Twitch ने अपने यूजर्स के लिए एक नया विकल्प पेश किया है, जिसके जरिए वे Amazon को अपने कंटेंट का इस्तेमाल जनरेटिव आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) मॉडल की ट्रेनिंग के लिए करने से रोक सकते हैं।
लाइवस्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म ने बताया कि क्रिएटर्स और दर्शक उस डिफॉल्ट सेटिंग को बंद कर सकते हैं, जिसके तहत Amazon को उनके चैनल से जुड़े कंटेंट का इस्तेमाल करने की अनुमति मिलती है। इसमें लाइवस्ट्रीम, क्लिप्स, तस्वीरें, चैट मैसेज और चैनल से जुड़ी अन्य सामग्री शामिल हो सकती है।
यह बदलाव उस समय आया है जब Twitch के यूजर्स ने इस बात पर आपत्ति जताई कि प्लेटफॉर्म पर मौजूद कंटेंट का इस्तेमाल AI के विकास के लिए किया जा सकता है।
Twitch का मालिक Amazon है। कंपनी ने 2014 में लगभग 1 अरब डॉलर में इस लाइवस्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म का अधिग्रहण किया था।
Amazon ने पिछले कुछ वर्षों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में बड़े स्तर पर निवेश किया है। कंपनी AI के क्षेत्र में Google, Meta और अन्य बड़ी टेक कंपनियों के साथ प्रतिस्पर्धा कर रही है।
Amazon कई तरह की AI सेवाएं संचालित करता है और जनरेटिव AI तकनीक में भी लगातार अपना निवेश बढ़ा रहा है।
जब यह जानकारी सामने आई कि Twitch का कंटेंट AI ट्रेनिंग के लिए उपलब्ध हो सकता है, तो कई यूजर्स ने इसका विरोध किया। खासकर क्रिएटर्स इस बात को लेकर चिंतित हुए कि उनकी मेहनत से तैयार की गई सामग्री का इस्तेमाल उनकी स्पष्ट अनुमति के बिना कैसे किया जा सकता है।
Twitch के Chief Product Officer Mike Minton के अनुसार, AI ट्रेनिंग के लिए डेटा कलेक्शन की सेटिंग डिफॉल्ट रूप से चालू थी।
Twitch पर एक लाइवस्ट्रीम के दौरान Minton ने बताया कि जिन यूजर्स को अपना कंटेंट AI ट्रेनिंग के लिए इस्तेमाल नहीं करवाना है, वे इस विकल्प से बाहर निकल सकते हैं।
जब उनसे पूछा गया कि यह व्यवस्था शुरुआत से ही Opt-In क्यों नहीं थी, तो Minton ने संकेत दिया कि अगर यूजर्स से पहले सक्रिय रूप से अनुमति मांगी जाती, तो बहुत कम लोग इस व्यवस्था को स्वीकार करते।
डिफॉल्ट रूप से फीचर चालू रखने का फैसला Twitch यूजर्स की नाराजगी का एक प्रमुख कारण बना।
जो यूजर्स इस व्यवस्था से बाहर नहीं निकलते, उनके चैनल से जुड़ी कई तरह की सामग्री संभावित रूप से AI ट्रेनिंग के लिए इस्तेमाल की जा सकती है।
इसमें शामिल हो सकते हैं।
Twitch ने यह भी कहा है कि AI ट्रेनिंग के लिए इकट्ठा किए गए डेटा को दूसरी कंपनियों को दोबारा बेचा नहीं जाएगा।
हालांकि, कंपनी ने अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं किया है कि अतीत में मौजूद किस-किस कंटेंट को इकट्ठा किया गया या AI ट्रेनिंग में इस्तेमाल किया गया हो सकता है।
इसी लाइवस्ट्रीम के दौरान Twitch की Head of Community Mary Kish ने यह भी दिखाया कि यूजर्स अपनी चैनल सेटिंग्स में जाकर जनरेटिव AI ट्रेनिंग के लिए कंटेंट के इस्तेमाल को कैसे बंद कर सकते हैं।
यह प्रक्रिया क्रिएटर्स को अपने कंटेंट को AI ट्रेनिंग में शामिल किए जाने से स्पष्ट रूप से मना करने का विकल्प देती है।
कंपनी ने कहा कि वह उन यूजर्स की इच्छा का सम्मान करना चाहती है जो AI ट्रेनिंग में भाग नहीं लेना चाहते। हालांकि, क्योंकि यह सेटिंग डिफॉल्ट रूप से चालू है, इसलिए बाहर निकलने के लिए यूजर्स को खुद कार्रवाई करनी होगी।
लाइवस्ट्रीम की चैट में इस घोषणा के बाद बड़ी संख्या में यूजर्स ने नकारात्मक प्रतिक्रिया दी।
कई दर्शकों ने इस बात की आलोचना की कि कंटेंट को AI ट्रेनिंग के लिए इस्तेमाल करने से पहले यूजर्स से सक्रिय रूप से अनुमति नहीं ली गई।
कुछ यूजर्स का कहना था कि क्रिएटर्स को अपने काम के इस्तेमाल पर अधिक नियंत्रण मिलना चाहिए। लाइवस्ट्रीम और दूसरे डिजिटल कंटेंट को तैयार करने में काफी समय, मेहनत और रचनात्मकता लगती है।
कुछ लोगों ने यह भी कहा कि Twitch के पास AI डेटा कलेक्शन को लेकर टेक इंडस्ट्री में एक अलग और बेहतर व्यवस्था स्थापित करने का अवसर था।
Mary Kish ने AI ट्रेनिंग के लिए डेटा कलेक्शन को टेक्नोलॉजी इंडस्ट्री में आम प्रक्रिया बताया।
हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि यूजर्स इस नीति को पसंद नहीं करेंगे।
यह विवाद जनरेटिव AI को लेकर चल रही व्यापक बहस को सामने लाता है। इसमें यह सवाल शामिल है कि क्या कंपनियां सार्वजनिक रूप से उपलब्ध या प्लेटफॉर्म पर मौजूद कंटेंट का इस्तेमाल AI मॉडल की ट्रेनिंग के लिए बिना व्यक्तिगत अनुमति के कर सकती हैं।
कंटेंट क्रिएटर्स ने AI कंपनियों द्वारा बड़े पैमाने पर डेटा कलेक्शन को लेकर कॉपीराइट, मालिकाना हक, भुगतान और सहमति जैसे मुद्दे लगातार उठाए हैं।
इस पूरे मामले में एक महत्वपूर्ण सवाल अभी भी स्पष्ट नहीं है। Amazon ने Twitch के कंटेंट को AI ट्रेनिंग के लिए कब से इकट्ठा करना शुरू किया।
लाइवस्ट्रीम के दौरान Mike Minton ने कहा कि उन्हें यह जानकारी नहीं है कि Twitch यूजर्स का डेटा पहले ही स्क्रैप करके Amazon के AI मॉडल को ट्रेन करने में इस्तेमाल किया जा चुका है या नहीं।
उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें यह पूरी जानकारी नहीं है कि Amazon ने अपने मॉडल ट्रेनिंग से जुड़े काम में अब तक वास्तव में किस डेटा का इस्तेमाल किया है।
जानकारी की यह कमी उन यूजर्स की चिंता बढ़ा रही है जो जानना चाहते हैं कि क्या उनका पुराना कंटेंट पहले से ही AI डेटा सेट का हिस्सा बन चुका है।
नया विकल्प Twitch क्रिएटर्स को इस बात पर अधिक नियंत्रण देता है कि उनके उपलब्ध और भविष्य के चैनल कंटेंट का इस्तेमाल Amazon की AI ट्रेनिंग के लिए किया जाए या नहीं।
हालांकि, पहले से इकट्ठा किए गए डेटा को लेकर स्थिति अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है।
जो क्रिएटर्स नहीं चाहते कि उनका कंटेंट AI ट्रेनिंग में इस्तेमाल हो, उन्हें अपनी चैनल सेटिंग्स की जांच करनी होगी और संबंधित विकल्प को बंद करना होगा।
इस बदलाव के बाद यूजर्स के लिए यह समझना भी अधिक महत्वपूर्ण हो गया है कि किसी प्लेटफॉर्म की नीतियां उनके कंटेंट के इस्तेमाल को किस तरह प्रभावित कर सकती हैं।
Twitch से जुड़ा यह विवाद जनरेटिव AI कंपनियों द्वारा ट्रेनिंग डेटा हासिल करने के बड़े मुद्दे का हिस्सा है।
जैसे-जैसे AI सिस्टम अधिक शक्तिशाली होते जा रहे हैं, टेक्नोलॉजी कंपनियों को अपने मॉडल बेहतर बनाने के लिए बड़ी मात्रा में टेक्स्ट, तस्वीरें, वीडियो, ऑडियो और अन्य डिजिटल जानकारी की जरूरत पड़ रही है।
दूसरी ओर, क्रिएटर्स और ऑनलाइन कम्युनिटीज कंटेंट के इस्तेमाल को लेकर अधिक स्पष्ट नियमों की मांग कर रहे हैं।
वे यह जानना चाहते हैं कि उनकी सामग्री का इस्तेमाल कब, कैसे और किस उद्देश्य से किया जा रहा है तथा इसके लिए उनकी अनुमति और सहमति किस तरह ली जा रही है।
Twitch का नया Opt-Out सिस्टम इस बहस का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन सकता है कि AI ट्रेनिंग के लिए यूजर्स की भागीदारी अपने आप होनी चाहिए या इसके लिए पहले से स्पष्ट और सक्रिय अनुमति लेना जरूरी होना चाहिए।
Twitch ने अपने यूजर्स को Amazon द्वारा उनके चैनल कंटेंट का इस्तेमाल जनरेटिव AI ट्रेनिंग के लिए किए जाने से बाहर निकलने का विकल्प दिया है। यह कदम उस डिफॉल्ट डेटा-कलेक्शन नीति को लेकर हुई आलोचना के बाद आया है।
हालांकि Twitch का कहना है कि यूजर्स Opt-Out कर सकते हैं और AI ट्रेनिंग के लिए इकट्ठा किए गए डेटा को दूसरी कंपनियों को दोबारा नहीं बेचा जाएगा, फिर भी यह सवाल बना हुआ है कि क्या पुराने कंटेंट का इस्तेमाल पहले ही AI विकास में किया जा चुका है।
यह विवाद तेजी से बढ़ते AI उद्योग और डिजिटल क्रिएटर्स के बीच बढ़ते तनाव को भी दिखाता है। एक तरफ टेक कंपनियां बेहतर AI मॉडल विकसित करने के लिए अधिक डेटा चाहती हैं, वहीं दूसरी तरफ क्रिएटर्स अपने डिजिटल काम पर अधिक नियंत्रण, पारदर्शिता और स्पष्ट सहमति की मांग कर रहे हैं।