डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस में भारतीय-अमेरिकी CEOs और उद्यमियों के साथ मनाई दिवाली

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07 Nov 2026
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News Synopsis

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में भारतीय-अमेरिकी समुदाय के प्रमुख सदस्यों, उद्योगपतियों, उद्यमियों और अपने प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ दिवाली का त्योहार मनाया। इस विशेष अवसर पर उन्होंने पारंपरिक दीया जलाकर समारोह की शुरुआत की। कार्यक्रम में माइक्रोन टेक्नोलॉजी के CEO संजय मेहरोत्रा, IBM के CEO अरविंद कृष्णा और FBI निदेशक काश पटेल सहित कई जानी-मानी हस्तियां शामिल हुईं।

इस समारोह ने अमेरिका में भारतीय संस्कृति और दिवाली के बढ़ते महत्व को एक बार फिर सामने रखा। कार्यक्रम में भारत के राजनयिक प्रतिनिधियों, व्यापार जगत के प्रमुख लोगों और भारतीय मूल के अमेरिकी अधिकारियों की मौजूदगी ने इस आयोजन को खास बना दिया। इसके साथ ही, भारत और अमेरिका के बीच सांस्कृतिक संबंधों तथा आपसी मित्रता का संदेश भी देखने को मिला।

ओवल ऑफिस में दीया जलाकर ट्रंप ने की दिवाली समारोह की शुरुआत (Trump Begins Diwali Celebrations by Lighting a Diya in the Oval Office)

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप US President Donald Trump ने शुक्रवार को व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में दीया जलाकर दिवाली समारोह की शुरुआत की। यह एक छोटा और विशेष आयोजन था, जिसमें भारतीय-अमेरिकी समुदाय की प्रमुख हस्तियों के साथ अमेरिकी प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।

इस अवसर पर अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो और सामाजिक सुरक्षा प्रशासन के उप आयुक्त अर्जुन मोदी भी समारोह में शामिल हुए। राष्ट्रपति द्वारा पारंपरिक दीया जलाना भारतीय संस्कृति और त्योहारों के प्रति सम्मान का प्रतीक रहा।

दिवाली को रोशनी, खुशियों और सकारात्मकता का त्योहार माना जाता है। यह पर्व बुराई पर अच्छाई और अंधकार पर प्रकाश की जीत का संदेश देता है। ऐसे में अमेरिका के राष्ट्रपति कार्यालय में इस त्योहार का आयोजन भारतीय समुदाय के लिए विशेष महत्व रखता है।

समारोह में शामिल हुए भारतीय-अमेरिकी उद्योग जगत के प्रमुख चेहरे (Leading Indian-American Business Personalities Attend the Celebration)

इस दिवाली समारोह में तकनीक, व्यापार, स्वास्थ्य और उद्यमिता से जुड़े कई प्रभावशाली भारतीय-अमेरिकी व्यक्तित्व शामिल हुए। इनमें माइक्रोन टेक्नोलॉजी के CEO संजय मेहरोत्रा और IBM के CEO अरविंद कृष्णा प्रमुख रहे।

इसके अलावा, अमेरिका के FBI निदेशक काश पटेल और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ (NIH) के निदेशक जय भट्टाचार्य भी इस आयोजन का हिस्सा बने। इन अधिकारियों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को और महत्वपूर्ण बना दिया।

भारत की ओर से अमेरिका में राजदूत विनय मोहन क्वात्रा भी समारोह में शामिल हुए। वहीं, मशहूर शेफ विकास खन्ना और GOQii टेक्नोलॉजी के संस्थापक एवं CEO विशाल गोंडल ने भी इस अवसर पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

समारोह में धल्ला ग्रुप ऑफ कंपनीज की अध्यक्ष एवं CEO रूबी धल्ला, नैक सिस्टम्स के संस्थापक एवं CEO राजीव शर्मा, केशवम DC के अध्यक्ष विश्वजीत मल्लामपति और राष्ट्रपति के अतिथि हेतलकुमार पटेल भी मौजूद थे।

इसके साथ ही, व्हाइट हाउस के इवेंट्स अशर अरविंद चड्ढा ने भी समारोह में भाग लिया। अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़े इन लोगों की उपस्थिति ने यह दिखाया कि भारतीय मूल के लोग अमेरिका के प्रशासन, तकनीक, व्यापार और अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में अपनी पहचान बना रहे हैं।

विशाल गोंडल ने राष्ट्रपति ट्रंप को भेंट की हनुमान चालीसा (Vishal Gondal Gifts Hanuman Chalisa to President Trump)

समारोह के दौरान GOQii टेक्नोलॉजी के संस्थापक और CEO विशाल गोंडल ने सोशल मीडिया मंच X पर इस आयोजन की तस्वीरें साझा कीं। उन्होंने इस अवसर को ओवल ऑफिस में रोशनी और आपसी सम्मान का एक खास पल बताया।

गोंडल ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को तुलसीदास द्वारा रचित हनुमान चालीसा की एक प्रति भी भेंट की। उन्होंने अपनी पोस्ट में बताया कि यह हनुमान जी की स्तुति में लिखा गया एक प्रसिद्ध धार्मिक पाठ है, जिसे लाखों लोग साहस, भक्ति और शक्ति प्राप्त करने की भावना से पढ़ते हैं।

उन्होंने राष्ट्रपति के साथ दिवाली मनाने को सम्मान की बात बताया। गोंडल के अनुसार, जब समारोह में दीये जलाए जा रहे थे, तब उनकी प्रार्थना थी कि भारत और अमेरिका के बीच मित्रता और मजबूत हो तथा दुनिया में प्रकाश की अंधकार पर जीत हो।

हनुमान चालीसा भेंट करने का यह प्रसंग समारोह के खास क्षणों में से एक रहा। इससे भारतीय धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं को अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत करने का अवसर भी मिला।

व्हाइट हाउस में दिवाली मनाने की परंपरा का इतिहास (History of the Diwali Celebration Tradition at the White House)

व्हाइट हाउस में दिवाली मनाने की परंपरा नई नहीं है। इसकी शुरुआत वर्ष 2003 में तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू. बुश के कार्यकाल में हुई थी। उस समय इस आयोजन में मुख्य रूप से भारतीय-अमेरिकी समुदाय के सदस्यों और भारतीय राजनयिकों को आमंत्रित किया जाता था।

शुरुआती वर्षों में दिवाली समारोह अधिकतर आइजनहावर एग्जीक्यूटिव ऑफिस बिल्डिंग में आयोजित किए जाते थे। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य अमेरिका में भारतीय समुदाय की सांस्कृतिक पहचान और परंपराओं को सम्मान देना था।

वर्ष 2009 में राष्ट्रपति बराक ओबामा ने इस परंपरा को एक नया महत्व दिया। वह व्हाइट हाउस में दीया जलाने वाले पहले अमेरिकी राष्ट्रपति बने। उन्होंने व्हाइट हाउस के ईस्ट रूम में आयोजित समारोह के दौरान पारंपरिक दीपक जलाया था।

इसके बाद से व्हाइट हाउस में दिवाली के अवसर पर दीया जलाने की परंपरा जारी रही। समय के साथ इन समारोहों के आयोजन स्थल में भी बदलाव आया। ईस्ट रूम के अलावा ओवल ऑफिस और रूजवेल्ट रूम जैसे महत्वपूर्ण स्थानों पर भी दिवाली समारोह आयोजित किए गए।

भारत-अमेरिका संबंधों में सांस्कृतिक परंपराओं का महत्व (Importance of Cultural Traditions in India-US Relations)

व्हाइट हाउस में दिवाली का आयोजन केवल एक धार्मिक या सांस्कृतिक कार्यक्रम तक सीमित नहीं है। यह अमेरिका में रहने वाले भारतीय मूल के लोगों की पहचान, योगदान और सामाजिक भागीदारी को भी दर्शाता है।

भारतीय-अमेरिकी समुदाय ने अमेरिका के व्यापार, तकनीक, शिक्षा, स्वास्थ्य और प्रशासन जैसे क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इस समारोह में अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़े प्रमुख लोगों की मौजूदगी इसी व्यापक योगदान की झलक प्रस्तुत करती है।

भारत और अमेरिका के बीच संबंध केवल व्यापार और रणनीतिक सहयोग तक सीमित नहीं हैं। दोनों देशों के लोगों के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान और आपसी समझ भी इन संबंधों को मजबूत बनाने में योगदान देते हैं।

दिवाली जैसे त्योहारों के आयोजन से भारतीय परंपराओं को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलती है। साथ ही, अलग-अलग संस्कृतियों और समुदायों के बीच सम्मान और जुड़ाव बढ़ाने का अवसर भी मिलता है।

कुल मिलाकर, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारतीय-अमेरिकी CEOs, उद्यमियों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ दिवाली मनाना इस त्योहार के सांस्कृतिक महत्व को दर्शाता है। ओवल ऑफिस में जलाया गया दीया केवल रोशनी का प्रतीक नहीं था, बल्कि यह मित्रता, एकता और सकारात्मकता का संदेश भी लेकर आया।
 

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