टाइमेक्स ग्रुप इंडिया ने वित्त वर्ष 2025-26 में शानदार वित्तीय प्रदर्शन करते हुए 800 करोड़ रुपये के राजस्व का महत्वपूर्ण आंकड़ा पार कर लिया है। कंपनी ने इस दौरान लाभप्रदता में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की। फैशन, प्रीमियम और लग्जरी घड़ियों की मजबूत मांग तथा ई-कॉमर्स कारोबार के तेज विस्तार ने कंपनी को भारतीय घड़ी बाजार में अपनी स्थिति और मजबूत करने में मदद की है। ताजा वित्तीय परिणाम यह दर्शाते हैं, कि ब्रांडेड टाइमपीस के प्रति उपभोक्ताओं की रुचि लगातार बढ़ रही है और कंपनी की विस्तार रणनीति सफल साबित हो रही है।
वैश्विक स्तर पर प्रसिद्ध टाइमेक्स ग्रुप की भारतीय इकाई टाइमेक्स ग्रुप इंडिया लिमिटेड (TGIL) ने वित्त वर्ष 2025-26 में उल्लेखनीय वित्तीय उपलब्धि दर्ज की। कंपनी ने कुल 800 करोड़ रुपये का राजस्व हासिल किया, जो पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 48 प्रतिशत अधिक है।
यह मजबूत वृद्धि कंपनी की सफल व्यावसायिक रणनीति और विभिन्न घड़ी श्रेणियों में बढ़ती मांग का लाभ उठाने की क्षमता को दर्शाती है। किफायती फैशन वॉच से लेकर प्रीमियम और लग्जरी उत्पादों तक, कंपनी ने पूरे वर्ष बिक्री में अच्छा प्रदर्शन किया।
यह उपलब्धि भारतीय उपभोक्ताओं के बीच ब्रांडेड लाइफस्टाइल उत्पादों की बढ़ती मांग को भी दर्शाती है। विशेष रूप से घड़ी उद्योग में डिजाइन, नवाचार और ब्रांड वैल्यू खरीदारी के महत्वपूर्ण कारक बनते जा रहे हैं।
मजबूत राजस्व वृद्धि के साथ-साथ टाइमेक्स ग्रुप इंडिया ने वित्त वर्ष 2025-26 में लाभप्रदता के मोर्चे पर भी शानदार प्रदर्शन किया।
कंपनी का कर पूर्व लाभ (PBT) 107.4 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जो पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 151 प्रतिशत अधिक है। मुनाफे में यह बड़ी छलांग कंपनी की बेहतर परिचालन रणनीतियों, कार्यकुशलता में सुधार और मजबूत बिक्री प्रदर्शन का परिणाम है।
वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का EBITDA 116 करोड़ रुपये रहा। इसके मुकाबले पिछले वित्त वर्ष में EBITDA 49.7 करोड़ रुपये था। यह परिचालन लाभप्रदता में महत्वपूर्ण सुधार को दर्शाता है।
EBITDA में यह वृद्धि बेहतर लागत प्रबंधन, मजबूत मार्जिन और प्रीमियम उत्पादों से अधिक आय के कारण संभव हुई है, जो आमतौर पर बड़े पैमाने पर बिकने वाले उत्पादों की तुलना में अधिक लाभ प्रदान करते हैं।
वित्त वर्ष 2025-26 की अंतिम तिमाही कंपनी के लिए विशेष रूप से सफल रही और वार्षिक प्रदर्शन में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
चौथी तिमाही के दौरान कंपनी ने 236 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया, जो साल-दर-साल आधार पर 73 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है। यह मजबूत वृद्धि संकेत देती है कि विभिन्न उत्पाद श्रेणियों और बिक्री चैनलों में उपभोक्ता मांग लगातार मजबूत बनी रही।
तिमाही के दौरान कर पूर्व लाभ बढ़कर 38.1 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 191 प्रतिशत अधिक है।
वहीं तिमाही EBITDA बढ़कर 40.4 करोड़ रुपये पहुंच गया, जो साल-दर-साल आधार पर 167 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है। ये आंकड़े बताते हैं, कि कंपनी मजबूत बिक्री को बेहतर लाभप्रदता में बदलने में सफल रही है।
टाइमेक्स ग्रुप इंडिया की सफलता में उसके ब्रांड पोर्टफोलियो की मजबूत भूमिका रही है।
कंपनी के प्रमुख ब्रांड Timex ने वित्त वर्ष 2025-26 में 62 प्रतिशत की सालाना वृद्धि दर्ज की। यह ब्रांड विभिन्न मूल्य श्रेणियों में उपभोक्ताओं के बीच अपनी मजबूत पहचान बनाए हुए है, और बिक्री का प्रमुख स्रोत बना हुआ है।
वहीं गेस (Guess) वॉच पोर्टफोलियो ने 51 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की। यह ब्रांड फैशन के प्रति जागरूक उपभोक्ताओं के बीच लोकप्रिय रहा, जो स्टाइलिश और आधुनिक डिजाइन वाली घड़ियों को पसंद करते हैं।
लग्जरी फैशन ब्रांड वर्साचे (Versace) ने भी पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 48 प्रतिशत की प्रभावशाली वृद्धि दर्ज की। यह प्रदर्शन भारत में प्रीमियम और लग्जरी घड़ियों की बढ़ती मांग को दर्शाता है।
इन सभी ब्रांड्स का मजबूत प्रदर्शन यह साबित करता है, कि कंपनी फैशन और लग्जरी दोनों श्रेणियों में संतुलित और मजबूत उपस्थिति रखती है।
कंपनी की उपलब्धियों पर टिप्पणी करते हुए प्रबंध निदेशक दीपक छाबड़ा ने कहा कि पिछले चार वर्षों में टाइमेक्स ग्रुप इंडिया ने केवल विकास ही नहीं किया है, बल्कि अपने व्यवसाय को पूरी तरह से नए रूप में स्थापित किया है।
उन्होंने कहा कि फैशन और लग्जरी वॉच सेगमेंट में मांग लगातार मजबूत बनी हुई है, जिसे उपभोक्ताओं की बढ़ती आकांक्षाएं और बाजार में नए अवसर समर्थन दे रहे हैं।
कंपनी आने वाले वर्षों में अपने उत्पाद पोर्टफोलियो का विस्तार करने, ब्रांड मिश्रण को और मजबूत बनाने तथा विनिर्माण क्षमताओं को बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित करेगी।
प्रबंधन उपभोक्ताओं के साथ मजबूत जुड़ाव बनाने के लिए नवाचारी डिजाइन, तकनीकी प्रगति और सांस्कृतिक जुड़ाव को भी प्राथमिकता देगा।
इन रणनीतिक पहलों से कंपनी को भविष्य में सतत विकास हासिल करने और बदलती उपभोक्ता जरूरतों का लाभ उठाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
डिजिटल कॉमर्स ने वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
टाइमेक्स ग्रुप इंडिया ने अपने ई-कॉमर्स कारोबार में पिछले वर्ष की तुलना में 90 प्रतिशत की शानदार वृद्धि दर्ज की। यह तेजी से बदलती उपभोक्ता खरीदारी आदतों का परिणाम है, जहां लोग ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से घड़ियां खरीदना अधिक पसंद कर रहे हैं।
ई-कॉमर्स के विस्तार से कंपनी को व्यापक ग्राहक वर्ग तक पहुंचने, उत्पादों की उपलब्धता बढ़ाने और नए उत्पादों को तेजी से बाजार में उतारने में मदद मिली है।
ऑनलाइन बिक्री ने कंपनी को डिजिटल मार्केटिंग अभियानों, विशेष सहयोगों और एक्सक्लूसिव लॉन्च के माध्यम से ब्रांड की दृश्यता बढ़ाने का अवसर भी प्रदान किया है।
कंपनी के अनुसार वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान ब्रिज-टू-लग्जरी वॉच श्रेणी में मांग विशेष रूप से मजबूत रही।
इस प्रवृत्ति के पीछे कई कारण रहे, जिनमें ऑटोमैटिक घड़ियों की बढ़ती लोकप्रियता, सफल ब्रांड सहयोग और डिजाइन-केंद्रित उत्पादों के प्रति उपभोक्ताओं की बढ़ती रुचि शामिल है।
आज के उपभोक्ता ऐसी घड़ियों की तलाश में हैं, जो शिल्पकला, कार्यक्षमता और स्टाइल का बेहतरीन संयोजन प्रदान करें। इसी कारण प्रीमियम टाइमपीस की मांग लगातार बढ़ रही है।
यह रुझान उपभोक्ता व्यवहार में व्यापक बदलाव को भी दर्शाता है, जहां लाइफस्टाइल उत्पाद व्यक्तिगत पहचान और सामाजिक प्रतिष्ठा के प्रतीक बनते जा रहे हैं।
टाइमेक्स ग्रुप इंडिया ने वित्त वर्ष 2025-26 को अपने लिए एक ऐतिहासिक वर्ष बताया है।
रिकॉर्ड राजस्व, मुनाफे में बड़ी वृद्धि और डिजिटल कारोबार के विस्तार ने कंपनी की मजबूत बाजार स्थिति और भविष्य की संभावनाओं को उजागर किया है।
ब्रांडेड और प्रीमियम घड़ियों की बढ़ती मांग के बीच टाइमेक्स ग्रुप इंडिया आने वाले वर्षों में नए अवसरों का लाभ उठाने और भारतीय घड़ी उद्योग में अपनी स्थिति को और मजबूत करने के लिए पूरी तरह तैयार दिखाई देती है।