TRAI ने डिजिटल कनेक्टिविटी रेटिंग फ्रेमवर्क में किया बड़ा बदलाव

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16 May 2026
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News Synopsis

भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (TRAI) ने इमारतों के लिए अपने डिजिटल कनेक्टिविटी रेटिंग फ्रेमवर्क में बड़े बदलाव किए हैं, ताकि उपयोगकर्ताओं को बेहतर इनडोर टेलीकॉम नेटवर्क और मजबूत 4G व 5G अनुभव मिल सके। संशोधित नियम डेवलपर्स और प्रॉपर्टी मैनेजर्स को योजना और निर्माण चरण से ही टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर को शामिल करने के लिए प्रोत्साहित करते हैं, बजाय इसके कि बाद में इसे जोड़ा जाए।

संशोधित फ्रेमवर्क, जिसे रेटिंग ऑफ प्रॉपर्टीज फॉर डिजिटल कनेक्टिविटी रेगुलेशंस, 2024 के तहत अधिसूचित किया गया है, में अधिक विस्तृत रेटिंग सिस्टम, निर्माणाधीन परियोजनाओं के लिए चरणबद्ध प्रमाणन, इंफ्रास्ट्रक्चर ऑडिट और इमारतों के भीतर एक्सक्लूसिव टेलीकॉम समझौतों पर सख्त नियम शामिल हैं।

ये संशोधन 13 मई 2026 से लागू हो चुके हैं।

TRAI ने पेश किया अधिक विस्तृत नौ-स्तरीय रेटिंग सिस्टम

TRAI द्वारा घोषित सबसे महत्वपूर्ण बदलावों में से एक पहले के पांच-स्टार डिजिटल कनेक्टिविटी रेटिंग सिस्टम को बढ़ाकर नौ-स्तरीय फ्रेमवर्क में बदलना है। अब रेगुलेटर ने आधे-स्टार की रेटिंग भी जोड़ी है, जिससे इमारतों के बीच अधिक सटीक अंतर किया जा सकेगा।

पुराने सिस्टम में अलग-अलग स्तर की टेलीकॉम तैयारियों वाली कई इमारतों को समान रेटिंग मिल जाती थी, जिससे खरीदारों और किरायेदारों के लिए परियोजनाओं की सही तुलना करना मुश्किल हो जाता था। नए ढांचे के तहत डेवलपर्स को टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर और सेवा गुणवत्ता में क्रमिक सुधार करने के लिए अधिक प्रोत्साहन मिलेगा।

TRAI के अनुसार यह विस्तृत ग्रेडिंग सिस्टम उपभोक्ताओं को बेहतर डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर वाली इमारतों की पहचान करने में मदद करेगा और डेवलपर्स को पारंपरिक सुविधाओं के साथ-साथ कनेक्टिविटी मानकों पर भी प्रतिस्पर्धा करने के लिए प्रेरित करेगा।

इनडोर डिजिटल कनेक्टिविटी क्यों बन गई है बेहद जरूरी

TRAI ने कहा कि भारत में इंटरनेट उपयोग का तेजी से बढ़ता हिस्सा अब घरों और इमारतों के अंदर हो रहा है, खासकर रिमोट वर्क, ऑनलाइन शिक्षा, OTT स्ट्रीमिंग, डिजिटल पेमेंट्स और स्मार्ट होम टेक्नोलॉजी के विस्तार के बाद।

हालांकि आधुनिक निर्माण सामग्री जैसे एनर्जी-एफिशिएंट ग्लास, मजबूत कंक्रीट और घने बिल्डिंग डिजाइन अक्सर टेलीकॉम सिग्नल को कमजोर कर देते हैं। यह समस्या खासतौर पर हाई-फ्रीक्वेंसी 4G और 5G बैंड्स में ज्यादा दिखाई देती है, जिन्हें मजबूत इनडोर नेटवर्क सपोर्ट की आवश्यकता होती है।

इसके परिणामस्वरूप कई रिहायशी और व्यावसायिक परिसरों में मजबूत आउटडोर नेटवर्क होने के बावजूद खराब कॉल क्वालिटी, धीमी इंटरनेट स्पीड और अस्थिर नेटवर्क कवरेज देखने को मिलता है।

रेगुलेटर ने कहा कि संशोधित फ्रेमवर्क का उद्देश्य निर्माण के शुरुआती चरण से ही टेलीकॉम-फ्रेंडली बिल्डिंग डिजाइन को बढ़ावा देकर इन चुनौतियों का समाधान करना है।

निर्माणाधीन परियोजनाओं के लिए नया चरणबद्ध प्रमाणन सिस्टम

TRAI ने निर्माणाधीन परियोजनाओं के लिए चरणबद्ध मूल्यांकन प्रणाली भी शुरू की है।

नए सिस्टम के तहत डिजिटल कनेक्टिविटी रेटिंग एजेंसियां (DCRAs) निर्माण चरण के दौरान स्वीकृत टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर योजनाओं की समीक्षा के बाद “Designed For” प्रमाणपत्र जारी कर सकती हैं। इसके बाद जब इमारत के भीतर आवश्यक टेलीकॉम सिस्टम स्थापित हो जाएंगे, तब परियोजनाओं को “Installation Completed For” प्रमाणपत्र दिया जाएगा।

हालांकि अंतिम डिजिटल कनेक्टिविटी रेटिंग तभी दी जाएगी जब संपत्ति में टेलीकॉम सेवाएं पूरी तरह से चालू हो जाएंगी।

इस चरणबद्ध प्रक्रिया से घर खरीदारों, ऑफिस किरायेदारों और निवेशकों को कब्जा लेने से पहले किसी परियोजना की टेलीकॉम तैयारी का आकलन करने में मदद मिलेगी।

यह प्रणाली डेवलपर्स की जवाबदेही भी बढ़ाएगी, क्योंकि अंतिम रेटिंग मिलने से पहले यह सुनिश्चित किया जाएगा कि वादा किया गया टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर वास्तव में लागू किया गया है।

मौजूदा इमारतों के लिए वैकल्पिक टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर ऑडिट

TRAI ने मौजूदा इमारतों और संपत्तियों के लिए वैकल्पिक डिजिटल कनेक्टिविटी ऑडिट की भी व्यवस्था की है।

इन ऑडिट्स के माध्यम से प्रॉपर्टी मैनेजर्स और बिल्डिंग मालिक वर्तमान टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर का आकलन कर सकेंगे, कमजोरियों की पहचान कर सकेंगे और औपचारिक रेटिंग के लिए आवेदन करने से पहले आवश्यक अपग्रेड कर सकेंगे।

रेगुलेटर का मानना है, कि यह प्रावधान पुराने हाउसिंग सोसाइटी, मॉल, ऑफिस कॉम्प्लेक्स, अस्पताल, होटल और सार्वजनिक इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं को बढ़ती डिजिटल जरूरतों के अनुरूप अपने टेलीकॉम सिस्टम को आधुनिक बनाने में मदद करेगा।

यह ऑडिट सिस्टम भविष्य की तकनीकों जैसे एडवांस्ड 5G सेवाओं, IoT इकोसिस्टम और स्मार्ट बिल्डिंग एप्लिकेशंस के बेहतर विस्तार में भी सहायक हो सकता है।

इमारतों के भीतर एक्सक्लूसिव टेलीकॉम समझौतों पर रोक

उपभोक्ताओं के हित में उठाए गए एक अन्य महत्वपूर्ण कदम के तहत TRAI ने प्रॉपर्टी मैनेजर्स, टेलीकॉम ऑपरेटरों और इन-बिल्डिंग सॉल्यूशन प्रदाताओं के बीच एक्सक्लूसिव टेलीकॉम समझौतों पर रोक लगा दी है।

पहले कुछ इमारतों में केवल चुनिंदा टेलीकॉम कंपनियों को इंफ्रास्ट्रक्चर लगाने की अनुमति दी जाती थी, जिससे निवासियों और व्यवसायों के लिए नेटवर्क विकल्प सीमित हो जाते थे। ऐसे एक्सक्लूसिव समझौतों के कारण प्रतिस्पर्धा कम होती थी, और उपभोक्ताओं को खराब सेवा गुणवत्ता का सामना करना पड़ता था।

संशोधित फ्रेमवर्क अब इमारतों के भीतर टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर तक गैर-भेदभावपूर्ण पहुंच सुनिश्चित करता है, जिससे तकनीकी रूप से संभव होने पर कई टेलीकॉम ऑपरेटर सेवाएं प्रदान कर सकेंगे।

TRAI ने कहा कि यह कदम उपभोक्ताओं के विकल्प बढ़ाने, टेलीकॉम कंपनियों के बीच प्रतिस्पर्धा सुधारने और उपयोगकर्ताओं को बेहतर इनडोर कनेक्टिविटी अनुभव देने के उद्देश्य से उठाया गया है।

संशोधित नियमों के दायरे में आएंगे कई प्रकार के प्रोजेक्ट

अपडेटेड नियम भारत में सार्वजनिक और निजी दोनों प्रकार की कई इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं पर लागू होंगे।

इनमें शामिल हैं:

  • रिहायशी अपार्टमेंट और हाउसिंग सोसाइटी
  • व्यावसायिक ऑफिस बिल्डिंग
  • अस्पताल और स्वास्थ्य सुविधाएं
  • होटल और हॉस्पिटैलिटी प्रोजेक्ट
  • शैक्षणिक संस्थान
  • एयरपोर्ट और एविएशन इंफ्रास्ट्रक्चर
  • रेलवे स्टेशन और मेट्रो कॉरिडोर
  • हाईवे और ट्रांसपोर्ट हब
  • स्टेडियम और बड़े सार्वजनिक स्थल

विभिन्न क्षेत्रों में इसका दायरा बढ़ाकर TRAI देशभर में ऐसा इकोसिस्टम बनाना चाहता है, जहां डिजिटल कनेक्टिविटी इंफ्रास्ट्रक्चर विकास का एक मुख्य हिस्सा बन जाए।

डेवलपर्स अब टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर को देंगे प्राथमिकता

उद्योग विशेषज्ञों का मानना है, कि संशोधित नियम भारत में रियल एस्टेट डेवलपर्स के इंफ्रास्ट्रक्चर प्लानिंग के तरीके को काफी बदल सकते हैं।

अब तक अक्सर टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर को परियोजनाओं के अंतिम चरण में जोड़ा जाता था, जिससे कमजोर इनडोर नेटवर्क और बाद में महंगे सुधार की जरूरत पड़ती थी। TRAI के नए फ्रेमवर्क के तहत डेवलपर्स शुरुआती डिजाइन चरण में ही फाइबर सिस्टम, इन-बिल्डिंग मोबाइल सिग्नल सॉल्यूशन, डिस्ट्रीब्यूटेड एंटीना सिस्टम (DAS) और स्मार्ट टेलीकॉम आर्किटेक्चर को शामिल कर सकते हैं।

इससे लंबी अवधि में संपत्ति का मूल्य बढ़ सकता है, और ग्राहकों की संतुष्टि भी बेहतर हो सकती है।

भारत के डिजिटल भविष्य को मिलेगा मजबूत समर्थन

TRAI का संशोधित डिजिटल कनेक्टिविटी फ्रेमवर्क भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था में निर्बाध इनडोर टेलीकॉम पहुंच के बढ़ते महत्व को दर्शाता है।

जैसे-जैसे 5G का विस्तार हो रहा है, और डिजिटल सेवाएं दैनिक जीवन का अहम हिस्सा बन रही हैं, वैसे-वैसे भरोसेमंद इनडोर कनेक्टिविटी अब विलासिता नहीं बल्कि बुनियादी आवश्यकता बनती जा रही है।

इन नए नियमों से देशभर में अधिक पारदर्शिता, बेहतर जवाबदेही, उपभोक्ताओं के लिए अधिक विकल्प और रिहायशी, व्यावसायिक तथा सार्वजनिक परियोजनाओं में बेहतर टेलीकॉम अनुभव मिलने की उम्मीद है।

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