड़े स्थायी श्रम प्रमाणन के नए आवेदन स्वीकार नहीं करेगा और न ही पहले से लंबित आवेदनों पर प्रक्रिया आगे बढ़ाएगा। यह कदम विदेशी कर्मचारियों की नियुक्ति और अमेरिकी नागरिकों के लिए रोजगार के अवसर सुरक्षित रखने से जुड़ी चिंताओं के बीच उठाया गया है।

हालांकि, इस घोषणा मात्र से यह साबित नहीं होता कि सभी संबंधित कंपनियों ने कानून का उल्लंघन किया है। कंपनियों पर लगाए गए आरोपों, जांच और निलंबन के कानूनी आधार को अलग-अलग समझना जरूरी है।

अमेरिका ने किन आठ कंपनियों पर कार्रवाई की? Which Eight Companies Have Been Suspended by the US?

अमेरिकी प्रशासन की घोषणा में सूचना प्रौद्योगिकी, परामर्श, सॉफ्टवेयर और डिजिटल सेवाओं से जुड़ी आठ बड़ी कंपनियों के नाम शामिल हैं।

  • कॉग्निजेंट (Cognizant)

  • इन्फोसिस (Infosys)

  • टाटा (Tata)

  • विप्रो (Wipro)

  • HCL

  • कैपजेमिनी (Capgemini)

  • माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft)

  • एडोबी (Adobe)

इन कंपनियों में IT सेवाएं देने वाली भारतीय कंपनियों के साथ अमेरिका की प्रमुख सॉफ्टवेयर कंपनियां भी शामिल हैं। समाचार रिपोर्टों में टाटा का उल्लेख है, जिसे आम तौर पर टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) से जोड़ा जा रहा है। हालांकि, निलंबन के दायरे में आने वाली सटीक कानूनी इकाई की पुष्टि आधिकारिक दस्तावेज से की जानी चाहिए। 

कंपनियों के लंबित आवेदन भी होंगे प्रभावित Pending Applications Will Also Be Affected

इस फैसले के तहत संबंधित कंपनियों से जुड़े नए स्थायी श्रम प्रमाणन आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। पहले से लंबित आवेदनों की प्रक्रिया भी रोक दी गई है।

इसका असर उन कर्मचारियों पर पड़ सकता है, जिनके नियोक्ता अमेरिका में स्थायी निवास यानी ग्रीन कार्ड के लिए श्रम प्रमाणन प्रक्रिया का इस्तेमाल कर रहे हैं। हालांकि, वास्तविक प्रभाव संबंधित कंपनी, आवेदन की स्थिति और निलंबन की आधिकारिक शर्तों पर निर्भर करेगा।

श्रम मंत्री कीथ सॉन्डरलिंग ने क्या कहा? What Did Labour Secretary Keith Sonderling Say?

अमेरिकी श्रम मंत्री कीथ सॉन्डरलिंग ने कहा कि विभाग इन कंपनियों को स्थायी श्रम प्रमाणन कार्यक्रम से निलंबित कर रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इन कंपनियों से जुड़े नए आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे और लंबित आवेदनों पर भी आगे की प्रक्रिया नहीं होगी।

2009 से विदेशी कर्मचारियों से जुड़े आंकड़े Figures Related to Foreign Workers Since 2009

सॉन्डरलिंग ने बताया कि वर्ष 2009 से इन आठ कंपनियों ने सामूहिक रूप से लगभग 30 लाख विदेशी कर्मचारियों के लिए अनुरोध किए थे। उनके अनुसार, इन कंपनियों को 2.30 लाख से अधिक H-1B वीजा मंजूर हुए और एक लाख से अधिक स्थायी श्रम प्रमाणन प्राप्त हुए।

अमेरिकी अधिकारी ने इन आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि विदेशी कर्मचारियों की भर्ती का यह पैमाना अमेरिकी नागरिकों के रोजगार अवसरों को लेकर सवाल खड़े करता है।

हालांकि, इन आंकड़ों को समझते समय यह ध्यान रखना जरूरी है कि विदेशी कर्मचारियों के लिए किए गए अनुरोध, H-1B वीजा की मंजूरी और स्थायी श्रम प्रमाणन अलग-अलग श्रेणियां हैं। इन्हें कंपनियों में वर्तमान में काम कर रहे कर्मचारियों की कुल संख्या नहीं माना जा सकता।

अमेरिका ने कंपनियों के खिलाफ यह कदम क्यों उठाया? Why Has the US Taken Action Against These Companies?

अमेरिकी प्रशासन ने इस कार्रवाई को विदेशी कर्मचारियों की भर्ती की निगरानी बढ़ाने और अमेरिकी नागरिकों के रोजगार अवसरों की रक्षा करने के प्रयास के रूप में पेश किया है।

सॉन्डरलिंग ने आरोप लगाया कि इन कंपनियों की भर्ती प्रक्रियाओं के कारण अमेरिकी कर्मचारियों के रोजगार अवसर प्रभावित हुए हैं। उनके अनुसार, विदेशी कर्मचारियों से जुड़े आवेदनों और मंजूरियों की संख्या को देखते हुए श्रम विभाग के लिए कार्रवाई करना जरूरी था।

विदेशी कर्मचारियों की भर्ती पर बढ़ती निगरानी Growing Scrutiny of Foreign-Worker Recruitment

अमेरिका में विदेशी पेशेवरों की नियुक्ति को लेकर लंबे समय से बहस चल रही है। तकनीकी कंपनियां सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग, क्लाउड कंप्यूटिंग, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और अन्य विशेष क्षेत्रों में कुशल कर्मचारियों की जरूरत पूरी करने के लिए विदेशों से प्रतिभाओं को नियुक्त करती हैं।

कुछ आलोचकों का मानना है कि विदेशी कर्मचारियों से जुड़े कार्यक्रमों के गलत इस्तेमाल से स्थानीय रोजगार पर दबाव पड़ सकता है। दूसरी ओर, तकनीकी उद्योग का तर्क रहा है कि कई विशेष पदों के लिए अनुभवी और कुशल कर्मचारियों की जरूरत होती है।

इस मामले में निलंबन का कानूनी आधार, जांच के निष्कर्ष और कार्रवाई की अवधि महत्वपूर्ण होंगे। इन विवरणों से ही इसके दीर्घकालिक प्रभावों का स्पष्ट आकलन किया जा सकेगा।

स्थायी श्रम प्रमाणन कार्यक्रम यानी PERM क्या है? Understanding the Permanent Labour Certification Programme

स्थायी श्रम प्रमाणन कार्यक्रम को आम तौर पर PERM प्रक्रिया कहा जाता है। इसे अमेरिकी श्रम विभाग संचालित करता है। यह अमेरिका में कुछ रोजगार-आधारित स्थायी आव्रजन श्रेणियों के तहत विदेशी कर्मचारियों को प्रायोजित करने की प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

इस प्रक्रिया में नियोक्ता को आम तौर पर यह साबित करना होता है कि संबंधित पद के लिए पर्याप्त संख्या में योग्य और इच्छुक अमेरिकी कर्मचारी उपलब्ध नहीं हैं। साथ ही, विदेशी कर्मचारी की नियुक्ति से समान काम करने वाले अमेरिकी कर्मचारियों के वेतन और कामकाजी परिस्थितियों पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ना चाहिए।

PERM और H-1B वीजा में क्या अंतर है? What Is the Difference Between PERM and an H-1B Visa?

PERM श्रम प्रमाणन और H-1B वीजा दो अलग प्रक्रियाएं हैं। H-1B वीजा के तहत अमेरिकी नियोक्ता कुछ विशेष पेशों में योग्य विदेशी कर्मचारियों को अस्थायी रूप से नियुक्त कर सकते हैं। इसके विपरीत, PERM प्रक्रिया कुछ रोजगार-आधारित ग्रीन कार्ड आवेदनों के लिए आवश्यक श्रम प्रमाणन से जुड़ी है।

इसलिए किसी कंपनी को PERM कार्यक्रम से निलंबित करने का अर्थ अपने आप यह नहीं है कि उसके सभी मौजूदा H-1B वीजा रद्द हो गए हैं या उससे जुड़े प्रत्येक विदेशी कर्मचारी का रोजगार समाप्त हो गया है।

हालांकि, कुछ कर्मचारियों की भविष्य की स्थायी निवास प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। अंतिम असर निलंबन की आधिकारिक शर्तों और अमेरिकी अधिकारियों की ओर से जारी अतिरिक्त दिशा-निर्देशों पर निर्भर करेगा।

भारतीय IT कंपनियों और विदेशी कर्मचारियों पर क्या होगा असर? Potential Impact on Indian IT Companies and Foreign Workers

इस फैसले का महत्व भारतीय IT कंपनियों के लिए विशेष रूप से अधिक है, क्योंकि इन्फोसिस, टाटा से जुड़ी कंपनियां, विप्रो और HCL अमेरिका में बड़े स्तर पर कारोबार करती हैं।

यदि निलंबन जारी रहता है, तो संबंधित कंपनियों के माध्यम से स्थायी निवास के लिए आवेदन करने वाले योग्य विदेशी कर्मचारियों की प्रक्रिया रुक सकती है। ग्रीन कार्ड की प्रतीक्षा कर रहे कर्मचारियों को अपने आवेदन की स्थिति समझने के लिए नियोक्ताओं और आव्रजन विशेषज्ञों से सलाह लेनी पड़ सकती है।

भर्ती योजनाओं और ग्रीन कार्ड प्रायोजन पर असर Impact on Recruitment Plans and Green Card Sponsorship

कंपनियों को अपनी भर्ती योजनाओं, कर्मचारियों को स्थायी निवास के लिए प्रायोजित करने की प्रक्रियाओं और कार्यबल की रणनीति की समीक्षा करनी पड़ सकती है।

हालांकि, इस फैसले के प्रभाव को बढ़ा-चढ़ाकर नहीं देखना चाहिए। घोषित निलंबन स्थायी श्रम प्रमाणन आवेदनों से संबंधित है। दूसरे वीजा कार्यक्रमों, मौजूदा कर्मचारियों और व्यक्तिगत मामलों पर इसका क्या असर होगा, यह आधिकारिक शर्तों से स्पष्ट होगा।

अब आगे क्या होगा? What Happens Next?

अब सभी की नजर अमेरिकी श्रम विभाग की ओर से जारी होने वाली विस्तृत जानकारी पर है। विभाग को निलंबन के दायरे, कानूनी आधार और अवधि के बारे में स्पष्टता देनी होगी।

प्रभावित कंपनियों और कर्मचारियों के लिए यह जानना महत्वपूर्ण होगा कि लंबित आवेदनों का क्या होगा, क्या इस कार्रवाई की समीक्षा या चुनौती दी जा सकती है और व्यक्तिगत मामलों में कौन-से विकल्प उपलब्ध होंगे।

जब तक विस्तृत आधिकारिक दिशा-निर्देश सामने नहीं आते, तब तक इस फैसले को सभी कार्य वीजा या सभी आव्रजन लाभ रद्द होने के रूप में नहीं समझना चाहिए।

निष्कर्ष Conclusion

अमेरिका द्वारा आठ बड़ी तकनीकी कंपनियों को स्थायी श्रम प्रमाणन कार्यक्रम से निलंबित करना विदेशी कर्मचारियों की भर्ती और अमेरिकी नागरिकों के रोजगार अवसरों को लेकर चल रही बहस में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम है।

इन्फोसिस, टाटा से जुड़ी कंपनियों, विप्रो, HCL और अन्य प्रभावित कंपनियों के लिए इस फैसले के वास्तविक परिणाम निलंबन की आधिकारिक शर्तों और आगे जारी होने वाले सरकारी निर्देशों पर निर्भर करेंगे। विदेशी कर्मचारियों के लिए भी यह समझना जरूरी है कि PERM प्रक्रिया पर रोक और H-1B वीजा रद्द होना एक ही बात नहीं है।
 

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