ब्रिटेन के प्रमुख बैंकों ने टोकनाइज़्ड डिपॉज़िट का इस्तेमाल करके इंटरबैंक यानी दो अलग-अलग बैंकों के बीच होने वाले लेनदेन का सफल परीक्षण किया है। बैंकिंग उद्योग के अनुसार, यह पहली बार है जब विभिन्न बैंकों के बीच टोकनाइज़्ड डिपॉज़िट के जरिए ऐसे लेनदेन किए गए हैं। इस प्रयोग को पारंपरिक बैंकिंग व्यवस्था में Blockchain Technology के इस्तेमाल की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
इन परीक्षणों में Mortgage से जुड़े भुगतान और व्यक्ति-से-व्यक्ति भुगतान का एक कृत्रिम उदाहरण शामिल था। प्रयोगों का उद्देश्य यह दिखाना था कि Commercial Bank Deposits को डिजिटल रूप में प्रस्तुत करके भुगतान को अधिक स्वचालित, तेज और प्रोग्राम योग्य बनाया जा सकता है।
यह परीक्षण ग्रेट ब्रिटिश टोकनाइज़्ड डिपॉज़िट Great British Tokenised Deposit परियोजना के तहत किया गया, जिसका नेतृत्व UK Finance कर रहा है।
UK Finance के अनुसार, Lloyds, NatWest और Barclays ने टोकनाइज़्ड डिपॉज़िट का इस्तेमाल करके दो Mortgage से जुड़े लेनदेन पूरे किए। ये परीक्षण उस व्यापक उद्योग परियोजना का हिस्सा थे, जिसमें भाग लेने वाले बैंकों ने यह समझने की कोशिश की कि Tokenised Commercial Bank Money अलग-अलग वित्तीय संस्थानों के बीच किस तरह काम कर सकता है।
अब तक कई बैंकों ने अपनी-अपनी Blockchain आधारित प्रणालियां विकसित की हैं। लेकिन अलग-अलग संस्थानों द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली प्रणालियों के बीच डिजिटल संपत्तियों का स्थानांतरण एक चुनौती रहा है।
नवीनतम परीक्षणों में ऐसी व्यवस्था का प्रदर्शन किया गया जिसमें Tokenised Deposits को भाग लेने वाले अलग-अलग बैंकों के बीच स्थानांतरित किया जा सकता है। इससे भविष्य में बैंकिंग लेनदेन के लिए अधिक साझा और आपस में जुड़ी डिजिटल व्यवस्था विकसित करने की संभावना दिखाई देती है।
एक अलग परीक्षण में HSBC सहित तीन बैंकों ने व्यक्ति-से-व्यक्ति भुगतान की प्रक्रिया का प्रदर्शन किया। इसमें एक ऑनलाइन बाजार से सामान खरीदने जैसी स्थिति का कृत्रिम उदाहरण तैयार किया गया।
इस परीक्षण का मुख्य उद्देश्य यह दिखाना था कि Programmable Deposits के जरिए भुगतान की शर्तों को स्वचालित किया जा सकता है।
प्रयोग में खरीदार के खाते की राशि को पहले अलग रख दिया गया और सामान मिलने की पुष्टि होने के बाद उसे विक्रेता को जारी करने की प्रक्रिया दिखाई गई।
इस प्रदर्शन में वास्तव में कोई सामान नहीं खरीदा गया और न ही किसी वस्तु का वास्तविक हस्तांतरण हुआ। लेकिन परीक्षण ने यह दिखाया कि Programmable Payments का इस्तेमाल भविष्य में कुछ लेनदेन और धोखाधड़ी से जुड़े जोखिमों को कम करने के लिए किया जा सकता है।
टोकनाइज़्ड डिपॉज़िट का अर्थ ऐसे बैंक जमा से है, जिन्हें Blockchain आधारित डिजिटल रूप में दर्शाया जाता है। इसमें Commercial Bank Account में मौजूद धन को डिजिटल Token के रूप में प्रस्तुत किया जाता है।
बैंक और वित्तीय संस्थान पिछले एक दशक से अधिक समय से Tokenisation की संभावनाओं पर काम कर रहे हैं। इसका उद्देश्य Deposit, Securities, Bonds और Currencies जैसी वित्तीय संपत्तियों के साथ Blockchain Technology का इस्तेमाल करना है।
Tokenised Deposits के समर्थकों का मानना है कि यह तकनीक कुछ वित्तीय लेनदेन को तेज और अधिक प्रभावी बना सकती है। इसके जरिए कुछ मैनुअल प्रक्रियाओं और कई स्तरों के बीच काम करने वाले बिचौलियों की जरूरत कम हो सकती है।
ब्रिटेन में हुए नवीनतम परीक्षण यह दिखाते हैं कि यह अवधारणा केवल सैद्धांतिक स्तर तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे वास्तविक बैंकिंग गतिविधियों के उदाहरणों में भी आजमाया जा सकता है।
Tokenised Deposits और Stablecoins दोनों में डिजिटल Token तकनीक का इस्तेमाल होता है, लेकिन दोनों की प्रकृति अलग है।
Tokenised Deposit किसी Commercial Bank में जमा वास्तविक धन का डिजिटल रूप होता है और इससे बैंक जमा से जुड़े कानूनी गुण जुड़े रहते हैं। दूसरी ओर, Stablecoins आमतौर पर निजी संस्थाओं द्वारा जारी किए जाते हैं और उनकी कीमत को अमेरिकी डॉलर या किसी अन्य मुद्रा जैसी संपत्ति के मुकाबले स्थिर रखने का प्रयास किया जाता है।
डिजिटल धन के भविष्य को लेकर दुनियाभर में चर्चा बढ़ रही है। Bank of England ने भी संकेत दिया है कि बैंक Blockchain आधारित भुगतान के क्षेत्र में Tokenised Deposit व्यवस्था विकसित करने की दिशा में काम कर सकते हैं, बजाय इसके कि वित्तीय व्यवस्था पूरी तरह निजी संस्थाओं द्वारा जारी Stablecoins पर निर्भर हो।
Great British Tokenised Deposit परियोजना के तहत दो Remortgage Transactions में भी Tokenised Deposits का परीक्षण किया गया।
इन लेनदेन में धन को पहले सुरक्षित रूप से अलग रखा गया और संबंधित संपत्ति का लेनदेन पूरा होने के बाद उसे स्वचालित रूप से जारी करने के लिए प्रोग्राम किया गया।
इस तरह की व्यवस्था पारंपरिक वित्तीय प्रक्रियाओं में लगने वाले समय को कम कर सकती है। यदि भुगतान की शर्तें डिजिटल प्रणाली में पहले से तय हों, तो संबंधित शर्त पूरी होने पर भुगतान अपने आप आगे बढ़ सकता है।
इससे पता चलता है कि Programmable Bank Money का इस्तेमाल केवल साधारण धन हस्तांतरण के लिए ही नहीं, बल्कि जटिल वित्तीय लेनदेन में भी किया जा सकता है।
पायलट परीक्षणों के बाद Great British Tokenised Deposit परियोजना को अधिक औपचारिक व्यवस्था की ओर ले जाने की तैयारी की जा रही है।
UK Finance एक अलग कंपनी स्थापित करने और इस व्यवस्था के लिए Rulebook तथा Governance Framework तैयार करने की योजना बना रहा है।
साझा नियम और Governance व्यवस्था अलग-अलग बैंकों के लिए Tokenised Deposits के इस्तेमाल को एक समान बनाने में मदद कर सकती है। इससे परियोजना को प्रयोग के चरण से आगे बढ़ाकर भविष्य में वास्तविक बैंकिंग उपयोग की दिशा में ले जाने की कोशिश की जा सकती है।
परियोजना का अगला चरण Tokenised Deposits को Securities Market से जोड़ने पर भी केंद्रित हो सकता है। UK Finance के अनुसार, भाग लेने वाले बैंक 2027 की पहली तिमाही में तीन Digital Bonds जारी करने की योजना बना रहे हैं।
इन Bonds को Tokenised Deposits के जरिए कारोबार और Settlement की प्रक्रिया से जोड़कर देखा जा सकता है। इससे यह जांचने में मदद मिलेगी कि Blockchain आधारित Bank Money का इस्तेमाल Digital Securities के साथ किस तरह किया जा सकता है।
ब्रिटेन की इस परियोजना में दूसरे देशों के वित्तीय संस्थानों और नीति-निर्माताओं की भी रुचि दिखाई दे रही है। UK Finance के अनुसार, अन्य देशों के संगठन यह समझने के लिए परियोजना से जुड़ रहे हैं कि Tokenised Deposit की व्यवस्था को किस तरह विकसित किया जा सकता है।
यह रुचि बताती है कि दुनियाभर के बैंक Blockchain आधारित वित्तीय ढांचे की संभावनाओं का अध्ययन कर रहे हैं और मौजूदा भुगतान तथा Settlement प्रणालियों के विकल्पों पर विचार कर रहे हैं।
ब्रिटेन अकेला बड़ा वित्तीय बाजार नहीं है जहां Tokenised Deposits का परीक्षण हो रहा है। अमेरिका में The Clearing House ने जून में Interbank Tokenised Deposit पहल की घोषणा की थी।
इससे पता चलता है कि अलग-अलग देशों के बैंक और भुगतान संस्थान Blockchain को मौजूदा वित्तीय व्यवस्था में शामिल करने के तरीकों की जांच कर रहे हैं। हालांकि, अलग-अलग देशों में इसके तकनीकी और नियामकीय ढांचे अभी अलग-अलग स्तर पर हैं।
ब्रिटेन के ये परीक्षण बताते हैं कि पारंपरिक बैंक Blockchain Technology को केवल प्रयोगात्मक तकनीक के रूप में देखने के बजाय उसके व्यावहारिक इस्तेमाल की संभावनाओं को भी परख रहे हैं।
Mortgage Payments, Remortgage Transactions और Programmable Person-to-Person Payments जैसे मामलों में Tokenised Deposits का परीक्षण किया गया है। यदि यह तकनीक भविष्य में पायलट परियोजनाओं से आगे बढ़कर व्यापक व्यावसायिक इस्तेमाल तक पहुंचती है, तो तेज Settlement, स्वचालित भुगतान शर्तों और अलग-अलग वित्तीय संस्थानों के बीच बेहतर तालमेल की संभावनाएं बन सकती हैं।
2027 में प्रस्तावित Digital Bond परीक्षण और नई Governance व्यवस्था यह समझने में अगला महत्वपूर्ण चरण हो सकती है कि Tokenised Deposits बैंकिंग और Capital Markets में बड़े स्तर पर किस तरह काम कर सकते हैं।