गुजरात सरकार ने उदय कोटक को गुजरात इंटरनेशनल फाइनेंस टेक-सिटी कंपनी लिमिटेड (GIFT City) का चेयरमैन बनाया है, कोटक महिंद्रा बैंक के फाउंडर कोटक ने ग्रुप को एक डाइवर्सिफाइड फाइनेंशियल सर्विसेज फर्म के तौर पर आगे बढ़ाया और इससे पहले कॉर्पोरेट गवर्नेंस सुधारों पर SEBI कमेटी को हेड किया था, उदय कोटक भारत के सबसे जाने-माने बैंकर्स और एंटरप्रेन्योर्स में से एक हैं, उन्हें कोटक महिंद्रा बैंक के फाउंडर के तौर पर जाना जाता है।
उनके लीडरशिप में कोटक महिंद्रा ग्रुप भारत के डाइवर्सिफाइड और इंटीग्रेटेड फाइनेंशियल सर्विसेज कांग्लोमरेट के रूप में उभरा, ये बैंकिंग, परिसंपत्ति प्रबंधन, वैकल्पिक परिसंपत्ति प्रबंधन, जीवन और सामान्य बीमा, स्टॉक ब्रोकिंग, निवेश बैंकिंग, निजी बैंकिंग, माइक्रोक्रेडिट और एसेट्स रिकंस्ट्रक्शन को कवर करता है।
2017 में SEBI ने उनकी लीडरशिप में कॉर्पोरेट गवर्नेंस पर एक कमिटी बनाई थी, इसने अधिक मजबूत और ट्रांसपेरेंट कॉर्पोरेट गवर्नेंस की दिशा में बड़े बदलावों की सिफारिश की थी।
उदय कोटक डॉ हसमुख अढिया, IAS (रिटायर्ड) की जगह लेंगे, वो 19 जून 2023 से नॉन-एग्जीक्यूटिव चेयरमैन के तौर पर काम कर रहे थे, डॉ अढिया को 19 जून 2023 के एक सरकारी प्रस्ताव के जरिए गुजरात के मुख्यमंत्री के प्रिंसिपल एडवाइजर के तौर पर इस पद पर अपॉइंट किया गया था।
उदय कोटक Uday Kotak भारत के सबसे जाने-माने बैंकर्स और एंटरप्रेन्योर्स में से एक हैं, उन्हें देश के लीडिंग प्राइवेट-सेक्टर बैंकों में से एक कोटक महिंद्रा बैंक के फाउंडर के तौर पर जाना जाता है, 15 मार्च 1959 को मुंबई में जन्मे कोटक कॉटन ट्रेडर्स के एक गुजराती हिंदू जॉइंट फैमिली में पले-बढ़े हैं, उन्होंने मुंबई यूनिवर्सिटी से हायर एजुकेशन ली, सिडेनहैम कॉलेज ऑफ कॉमर्स एंड इकोनॉमिक्स से बैचलर डिग्री ली, इसके बाद 1982 में मशहूर जमनालाल बजाज इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज (JBIMS) से MBA किया।
उदय कोटक बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र में लंबा अनुभव रखते हैं, उनके नेतृत्व में GIFT City को और गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है, ऐसे समय में जब GIFT-IFSC अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बना रहा है, उनका अनुभव इस वित्तीय हब को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है, सरकार ने स्पष्ट किया है, कि यह नियुक्ति अगले आदेश तक प्रभावी रहेगी, माना जा रहा है, कि आने वाले समय में GIFT City वैश्विक निवेश और वित्तीय गतिविधियों का और बड़ा केंद्र बनकर उभरेगा।
1985 में सिर्फ 26 साल की उम्र में उन्होंने मामूली सीड कैपिटल के साथ कोटक कैपिटल मैनेजमेंट फाइनेंस लिमिटेड की शुरुआत की, कंपनी ने बिल डिस्काउंटिंग और शॉर्ट-टर्म फाइनेंसिंग से शुरुआत की और भारत की धीरे-धीरे लिबरलाइज हो रही इकॉनमी में मौकों का फायदा उठाया, 2003 में कोटक महिंद्रा फाइनेंस भारत की पहली नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) बन गई, जिसे रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) से बैंकिंग लाइसेंस मिला और फिर ये कोटक महिंद्रा बैंक बन गई, आज कोटक महिंद्रा बैंक भारत के टॉप चार प्राइवेट सेक्टर बैंकों में से एक है, इसके एसेट्स $85 बिलियन से अधिक हैं, करीब 2,150 से ज्यादा ब्रान्च हैं।