रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में काम करने वाली EPC कंपनी Trenzet Infra Ltd ने कैपिटल मार्केट से फंड जुटाने के लिए सिक्योरिटी एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया यानी SEBI के पास IPO के लिए शुरुआती दस्तावेज (DRHP) दाखिल कर दिए हैं, इस कदम के जरिए कंपनी अपनी ग्रोथ योजनाओं को गति देने और प्रोजेक्ट एक्सीक्यूशन कैपेसिटी को मजबूत करने की तैयारी में है।
प्रस्तावित IPO दो हिस्सों में होगा, इसमें करीब 1.05 करोड़ इक्विटी शेयरों का फ्रेश इश्यू शामिल है, जिसके जरिए कंपनी सीधे पूंजी जुटाएगी, इसके अलावा प्रमोटर्स की ओर से 18 लाख शेयरों की ऑफर फॉर सेल (OFS) भी लाई जाएगी, जिससे मौजूदा निवेशक आंशिक रूप से अपनी हिस्सेदारी बेच सकेंगे।
कंपनी ने स्पष्ट किया है, कि फ्रेश इश्यू से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल मुख्य रूप से वर्किंग कैपिटल जरूरतों को पूरा करने, निर्माण से जुड़े इक्विपमेंट और वाहनों की खरीद तथा दूसरे सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा, यह निवेश कंपनी की ऑपरेशनल कैपेसिटी और प्रोजेक्ट डिलीवरी को और बेहतर बनाने में मदद करेगा।
Trenzet Infra का फोकस रेलवे और उससे जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर है, कंपनी के पास ब्रिज निर्माण, अर्थवर्क, स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग, ट्रैक डेवलपमेंट और कुछ मामलों में इलेक्ट्रिफिकेशन व सिग्नलिंग जैसे कार्यों को पूरा करने की विशेषज्ञता है, इसके अलावा कंपनी रोड ओवर ब्रिज (ROB), रोड अंडर ब्रिज (RUB), फ्लाईओवर, वायाडक्ट, रिइनफोर्स्ड अर्थ वॉल और बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन जैसे प्रोजेक्ट्स भी संभालती है, इसके कामकाज में पाइलिंग, कंक्रीटिंग, टनलिंग, स्टील गर्डर फैब्रिकेशन और लॉन्चिंग जैसी जटिल इंजीनियरिंग प्रक्रियाएं भी शामिल हैं, जो इसे इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में एक मजबूत खिलाड़ी बनाती हैं।
31 जनवरी 2026 तक कंपनी ने देश के 7 राज्यों में 40 प्रोजेक्ट्स पूरे किए हैं, जिनकी कुल वैल्यू करीब 1,497 करोड़ रुपये रही है, वहीं इसी तारीख तक कंपनी का ऑर्डर बुक लगभग 1,600 करोड़ रुपये का था, जिसमें 23 प्रोजेक्ट्स अभी निर्माणाधीन हैं, यह मजबूत ऑर्डर बुक आने वाले समय में रेवेन्यू ग्रोथ की संभावनाओं को दर्शाता है।
वित्तीय प्रदर्शन की बात करें तो, वित्त वर्ष 2024-25 में कंपनी ने 333.41 करोड़ रुपये का ऑपरेशनल रेवेन्यू दर्ज किया, जबकि टैक्स के बाद मुनाफा 26.95 करोड़ रुपये रहा, यह आंकड़े कंपनी की स्थिर इनकम और मुनाफे की कैपेसिटी को दर्शाते हैं, इस IPO के लिए Unistone Capital को एकमात्र बुक रनिंग लीड मैनेजर नियुक्त किया गया है, अब बाजार की नजर सेबी की मंजूरी और IPO के लॉन्च टाइमलाइन पर रहेगी, जो निवेशकों के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में एक नया निवेश अवसर बन सकता है।
आंध्र प्रदेश में स्थित यह कंपनी रेलवे पर केंद्रित एक EPC कंपनी है, जिसके पास रेलवे और उससे जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के लिए मिट्टी के काम, पुल, ट्रैक डेवलपमेंट, स्ट्रक्चरल काम और कुछ चुनिंदा इलेक्ट्रिफिकेशन और सिग्नलिंग कामों को पूरा करने की क्षमता है।
जनवरी 2026 तक कंपनी ने सात राज्यों में 40 इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पूरे किए हैं, जिनकी कुल प्रोजेक्ट वैल्यू ₹1,497.02 करोड़ है।
इसके सर्विस पोर्टफोलियो में रोड ओवरब्रिज, गर्डर ब्रिज, बीम, रोड अंडरब्रिज, पुलों के लिए सुपरस्ट्रक्चर और सबस्ट्रक्चर, फ्लाईओवर, पुलिया, रेलवे के लिए हाइट गेज, वायाडक्ट, रीइन्फोर्स्ड अर्थ वॉल और इमारतों का निर्माण शामिल है।
कंपनी ने वित्त वर्ष 2024-25 में ₹26.95 करोड़ का टैक्स के बाद प्रॉफ़िट (PAT) दर्ज किया, जबकि पिछले वित्त वर्ष में यह ₹16.07 करोड़ था। वित्त वर्ष 25 में इसकी ऑपरेशनल आय ₹333.41 करोड़ रही, जो वित्त वर्ष 24 के ₹308.36 करोड़ से ज़्यादा है।
Unistone Capital इस इश्यू का बुक-रनिंग लीड मैनेजर है, जबकि Bigshare Services इसका रजिस्ट्रार है।
कंपनी के शेयर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और BSE पर लिस्ट होंगे।