टाइटन कंपनी ने FY30 तक अपने समेकित राजस्व और परिचालन लाभ को FY26 के स्तर की तुलना में दोगुना करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया है। यह रणनीति कंपनी के मजबूत FY26 प्रदर्शन के आधार पर तैयार की गई है, जिसमें ज्वैलरी, अंतरराष्ट्रीय बाजार, घड़ियां, आईवियर और नए उभरते सेगमेंट्स पर खास फोकस किया गया है।
Titan Company ने आने वाले वर्षों के लिए एक व्यापक विस्तार योजना तैयार की है, जिसका उद्देश्य लगातार मजबूत वृद्धि को बनाए रखना है। कंपनी का मुख्य लक्ष्य FY30 तक अपने समेकित राजस्व और परिचालन लाभ को दोगुना करना है।
यह रणनीति FY26 के मजबूत प्रदर्शन के बाद आई है, जिसमें कंपनी ने ₹76,078 करोड़ का समेकित राजस्व दर्ज किया, जो सालाना आधार पर 32.7% की वृद्धि है। वहीं, शुद्ध मुनाफा 52% बढ़कर ₹5,073 करोड़ तक पहुंच गया, जो मजबूत संचालन और उपभोक्ता मांग को दर्शाता है।
ज्वैलरी टाइटन का सबसे बड़ा व्यवसाय बना हुआ है, जो कुल राजस्व का लगभग 90% योगदान देता है। कंपनी अपने प्रमुख ब्रांड्स टैनिश्क, मिया और जोया की आय को FY30 तक दोगुना करने की योजना बना रही है।
टाइटन का लक्ष्य भारत के संगठित ज्वैलरी बाजार में अपनी हिस्सेदारी को बढ़ाकर लगभग 11% तक पहुंचाना है। इसके लिए कंपनी लगभग 1,400 स्टोर्स तक अपना रिटेल नेटवर्क बढ़ाने की योजना बना रही है।
उच्च सोने की कीमतों के बावजूद मांग मजबूत बनी हुई है, खासकर शादी और रोजमर्रा के आभूषणों में। दिलचस्प बात यह है कि सादे सोने के आभूषणों की वृद्धि स्टडेड ज्वैलरी से अधिक रही है।
साथ ही, प्रीमियम और डिजाइन-आधारित ज्वैलरी की मांग भी बढ़ रही है, क्योंकि उपभोक्ता ब्रांडेड उत्पादों की ओर तेजी से आकर्षित हो रहे हैं।
टाइटन आने वाले वर्षों में अंतरराष्ट्रीय बाजारों को विकास का बड़ा हिस्सा बनाने की योजना पर काम कर रहा है। कंपनी का लक्ष्य Tanishq और Mia के विदेशी कारोबार को FY30 तक 2.5 गुना बढ़ाना है।
मुख्य अंतरराष्ट्रीय बाजारों में शामिल हैं:
जुलाई 2025 में Damas Jewellery में 67% हिस्सेदारी के अधिग्रहण के बाद मध्य पूर्व क्षेत्र टाइटन के लिए और महत्वपूर्ण हो गया है। कंपनी सऊदी अरब और यूएई में नए स्टोर्स खोलने और डिजिटल विस्तार के जरिए अपनी उपस्थिति बढ़ाने की योजना बना रही है।
टाइटन का ओमनीचैनल ज्वैलरी प्लेटफॉर्म CaratLane भी तेजी से विकास करेगा। कंपनी FY30 तक CaratLane की आय को 2.3 गुना करने का लक्ष्य रखती है।
इस वृद्धि को किफायती और रोजमर्रा की ज्वैलरी की बढ़ती मांग, तकनीकी निवेश, ग्राहक अधिग्रहण और अंतरराष्ट्रीय विस्तार से समर्थन मिलेगा।
टाइटन की वॉचेस डिवीजन FY30 तक 2.1 गुना रेवेन्यू और 2.2 गुना परिचालन लाभ का लक्ष्य लेकर चल रही है।
इस वृद्धि में शामिल होंगे:
Titan Eye+ कंपनी के भविष्य में एक महत्वपूर्ण ग्रोथ सेगमेंट बनने की ओर बढ़ रहा है। कंपनी FY30 तक आईवियर रेवेन्यू को ₹1,452 करोड़ से बढ़ाकर लगभग ₹3,500 करोड़ तक पहुंचाना चाहती है।
इसके लिए:
टाइटन के उभरते व्यवसायों जैसे Taneira, परफ्यूम्स और फैशन एक्सेसरीज से सबसे तेज वृद्धि की उम्मीद है।
कंपनी FY30 तक इन व्यवसायों से 3.4 गुना रेवेन्यू वृद्धि का लक्ष्य रखती है, साथ ही मिड-सिंगल डिजिट मार्जिन हासिल करने की योजना है।
टाइटन धीरे-धीरे एक ज्वैलरी-केंद्रित कंपनी से एक विविधीकृत लाइफस्टाइल ब्रांड में बदल रहा है। मजबूत ब्रांड वैल्यू, डिजिटल विस्तार और प्रीमियम उत्पाद रणनीति इसके दीर्घकालिक विकास को मजबूत करती है।
निष्कर्ष:
FY30 तक रेवेन्यू और मुनाफा दोगुना करने का टाइटन का लक्ष्य कंपनी की मजबूत रणनीति और विस्तार योजनाओं को दर्शाता है। ज्वैलरी, अंतरराष्ट्रीय बाजार और नए सेगमेंट्स में आक्रामक विस्तार के साथ, टाइटन भारत की प्रमुख लाइफस्टाइल कंपनियों में अपनी स्थिति और मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।